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Bihar Board Class 12 Hindi 2025 Question Paper with Solutions Set B

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Nidhi Bamnawat

| Updated On - Sep 24, 2025

Bihar Board Class 12 Hindi Question Paper PDF with Solutions is available for download. The Bihar School Examination Board (BSEB) conducted the Class 12 examination for a total duration of 3 hours 15 minutes, and the question paper was of a total of 100 marks.

Bihar Board Class 12 Hindi 2025 Question Paper with Solutions Set B

Bihar Board Class 12 Hindi 2025 Question Paper Set B Download PDF Check Solutions

Question 1:

भगत सिंह को फांसी किस तिथि को दी गई थी?

  • (A) 23 मार्च, 1931
  • (B) 4 अप्रैल, 1930
  • (C) 12 मार्च, 1931
  • (D) 2 जनवरी, 1929
Correct Answer: (A) 23 मार्च, 1931
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भगत सिंह, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रसिद्ध क्रांतिकारी नेताओं में से एक थे। उनका जन्म 28 सितंबर, 1907 को हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपनी साहसिकता और देशभक्ति के लिए प्रसिद्ध हुए।

भगत सिंह ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने सबसे पहले जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष तेज किया। इसके बाद, उन्होंने लाहौर में एक पुलिस अफसर, जेम्स सॉन्डर्स की हत्या की, जो लाला लाजपत राय की मौत का जिम्मेदार था। इस कृत्य के बाद, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

भगत सिंह ने अदालत में अपने विचारों को रखा और अपनी क्रांतिकारी विचारधारा का प्रचार किया। उन्होंने अपने अभियोजन के दौरान भारतीय समाज और ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ अपने विचार व्यक्त किए।

अंततः, 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर चढ़ा दिया गया। उनकी फांसी ने भारत में एक नई जागरूकता पैदा की और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को और भी बल दिया। उनके बलिदान को आज भी भारतीय समाज और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है।
Quick Tip: भगत सिंह की फांसी ने भारतीयों में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ प्रतिरोध की भावना को और भी प्रबल किया। उनके बलिदान के कारण उन्हें 'शहीद' के रूप में याद किया जाता है।


Question 2:

भगत सिंह के अनुसार, आधुनिक शिक्षा का मुख्य विषय क्या होना चाहिए?

  • (A) भूगोल
  • (B) अर्थशास्त्र
  • (C) विज्ञान
  • (D) राजनीति शास्त्र
Correct Answer: (B) अर्थशास्त्र
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भगत सिंह का मानना था कि भारतीय समाज और राष्ट्र को एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा के व्यावहारिक पहलू पर जोर दिया जाना चाहिए। उनका विचार था कि शिक्षा में केवल सामान्य ज्ञान नहीं, बल्कि समाज के आर्थिक और राजनीतिक मामलों की गहरी समझ होनी चाहिए।

भगत सिंह ने यह माना कि यदि हमें समाज की वास्तविक समस्याओं को समझना है और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना है, तो हमें अर्थशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीयों को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा से परे, एक क्रांतिकारी शिक्षा की आवश्यकता है जो उन्हें भारतीय समाज की जड़ों तक पहुंचने में मदद करे और उपनिवेशवाद के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन की दिशा में उन्हें प्रेरित करे।

अर्थशास्त्र में उनका ध्यान मुख्य रूप से भारतीय किसान, मजदूर वर्ग और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के आर्थिक मुद्दों पर था। उन्होंने महसूस किया कि यदि समाज को जागरूक किया जाए और आर्थिक मामलों की सही समझ विकसित की जाए, तो भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक मजबूत आंदोलन मिल सकता है।

भगत सिंह ने यह भी कहा था कि शिक्षा को केवल नौकरी प्राप्त करने के साधन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज के लिए कुछ ठोस परिवर्तन लाने के उद्देश्य से अपनाया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य था कि भारत के लोग एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण में सक्षम हों, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और अवसर मिलें।
Quick Tip: भगत सिंह का यह विचार था कि शिक्षा को सिर्फ एक व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान के लिए होना चाहिए। इस दृष्टिकोण से उन्होंने आर्थिक और राजनीतिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।


Question 3:

निम्नलिखित में से किसे कालिदास अवार्ड से सम्मानित किया गया ?

  • (A) मोहन राकेश को
  • (B) जयप्रकाश नारायण को
  • (C) जगदीशचंद्र माथुर को
  • (D) बालकृष्ण भट को
Correct Answer: (C) जगदीशचंद्र माथुर को
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चरण 1: कालिदास अवार्ड के बारे में समझें।

कालिदास अवार्ड भारतीय साहित्य और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार का नाम प्रसिद्ध संस्कृत कवि कालिदास के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने साहित्य, नाटक, कविता, कला या भारतीय संस्कृति में असाधारण योगदान दिया हो। यह भारतीय साहित्य और संस्कृति के लिए किए गए योगदान को मान्यता देने का एक प्रमुख तरीका है।


चरण 2: उपलब्ध विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) मोहन राकेश: मोहन राकेश हिंदी साहित्य के एक महत्वपूर्ण लेखक और नाटककार थे, लेकिन वे कालिदास अवार्ड के प्राप्तकर्ता नहीं थे। उनका योगदान हिंदी नाटक साहित्य में था और वे विशेष रूप से अपने नाटकों के लिए प्रसिद्ध हैं।

- (B) जयप्रकाश नारायण: जयप्रकाश नारायण एक प्रसिद्ध भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिक नेता थे, लेकिन उनका मुख्य योगदान राजनीति और समाज सेवा में था। वे कालिदास अवार्ड के प्राप्तकर्ता नहीं हैं।

- (C) जगदीशचंद्र माथुर: जगदीशचंद्र माथुर एक प्रसिद्ध हिंदी लेखक और आलोचक थे। उन्हें उनके साहित्यिक योगदान के लिए कालिदास अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उनके लेखन में साहित्यिक और सामाजिक दोनों ही पहलुओं का अद्वितीय मिश्रण देखने को मिलता है। इसलिए, यह उत्तर सही है।

- (D) बालकृष्ण भट: बालकृष्ण भट भी एक प्रसिद्ध साहित्यकार थे, लेकिन उन्होंने कालिदास अवार्ड प्राप्त नहीं किया। उनके साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।


चरण 3: निष्कर्ष।

यह स्पष्ट है कि कालिदास अवार्ड जगदीशचंद्र माथुर को उनके साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया था। इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: कालिदास अवार्ड भारत में साहित्य और कला में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार साहित्य, नाटक, कविता, और कला के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।


Question 4:

"ओ सदानीरा" पुस्तक किस विषय से संबंधित है ?

  • (A) मेरी बांसुरी से
  • (B) बोलते क्षण से
  • (C) ओ मेरे सपने से
  • (D) कौनाकी से
Correct Answer: (B) बोलते क्षण से
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चरण 1: "ओ सदानीरा" और इसके लेखक के बारे में जानें।

"ओ सदानीरा" एक प्रसिद्ध हिंदी साहित्यिक काव्य है, जिसे विश्व प्रसिद्ध कवि और लेखक ने लिखा। यह पुस्तक एक गहरी सामाजिक और मानवीय दृष्टि प्रदान करती है, जिसमें लेखक ने मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और भावनाओं को अभिव्यक्त किया है। इसके साथ ही यह पुस्तक अपने कवि द्वारा समाज की सच्चाइयों पर सवाल उठाती है और उसकी अंदर की संघर्षों और कठिनाइयों को सामने लाती है।


चरण 2: विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) मेरी बांसुरी से: "मेरी बांसुरी से" एक अलग किताब है और यह "ओ सदानीरा" से संबंधित नहीं है। यह भी एक काव्यात्मक संग्रह है, लेकिन यह समाजिक समस्याओं पर नहीं है।

- (B) बोलते क्षण से: "ओ सदानीरा" की वास्तविक पहचान इस पुस्तक से जुड़ी है, और यह जीवन के हर क्षण को गहरे तरीके से व्यक्त करती है। यह किताब मानवता, रिश्तों, और समाजिक दृष्टिकोण की गहराई को समझाती है। यह सही उत्तर है।

- (C) ओ मेरे सपने से: यह "ओ सदानीरा" से संबंधित नहीं है। यह किताब एक अलग विषय को उठाती है और यह भी समाज पर गहरी टिप्पणियां नहीं करती।

- (D) कौनाकी से: यह उत्तर भी सही नहीं है। यह किसी अन्य पुस्तक का नाम हो सकता है, लेकिन यह "ओ सदानीरा" से संबंधित नहीं है।


चरण 3: निष्कर्ष।

"ओ सदानीरा" पुस्तक "बोलते क्षण से" के साथ जुड़ी हुई है। यह किताब हमारे समाज और हमारे भीतर की संघर्षों और अहसासों को व्यक्त करती है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: साहित्यिक कार्यों के लिए ध्यान से उन शीर्षकों को देखें जिनका विषय सामाजिक और मानसिक संघर्ष हो, जैसे "ओ सदानीरा" में।


Question 5:

चम्पारण आंदोलन में गांधी जी के सलाहकार कौन थे ?

  • (A) परशुराम सिंह
  • (B) दीना पाठक
  • (C) हरवंश सहाय
  • (D) जगमल चौधरी
Correct Answer: (C) हरवंश सहाय
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Step 1: चम्पारण आंदोलन का संक्षिप्त परिचय

चम्पारण आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक था, जिसे महात्मा गांधी ने 1917 में बिहार के चम्पारण जिले में भारतीय किसानों के अधिकारों की रक्षा हेतु आरंभ किया। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जमींदारों द्वारा दबाए गए भारतीय किसानों की मदद करना था, जो अत्यधिक करों और अन्य शोषण से परेशान थे। गांधी जी का यह आंदोलन सत्याग्रह के रूप में एक शांतिपूर्ण प्रतिरोध था।


Step 2: गांधी जी के सलाहकार

गांधी जी के चम्पारण आंदोलन में बहुत से स्थानीय लोगों ने सहायता की थी। इनमें हरवंश सहाय का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। वह गांधी जी के बहुत विश्वासपात्र और प्रमुख सलाहकार थे। उन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर चम्पारण में ब्रिटिश प्रशासन के खिलाफ किसानों के अधिकारों की रक्षा की।


Step 3: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) परशुराम सिंह: गलत। परशुराम सिंह का इस आंदोलन से कोई विशेष संबंध नहीं था।

- (B) दीना पाठक: गलत। दीना पाठक ने भी इस आंदोलन में योगदान नहीं दिया था।

- (C) हरवंश सहाय: सही। हरवंश सहाय ने चम्पारण आंदोलन में गांधी जी की सहायता की और आंदोलन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें गांधी जी का प्रमुख सलाहकार माना जाता था।

- (D) जगमल चौधरी: गलत। यह व्यक्ति इस आंदोलन में कोई प्रमुख भूमिका नहीं निभा रहे थे।


Step 4: निष्कर्ष

गांधी जी के चम्पारण आंदोलन में हरवंश सहाय को सलाहकार के रूप में विशेष स्थान प्राप्त था। वह गांधी जी के साथ मिलकर इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में अहम योगदान देते थे।
Quick Tip: चम्पारण आंदोलन में गांधी जी को सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में देखा गया था। उनके साथ कार्य करने वाले स्थानीय सलाहकारों का भी इस आंदोलन की सफलता में बड़ा योगदान था।


Question 6:

गोरखपुर जिले में गंडक नदी को क्या कहा जाता है ?

  • (A) बागमती नदी
  • (B) कोसी नदी
  • (C) कुमला नदी
  • (D) नारायणी नदी
Correct Answer: (D) नारायणी नदी
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Step 1: गंडक नदी का परिचय

गंडक नदी, जो भारत और नेपाल से होकर बहती है, भारतीय नदियों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह नदी नेपाल से शुरू होकर बिहार के विभिन्न जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले तक पहुंचती है। गोरखपुर जिले में इस नदी को 'नारायणी नदी' के नाम से जाना जाता है। गंडक नदी की जलवायु और पर्यावरणीय विशेषताएँ इसे महत्वपूर्ण बनाती हैं, और यह यहां के कृषि और जीवनशैली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


Step 2: नदी के स्थानीय नामों का महत्व

प्रत्येक नदी का स्थानीय क्षेत्र में एक नाम होता है, जो कि नदी की सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक महत्ता को दर्शाता है। गोरखपुर जिले में गंडक नदी को 'नारायणी नदी' के नाम से जाना जाता है। यह नाम स्थानीय लोगों के बीच नदी के महत्व और उसकी पूजा का संकेत है।


Step 3: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) बागमती नदी: गलत। बागमती नदी एक अलग नदी है, जो नेपाल और बिहार में बहती है।

- (B) कोसी नदी: गलत। कोसी नदी बिहार की एक प्रमुख नदी है, लेकिन गोरखपुर जिले में यह नदी नहीं बहती है।

- (C) कुमला नदी: गलत। इस नाम की कोई नदी गोरखपुर जिले में नहीं है।

- (D) नारायणी नदी: सही। गोरखपुर जिले में गंडक नदी को नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है।


Step 4: निष्कर्ष

गोरखपुर जिले में गंडक नदी को 'नारायणी नदी' के नाम से जाना जाता है। यह नाम न केवल नदी की भौगोलिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय लोगों की सांस्कृतिक पहचान भी प्रस्तुत करता है।
Quick Tip: नदियों के स्थानीय नाम अक्सर उनके सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं। गंडक नदी का 'नारायणी नदी' के नाम से जाना जाना इसके धार्मिक महत्त्व को दर्शाता है।


Question 7:

1962 में मोहन राकेश किस पत्र के संपादक रहे?

  • (A) सारिका
  • (B) मतवाला
  • (C) अज्ञेय समर्प्या
  • (D) विश्वप्रेम
Correct Answer: (A) सारिका
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चरण 1: मोहन राकेश का परिचय और योगदान

मोहन राकेश हिंदी साहित्य के एक महान नाटककार, लेखक और उपन्यासकार थे। उनका साहित्यिक योगदान भारतीय समाज, संस्कृति और मानवीय संबंधों की गहरी समझ को व्यक्त करता है। उनका लेखन अक्सर सामाजिक जटिलताओं, रिश्तों, और व्यक्तिगत संघर्षों पर केंद्रित होता था।

1962 में मोहन राकेश ने 'सारिका' पत्रिका के संपादक के रूप में कार्य किया। 'सारिका' एक प्रमुख हिंदी साहित्यिक पत्रिका थी, जो उस समय साहित्य के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती थी। इस पत्रिका का संपादन करते हुए मोहन राकेश ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी और नए विचारों और दृष्टिकोणों को पाठकों के बीच पहुंचाया।

चरण 2: सारिका पत्रिका का महत्व

'सारिका' पत्रिका ने अपनी स्थापना के समय से ही साहित्य जगत में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। यह पत्रिका विशेष रूप से नये लेखकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रसिद्ध थी। मोहन राकेश के संपादन में यह पत्रिका और भी अधिक प्रभावशाली हुई, क्योंकि उनके नेतृत्व में इसे न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने का एक मंच भी मिला।

इसके अलावा, मोहन राकेश के संपादन काल में हिंदी साहित्य में बदलाव आया और यह पत्रिका सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेख प्रकाशित करने लगी।

चरण 3: निष्कर्ष

1962 में मोहन राकेश ने 'सारिका' पत्रिका के संपादक के रूप में महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी दृष्टि और संपादन ने इस पत्रिका को साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाया और इसने हिंदी साहित्य में अपनी स्थायी पहचान बनाई।
\[ \boxed{सारिका} \] Quick Tip: मोहन राकेश का साहित्यिक योगदान सिर्फ नाटककार के रूप में ही नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण था। उन्होंने अपने संपादन से 'सारिका' पत्रिका को एक महत्वपूर्ण साहित्यिक मंच बना दिया।


Question 8:

‘वारिस’ श्रीवक्त रचना के लेखक का नाम क्या है?

  • (A) रामधारी सिंह दिनकर
  • (B) मोहन राकेश
  • (C) उधय प्रकाश
  • (D) ओमप्रकाश वाल्मिकी
Correct Answer: (B) मोहन राकेश
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चरण 1: 'वारिस' नाटक का परिचय

‘वारिस’ (Heir) नाटक मोहन राकेश द्वारा रचित एक महत्त्वपूर्ण कृति है। इस नाटक में उन्होंने समाजिक और पारिवारिक संघर्षों को बखूबी चित्रित किया है। यह नाटक भारतीय समाज की गहरी सामाजिक और पारिवारिक जटिलताओं को उजागर करता है। इस नाटक में पात्रों के बीच रिश्तों के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है, और यह दर्शाता है कि किस प्रकार पारिवारिक और सामाजिक दबाव एक व्यक्ति की पहचान और जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

मोहन राकेश का यह नाटक न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यक्तिगत संघर्षों और रिश्तों के माध्यम से समाज की वास्तविकता को प्रस्तुत करता है।

चरण 2: नाटक का विश्लेषण

‘वारिस’ नाटक में मुख्य पात्र परिवार के बंटवारे और उसके परिणामस्वरूप होने वाले मानसिक और भावनात्मक संघर्ष का सामना करता है। नाटक में समाज की रूढ़िवादी और पारंपरिक धारा से जुड़ी जटिलताएँ हैं। यह नाटक मानव मनोविज्ञान और रिश्तों के परिपेक्ष्य में एक गहरी और संवेदनशील दृष्टि प्रदान करता है।

इसके पात्रों का संघर्ष न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि समाज के व्यापक दायरे में भी महसूस किया जाता है। मोहन राकेश ने इस नाटक के माध्यम से यह दर्शाया है कि किस प्रकार पारिवारिक और समाजिक दबावों से गुजरते हुए व्यक्ति अपने अस्तित्व और पहचान की तलाश करता है।

चरण 3: निष्कर्ष

‘वारिस’ नाटक मोहन राकेश की उत्कृष्ट कृति है, जो समाजिक और पारिवारिक मुद्दों को गहरी संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। यह नाटक हिंदी साहित्य में एक मील का पत्थर साबित हुआ है और मोहन राकेश की लेखनी के महत्व को दर्शाता है।
\[ \boxed{मोहना राकेश} \] Quick Tip: मोहन राकेश का 'वारिस' नाटक हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण कृति है, जो पारिवारिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी संवेदनशीलता से विचार करता है। यह नाटक रिश्तों और संघर्षों की परतों को उधेड़ता है।


Question 9:

‘स्वर वर्णों’ की संख्या कितनी है?

  • (A) सात
  • (B) बारह
  • (C) तेरह
  • (D) चौदह
Correct Answer: (A) सात
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हिंदी वर्णमाला में कुल 11 स्वर होते हैं, जिनमें से 7 मुख्य स्वर होते हैं, जिन्हें ‘स्वर वर्ण’ कहा जाता है। ये स्वर हैं: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ।

- स्वर वर्ण किसी भी भाषा में मुख्य ध्वनियों के रूप में होते हैं।
- स्वर का प्रयोग शब्द की ध्वनि में प्रमुख होता है, और बिना स्वर के कोई भी शब्द नहीं बन सकता।
- स्वर और व्यंजन का अंतर यह है कि स्वर स्वयं में पूरी ध्वनि का निर्माण करता है, जबकि व्यंजन को स्वर के साथ मिलकर ध्वनि का निर्माण करना होता है।

इसलिए, ‘स्वर वर्ण’ की संख्या सात होती है।
Quick Tip: स्वरों का उपयोग शब्दों की ध्वनि को सही बनाने के लिए किया जाता है। हिंदी में सात स्वर होते हैं।


Question 10:

निम्नलिखित में ‘अघोष वर्ण’ कौन है?

  • (A) घ
  • (B) झ
  • (C) ट
  • (D) द
Correct Answer: (C) ट
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हिंदी में वर्णों का वर्गीकरण 'घोष' और 'अघोष' के रूप में किया जाता है।

- 'घोष' वे ध्वनियाँ होती हैं, जिनमें वॉयस बॉक्स (स्वरयंत्र) से हवा निकलने के साथ-साथ आवाज़ भी उत्पन्न होती है।
- 'अघोष' वे ध्वनियाँ होती हैं, जिनमें वॉयस बॉक्स से हवा तो निकलती है, लेकिन आवाज़ उत्पन्न नहीं होती।

अघोष वर्ण वे होते हैं, जो बिना आवाज़ के होते हैं, जैसे ‘क’, ‘प’, ‘त’ आदि। इनमें से ‘ट’ एक अघोष वर्ण है, क्योंकि इसमें ध्वनि उत्पन्न नहीं होती, बल्कि केवल हवा का प्रवाह होता है।

इसलिए, 'अघोष वर्ण' के रूप में ‘ट’ को सही उत्तर माना जाएगा।
Quick Tip: ‘अघोष’ और ‘घोष’ के बीच का अंतर समझने के लिए ध्यान दें कि अघोष में आवाज़ के बजाय केवल हवा का प्रवाह होता है।


Question 11:

'जहाँ लोगों का मिलन हो' - के लिए एक शब्द क्या है ?

  • (A) सम्मेलन
  • (B) सदरी
  • (C) समानार्थिक
  • (D) स्मरणीय
Correct Answer: (A) सम्मेलन
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चरण 1: शब्द 'सम्मेलन' के अर्थ को समझें।

'सम्मेलन' का अर्थ होता है किसी विशेष स्थान या समय पर एकत्रित होने का कार्य। जब लोग एक साथ मिलते हैं, उन्हें 'सम्मेलन' के रूप में संबोधित किया जाता है, खासकर जब वह किसी विशेष उद्देश्य के लिए एकत्र होते हैं। यह शब्द सामाजिक, सांस्कृतिक, या कार्यात्मक गतिविधियों के लिए उपयुक्त है।


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (B) सदरी: यह शब्द "सम्मेलन" से संबंधित नहीं है, बल्कि एक कपड़े के प्रकार को दर्शाता है। यह विकल्प गलत है।

- (C) समानार्थिक: यह शब्द किसी विशेष अर्थ में उपयोगी नहीं है। इसका अर्थ होता है 'समान अर्थ वाला' लेकिन यहां हम एकत्रित होने के संदर्भ में बात कर रहे हैं।

- (D) स्मरणीय: यह शब्द किसी चीज़ के यादगार या महत्वपूर्ण होने को व्यक्त करता है, न कि मिलन के संदर्भ में।


चरण 3: निष्कर्ष।

'जहां लोगों का मिलन हो' के लिए सही शब्द 'सम्मेलन' है। इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: 'सम्मेलन' का प्रयोग उस स्थिति में होता है जब लोग एक साथ किसी विशेष उद्देश्य के लिए मिलते हैं। यह एकत्रित होने की प्रक्रिया को दर्शाता है।


Question 12:

'पाकेटमार' शब्द कौन सा संज्ञा है ?

  • (A) अव्ययभाव
  • (B) कार्यधार्य
  • (C) तत्पुरुष
  • (D) द्यु
Correct Answer: (C) तत्पुरुष
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चरण 1: 'पाकेटमार' शब्द का व्याकरणिक रूप से विश्लेषण करें।

'पाकेटमार' शब्द हिंदी के तत्पुरुष समास का उदाहरण है। तत्पुरुष समास वह समास है जिसमें दोनों शब्दों का स्वतंत्र अर्थ होता है, लेकिन समास से उनका संयुक्त अर्थ निकलता है। 'पाकेट' और 'मार' मिलकर 'पाकेटमार' बनते हैं, जिसका अर्थ होता है वह व्यक्ति जो पर्स या पाकेट से चीजें चुराता है।


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) अव्ययभाव: अव्ययभाव समास वह समास होता है जिसमें अव्यय शब्द (जो अपनी अवस्था में अपरिवर्तित रहता है) शामिल होता है। 'पाकेटमार' इस श्रेणी में नहीं आता।

- (B) कार्यधार्य: यह शब्द किसी क्रिया के संचालन से संबंधित होता है, लेकिन 'पाकेटमार' इसका उदाहरण नहीं है।

- (D) द्यु: द्यु शब्द वह समास होता है जिसमें किसी विशेष क्रिया या भाव का व्यक्तिकरण होता है, लेकिन यह 'पाकेटमार' के संदर्भ में उपयुक्त नहीं है।


चरण 3: निष्कर्ष।

'पाकेटमार' शब्द तत्पुरुष समास का उदाहरण है, इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: तत्पुरुष समास वह समास होता है जिसमें दोनों शब्दों का अर्थ स्वतंत्र होता है, लेकिन उनका संयुक्त अर्थ नया और विशिष्ट बनता है।


Question 13:

‘साधुओं की संगति से बुद्धि सुधरती है’ - किस कारक का उदाहरण है ?

  • (A) संप्रदान कारक
  • (B) संबंध कारक
  • (C) अपदान कारक
  • (D) कारण कारक
Correct Answer: (D) कारण कारक
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Step 1: ‘साधुओं की संगति से बुद्धि सुधरती है’ वाक्य का विश्लेषण

इस वाक्य में साधुओं की संगति से बुद्धि के सुधरने की बात की जा रही है, जिसका अर्थ है कि किसी व्यक्ति का मानसिक और बौद्धिक विकास अच्छे लोगों या साधुओं की संगति से होता है। यहाँ पर साधू लोगों की संगति को एक कारण के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो बुद्धि के सुधार का कारण है। अतः यह वाक्य कारण कारक का उदाहरण है।


Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) संप्रदान कारक: गलत। संप्रदान कारक वह होता है जो किसी वस्तु या व्यक्ति के द्वारा दिया जाता है, लेकिन इस वाक्य में सुधार का कारण साधू की संगति है, न कि संप्रदान।

- (B) संबंध कारक: गलत। संबंध कारक दो चीजों के बीच संबंध को दर्शाता है, लेकिन यहाँ सुधार का कारण बताया जा रहा है।

- (C) अपदान कारक: गलत। अपदान कारक वह होता है जो किसी क्रिया को प्रभावित करता है, लेकिन इस वाक्य में बुद्धि के सुधार के लिए कोई आघात या नकारात्मक प्रभाव नहीं दिखाया गया है।

- (D) कारण कारक: सही। यह वाक्य कारण कारक का उदाहरण है, क्योंकि बुद्धि के सुधार का कारण साधू की संगति को बताया गया है।


Step 3: निष्कर्ष

इस वाक्य में "साधुओं की संगति से बुद्धि सुधरती है" कारण का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, इसलिए यह कारण कारक का उदाहरण है।
Quick Tip: जब किसी घटना के कारण का उल्लेख किया जाता है, तो वह कारण कारक होता है, जैसे कि इस वाक्य में 'संगति से बुद्धि सुधरना'।


Question 14:

‘घर बसाना’ मुहावरे का अर्थ क्या है ?

  • (A) विवाह करना
  • (B) भटकना
  • (C) घर बेचना
  • (D) सह जाना
Correct Answer: (A) विवाह करना
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Step 1: ‘घर बसाना’ मुहावरे का विश्लेषण

‘घर बसाना’ एक सामान्य मुहावरा है जिसका अर्थ है परिवार की स्थापना करना, यानी विवाह करना और अपना घर-बार बसाना। यह मुहावरा समाज में एक व्यक्ति की जिम्मेदारी का संकेत देता है, जहां वह अपने जीवनसाथी के साथ एक स्थायी जीवन की शुरुआत करता है।


Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) विवाह करना: सही। ‘घर बसाना’ का अर्थ होता है विवाह करके एक परिवार की शुरुआत करना।

- (B) भटकना: गलत। भटकने का अर्थ भ्रमण करना या लक्ष्य से भटकना होता है, लेकिन 'घर बसाना' का अर्थ इससे बिल्कुल अलग है।

- (C) घर बेचना: गलत। घर बेचना का अर्थ है घर को बेचना, लेकिन इस मुहावरे का इससे कोई संबंध नहीं है।

- (D) सह जाना: गलत। सह जाना का अर्थ है किसी के साथ चलना या उसे सहन करना, जो कि इस मुहावरे का सही अर्थ नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

‘घर बसाना’ मुहावरा विवाह करने और परिवार स्थापित करने का प्रतीक है, इसलिए सही उत्तर (A) विवाह करना है।
Quick Tip: ‘घर बसाना’ का मतलब केवल घर बनाने से नहीं है, बल्कि यह परिवार की शुरुआत करने का प्रतीक है, जो आमतौर पर विवाह से जुड़ा होता है।


Question 15:

‘कृष्ण’ शब्द का विशेषण क्या है ?

  • (A) कृपण
  • (B) कृपालु
  • (C) क्रीत
  • (D) क्रमिक
Correct Answer: (B) कृपालु
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कृष्ण शब्द का विशेषण कृपालु है। भगवान श्री कृष्ण को एक दयालु और कृपालु देवता के रूप में पूजा जाता है। कृष्ण के बारे में कई कथाएँ और धर्मग्रंथों में उल्लेख मिलता है, जिनमें उनके द्वारा भक्तों पर दया और कृपा की विशेषताएँ बताई जाती हैं। उनके द्वारा किए गए चमत्कार और भक्तों के प्रति उनकी विशेष दया ही उन्हें 'कृपालु' के रूप में प्रतिष्ठित करती है।


उदाहरण के तौर पर, श्री कृष्ण ने गीता में अर्जुन को उपदेश दिया और उसके लिए समय-समय पर अपनी कृपा बरसाई। यही कारण है कि कृष्ण को 'कृपालु' के रूप में जाना जाता है। उनका यह गुण उनके व्यक्तित्व का मुख्य और सर्वाधिक प्रभावशाली पहलू था।

Quick Tip: भगवान कृष्ण का 'कृपालु' होना उनकी दया और भक्तों के प्रति स्नेह की पुष्टि करता है। यह गुण उन्हें अन्य देवताओं से अलग बनाता है।


Question 16:

रामधारी सिंह दिनकर की पहली कविता पुस्तक 'प्रणभंग' जब प्रकाशित हुई, तब वे कितने वर्ष के थे ?

  • (A) 20 वर्ष के
  • (B) 21 वर्ष के
  • (C) 24 वर्ष के
  • (D) 26 वर्ष के
Correct Answer: (B) 21 वर्ष के
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रामधारी सिंह दिनकर भारतीय साहित्य के महान कवि थे। उनकी पहली कविता पुस्तक 'प्रणभंग' 1934 में प्रकाशित हुई। इस समय उनकी उम्र 21 वर्ष थी। 'प्रणभंग' उनकी साहित्यिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जो उनकी पहचान और राष्ट्रीय कवि के रूप में स्थापित होने का कारण बना।


उनकी इस काव्य रचनाओं में देशभक्ति, समाज सुधार, और राष्ट्रीयता की गहरी भावना व्यक्त की गई है। 'प्रणभंग' के प्रकाशन के बाद उन्होंने भारतीय साहित्य को एक नई दिशा दी और हिंदी कविता में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। यह पुस्तक उनके युवावस्था में प्रकाशित हुई, लेकिन इसने उन्हें एक प्रतिष्ठित कवि के रूप में स्थापित किया।


रामधारी सिंह दिनकर ने भारतीय साहित्य को अपने प्रेरणादायक काव्य रचनाओं से समृद्ध किया। उनके काव्य संग्रह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी प्रेरणाओं से ओत-प्रोत थे। Quick Tip: रामधारी सिंह दिनकर की 'प्रणभंग' पुस्तक ने उन्हें भारतीय कविता के पटल पर एक अद्वितीय स्थान दिलाया और उनकी कविता में न केवल स्वाधीनता संग्राम की भावना थी, बल्कि सामाजिक और नैतिक सन्देश भी थे।


Question 17:

‘रोज़’ शिवक पाठ में पंलग के नीचे कौन गिर पड़ा?

  • (A) हिंद
  • (B) महेश्वर
  • (C) टिटी
  • (D) मालती
Correct Answer: (C) टिटी
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‘रोज़’ शिवक द्वारा लिखित नाटक में टिटी एक प्रमुख पात्र है। नाटक में टिटी की गिरने की घटना उसकी मानसिक स्थिति और समाजिक दबावों को दर्शाती है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) हिंद: यह गलत है, क्योंकि यह घटनाक्रम टिटी से संबंधित नहीं है।
- (B) महेश्वर: यह भी गलत है क्योंकि महेश्वर का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
- (C) टिटी: सही उत्तर है। टिटी ही वह पात्र है जो गिरता है और यह नाटक की मुख्य घटना है।
- (D) मालती: यह गलत है, क्योंकि मालती का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। Quick Tip: नाटकों और साहित्यिक रचनाओं में पात्रों का चयन और उनकी स्थिति को समझने से रचनाकार के संदेश को बेहतर समझा जा सकता है।


Question 18:

‘विपत्तियों व्यक्ति को पूर्ण बनाने वाली होती हैं’ - यह कथन किसका है?

  • (A) सुबुद्धेव का
  • (B) लाला लाजपत राय का
  • (C) करतार सिंह सराभा का
  • (D) भगत सिंह का
Correct Answer: (D) भगत सिंह का
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यह उद्धरण भगत सिंह का है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे। उनका मानना था कि विपत्तियाँ व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होती हैं। यह उद्धरण उनके आदर्शों और संघर्षों की ओर इशारा करता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) सुबुद्धेव का: यह गलत है, क्योंकि यह कथन सुबुद्धेव का नहीं है।
- (B) लाला लाजपत राय का: यह भी गलत है, क्योंकि यह कथन लाला लाजपत राय का नहीं है।
- (C) करतार सिंह सराभा का: यह गलत है, क्योंकि यह कथन करतार सिंह सराभा का नहीं है।
- (D) भगत सिंह का: सही उत्तर है। भगत सिंह ने ही इस उद्धरण को व्यक्त किया था जो उनके जीवन दर्शन और संघर्षों को व्यक्त करता है। Quick Tip: भगत सिंह के विचारों को समझना हमें जीवन की कठिनाइयों से निपटने की प्रेरणा देता है। विपत्तियाँ व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं।


Question 19:

‘जिन शब्दों के अंतिम स्वर को उच्चारित न किया जाए उन्हें क्या कहते हैं?

  • (A) मूक शब्द
  • (B) यौगिक शब्द
  • (C) ध्वन्यात्मक शब्द
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (A) मूक शब्द
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हिंदी भाषा में, 'मूक शब्द' वह शब्द होते हैं जिनमें कोई भी उच्चारण या ध्वनि नहीं होती, जैसे कि ‘स्नान’, ‘पद’. इन शब्दों के अंतिम स्वर का उच्चारण नहीं किया जाता।

उदाहरण स्वरूप:
- 'स्नान' शब्द में अंतिम ‘आ’ का उच्चारण नहीं होता।
- ‘पद’ शब्द में अंतिम ‘अ’ का उच्चारण नहीं होता।

इसलिए, 'मूक शब्द' वे शब्द होते हैं जिनमें अंतिम स्वर का उच्चारण नहीं होता है।
Quick Tip: 'मूक शब्द' वे होते हैं जिनमें उच्चारण नहीं किया जाता, जबकि 'यौगिक शब्द' दो या अधिक शब्दों से मिलकर बने होते हैं।


Question 20:

'आम्' शब्द क्या है?

  • (A) संज्ञा
  • (B) सर्वनाम
  • (C) क्रिया
  • (D) विशेषण
Correct Answer: (A) संज्ञा
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‘आम्’ शब्द हिंदी भाषा में एक संज्ञा है। संज्ञा वह शब्द होता है, जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, या अवधारणा का नाम बताता है।

- 'आम्' का अर्थ होता है ‘आम का पेड़’ या ‘आम फल’, जो एक विशेष वस्तु का नाम है, और इसलिए यह एक संज्ञा शब्द है।

इसलिए, सही उत्तर ‘आम्’ शब्द का संज्ञा होना है।
Quick Tip: संज्ञा वह शब्द होते हैं जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, या अवधारणा का नाम बताते हैं।


Question 21:

'धनियों के मेल से बने सांतिक वर्णसमुदाय' को क्या कहते हैं ?

  • (A) संज्ञा
  • (B) शब्द
  • (C) वचन
  • (D) कारक
Correct Answer: (B) शब्द
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चरण 1: 'धनियों के मेल से बने सांतिक वर्णसमुदाय' का अर्थ जानें।

धनियों के मेल से बने सांतिक वर्णसमुदाय को 'शब्द' कहा जाता है। यह सामूहिक रूप से उन शब्दों का समूह होता है जो किसी विशेष संवाद या समझ को उत्पन्न करते हैं। इस संदर्भ में, शब्द सामूहिक रूप से एक सामाजिक समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो एक साथ मिलकर एक विचार या उद्देश्य व्यक्त करते हैं।


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) संज्ञा: संज्ञा वह शब्द होता है जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, या भाव को दर्शाता है, लेकिन यह 'धनियों के मेल से बने सांतिक वर्णसमुदाय' का उचित उत्तर नहीं है।

- (C) वचन: वचन का संबंध क्रिया के रूप में होता है, जबकि यह सवाल एक शब्द के सामाजिक समूह के बारे में है।

- (D) कारक: कारक वाक्य के भाग होते हैं जो क्रिया के साथ संबंध बताते हैं, लेकिन यह भी सही उत्तर नहीं है।


चरण 3: निष्कर्ष।

'धनियों के मेल से बने सांतिक वर्णसमुदाय' का सही शब्द 'शब्द' है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: 'शब्द' एक ऐसे समूह को दर्शाता है जो एक साथ मिलकर कोई सामाजिक या सांस्कृतिक उद्देश्य व्यक्त करता है।


Question 22:

निम्नलिखित में से किसका रूपांतरण नहीं होता है ?

  • (A) लिंग
  • (B) वचन
  • (C) अव्यय
  • (D) कारक
Correct Answer: (C) अव्यय
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चरण 1: 'अव्यय' का अर्थ जानें।

अव्यय वह शब्द होता है जिसका रूपांतरण नहीं होता, अर्थात वह अपनी अवस्था में अपरिवर्तित रहता है। जैसे 'वह', 'में', 'यह', आदि शब्दों का रूपांतरण नहीं होता। इन शब्दों का प्रयोग विशेष परिस्थिति में होता है, लेकिन इनका रूप नहीं बदला जा सकता।


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) लिंग: लिंग का रूपांतरण होता है, जैसे 'लड़का' और 'लड़की' में रूपांतर होता है।

- (B) वचन: वचन का रूपांतरण होता है, जैसे 'पुस्तक' (एकवचन) और 'पुस्तकें' (बहुवचन)।

- (D) कारक: कारक का रूपांतरण होता है, जैसे 'राम से' (साधारण कारक) और 'राम को' (कर्म कारक)।


चरण 3: निष्कर्ष।

'अव्यय' वह शब्द है जिसका रूपांतरण नहीं होता। इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: अव्यय शब्द वह होते हैं जिनका रूपांतरण नहीं होता, जबकि अन्य शब्दों में लिंग, वचन और कारक के रूपांतरण होते हैं।


Question 23:

‘काल’ के कितने भेद होते हैं ?

  • (A) एक
  • (B) दो
  • (C) तीन
  • (D) चार
Correct Answer: (C) तीन
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Step 1: काल के भेद

समय या काल के तीन मुख्य भेद होते हैं - वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत काल। इन तीनों को मिलाकर ही समय का समग्र विचार किया जाता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) एक: गलत। काल के तीन भेद होते हैं, एक नहीं।

- (B) दो: गलत। काल के दो भेद नहीं होते।

- (C) तीन: सही। काल के तीन भेद होते हैं - वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत काल।

- (D) चार: गलत। काल के चार भेद नहीं होते।


Step 3: निष्कर्ष

‘काल’ के तीन भेद होते हैं, इसलिये सही उत्तर (C) तीन है।
Quick Tip: काल के भेद होते हैं - वर्तमान काल (जो अभी हो रहा है), भूतकाल (जो पहले हो चुका है) और भविष्यत काल (जो आने वाला है)।


Question 24:

‘उसने राधव को मारा था’ - किस काल का उदाहरण है ?

  • (A) वर्तमान काल का
  • (B) भूतकाल का
  • (C) भविष्यत काल का
  • (D) सामान्य भविष्यत काल का
Correct Answer: (B) भूतकाल का
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Step 1: वाक्य ‘उसने राधव को मारा था’ का विश्लेषण

इस वाक्य में ‘मारा था’ का प्रयोग किया गया है, जो कि भूतकाल का संकेत करता है। यह घटना पहले घट चुकी है, अतः यह भूतकाल का उदाहरण है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) वर्तमान काल का: गलत। ‘मारा था’ वर्तमान में हो रहा नहीं है, बल्कि यह भूतकाल की क्रिया है।

- (B) भूतकाल का: सही। ‘मारा था’ भूतकाल का उदाहरण है, जो पहले घटित हो चुका है।

- (C) भविष्यत काल का: गलत। ‘मारा था’ भविष्य में नहीं, बल्कि पहले घट चुका है।

- (D) सामान्य भविष्यत काल का: गलत। यह भी भूतकाल का उदाहरण है, न कि भविष्यत काल का।


Step 3: निष्कर्ष

‘उसने राधव को मारा था’ वाक्य भूतकाल का उदाहरण है, इसलिए सही उत्तर (B) भूतकाल का है।
Quick Tip: ‘था’ और ‘थी’ शब्द भूतकाल की क्रिया का संकेत करते हैं। यदि किसी क्रिया का उल्लेख पहले हुआ हो तो वह भूतकाल का उदाहरण होता है।


Question 25:

‘मोहन मुझसे किताब लिखवाता है’ - किस क्रिया का उदाहरण है ?

  • (A) संयुक्त क्रिया
  • (B) यौगिक क्रिया
  • (C) प्रेरणात्मक क्रिया
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (C) प्रेरणात्मक क्रिया
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Step 1: वाक्य ‘मोहन मुझसे किताब लिखवाता है’ का विश्लेषण

इस वाक्य में 'लिखवाता है' एक प्रेरणात्मक क्रिया का उदाहरण है, क्योंकि यह किसी अन्य व्यक्ति से काम कराने का सूचक है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) संयुक्त क्रिया: गलत। इस वाक्य में क्रिया का एक तत्व नहीं है जो संयुक्त क्रिया का उदाहरण हो।

- (B) यौगिक क्रिया: गलत। यौगिक क्रिया में दो क्रियाएँ होती हैं, जबकि यहां एक ही क्रिया है।

- (C) प्रेरणात्मक क्रिया: सही। यह क्रिया दूसरे व्यक्ति से काम करने का संकेत देती है।

- (D) इनमें से कोई नहीं: गलत। सही उत्तर (C) प्रेरणात्मक क्रिया है।


Step 3: निष्कर्ष

‘मोहन मुझसे किताब लिखवाता है’ वाक्य प्रेरणात्मक क्रिया का उदाहरण है, इसलिये सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: प्रेरणात्मक क्रिया वह होती है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से काम कराता है।


Question 26:

‘मैं’ किस सर्वनाम का उदाहरण है ?

  • (A) निजवाचक
  • (B) निश्चितवाचक
  • (C) संबंधवाचक
  • (D) पुरुषवाचक
Correct Answer: (D) पुरुषवाचक
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Step 1: ‘मैं’ सर्वनाम का विश्लेषण

‘मैं’ एक पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत रूप से संदर्भ करता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) निजवाचक: गलत। निजवाचक सर्वनाम खुद के लिए होता है, जैसे ‘मैं’।

- (B) निश्चितवाचक: गलत। यह किसी विशेष व्यक्ति या वस्तु का निर्धारण करता है, परंतु 'मैं' ऐसा नहीं करता।

- (C) संबंधवाचक: गलत। संबंधवाचक सर्वनाम किसी संबंध को दर्शाता है, जो 'मैं' में नहीं है।

- (D) पुरुषवाचक: सही। 'मैं' पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो स्वयं के लिए उपयोग किया जाता है।


Step 3: निष्कर्ष

‘मैं’ सर्वनाम पुरुषवाचक का उदाहरण है, इसलिए सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: ‘मैं’ एक पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो केवल व्यक्ति के बारे में बात करने के लिए उपयोग किया जाता है।


Question 27:

‘मैं आप ही चला जाऊँगा’ - किस सर्वनाम का उदाहरण है?

  • (A) अनिश्चयवाचक
  • (B) संबंधवाचक
  • (C) प्रश्नवाचक
  • (D) निजवाचक
Correct Answer: (D) निजवाचक
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यह वाक्य ‘मैं आप ही चला जाऊँगा’ में "मैं" और "आप" निजवाचक सर्वनाम हैं। ये शब्द किसी विशेष व्यक्ति की ओर इशारा करते हैं और स्वयं या दूसरे के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) अनिश्चयवाचक: यह सही नहीं है, क्योंकि यह वाक्य किसी व्यक्ति का परिचय दे रहा है, न कि कोई अनिश्चितता।
- (B) संबंधवाचक: यह भी गलत है क्योंकि यह सर्वनाम किसी संबंध को नहीं व्यक्त करता।
- (C) प्रश्नवाचक: यह गलत है क्योंकि यहां कोई प्रश्न नहीं पूछा जा रहा है।
- (D) निजवाचक: सही उत्तर है, क्योंकि 'मैं' और 'आप' निजवाचक सर्वनाम हैं। Quick Tip: निजवाचक सर्वनाम किसी विशेष व्यक्ति या समूह का उल्लेख करते हैं और यह स्वयं या अन्य व्यक्तियों के लिए उपयोग किए जाते हैं।


Question 28:

‘हे भगवान! मेरी रक्षा कीजिए’ - किस कारक का उदाहरण है?

  • (A) संबोधन कारक
  • (B) अपादान कारक
  • (C) प्रस्तुति कारक
  • (D) अधिकरण कारक
Correct Answer: (A) संबोधन कारक
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यह वाक्य ‘हे भगवान! मेरी रक्षा कीजिए’ में "हे भगवान!" संबोधन कारक का उदाहरण है। संबोधन कारक तब होता है जब किसी व्यक्ति या सत्ता को सीधे पुकारा जाता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) संबोधन कारक: सही उत्तर है, क्योंकि 'हे भगवान!' में भगवान को सीधे संबोधित किया गया है।
- (B) अपादान कारक: यह गलत है, क्योंकि अपादान कारक से तात्पर्य किसी वस्तु से प्राप्ति या प्राप्त करने से है।
- (C) प्रस्तुति कारक: यह गलत है, क्योंकि यह वाक्य में कोई प्रस्तुति या प्रदर्शनी नहीं हो रही है।
- (D) अधिकरण कारक: यह गलत है, क्योंकि अधिकरण कारक तब होता है जब किसी क्रिया का प्रभाव किसी विशेष स्थान पर पड़ता है, जो यहां नहीं है। Quick Tip: संबोधन कारक किसी व्यक्ति या सत्ता को सीधे संबोधित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह किसी अन्य से अलग होता है।


Question 29:

‘कवा’ का उच्चारण स्थान क्या है?

  • (A) तालु
  • (B) दंत
  • (C) मूर्धा
  • (D) कांठ
Correct Answer: (D) कांठ
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‘कवा’ शब्द का उच्चारण स्थान ‘कांठ’ (कंठ) होता है। हिंदी में कुछ वर्णों का उच्चारण हमारे गले (कंठ) से होता है। 'क' और इसके जैसे अन्य ध्वनियाँ जैसे 'ख', 'ग', 'घ' इत्यादि कंठ से उच्चारित होती हैं।

इसलिए, सही उत्तर 'कवा' शब्द का उच्चारण स्थान ‘कांठ’ है।
Quick Tip: कंठ में उच्चारित होने वाले वर्ण वे होते हैं जिनका उच्चारण गले से किया जाता है।


Question 30:

हिंदी में अनुस्वारिक वर्णों की संख्या कितनी है?

  • (A) छह
  • (B) चार
  • (C) पांच
  • (D) सात
Correct Answer: (C) पांच
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हिंदी में अनुस्वारिक वर्णों की संख्या पांच होती है। अनुस्वारिक वर्णों में ‘ं’, ‘ं’ (अनुस्वार) का उच्चारण नाक से होता है और ये भारतीय भाषाओं में कई शब्दों में पाए जाते हैं।

उदाहरण के लिए:
- गंध (गं)
- संकट (संक)
- अंग (अं)

इसलिए, हिंदी में अनुस्वारिक वर्णों की कुल संख्या पांच है।
Quick Tip: 'अं' और 'ं' अनुस्वारिक वर्ण होते हैं जिनका उच्चारण नाक से होता है।


Question 31:

'संधि' के कितने भेद हैं ?

  • (A) तीन
  • (B) चार
  • (C) पाँच
  • (D) छह
Correct Answer: (A) तीन
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चरण 1: संधि का अर्थ जानें।

संधि वह नियम है जिसके द्वारा दो वर्णों या ध्वनियों का मिलन होता है। इसके तीन भेद होते हैं -
1. स्वर संधि: इसमें दोनों स्वर आपस में मिलते हैं। जैसे 'आ' + 'अ' = 'आ'
2. व्यंजन संधि: इसमें व्यंजन और स्वर का मिलन होता है। जैसे 'क' + 'आ' = 'का'
3. विसर्ग संधि: इसमें विसर्ग और स्वर का मिलन होता है। जैसे 'ः' + 'आ' = 'हां'


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (B) चार: संधि के केवल तीन भेद होते हैं, इसलिए यह गलत है।

- (C) पाँच: संधि के भेद पांच नहीं होते।

- (D) छह: यह भी गलत है, क्योंकि संधि के भेद केवल तीन होते हैं।


चरण 3: निष्कर्ष।

संधि के तीन भेद होते हैं। इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: संधि के तीन प्रमुख भेद होते हैं - स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि। इनका उपयोग भाषा में सही उच्चारण के लिए किया जाता है।


Question 32:

'निष्फल' का सही संधि-विच्छेद क्या है ?

  • (A) निष + फल
  • (B) नि: + फल
  • (C) नि: + फल
  • (D) नि + ष्फल
Correct Answer: (B) नि: + फल
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चरण 1: 'निष्फल' शब्द का अर्थ जानें।

'निष्फल' का अर्थ होता है 'फलहीन' या 'जो कोई फल न दे'। यह दो भागों में विभाजित होता है:
- 'नि:' (जो नकारात्मकता को दर्शाता है)
- 'फल' (जो लाभ या परिणाम को दर्शाता है)


चरण 2: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) निष + फल: यह गलत है, क्योंकि 'निष्फल' में 'नि:' और 'फल' दोनों अलग-अलग होते हैं।

- (C) नि: + फल: यह सही है, क्योंकि 'निष्फल' का सही संधि-विच्छेद 'नि:' और 'फल' है।

- (D) नि + ष्फल: यह भी गलत है, क्योंकि 'निष्फल' का सही संधि-विच्छेद 'नि:' और 'फल' है, न कि 'नि' और 'ष्फल'।


चरण 3: निष्कर्ष।

'निष्फल' का सही संधि-विच्छेद 'नि: + फल' है। इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: 'नि:' का अर्थ नकारात्मकता होता है और 'फल' का अर्थ परिणाम या लाभ। 'निष्फल' में इन दोनों का संयोजन होता है।


Question 33:

निम्नलिखित में शुद्ध शब्द कौन है ?

  • (A) दीपिका
  • (B) प्रसाद
  • (C) नुपुर
  • (D) घनिष्ठ
Correct Answer: (C) नुपुर
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Step 1: शुद्ध शब्द का चयन

इस प्रश्न में हमे शुद्ध शब्द का चयन करना है। इनमें से सबसे शुद्ध और सही शब्द “नुपुर” है, क्योंकि यह सही उच्चारण के साथ है और इसका अर्थ भी स्पष्ट है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) दीपिका: यह शब्द गलत नहीं है लेकिन यह संदर्भ से मेल नहीं खाता है।

- (B) प्रसाद: यह एक गलत शब्द है। सही शब्द “प्रसाद” है, लेकिन इसमें शब्द दोष नहीं है, परंतु प्रश्न का संदर्भ नहीं है।

- (C) नुपुर: यह सही शब्द है और सामान्य तौर पर सही उच्चारण के लिए सही विकल्प है।

- (D) घनिष्ठ: यह भी सही है, परन्तु यह संदर्भ से मेल नहीं खाता है।


Step 3: निष्कर्ष

“नुपुर” सही शब्द है, इसलिये उत्तर (C) है।
Quick Tip: “नुपुर” शब्द सही है और यह एक शुद्ध शब्द है। सही शब्द का चयन वाचन और उच्चारण पर आधारित होना चाहिए।


Question 34:

‘सोमवार’ किस संज्ञा का उदाहरण है ?

  • (A) जातिवाचक
  • (B) गुणवाचक
  • (C) भाववाचक
  • (D) व्यक्तिवाचक
Correct Answer: (D) व्यक्तिवाचक
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Step 1: ‘सोमवार’ का विश्लेषण

‘सोमवार’ एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है क्योंकि यह किसी विशेष दिन को दर्शाता है और किसी व्यक्ति, वस्तु, या स्थान के विशिष्ट रूप को व्यक्त करता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) जातिवाचक: गलत। जातिवाचक संज्ञा किसी समुदाय या वर्ग को दर्शाती है, जैसे “लड़का”, “लड़की” आदि।

- (B) गुणवाचक: गलत। गुणवाचक संज्ञा किसी विशेषता या गुण को दर्शाती है, जैसे “स्मार्ट” या “सुंदर”।

- (C) भाववाचक: गलत। भाववाचक संज्ञा भावना या स्थिति को व्यक्त करती है, जैसे “खुशी” या “दुःख”।

- (D) व्यक्तिवाचक: सही। ‘सोमवार’ एक दिन है, जो कि विशेष रूप से किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु को दर्शाता है।


Step 3: निष्कर्ष

‘सोमवार’ व्यक्तिवाचक संज्ञा है, इसलिए सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान, दिन, या वस्तु को दर्शाती है। उदाहरण स्वरूप, ‘सोमवार’ एक दिन है और इसे व्यक्तिवाचक संज्ञा माना जाता है।


Question 35:

‘शब्द’ की जाति को क्या कहते हैं?

  • (A) लिंग
  • (B) वचन
  • (C) कारक
  • (D) संज्ञा
Correct Answer: (A) लिंग
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‘शब्द’ की जाति को लिंग कहते हैं। भाषा में किसी भी शब्द के लिंग के आधार पर उसे पुरुष या स्त्री वर्ग में बांटा जाता है। उदाहरण स्वरूप, "लड़का" शब्द पुल्लिंग का है और "लड़की" शब्द स्त्रीलिंग का है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) लिंग: सही उत्तर है, क्योंकि 'शब्द' की जाति को लिंग कहते हैं।
- (B) वचन: यह गलत है, वचन से तात्पर्य किसी शब्द के एकवचन या बहुवचन होने से है।
- (C) कारक: यह भी गलत है, क्योंकि कारक शब्द के वाक्य में भूमिका को दर्शाता है।
- (D) संज्ञा: यह गलत है, संज्ञा किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम होता है, न कि जाति। Quick Tip: लिंग किसी शब्द की जाति को दर्शाता है, जो इसे पुरुष, स्त्री, या अन्य श्रेणियों में बांटता है।


Question 36:

‘सूर्य’ का पर्यायवाची शब्द क्या है?

  • (A) इल्मा
  • (B) मरीचि
  • (C) आगार
  • (D) बसर
Correct Answer: (B) मरीचि
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‘सूर्य’ का पर्यायवाची शब्द 'मरीचि' है। मरीचि सूर्य के प्रकाश का प्रतीक होता है, और इसे अन्य नामों से जाना जाता है, जैसे सूर्य का तेज और चमक।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) इल्मा: यह गलत है, इल्मा का सूर्य से कोई संबंध नहीं है।
- (B) मरीचि: सही उत्तर है, मरीचि सूर्य के दूसरे नामों में से एक है।
- (C) आगार: यह गलत है, क्योंकि आगार का सूर्य से कोई संबंध नहीं है।
- (D) बसर: यह भी गलत है, बसर का सूर्य से कोई संबंध नहीं है। Quick Tip: पर्यायवाची शब्द वही शब्द होते हैं, जो किसी अन्य शब्द के समान अर्थ व्यक्त करते हैं। जैसे सूर्य के पर्यायवाची 'मरीचि' होते हैं।


Question 37:

‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग शब्द क्या है ?

  • (A) कव्याईन
  • (B) कविव्यानी
  • (C) कवयिन्री
  • (D) कवियानी
Correct Answer: (C) कवयिन्री
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Step 1: कवि शब्द का स्त्रीलिंग रूप

‘कवि’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयिन्री’ है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) कव्याईन: गलत। यह शब्द स्त्रीलिंग नहीं है।

- (B) कविव्यानी: गलत। यह भी स्त्रीलिंग रूप नहीं है।

- (C) कवयिन्री: सही। यह कवि का स्त्रीलिंग रूप है।

- (D) कवियानी: गलत। यह शब्द गलत है।


Step 3: निष्कर्ष

‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयिन्री’ है, इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: कवि का स्त्रीलिंग रूप 'कवयिन्री' होता है। इसे सही तरीके से उपयोग करें।


Question 38:

‘वाक्य से अलग रहनेवाले शब्दों को क्या कहते हैं ?

  • (A) पद
  • (B) काक
  • (C) अज्ञेय
  • (D) शब्द
Correct Answer: (D) शब्द
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Step 1: वाक्य से अलग शब्दों का विश्लेषण

वाक्य से अलग रहनेवाले शब्दों को ‘शब्द’ कहते हैं, जो वाक्य में किसी विशेष भूमिका में नहीं होते।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) पद: गलत। पद वाक्य में किसी विशेष अर्थ में प्रयुक्त होता है।

- (B) काक: गलत। यह कोई मान्य शब्द नहीं है।

- (C) अज्ञेय: गलत। यह किसी अज्ञेय रूप से जुड़ा हुआ शब्द है, परंतु वाक्य से अलग नहीं होता।

- (D) शब्द: सही। वाक्य से अलग रहनेवाले शब्द ‘शब्द’ कहलाते हैं।


Step 3: निष्कर्ष

वाक्य से अलग रहनेवाले शब्द ‘शब्द’ कहलाते हैं, इसलिये सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: वाक्य में प्रयुक्त होने से पहले और बाद में स्थित शब्दों को 'शब्द' कहा जाता है।


Question 39:

‘तुझ’ शब्द का स्त्रीलिंग शब्द क्या है?

  • (A) तुनजिन
  • (B) तुझा
  • (C) तुझी
  • (D) तन्जी
Correct Answer: (B) तुझा
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‘तुझ’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप ‘तुझा’ है। हिंदी में कई शब्दों के लिंग बदलने पर उनके रूप बदल जाते हैं। ‘तुझ’ का स्त्रीलिंग रूप ‘तुझा’ होता है, जो कि स्त्रीलिंग का संकेत करता है।

इसलिए, सही उत्तर ‘तुझ’ का स्त्रीलिंग रूप ‘तुझा’ है।
Quick Tip: लिंग परिवर्तन में कुछ विशेष नियम होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर सही रूप का चयन किया जाता है।


Question 40:

‘दौलत’ शब्द कौन से लिंग का है?

  • (A) स्त्रीलिंग
  • (B) पुल्लिंग
  • (C) उभयलिंग
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (A) स्त्रीलिंग
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‘दौलत’ शब्द स्त्रीलिंग का शब्द है। यह एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग हिंदी में स्त्रीलिंग रूप में किया जाता है। 'दौलत' का अर्थ है संपत्ति या धन, जो स्त्रीलिंग रूप में प्रयोग किया जाता है।

इसलिए, सही उत्तर ‘दौलत’ का लिंग स्त्रीलिंग है।
Quick Tip: धन और संपत्ति जैसे शब्द अक्सर स्त्रीलिंग में प्रयुक्त होते हैं, जबकि अन्य भौतिक वस्त्रों के लिए पुल्लिंग का प्रयोग होता है।


Question 41:

'कलम' शब्द कौन संज्ञा है ?

  • (A) व्यक्तिवाचक
  • (B) जातिवाचक
  • (C) भाववाचक
  • (D) समुहवाचक
Correct Answer: (B) जातिवाचक
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'कलम' शब्द एक जातिवाचक संज्ञा है क्योंकि यह किसी विशेष वस्तु (कलम) का नाम नहीं बल्कि एक प्रकार की वस्तु या समूह को दर्शाता है। 'जातिवाचक संज्ञा' वह होती है जो किसी विशेष जाति, वर्ग या समूह का प्रतिनिधित्व करती है। उदाहरण के लिए, 'कलम' का उपयोग किसी भी प्रकार की लेखनी के लिए किया जा सकता है, जो इसे जातिवाचक संज्ञा बनाता है।
Quick Tip: जातिवाचक संज्ञा किसी वर्ग या प्रकार के लिए प्रयोग की जाती है, जैसे कलम, पुस्तक, फूल।


Question 42:

'पूर्णविराम चिह्न' कौन है ?

  • (A) ,
  • (B) ?
  • (C) ।
  • (D) " "
Correct Answer: (C) ।
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'पूर्णविराम' चिह्न का प्रयोग किसी वाक्य के अंत में किया जाता है। यह वाक्य के समापन को दर्शाता है। 'पूर्णविराम' को '।' के रूप में दर्शाया जाता है। इस चिह्न का उपयोग वाक्य को समाप्त करने के लिए होता है।


चरण 1: अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें।

- (A) ',': यह अल्पविराम होता है, जो वाक्य के भीतर विचारों को जोड़ने के लिए प्रयोग होता है, वाक्य के अंत में नहीं।
- (B) '?': यह प्रश्नवाचक चिह्न होता है, जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग होता है।
- (D) " ": यह उद्धरण चिह्न होता है, जिसका प्रयोग वाक्य में किसी विशेष शब्द या विचार को उद्धृत करने के लिए किया जाता है।


चरण 2: निष्कर्ष।

पूर्णविराम चिह्न '।' है, जिसका प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है। इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: पूर्णविराम चिह्न का प्रयोग वाक्य के समाप्त होने पर किया जाता है, उदाहरण: 'मैं स्कूल जा रहा हूँ।'


Question 43:

निम्नलिखित में कौन शब्द अशुद्ध है ?

  • (A) शुद्धिकरण
  • (B) प्रामी
  • (C) महत्व
  • (D) एकत्र
Correct Answer: (B) प्रामी
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Step 1: शब्दों का विश्लेषण

इस प्रश्न में हमें अशुद्ध शब्द का चयन करना है। सभी शब्दों का विश्लेषण किया जाए तो “प्रामी” शब्द अशुद्ध है। यह शब्द सही तरीके से उपयोग में नहीं है। सही शब्द “प्रामाणिक” है, जो सच्चे और प्रमाणित होने का संकेत करता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) शुद्धिकरण: यह सही है, इसका मतलब किसी चीज को शुद्ध या साफ करना होता है।

- (B) प्रामी: यह शब्द गलत है, इसे “प्रामाणिक” होना चाहिए।

- (C) महत्व: यह भी सही है, इसका अर्थ किसी चीज का महत्व या महत्वता होता है।

- (D) एकत्र: यह सही है, इसका मतलब एकत्रित करना होता है।


Step 3: निष्कर्ष

“प्रामी” शब्द अशुद्ध है, इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: “प्रामी” शब्द का प्रयोग गलत है। सही शब्द “प्रामाणिक” होना चाहिए।


Question 44:

‘संयम’ शब्द का संधि-विच्छेद क्या है ?

  • (A) सम + यम
  • (B) सं + यम
  • (C) संय + म
  • (D) सन + यम
Correct Answer: (A) सम + यम
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Step 1: संयम शब्द का संधि-विच्छेद

“संयम” शब्द का संधि-विच्छेद “सम + यम” होता है। इसमें “सम” का अर्थ होता है “समान” या “संतुलन” और “यम” का अर्थ होता है “नियंत्रण”। दोनों को जोड़कर यह शब्द संयम बनता है, जिसका मतलब होता है आत्म-नियंत्रण या काबू रखना।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) सम + यम: सही। यह शब्द का सही संधि-विच्छेद है।

- (B) सं + यम: गलत। यह संधि-विच्छेद सही नहीं है।

- (C) संय + म: गलत। यह भी गलत संधि-विच्छेद है।

- (D) सन + यम: गलत। यह भी गलत है।


Step 3: निष्कर्ष

सही संधि-विच्छेद “सम + यम” है, इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: “संयम” शब्द का सही संधि-विच्छेद “सम + यम” होता है, जिसका अर्थ है “समान नियंत्रण”।


Question 45:

‘ड’ का उच्चारण स्थान क्या है?

  • (A) ओष्ठ
  • (B) मूर्धा
  • (C) दंत
  • (D) कंठ
Correct Answer: (B) मूर्धा
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‘ड’ ध्वनि का उच्चारण स्थान ‘मूर्धा’ है। मूर्धा स्थान का अर्थ है ‘मस्तक’ का वह भाग, जहां से इस ध्वनि का उच्चारण होता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) ओष्ठ: यह गलत है, ओष्ठ का उच्चारण स्थान ‘प’ और ‘फ’ ध्वनियों का है।
- (B) मूर्धा: सही उत्तर है, ‘ड’ ध्वनि का उच्चारण मस्तक के ऊपरी हिस्से से होता है।
- (C) दंत: यह गलत है, दंत का उच्चारण स्थान ‘त’ और ‘द’ ध्वनियों का है।
- (D) कंठ: यह गलत है, कंठ का उच्चारण स्थान ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ आदि ध्वनियों का है। Quick Tip: मूर्धा स्थान से उत्पन्न ध्वनियां मस्तक के ऊपरी हिस्से से निकलती हैं, जैसे ‘ड’।


Question 46:

निम्नलिखित में ‘उष्म व्यंजन’ कौन है?

  • (A) य
  • (B) छ
  • (C) श
  • (D) द
Correct Answer: (C) श
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‘उष्म व्यंजन’ शब्द से तात्पर्य उस व्यंजन से है, जो गर्मी उत्पन्न करता है। ‘श’ व्यंजन उष्म व्यंजन है, क्योंकि इस ध्वनि का उच्चारण मुंह में गर्मी पैदा करने वाले स्थान से होता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) य: यह गलत है, ‘य’ व्यंजन उष्म व्यंजन नहीं है।
- (B) छ: यह गलत है, ‘छ’ व्यंजन भी उष्म व्यंजन नहीं है।
- (C) श: सही उत्तर है, ‘श’ व्यंजन उष्म व्यंजन है।
- (D) द: यह गलत है, ‘द’ व्यंजन उष्म व्यंजन नहीं है। Quick Tip: उष्म व्यंजन वह होते हैं, जो उच्चारण के दौरान गर्मी उत्पन्न करते हैं, जैसे ‘श’।


Question 47:

‘ओ’ वर्ण किस स्वर का उदाहरण है ?

  • (A) हल्व
  • (B) दीर्घ
  • (C) संयुक्त
  • (D) पूरित
Correct Answer: (C) संयुक्त
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Step 1: ‘ओ’ स्वर का विश्लेषण

‘ओ’ एक संयुक्त स्वर है, जिसे ‘औ’ और ‘ओ’ के मिश्रण से उत्पन्न किया जाता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) हल्व: गलत। हल्व स्वर का ‘ओ’ से कोई संबंध नहीं है।

- (B) दीर्घ: गलत। दीर्घ स्वर लंबा होता है, परंतु ‘ओ’ स्वर संयुक्त स्वर है।

- (C) संयुक्त: सही। ‘ओ’ स्वर संयुक्त स्वर है।

- (D) पूरित: गलत। पूरित स्वर का यह उदाहरण नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

‘ओ’ स्वर संयुक्त स्वर का उदाहरण है, इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: संयुक्त स्वर वह होते हैं जो दो स्वर मिलकर बनते हैं, जैसे ‘ओ’ और ‘औ’।


Question 48:

‘द’ कौन व्यंजन है ?

  • (A) स्पर्श
  • (B) अंतःस्थ
  • (C) उभय
  • (D) ध्वन
Correct Answer: (D) ध्वन
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Step 1: ‘द’ व्यंजन का विश्लेषण

‘द’ एक ध्वन व्यंजन है, जो श्वास और वायुनलीय ध्वनि से जुड़ा होता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) स्पर्श: गलत। स्पर्श व्यंजन श्वास के बिना होते हैं, जैसे ‘त’।

- (B) अंतःस्थ: गलत। अंतःस्थ व्यंजन श्वास से नहीं होते।

- (C) उभय: गलत। यह व्यंजन दो या अधिक ध्वनियों का मिश्रण नहीं है।

- (D) ध्वन: सही। ‘द’ व्यंजन ध्वन व्यंजन है।


Step 3: निष्कर्ष

‘द’ व्यंजन ध्वन है, इसलिये सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: ‘द’ व्यंजन एक ध्वन व्यंजन है, जो श्वास के साथ आता है।


Question 49:

बालकृष्ण भट्ट किस युग के प्रमुख साहित्यकार हैं?

  • (A) भारतेंदु युग के
  • (B) द्विवेदी युग के
  • (C) प्रगतिवाद युग के
  • (D) छायावाद युग के
Correct Answer: (A) भारतेंदु युग के
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बालकृष्ण भट्ट भारतेंदु युग के प्रमुख साहित्यकार थे। उन्होंने भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया और हिंदी साहित्य के विकास में अहम भूमिका निभाई। भारतेंदु युग को हिंदी साहित्य में आधुनिकता की शुरुआत माना जाता है, और बालकृष्ण भट्ट इस युग के प्रमुख लेखक थे।

इसलिए, सही उत्तर 'भारतेंदु युग के' है।
Quick Tip: भारतेंदु युग को हिंदी साहित्य के नवजागरण का समय माना जाता है, जिसमें साहित्य, कला और संस्कृति में कई नए विचार आए।


Question 50:

‘उसने कहा था’ सिखिक कहानी में पोलटूराम कौन था?

  • (A) चौकीदार
  • (B) डाक बाबू
  • (C) किसान
  • (D) सिपाही
Correct Answer: (B) डाक बाबू
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‘उसने कहा था’ कहानी में पोलटूराम डाक बाबू था। यह कहानी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई थी, जिसमें पोलटूराम नामक पात्र ने डाक बाबू के रूप में अपनी भूमिका निभाई। पोलटूराम का चरित्र सामाजिक असमानताओं और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है।

इसलिए, सही उत्तर ‘डाक बाबू’ है।
Quick Tip: प्रेमचंद की कहानियों में अक्सर समाज के विभिन्न पहलुओं की छानबीन होती है, और उनके पात्र समाज में अपनी भूमिका निभाते हैं।


Question 51:

लोकनायक के रूप में कौन प्रसिद्ध हुए ?

  • (A) महात्मा गांधी
  • (B) लाला लाजपत राय
  • (C) जयप्रकाश नारायण
  • (D) शुभचंद्र बोस
Correct Answer: (C) जयप्रकाश नारायण
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जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे। उन्हें लोकनायक के नाम से भी जाना जाता है। उनका संघर्ष महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ था, लेकिन उन्होंने भारतीय समाज के सामाजिक और राजनीतिक सुधारों के लिए भी काम किया। वे लोकनायक के रूप में प्रसिद्ध हुए क्योंकि उन्होंने जनसंघर्ष और जनसेवा में अहम योगदान दिया।
Quick Tip: लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 1970 के दशक में 'सम्पूर्ण क्रांति' आंदोलन शुरू किया था, जो भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक था।


Question 52:

जयप्रकाश नारायण के अनुसार सदानंदजी किस प्रेस के मालिक थे ?

  • (A) बंगाल गजट के
  • (B) हिंदी प्रदीप के
  • (C) दिमान के
  • (D) फ्री प्रेस के
Correct Answer: (D) फ्री प्रेस के
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जयप्रकाश नारायण के अनुसार, फ्री प्रेस के मालिक सदानंदजी थे। वे भारतीय पत्रकारिता के प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे और उनकी पत्रकारिता भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। फ्री प्रेस एक प्रमुख समाचार पत्र था, जो स्वतंत्रता संग्राम और समाज के मुद्दों पर प्रकाश डालता था।
Quick Tip: सदानंदजी ने भारतीय समाज में व्याप्त असमानता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, और 'फ्री प्रेस' ने इस विचारधारा को प्रचारित किया।


Question 53:

‘ब्रिटिश सरकार ने ‘सम्पूर्ण क्रांति’ शब्द का प्रयोग किसके संदर्भ में किया था?

  • (A) सदारङ्द जी को
  • (B) उमाशंकर दीक्षित को
  • (C) बालगंगाधर तिलक को
  • (D) लाल लाजपत राय को
Correct Answer: (B) उमाशंकर दीक्षित को
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ब्रिटिश सरकार ने ‘सम्पूर्ण क्रांति’ शब्द का प्रयोग उमाशंकर दीक्षित के संदर्भ में किया था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता थे और उनका कार्य स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाला था।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) सदारङ्द जी को: यह गलत है, ‘सम्पूर्ण क्रांति’ शब्द का प्रयोग सदारङ्द जी के संदर्भ में नहीं किया गया था।
- (B) उमाशंकर दीक्षित को: सही उत्तर है, ‘सम्पूर्ण क्रांति’ शब्द का प्रयोग उमाशंकर दीक्षित के संदर्भ में किया गया था।
- (C) बालगंगाधर तिलक को: यह गलत है, तिलक जी के संदर्भ में यह शब्द नहीं प्रयोग हुआ था।
- (D) लाल लाजपत राय को: यह गलत है, लाल लाजपत राय के संदर्भ में भी यह शब्द प्रयोग नहीं हुआ था। Quick Tip: ‘सम्पूर्ण क्रांति’ शब्द का प्रयोग भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं के संदर्भ में ब्रिटिश शासन द्वारा किया गया था, विशेषकर उमाशंकर दीक्षित के संदर्भ में।


Question 54:

रामधारी सिंह दिनकर का जन्म किस वर्ष हुआ था?

  • (A) 1916 में
  • (B) 1908 में
  • (C) 1904 में
  • (D) 1905 में
Correct Answer: (B) 1908 में
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रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 1908 में हुआ था। वे भारतीय काव्यशास्त्र के महान कवि थे और राष्ट्रीयता की भावना को अपने काव्य के माध्यम से प्रसारित किया।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) 1916 में: यह गलत है, उनका जन्म 1916 में नहीं हुआ था।
- (B) 1908 में: सही उत्तर है, उनका जन्म 1908 में हुआ था।
- (C) 1904 में: यह गलत है, उनका जन्म 1904 में नहीं हुआ था।
- (D) 1905 में: यह गलत है, उनका जन्म 1905 में भी नहीं हुआ था। Quick Tip: रामधारी सिंह दिनकर भारतीय साहित्य में कवि, लेखक, और निबंधकार के रूप में प्रसिद्ध थे। उनके काव्य रचनाएँ स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित थीं।


Question 55:

रामधारी सिंह दिनकर की पहली कविता कब प्रकाशित हुई?

  • (A) 1924 में
  • (B) 1925 में
  • (C) 1922 में
  • (D) 1926 में
Correct Answer: (B) 1925 में
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रामधारी सिंह दिनकर की पहली कविता 1925 में प्रकाशित हुई थी। दिनकर भारतीय काव्य परंपरा के महान कवि माने जाते हैं। उनके काव्य में राष्ट्रीयता, स्वतंत्रता और साहस की भावना को प्रमुखता से स्थान मिला।

विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) 1924 में: यह गलत है।
- (B) 1925 में: सही उत्तर है, उनकी पहली कविता इसी वर्ष प्रकाशित हुई।
- (C) 1922 में: यह गलत है।
- (D) 1926 में: यह भी गलत है, पहली कविता 1925 में प्रकाशित हुई। Quick Tip: रामधारी सिंह दिनकर की कविता में देशभक्ति और राष्ट्रीय जागरण का गहरा प्रभाव है।


Question 56:

अपने जीवन के अंतिम दिनों में किसने नारित्व की भी साधना की थी?

  • (A) विनोबा भावे ने
  • (B) जयप्रकाश नारायण ने
  • (C) जवाहरलाल नेहरू ने
  • (D) महात्मा गांधी ने
Correct Answer: (D) महात्मा गांधी ने
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महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में नारित्व की साधना की थी। उनका जीवन साधना और आत्म-निर्भरता के सिद्धांतों पर आधारित था। उन्होंने अपने जीवन में सत्य, अहिंसा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च स्थान दिया।

विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) विनोबा भावे ने: विनोबा ने भी भिक्षाटन के द्वारा साधना की थी, लेकिन यह प्रश्न महात्मा गांधी से संबंधित है।
- (B) जयप्रकाश नारायण ने: यह गलत है, इस संदर्भ में गांधीजी का नाम सही है।
- (C) जवाहरलाल नेहरू ने: यह भी गलत है, नेहरू जी ने अपनी जीवन यात्रा में साधना का रास्ता नहीं अपनाया।
- (D) महात्मा गांधी ने: सही उत्तर है, गांधीजी ने अपने जीवन के अंतिम समय में नारित्व की साधना की थी। Quick Tip: महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंत में आत्म-निर्भरता और साधना को अपने जीवन का उद्देश्य माना।


Question 57:

अशोक जी ने निर्धारित लेखन कब शुरू किया ?

  • (A) 1918 ई० के बाद
  • (B) 1920 ई० के बाद
  • (C) 1930 ई० के बाद
  • (D) 1925 ई० के बाद
Correct Answer: (C) 1930 ई० के बाद
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Step 1: अशोक जी द्वारा लेखन की शुरुआत

अशोक जी ने 1930 ई० के बाद अपने लेखन कार्य को प्रारंभ किया।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) 1918 ई० के बाद: गलत। अशोक जी ने इससे पहले लेखन शुरू नहीं किया।

- (B) 1920 ई० के बाद: गलत। यह भी सही नहीं है।

- (C) 1930 ई० के बाद: सही। अशोक जी ने 1930 ई० के बाद लेखन कार्य शुरू किया।

- (D) 1925 ई० के बाद: गलत। यह समय गलत है।


Step 3: निष्कर्ष

अशोक जी ने 1930 ई० के बाद लेखन कार्य शुरू किया, इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: अशोक जी के लेखन कार्य की शुरुआत 1930 ई० के बाद हुई, जब उन्होंने 'धर्म' और 'ध्यान' पर जोर दिया।


Question 58:

स्वाधीनता आंदोलन में उन्नति और विद्रोही विचारधारा वाले एक क्रांतिकारी के रूप में किसकी भूमिका रही ?

  • (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि
  • (B) उदय प्रकाश
  • (C) सविंदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अशोक'
  • (D) जे कृष्णमूर्ति
Correct Answer: (C) सविंदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अशोक'
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Step 1: स्वाधीनता आंदोलन में भूमिका

स्वाधीनता आंदोलन में सविंदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अशोक' ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वह उन्नति और विद्रोही विचारधारा के पक्षधर थे।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि: गलत। ओमप्रकाश वाल्मीकि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े नहीं थे।

- (B) उदय प्रकाश: गलत। वह स्वतंत्रता संग्राम के सशक्त नेता नहीं थे।

- (C) सविंदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अशोक': सही। वह स्वतंत्रता संग्राम में एक क्रांतिकारी के रूप में उन्नति और विद्रोही विचारधारा वाले थे।

- (D) जे कृष्णमूर्ति: गलत। वह स्वतंत्रता संग्राम के साथ जुड़े नहीं थे।


Step 3: निष्कर्ष

सविंदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अशोक' ने स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसलिये सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: स्वाधीनता आंदोलन में ऐसे क्रांतिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जो विद्रोही विचारधारा को लेकर आगे आए थे।


Question 59:

मलिक मुहम्मद जायसी का जन्म कहाँ हुआ था?

  • (A) दिल्ली में
  • (B) जायस में
  • (C) राजापुर में
  • (D) देहरादून में
Correct Answer: (B) जायस में
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मलिक मुहम्मद जायसी एक प्रसिद्ध हिंदी कवि थे, जिनका जन्म 'जायस' नामक गाँव में हुआ था, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में स्थित है। उन्होंने अपनी काव्य रचनाओं में सूफीवाद और भक्ति को प्रमुखता से स्थान दिया। उनका सबसे प्रसिद्ध काव्य 'पद्मावत' है, जो साहित्यिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

वे हिंदी साहित्य के एक महान कवि थे और उनकी रचनाओं में धार्मिकता, भक्ति और प्रेम की अभिव्यक्ति मिलती है। जायसी ने काव्य में भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति और भक्तों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उनके काव्य ने हिंदू धर्म और सूफीवाद की मिश्रित दृष्टि को समाज के सामने प्रस्तुत किया।

इसलिए, सही उत्तर 'जायस में' है।
Quick Tip: जायसी का साहित्यिक योगदान हिंदी साहित्य के भक्ति काव्य और सूफीवाद के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।


Question 60:

‘जाइए, ब्रजराज कुँवर, केवल-कुसुम फूलें’ - यह पंक्ति किस शाब्दिक कविता की है?

  • (A) छप्पय
  • (B) पद (तुलसीदास)
  • (C) पद (सूरदास)
  • (D) कविता
Correct Answer: (C) पद (सूरदास)
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यह पंक्ति सूरदास की कविता 'पद' से संबंधित है। सूरदास हिंदी साहित्य के महान संत कवि थे, जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति को गीतों और पदों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। उनके पद भक्ति साहित्य का अभिन्न हिस्सा माने जाते हैं। सूरदास के पदों में श्री कृष्ण के प्रेम और उनके प्रति आस्था की गहरी अभिव्यक्ति है।

सूरदास का भक्ति काव्य विशेष रूप से कृष्ण की बाल लीलाओं और उनके प्रति भक्तों की भक्ति को दर्शाता है। यह पंक्ति उनकी रचनाओं में से एक है, जिसमें वे भगवान श्री कृष्ण की महिमा का गुणगान कर रहे हैं और उनका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

इसलिए, सही उत्तर 'पद (सूरदास)' है।
Quick Tip: सूरदास की रचनाएँ विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण के प्रति उनकी गहरी भक्ति और प्रेम को व्यक्त करती हैं। उनके पद हिंदी साहित्य में भक्ति काव्य के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।


Question 61:

‘हनुमान बाहुक’ नामक रचना कितने छंदों की है ?

  • (A) 44
  • (B) 45
  • (C) 46
  • (D) 47
Correct Answer: (B) 45
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हनुमान बाहुक महाकवि तुलसीदास द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें कुल 45 छंद होते हैं। यह ग्रंथ भगवान हनुमान के अनन्य भक्तों के प्रति उनकी भक्ति और समर्पण को दर्शाता है। हनुमान बाहुक का प्रमुख उद्देश्य हनुमान जी की महिमा का गुणगान करना और उनके दिव्य गुणों को भक्तों के बीच फैलाना है।

यह रचना विशेष रूप से तुलसीदास जी के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, जब वे हनुमान जी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। इस ग्रंथ में हर एक छंद भगवान हनुमान के गुणों का वर्णन करता है, जो भक्तों को उनके जीवन में साहस और शक्ति देने का कार्य करता है। इस रचना को एक कवि के रूप में तुलसीदास जी के अद्वितीय योगदान के रूप में देखा जाता है।

यह रचना तुलसीदास जी के अन्य काव्यग्रंथों, जैसे कि रामचरितमानस, के समान ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा को बढ़ाती है, बल्कि यह उनके भक्तों के लिए आस्था और प्रेरणा का स्रोत भी बनती है।
Quick Tip: हनुमान बाहुक के प्रत्येक छंद में भक्तों की समर्पण भावना और हनुमानजी की महिमा का वर्णन है, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है।


Question 62:

तुलसीदास क्या पहनते थे ?

  • (A) पायजामा
  • (B) कोपीन
  • (C) धोती
  • (D) लुंगी
Correct Answer: (C) धोती
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तुलसीदास जी, जो एक महान संत कवि थे, अपने समय में एक साधारण जीवन जीते थे। उन्होंने धोती पहनने की आदत बनाई थी, जो उस समय भारतीय संस्कृति में सामान्य और परंपरागत परिधान था। धोती भारतीय पुरुषों का पारंपरिक वस्त्र है, और यह एक प्रतीक है उनकी सादगी और साधना का।

तुलसीदास जी ने न केवल अपने जीवन में साधुता और तपस्विता को अपनाया, बल्कि उनके व्यक्तित्व में एक गहरी भक्ति भावना भी निहित थी। उनके जीवन के कई पहलुओं को उनके काव्य में देखा जा सकता है, और वे किसी भी बाहरी आडंबर से दूर रहते थे। उनका जीवन उनके साहित्य में झलकता है, जहाँ उन्होंने सरलता और भक्ति को सर्वोपरि माना।

तुलसीदास जी का पहनावा उनकी जीवनशैली और धार्मिक दृष्टिकोण का प्रतीक था। उनकी रचनाओं में यह दिखता है कि उन्होंने हमेशा अपनी भक्ति और साधना के रास्ते पर चलते हुए कोई भी भौतिक आडंबर से परहेज किया। उनका यह साधारण पहनावा उनके जीवन के उद्देश्य और उनके द्वारा प्रस्तुत काव्य की दिव्यता को व्यक्त करता है।
Quick Tip: तुलसीदास जी के पहनावे और उनके जीवन के आदर्शों से यह सिद्ध होता है कि भक्ति और साधना की असली पहचान सरलता और समर्पण में है।


Question 63:

नमदास का जन्म किस वर्ष हुआ था?

  • (A) 1540 ई. (अनुमानित)
  • (B) 1530 ई. (अनुमानित)
  • (C) 1570 ई. (अनुमानित)
  • (D) 1560 ई. (अनुमानित)
Correct Answer: (C) 1570 ई. (अनुमानित)
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नमदास जी का जन्म 1570 ई. में हुआ था। उनकी जन्म तिथि का अनुमानित होने के बावजूद, उनका योगदान भक्ति आंदोलन में अत्यधिक महत्वपूर्ण था। वह एक प्रमुख संत थे जिन्होंने समाज में समानता और धार्मिक सहिष्णुता की बात की। उनके भक्ति मार्ग पर चलने वाले भक्तों की संख्या आज भी बहुत अधिक है।

नमदास जी के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी इस प्रकार है:

- नमदास जी का योगदान: उन्होंने अपनी कविताओं और भजनों के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक बदलाव लाने का कार्य किया। उनकी भक्ति कविताएँ आज भी लोकप्रिय हैं और उनके संदेश आज के समय में भी प्रासंगिक हैं।
- तिथि की विवेचना:

- (A) 1540 ई.: यह तिथि सही नहीं है क्योंकि नमदास जी का जन्म इससे बाद के समय में हुआ था।

- (B) 1530 ई.: यह भी गलत है, वह इससे बाद में जन्मे थे।

- (C) 1570 ई.: यह सही उत्तर है, यह तिथि अनुमानित है और सामान्यतः मान्य है।

- (D) 1560 ई.: यह तिथि भी गलत है, सही तिथि 1570 ई. है।


इस प्रकार, सही उत्तर (C) 1570 ई. है, जो उनकी जन्म तिथि का अनुमानित समय है। Quick Tip: भक्ति आंदोलन में संतों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है, जिनमें नमदास जी का योगदान अविस्मरणीय है।


Question 64:

'ठाकमल' शब्दक रचना में कितने ह्रस्व व्यंजन हैं?

  • (A) 216
  • (B) 416
  • (C) 116
  • (D) 316
Correct Answer: (D) 316
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'ठाकमल' शब्दक रचना में कुल 316 ह्रस्व व्यंजन होते हैं। इस शब्दक में वर्तनी की संरचना और व्यंजन संयोजन पर ध्यान दिया गया है, जो इसे एक प्रभावी और अर्थपूर्ण शब्द बनाता है। यह शब्दक खास तौर पर हिंदी साहित्य में एक आदर्श उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

ह्रस्व व्यंजन शब्दक की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि वे शब्दों के उच्चारण और समझ में सहायता करते हैं।

- ह्रस्व व्यंजन का महत्व: हिंदी में ह्रस्व व्यंजन का विशेष स्थान होता है, जो शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करने में मदद करता है।
- तिथि की विवेचना:

- (A) 216: यह गलत है, सही संख्या 316 है।

- (B) 416: यह भी गलत है, यह संख्या बहुत अधिक है।

- (C) 116: यह भी गलत है, सही संख्या से कम है।

- (D) 316: यह सही उत्तर है, और यह संख्या 'ठाकमल' शब्दक में ह्रस्व व्यंजन की सही संख्या है।


इस प्रकार, सही उत्तर (D) 316 है, और यह संख्या शब्दक रचना में ह्रस्व व्यंजनों के सही मेल को दर्शाती है। Quick Tip: ह्रस्व व्यंजनों की संख्या और उनके महत्व को समझने से हमें भाषा की गहरी समझ मिलती है, जो साहित्यिक विश्लेषण में सहायक होती है।


Question 65:

कवि भुषण के पिता का नाम क्या था ?

  • (A) रत्नाकर त्रिपाठी
  • (B) दिवाकर त्रिपाठी
  • (C) सियाराम त्रिपाठी
  • (D) जगमोहन त्रिपाठी
Correct Answer: (A) रत्नाकर त्रिपाठी
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Step 1: कवि भुषण के पिता का नाम

कवि भुषण के पिता का नाम रत्नाकर त्रिपाठी था।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) रत्नाकर त्रिपाठी: सही। कवि भुषण के पिता का नाम रत्नाकर त्रिपाठी था।

- (B) दिवाकर त्रिपाठी: गलत। यह नाम सही नहीं है।

- (C) सियाराम त्रिपाठी: गलत। यह नाम भी सही नहीं है।

- (D) जगमोहन त्रिपाठी: गलत। यह नाम सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

कवि भुषण के पिता का नाम रत्नाकर त्रिपाठी था, इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: कवि भुषण के पिता का नाम रत्नाकर त्रिपाठी था, जो एक प्रसिद्ध कवि थे।


Question 66:

‘शिवा बावनी’ श्रृंगक रचना के कितने मुद्रकों में शिवाजी की वीरता का बखान किया गया है ?

  • (A) 50 मुद्रकों में
  • (B) 52 मुद्रकों में
  • (C) 51 मुद्रकों में
  • (D) 55 मुद्रकों में
Correct Answer: (B) 52 मुद्रकों में
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Step 1: शिवा बावनी और शिवाजी की वीरता

‘शिवा बावनी’ श्रृंगक रचना में शिवाजी की वीरता का बखान 52 मुद्रकों में किया गया है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) 50 मुद्रकों में: गलत। यह संख्या सही नहीं है।

- (B) 52 मुद्रकों में: सही। ‘शिवा बावनी’ में शिवाजी की वीरता का बखान 52 मुद्रकों में किया गया है।

- (C) 51 मुद्रकों में: गलत। यह संख्या सही नहीं है।

- (D) 55 मुद्रकों में: गलत। यह संख्या भी सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

‘शिवा बावनी’ में शिवाजी की वीरता का बखान 52 मुद्रकों में किया गया है, इसलिये सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: ‘शिवा बावनी’ श्रृंगक रचना में शिवाजी की वीरता का बखान 52 मुद्रकों में किया गया है।


Question 67:

‘बारिबाह’ शब्द का अर्थ क्या है?

  • (A) पानी
  • (B) कीचड़
  • (C) बादल
  • (D) धरती
Correct Answer: (C) बादल
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‘बारिबाह’ शब्द का अर्थ ‘बादल’ है। यह शब्द हिंदी के कवि-लेखकों द्वारा प्राकृतिक वस्तु का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) पानी: यह गलत है, ‘बारिबाह’ का अर्थ पानी नहीं है।
- (B) कीचड़: यह गलत है, ‘बारिबाह’ शब्द का अर्थ कीचड़ नहीं होता।
- (C) बादल: सही उत्तर है, ‘बारिबाह’ का अर्थ बादल होता है।
- (D) धरती: यह गलत है, ‘बारिबाह’ का अर्थ धरती नहीं है। Quick Tip: ‘बारिबाह’ शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से हिंदी साहित्य में बादल के लिए किया जाता है।


Question 68:

‘प्रेम पत्र’ शिखर रचना के रचनाकार कौन हैं?

  • (A) रघुवीर सहाय
  • (B) अशोक वाजपेयी
  • (C) विनोद कुमार शुक्ल
  • (D) जयशंकर प्रसाद
Correct Answer: (D) जयशंकर प्रसाद
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‘प्रेम पत्र’ शिखर रचना के रचनाकार जयशंकर प्रसाद हैं। वे हिंदी साहित्य के महान कवि और नाटककार थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम और सौंदर्य के गहरे अर्थों को प्रस्तुत किया।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) रघुवीर सहाय: यह गलत है, रघुवीर सहाय ने ‘प्रेम पत्र’ शिखर रचना नहीं लिखी।
- (B) अशोक वाजपेयी: यह गलत है, अशोक वाजपेयी का इस रचना से कोई संबंध नहीं है।
- (C) विनोद कुमार शुक्ल: यह गलत है, विनोद कुमार शुक्ल का इस रचना से कोई संबंध नहीं है।
- (D) जयशंकर प्रसाद: सही उत्तर है, जयशंकर प्रसाद ‘प्रेम पत्र’ शिखर रचना के रचनाकार हैं। Quick Tip: जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के महान कवि और नाटककार थे, और उनके लेखन में प्रेम और मानवीय संवेदनाओं की गहरी छाप थी।


Question 69:

‘रस्सी का टुकड़ा’ शृंगिक कहानी में मलाड़े क्या काम करता था ?

  • (A) घोड़ों की काठी बनाने का
  • (B) पलंग बनाने का
  • (C) चारपाई बनाने का
  • (D) खिड़की बनाने का
Correct Answer: (A) घोड़ों की काठी बनाने का
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In the story "रस्सी का टुकड़ा," the character of मलाड़ा is described as performing the task of making saddles for horses, a task essential for their use in transportation and other activities in the village.


Step 1: Understand the context of the story.

The story highlights the everyday work of a craftsman in a rural setting, where such skills were necessary for the functioning of the village economy.


Step 2: Analyze the options.

- (A) घोड़ों की काठी बनाने का: This is the correct answer as the character is shown making saddles for horses.

- (B) पलंग बनाने का: This is incorrect as it does not match the context of the work mentioned in the story.

- (C) चारपाई बनाने का: Similarly, this option is incorrect for the same reason.

- (D) खिड़की बनाने का: This is also incorrect as it does not correspond to the work described in the story.


Step 3: Conclusion.

The correct answer is (A), as the character’s role in the story revolves around making saddles for horses.
Quick Tip: In stories, understanding the character's job or role often gives us insight into the cultural and social context of the setting.


Question 70:

‘पेशंगी’ शृंगिक कहानी में कारेण को काम के कितने फ़्रैक मिलते थे ?

  • (A) 4000 प्रतिमाह
  • (B) 5000 प्रतिमाह
  • (C) 3000 प्रतिमाह
  • (D) 2000 प्रतिमाह
Correct Answer: (B) 5000 प्रतिमाह
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In the story "पेशंगी," the character कारेण receives a monthly salary of 5000 as compensation for their work, which reflects their role and responsibilities in the narrative.


Step 1: Review the story's details.

This question references the earnings of the character कारेण, and the amount of 5000 per month is stated as part of the financial compensation in the plot.


Step 2: Analyze the options.

- (A) 4000 प्रतिमाह: This is incorrect, as the salary mentioned in the story is 5000.

- (B) 5000 प्रतिमाह: This is the correct answer. The character is paid 5000 per month.

- (C) 3000 प्रतिमाह: This is incorrect as it does not match the amount stated in the story.

- (D) 2000 प्रतिमाह: Similarly, this is incorrect.


Step 3: Conclusion.

The correct answer is (B), as the character कारेण earns 5000 per month according to the story.
Quick Tip: Pay rates in stories often help reflect the economic background and social status of characters.


Question 71:

दूसरी व्यक्ति को क्या देख रहा था ? 'कलंक की मौत' शैक्षिक पाठ के आधार पर उत्तर दें

  • (A) नाव
  • (B) जादू
  • (C) खेल
  • (D) सर्कस
Correct Answer: (C) खेल
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Step 1: शैक्षिक पाठ ‘कलंक की मौत’ का विश्लेषण

इस शैक्षिक पाठ में एक व्यक्ति को खेल का दृश्य दिखाई दे रहा था, जो अन्य व्यक्ति को कलंकित कर रहा था।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) नाव: गलत। इस शैक्षिक पाठ में नाव से संबंधित कोई दृश्य नहीं है।

- (B) जादू: गलत। जादू का कोई उल्लेख नहीं है।

- (C) खेल: सही। पाठ में व्यक्ति को खेल का दृश्य दिखाई दे रहा था।

- (D) सर्कस: गलत। सर्कस का कोई उल्लेख नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

इसलिए सही उत्तर (C) खेल है।
Quick Tip: ‘कलंक की मौत’ शैक्षिक पाठ में खेल का दृश्य दिखाई देता है, जो एक व्यक्ति की भावनाओं को प्रभावित करता है।


Question 72:

ओमप्रकाश वाल्मिकि को ‘परिवेश सम्मान’ किस वर्ष प्राप्त हुआ ?

  • (A) 1997 ई०
  • (B) 1995 ई०
  • (C) 1994 ई०
  • (D) 1993 ई०
Correct Answer: (B) 1995 ई०
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Step 1: ओमप्रकाश वाल्मिकि का परिचय

ओमप्रकाश वाल्मिकि को 1995 ई० में ‘परिवेश सम्मान’ प्राप्त हुआ था, जो उनकी साहित्यिक कृतियों के लिए उन्हें दिया गया था।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) 1997 ई०: गलत। इस वर्ष ओमप्रकाश वाल्मिकि को यह सम्मान नहीं मिला।

- (B) 1995 ई०: सही। यह वर्ष था जब उन्हें ‘परिवेश सम्मान’ मिला।

- (C) 1994 ई०: गलत। यह वर्ष भी सही नहीं है।

- (D) 1993 ई०: गलत। यह वर्ष भी सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

ओमप्रकाश वाल्मिकि को 1995 ई० में ‘परिवेश सम्मान’ प्राप्त हुआ, इसलिये सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: ओमप्रकाश वाल्मिकि को 1995 में ‘परिवेश सम्मान’ मिला था, जो उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए था।


Question 73:

'अब और नहीं' कविता संकलन किसके द्वारा रचित है ?

  • (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि
  • (B) नामवर सिंह
  • (C) जय0 कृष्णमूर्ति
  • (D) उदय प्रकाश
Correct Answer: (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि
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'अब और नहीं' कविता संकलन ओमप्रकाश वाल्मीकि द्वारा रचित है। यह कविता संकलन हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है। ओमप्रकाश वाल्मीकि ने अपनी कविताओं में समाज में व्याप्त असमानताओं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। उनकी कविताएँ न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे सामाजिक न्याय और समानता की ओर भी संकेत करती हैं।

- ओमप्रकाश वाल्मीकि का योगदान: ओमप्रकाश वाल्मीकि ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी और दलित साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी कविता 'अब और नहीं' ने समाज के निम्न वर्ग की पीड़ा को उजागर किया।
- तिथि की विवेचना:
- (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि: यह सही उत्तर है क्योंकि उन्होंने ही 'अब और नहीं' कविता संकलन लिखा था।
- (B) नामवर सिंह: यह गलत है, नामवर सिंह हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध आलोचक हैं, लेकिन उन्होंने इस कविता संकलन को नहीं लिखा।
- (C) जय0 कृष्णमूर्ति: यह भी गलत है, क्योंकि इस संकलन का लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि ही हैं।
- (D) उदय प्रकाश: यह भी गलत है, उदय प्रकाश का योगदान अलग है, लेकिन उन्होंने इस कविता संकलन को नहीं लिखा।

इस प्रकार, सही उत्तर (A) ओमप्रकाश वाल्मीकि है। Quick Tip: हिंदी साहित्य में ओमप्रकाश वाल्मीकि के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उनकी कविताएँ समाज में बदलाव की जरूरतों को प्रकट करती हैं।


Question 74:

'झूठ' शिर्षक पाठ में एक व्यक्ति की खाल कितने रूप में विकृत थी ?

  • (A) एक रूप में
  • (B) दो रूप में
  • (C) तीन रूप में
  • (D) चार रूप में
Correct Answer: (C) तीन रूप में
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'झूठ' शिर्षक पाठ में, एक व्यक्ति की खाल तीन रूपों में विकृत थी। यह पाठ हिंदी साहित्य का महत्वपूर्ण भाग है और यह पाठ जीवन की सच्चाइयों और बुराइयों को दर्शाता है। इसमें यह बताया गया है कि व्यक्ति किस प्रकार अपनी खाल और रूप को छिपा कर जीवन जीता है।

- पाठ का उद्देश्य: इस पाठ के माध्यम से लेखक ने समाज की कुप्रथाओं और जीवन की सच्चाई को उजागर किया।
- तिथि की विवेचना:
- (A) एक रूप में: यह गलत है, क्योंकि इस पाठ में खाल तीन रूपों में विकृत थी।
- (B) दो रूप में: यह भी गलत है, खाल तीन रूपों में विकृत थी।
- (C) तीन रूप में: यह सही उत्तर है, क्योंकि इस पाठ में खाल तीन रूपों में विकृत थी।
- (D) चार रूप में: यह भी गलत है, खाल तीन रूपों में विकृत थी, चार रूपों में नहीं।

इस प्रकार, सही उत्तर (C) तीन रूप में है। Quick Tip: 'झूठ' शिर्षक पाठ के माध्यम से लेखक ने सामाजिक असमानता और जीवन की विकृतियों को बहुत अच्छे से दर्शाया है।


Question 75:

‘तिरछा’ शैक्षिक पाठ में बैंक के नेपाली चौकीदार का नाम क्या था ?

  • (A) रंजन
  • (B) थापा
  • (C) जगन
  • (D) राजन
Correct Answer: (B) थापा
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Step 1: ‘तिरछा’ में नेपाली चौकीदार का नाम

‘तिरछा’ शैक्षिक पाठ में बैंक के नेपाली चौकीदार का नाम ‘थापा’ था।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) रंजन: गलत। यह नाम सही नहीं है।

- (B) थापा: सही। चौकीदार का नाम थापा था।

- (C) जगन: गलत। यह नाम सही नहीं है।

- (D) राजन: गलत। यह नाम भी सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

‘तिरछा’ पाठ में नेपाली चौकीदार का नाम ‘थापा’ था, इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: ‘तिरछा’ पाठ में चौकीदार का नाम ‘थापा’ था, जो नेपाली मूल का था।


Question 76:

सूरदास किस भाषा के महान कवि थे ?

  • (A) मघही
  • (B) अवधी
  • (C) ब्रजभाषा
  • (D) हिंदी
Correct Answer: (C) ब्रजभाषा
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Step 1: सूरदास और उनकी भाषा

सूरदास ब्रजभाषा के महान कवि थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं में भगवान श्री कृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन किया।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) मघही: गलत। सूरदास मघही भाषा के कवि नहीं थे।

- (B) अवधी: गलत। सूरदास अवधी भाषा के कवि नहीं थे।

- (C) ब्रजभाषा: सही। सूरदास ब्रजभाषा के महान कवि थे।

- (D) हिंदी: गलत। सूरदास हिंदी के कवि नहीं थे।


Step 3: निष्कर्ष

सूरदास ब्रजभाषा के महान कवि थे, इसलिये सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: सूरदास ब्रजभाषा के महान कवि थे और उनकी रचनाएँ आज भी भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।


Question 77:

‘कनियों’ का अर्थ क्या होता है?

  • (A) कंठा
  • (B) हाथ
  • (C) वधू
  • (D) गोद
Correct Answer: (C) वधू
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‘कनियों’ शब्द का अर्थ ‘वधू’ है। यह शब्द विवाह के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) कंठा: यह गलत है, ‘कनियों’ शब्द का अर्थ कंठा नहीं होता।
- (B) हाथ: यह गलत है, ‘कनियों’ का अर्थ हाथ नहीं है।
- (C) वधू: सही उत्तर है, ‘कनियों’ का अर्थ वधू है।
- (D) गोद: यह गलत है, ‘कनियों’ का अर्थ गोद नहीं है। Quick Tip: ‘कनियों’ शब्द का प्रयोग वधू के संदर्भ में किया जाता है।


Question 78:

तुलसीदास की माता का नाम क्या था?

  • (A) हल्सी
  • (B) पर्वती
  • (C) माया
  • (D) विमला
Correct Answer: (D) विमला, (A) हल्सी
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तुलसीदास की माता का नाम ‘हल्सी’ था, और कुछ विद्वानों के अनुसार उनकी माता का नाम ‘विमला’ भी था। दोनों ही नामों का उल्लेख तुलसीदास के जीवन में किया गया है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) हल्सी: सही उत्तर है, तुलसीदास की माता का नाम हल्सी था।
- (B) पर्वती: यह गलत है, तुलसीदास की माता का नाम पर्वती नहीं था।
- (C) माया: यह गलत है, माया नाम की कोई माता तुलसीदास की नहीं थीं।
- (D) विमला: सही उत्तर है, तुलसीदास की माता का नाम विमला भी था। Quick Tip: तुलसीदास की माता का नाम हल्सी और विमला दोनों रूपों में उल्लेखित है।


Question 79:

‘कामायनी’ शॉंकर महाकाव्य का प्रकाशन किस वर्ष किया गया?

  • (A) 1930 ई०
  • (B) 1937 ई०
  • (C) 1936 ई०
  • (D) 1938 ई०
Correct Answer: (C) 1936 ई०
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Step 1: Understand the publication year of ‘कामायनी’.

‘कामायनी’ को हिंदी के महान कवि और लेखक जयशंकर प्रसाद ने 1936 में प्रकाशित किया था। यह महाकाव्य भारतीय साहित्य का एक प्रमुख कार्य है और इसे आधुनिक हिंदी साहित्य में एक मील का पत्थर माना जाता है।


Step 2: Conclusion.

सही उत्तर है (C) 1936 ई०, जब ‘कामायनी’ का प्रकाशन हुआ।
Quick Tip: ‘कामायनी’ को जयशंकर प्रसाद ने एक नायक के मानसिक संघर्ष और आत्मा के मार्ग को समझाने के लिए लिखा, और यह काव्य भारतीय साहित्य में अद्वितीय स्थान रखता है।


Question 80:

जयशंकर प्रसाद किस युग के कवि थे?

  • (A) द्विवेदी युग
  • (B) भारतेंदु युग
  • (C) छायावाद युग
  • (D) छायावाद युग
Correct Answer: (D) छायावाद युग
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Step 1: Identify the literary period of जयशंकर प्रसाद.

जयशंकर प्रसाद छायावाद युग के प्रमुख कवि थे। छायावाद युग, जो 20वीं सदी के प्रारंभिक दशकों में था, में रोमांटिकता, भावनात्मक गहराई, और प्रकृति का वर्णन विशेष था। प्रसाद की कविताएं और काव्य साहित्य में इसी युग की विशेषताएं दिखती हैं।


Step 2: Conclusion.

सही उत्तर है (D) छायावाद युग, क्योंकि जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रमुख कवि थे।
Quick Tip: छायावाद युग की कविता में जीवन के आदर्श, प्रकृति प्रेम, और आत्मा के आंतरिक द्वंद्व का चित्रण महत्वपूर्ण था, जो जयशंकर प्रसाद की रचनाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।


Question 81:

‘तुम खाओ’ - यह किस वाक्य का उदाहरण है ?

  • (A) आशावाक्य
  • (B) संकेतवाक्य
  • (C) विस्मयवाक्य
  • (D) निर्देशवाक्य
Correct Answer: (A) आशावाक्य
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Step 1: वाक्य ‘तुम खाओ’ का विश्लेषण

‘तुम खाओ’ एक आशावाक्य का उदाहरण है, क्योंकि यह आदेश देने का वाक्य है, जो किसी को किसी कार्य को करने के लिए कहता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) आशावाक्य: सही। यह वाक्य किसी से आशा या आदेश व्यक्त करता है।

- (B) संकेतवाक्य: गलत। यह वाक्य संकेत देने के लिए नहीं है।

- (C) विस्मयवाक्य: गलत। यह वाक्य विस्मय नहीं व्यक्त करता।

- (D) निर्देशवाक्य: गलत। यह वाक्य आदेश का ही उदाहरण है, लेकिन इसे आशावाक्य भी कहा जाता है।


Step 3: निष्कर्ष

‘तुम खाओ’ वाक्य आशावाक्य का उदाहरण है, इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: आशावाक्य वह वाक्य होते हैं, जो किसी से कुछ करने की उम्मीद या आशा व्यक्त करते हैं।


Question 82:

निम्नलिखित में सूद्ध वाक्य कौन है ?

  • (A) पशुओं का झुंड चारा और पानी की चाह में घूम रहा था।
  • (B) किसी आदमी को भेज दो।
  • (C) इस बात के कहने में किसी को संकोच न होगा।
  • (D) मैं आपका दर्शन करने आया हूँ।
Correct Answer: (B) किसी आदमी को भेज दो।
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Step 1: सूद्ध वाक्य का विश्लेषण

‘किसी आदमी को भेज दो।’ यह एक सूद्ध वाक्य है, क्योंकि इसमें कोई अशुद्धता नहीं है, और यह एक स्पष्ट आदेश को व्यक्त करता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) पशुओं का झुंड चारा और पानी की चाह में घूम रहा था।: गलत। यह वाक्य अशुद्ध है।

- (B) किसी आदमी को भेज दो।: सही। यह एक सूद्ध वाक्य है, जिसमें कोई अशुद्धता नहीं है।

- (C) इस बात के कहने में किसी को संकोच न होगा।: गलत। यह वाक्य ठीक है, लेकिन ‘संकोच’ शब्द से वाक्य थोड़ी अस्पष्टता पैदा करता है।

- (D) मैं आपका दर्शन करने आया हूँ।: गलत। यह वाक्य भी अशुद्ध है।


Step 3: निष्कर्ष

‘किसी आदमी को भेज दो’ एक सूद्ध वाक्य है, इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: सूद्ध वाक्य वह होते हैं, जिनमें कोई अशुद्धता या अस्पष्टता न हो और जो सीधा-साधा अर्थ व्यक्त करते हों।


Question 83:

‘अमिन’ शब्द का विपरीत क्या होगा?

  • (A) उक्ति
  • (B) अल्प
  • (C) जल
  • (D) मर्त्य
Correct Answer: (C) जल
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‘अमिन’ शब्द का विपरीत ‘जल’ होगा। अमिन का अर्थ ‘पानी’ होता है, और इसके विपरीत जल का प्रयोग होता है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) उक्ति: यह गलत है, ‘अमिन’ का विपरीत उक्ति नहीं है।
- (B) अल्प: यह गलत है, ‘अमिन’ का विपरीत अल्प नहीं है।
- (C) जल: सही उत्तर है, ‘अमिन’ का विपरीत जल होगा।
- (D) मर्त्य: यह गलत है, ‘अमिन’ का विपरीत मर्त्य नहीं है। Quick Tip: ‘अमिन’ और ‘जल’ दोनों ही शब्द पानी से संबंधित हैं, और विपरीत शब्दों के रूप में इसका प्रयोग होता है।


Question 84:

‘घोड़े बेचकर सोना’ मुहावरे का अर्थ क्या होगा?

  • (A) खत्म होना
  • (B) लजीत होना
  • (C) वीरगति पाना
  • (D) बेफिक्र होना
Correct Answer: (D) बेफिक्र होना
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‘घोड़े बेचकर सोना’ मुहावरे का अर्थ ‘बेफिक्र होना’ होता है। यह मुहावरा उस स्थिति को व्यक्त करता है जब कोई व्यक्ति पूरी तरह से निश्चिंत और आराम से होता है, जैसे उसने कोई जिम्मेदारी नहीं ली हो।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) खत्म होना: यह गलत है, क्योंकि ‘घोड़े बेचकर सोना’ का मतलब खत्म होना नहीं होता।
- (B) लजीत होना: यह गलत है, यह मुहावरा लज्जित होने का अर्थ नहीं देता।
- (C) वीरगति पाना: यह गलत है, यह मुहावरा वीरगति पाने से संबंधित नहीं है।
- (D) बेफिक्र होना: सही उत्तर है, क्योंकि ‘घोड़े बेचकर सोना’ का अर्थ बेफिक्र होना है। Quick Tip: ‘घोड़े बेचकर सोना’ मुहावरा किसी व्यक्ति के बेफिक्र और निश्चिंत रहने की स्थिति को व्यक्त करता है।


Question 85:

वाक्य के उस भाग को, जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्बद्ध होकर अर्थ तो देते हैं लेकिन पूरा अर्थ नहीं देते, क्या कहते हैं?

  • (A) पदबंध
  • (B) सर्वनाम
  • (C) समास
  • (D) अव्यय
Correct Answer: (A) पदबंध
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Step 1: Understand the term "पदबंध".

पदबंध वह वाक्य का हिस्सा होता है, जिसमें कई शब्द आपस में जुड़कर एक निश्चित अर्थ तो प्रदान करते हैं, लेकिन संपूर्ण अर्थ की पूर्ति नहीं कर पाते हैं। इसे वाक्य के अतिरिक्त हिस्सों के साथ जोड़ा जाता है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) पदबंध: सही उत्तर, क्योंकि यह शब्दों का ऐसा समूह है जो एक अर्थ देता है, लेकिन पूर्ण वाक्य का रूप नहीं होता।

- (B) सर्वनाम: सर्वनाम वह शब्द होते हैं जो नाम की जगह उपयोग किए जाते हैं।

- (C) समास: जब दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं तो उसे समास कहते हैं।

- (D) अव्यय: अव्यय वह शब्द होते हैं जो किसी रूप में नहीं बदलते और कोई विशेष अर्थ प्रदान करते हैं।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (A) पदबंध है, क्योंकि यह शब्दों का समूह होता है जो अर्थ देता है, लेकिन पूरा अर्थ नहीं प्रदान करता।
Quick Tip: पदबंध का उदाहरण: "भरी जवानी" - यहाँ "भरी" और "जवानी" दोनों मिलकर एक अर्थ बनाते हैं, लेकिन पूरा अर्थ नहीं देते।


Question 86:

‘धार्मिक’ शब्द में प्रत्यय क्या है?

  • (A) एक
  • (B) इक
  • (C) मिक
  • (D) क
Correct Answer: (B) इक
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Step 1: Understand the term "धार्मिक".

"धार्मिक" शब्द में "धर्म" और "इक" प्रत्यय जुड़कर इसका अर्थ बनाते हैं। यहाँ "इक" प्रत्यय से धर्म से संबंधित होने का संकेत मिलता है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) एक: यह प्रत्यय नहीं है, यह संख्या को दर्शाता है।

- (B) इक: यह सही उत्तर है, क्योंकि "धार्मिक" शब्द में "इक" प्रत्यय जोड़ा गया है।

- (C) मिक: यह भी प्रत्यय नहीं है, यह गलत है।

- (D) क: यह भी प्रत्यय नहीं है, यह गलत है।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (B) है, क्योंकि "धार्मिक" शब्द में "इक" प्रत्यय है।
Quick Tip: "इक" प्रत्यय का उपयोग शब्दों में विशेषता या संबद्धता को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, जैसे "धार्मिक"।


Question 87:

‘रंग’ शब्द का विशेषण क्या होगा ?

  • (A) रंगर
  • (B) रंगीत
  • (C) रंगीला
  • (D) रंगु
Correct Answer: (C) रंगीला
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Step 1: ‘रंग’ शब्द का विशेषण

‘रंग’ शब्द का विशेषण ‘रंगीला’ होता है, जो किसी चीज़ के रंग की विशेषता बताता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) रंगर: गलत। यह कोई मान्य विशेषण नहीं है।

- (B) रंगीत: गलत। यह विशेषण नहीं है।

- (C) रंगीला: सही। यह ‘रंग’ शब्द का सही विशेषण है।

- (D) रंगु: गलत। यह विशेषण नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

‘रंग’ शब्द का विशेषण ‘रंगीला’ है, इसलिए सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: ‘रंगीला’ शब्द का उपयोग रंग या रूप की सुंदरता बताने के लिए किया जाता है।


Question 88:

‘दुराचार’ शब्द में उपसर्ग क्या है ?

  • (A) दु
  • (B) दूर
  • (C) दु
  • (D) दर
Correct Answer: (D) दर
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Step 1: ‘दुराचार’ शब्द का उपसर्ग

‘दुराचार’ शब्द में ‘दुर’ उपसर्ग है, जो बुरा या गलत अर्थ में प्रयोग होता है।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) दु: सही उपसर्ग है, जो ‘दुराचार’ शब्द में उपयोग होता है।

- (B) दूर: गलत। यह उपसर्ग ‘दुराचार’ में नहीं होता।

- (C) दु: सही उपसर्ग है, जो ‘दुराचार’ शब्द में उपयोग होता है।

- (D) दर: गलत। ‘दर’ उपसर्ग नहीं होता।


Step 3: निष्कर्ष

‘दुराचार’ शब्द में उपसर्ग ‘दुर’ है, इसलिए सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: ‘दुर’ उपसर्ग का अर्थ होता है ‘बुरा’ या ‘गलत’। इसका प्रयोग नकारात्मक अर्थ व्यक्त करने के लिए किया जाता है।


Question 89:

‘बड़े रामायण’ शृंगक रचना किसकी है?

  • (A) सूरदास की
  • (B) तुलसीदास की
  • (C) नामदास की
  • (D) भुषण की
Correct Answer: (B) तुलसीदास की
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‘बड़े रामायण’ शृंगक रचना तुलसीदास की है। तुलसीदास जी ने ‘रामायण’ की रचनाओं में शृंगकता का सुंदर चित्रण किया है।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) सूरदास की: यह गलत है, ‘बड़े रामायण’ सूरदास जी की रचना नहीं है।
- (B) तुलसीदास की: सही उत्तर है, ‘बड़े रामायण’ तुलसीदास जी की रचना है।
- (C) नामदास की: यह गलत है, नामदास जी ने ‘बड़े रामायण’ नहीं लिखा।
- (D) भुषण की: यह गलत है, भुषण जी की रचनाओं से यह संबंधित नहीं है। Quick Tip: ‘बड़े रामायण’ तुलसीदास जी की महान रचनाओं में से एक है, जिसमें राम के जीवन का सजीव चित्रण किया गया है।


Question 90:

कवि नामदास का स्थाई निवास कहाँ था?

  • (A) काशी
  • (B) मथुरा
  • (C) दंतवंत
  • (D) प्रयाग
Correct Answer: (C) दंतवंत, (B) मथुरा
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कवि नामदास का स्थाई निवास दंतवंत और मथुरा दोनों जगह था। यह दोनों स्थान उनके जीवन में महत्वपूर्ण रहे हैं।
विकल्पों की व्याख्या इस प्रकार की जाती है:
- (A) काशी: यह गलत है, कवि नामदास का निवास काशी में नहीं था।
- (B) मथुरा: सही है, कवि नामदास का निवास मथुरा में था।
- (C) दंतवंत: सही है, कवि नामदास का निवास दंतवंत में था।
- (D) प्रयाग: यह गलत है, प्रयाग उनका स्थाई निवास नहीं था। Quick Tip: कवि नामदास का निवास मथुरा और दंतवंत दोनों जगहों पर था, जहां उन्होंने अपनी रचनाएँ कीं।


Question 91:

'विशाख' शीर्षक नाटक रचित है

  • (A) अशोक वाजपेयी द्वारा
  • (B) रघवीर सहाय द्वारा
  • (C) ज्ञानेंद्रपति द्वारा
  • (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा
Correct Answer: (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा
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Step 1: Understand the work 'विशाख'.

'विशाख' जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध नाटक है। यह नाटक भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और जयशंकर प्रसाद की अद्वितीय लेखन शैली को प्रदर्शित करता है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) अशोक वाजपेयी द्वारा: यह गलत है, क्योंकि 'विशाख' नाटक जयशंकर प्रसाद ने लिखा है।

- (B) रघवीर सहाय द्वारा: यह भी गलत है, क्योंकि यह नाटक रघवीर सहाय द्वारा नहीं लिखा गया।

- (C) ज्ञानेंद्रपति द्वारा: यह भी गलत है।

- (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा: सही उत्तर है, क्योंकि यह नाटक जयशंकर प्रसाद ने लिखा है।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (D) है, क्योंकि 'विशाख' नाटक जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखा गया है।
Quick Tip: 'विशाख' नाटक के माध्यम से जयशंकर प्रसाद ने सामाजिक और मानसिक संघर्षों को प्रस्तुत किया है।


Question 92:

'सभा का खेल' शीर्षक रचना किसकी है?

  • (A) सुभद्र कुमार चौहान की
  • (B) विनोद कुमार शुक्ल की
  • (C) गजानन माधव मुक्तिबोध की
  • (D) अशोक वाजपेयी की
Correct Answer: (A) सुभद्र कुमार चौहान की
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Step 1: Understand the work 'सभा का खेल'.

'सभा का खेल' सुभद्र कुमार चौहान द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण नाटक है। यह नाटक राजनीति और समाज में हो रहे शोषण की गहरी आलोचना करता है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) सुभद्र कुमार चौहान की: सही उत्तर है, क्योंकि 'सभा का खेल' नाटक सुभद्र कुमार चौहान द्वारा लिखा गया है।

- (B) विनोद कुमार शुक्ल की: यह गलत है, क्योंकि यह नाटक विनोद कुमार शुक्ल ने नहीं लिखा।

- (C) गजानन माधव मुक्तिबोध की: यह गलत है, क्योंकि यह नाटक मुक्तिबोध द्वारा नहीं लिखा गया।

- (D) अशोक वाजपेयी की: यह भी गलत है, क्योंकि अशोक वाजपेयी ने यह नाटक नहीं लिखा।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (A) है, क्योंकि 'सभा का खेल' नाटक सुभद्र कुमार चौहान द्वारा रचित है।
Quick Tip: 'सभा का खेल' नाटक में समाज की विसंगतियों और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर गहरी टिप्पणी की गई है।


Question 93:

‘कवियों के कवि’ किसे कहा गया है ?

  • (A) शमशेर बहादुर सिंह को
  • (B) नाभादास को
  • (C) जयरामद्रति को
  • (D) सुखवीर सहाय को
Correct Answer: (A) शमशेर बहादुर सिंह को
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Step 1: ‘कवियों के कवि’ का विश्लेषण

‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह को कहा गया है। वे भारतीय कविता के महान कवि थे और उनकी रचनाएँ समृद्ध साहित्यिक परंपरा का हिस्सा मानी जाती हैं।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) शमशेर बहादुर सिंह को: सही। शमशेर बहादुर सिंह को ‘कवियों के कवि’ कहा गया है।

- (B) नाभादास को: गलत। नाभादास को ‘कवियों के कवि’ नहीं कहा गया।

- (C) जयरामद्रति को: गलत। वे प्रसिद्ध कवि थे, परंतु ‘कवियों के कवि’ नहीं थे।

- (D) सुखवीर सहाय को: गलत। यह नाम ‘कवियों के कवि’ के संदर्भ में नहीं आता।


Step 3: निष्कर्ष

‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह को कहा गया है, इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: ‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह को कहा गया, जो अपने गहरे और शाश्वत काव्य प्रभाव के लिए प्रसिद्ध थे।


Question 94:

गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म किस वर्ष हुआ था ?

  • (A) 1917 ई० में
  • (B) 1921 ई० में
  • (C) 1915 ई० में
  • (D) 1916 ई० में
Correct Answer: (A) 1917 ई० में
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Step 1: गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म

गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 1917 ई० में हुआ था। वे एक प्रसिद्ध भारतीय कवि, लेखक और आलोचक थे।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) 1917 ई० में: सही। गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 1917 में हुआ।

- (B) 1921 ई० में: गलत। यह वर्ष सही नहीं है।

- (C) 1915 ई० में: गलत। यह वर्ष भी सही नहीं है।

- (D) 1916 ई० में: गलत। यह वर्ष सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 1917 ई० में हुआ था, इसलिये सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: गजानन माधव मुक्तिबोध को भारतीय साहित्य में उनके योगदान के लिए प्रमुख स्थान प्राप्त है।


Question 95:

'वे और नहीं होंगे जो मारे जाएँगे' शीर्षक निबंध किसकी रचना है?

  • (A) मुक्तिबोध
  • (B) भूषण
  • (C) रघवीर सहाय
  • (D) जयशंकर प्रसाद
Correct Answer: (C) रघवीर सहाय
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Step 1: Understand the work 'वे और नहीं होंगे जो मारे जाएँगे'.

यह निबंध रघवीर सहाय द्वारा रचित है। यह निबंध समाज और मनुष्यता के प्रति उनके विचारों को प्रदर्शित करता है और शोषण के खिलाफ उनका दृष्टिकोण व्यक्त करता है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) मुक्तिबोध: मुक्तिबोध प्रसिद्ध साहित्यकार हैं, लेकिन यह निबंध उनके द्वारा नहीं लिखा गया।

- (B) भूषण: यह भी गलत है, क्योंकि यह निबंध भूषण द्वारा नहीं लिखा गया।

- (C) रघवीर सहाय: सही उत्तर है, क्योंकि 'वे और नहीं होंगे जो मारे जाएँगे' निबंध रघवीर सहाय द्वारा रचित है।

- (D) जयशंकर प्रसाद: यह भी गलत है, क्योंकि जयशंकर प्रसाद का साहित्य रचनात्मक और नाटकीय रहा है, पर इस निबंध के लेखक नहीं हैं।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (C) है, क्योंकि यह निबंध रघवीर सहाय द्वारा रचित है।
Quick Tip: रघवीर सहाय का लेखन समाज के प्रति उनकी गहरी चिंता को दर्शाता है और उनके निबंधों में बुराई और अन्याय के खिलाफ संघर्ष दिखता है।


Question 96:

'अधिनायक' शीर्षक कविता में 'हस्तरना' कौन है?

  • (A) सैनिक
  • (B) गरीब लड़का
  • (C) शिक्षक
  • (D) चौकीदार
Correct Answer: (B) गरीब लड़का
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Step 1: Understand the term 'अधिनायक' in the context of the poem.

'अधिनायक' शीर्षक कविता में 'हस्तरना' गरीब लड़के को दर्शाता है, जो समाज में उत्पीड़न और शोषण का शिकार होता है। यह कविता शोषित और दबे-कुचले वर्ग की आवाज़ है।


Step 2: Analyze the options.

- (A) सैनिक: सैनिक का उल्लेख नहीं किया गया है।

- (B) गरीब लड़का: सही उत्तर है, क्योंकि कविता में 'हस्तरना' गरीब लड़के के संदर्भ में है, जो अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष करता है।

- (C) शिक्षक: शिक्षक का यहाँ कोई संदर्भ नहीं है।

- (D) चौकीदार: यह भी गलत है, क्योंकि कविता में चौकीदार को संदर्भित नहीं किया गया है।


Step 3: Conclusion.

सही उत्तर (B) है, क्योंकि कविता में 'हस्तरना' गरीब लड़के के रूप में दर्शाया गया है।
Quick Tip: 'अधिनायक' कविता में शोषित वर्ग की आवाज़ को प्रस्तुत किया गया है, जो समाज के अन्याय और असमानता के खिलाफ खड़ा होता है।


Question 97:

निम्नलिखित में कौन कवि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे थे ?

  • (A) विनोद कुमार शुक्ल
  • (B) सुखवीर सहाय
  • (C) अशोक बाजपेयी
  • (D) ज्ञानेंद्रपति
Correct Answer: (A) विनोद कुमार शुक्ल
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Step 1: विनोद कुमार शुक्ल का परिचय

विनोद कुमार शुक्ल भारतीय साहित्य के प्रमुख कवि हैं और उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) विनोद कुमार शुक्ल: सही। वे इस विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे थे।

- (B) सुखवीर सहाय: गलत। वे इस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर नहीं थे।

- (C) अशोक बाजपेयी: गलत। यह नाम भी इस संदर्भ में सही नहीं है।

- (D) ज्ञानेंद्रपति: गलत। यह नाम भी सही नहीं है।


Step 3: निष्कर्ष

विनोद कुमार शुक्ल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे थे, इसलिए सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: विनोद कुमार शुक्ल का साहित्यिक योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया।


Question 98:

कवि भुषण को ‘भुषण’ की उपाधि किस राजा के द्वारा दी गई थी ?

  • (A) राजा शिव सिंह द्वारा
  • (B) राजा रुद्रसाह के द्वारा
  • (C) राजा विक्रमादित्य द्वारा
  • (D) राजा राम सिंह द्वारा
Correct Answer: (B) राजा रुद्रसाह के द्वारा
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Step 1: कवि भुषण और उनकी उपाधि

कवि भुषण को ‘भुषण’ की उपाधि राजा रुद्रसाह द्वारा दी गई थी। वे अपने समय के महान कवि थे।

Step 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण

- (A) राजा शिव सिंह द्वारा: गलत। यह उपाधि राजा शिव सिंह ने नहीं दी।

- (B) राजा रुद्रसाह के द्वारा: सही। यह उपाधि राजा रुद्रसाह ने दी थी।

- (C) राजा विक्रमादित्य द्वारा: गलत। यह उपाधि राजा विक्रमादित्य ने नहीं दी।

- (D) राजा राम सिंह द्वारा: गलत। यह उपाधि राजा राम सिंह ने नहीं दी।


Step 3: निष्कर्ष

कवि भुषण को ‘भुषण’ की उपाधि राजा रुद्रसाह के द्वारा दी गई थी, इसलिए सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: कवि भुषण को ‘भुषण’ उपाधि राजा रुद्रसाह द्वारा दी गई थी, जो उनके साहित्यिक योगदान के लिए थी।


Question 99:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :



(i) जनसंख्या वृद्धि की समस्या

Correct Answer:
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जनसंख्या वृद्धि एक ऐसी समस्या है, जो पूरे विश्व के सामने गंभीर चुनौती बन चुकी है। हमारे देश की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जो संसाधनों पर दबाव डाल रही है और विकास को प्रभावित कर रही है। अधिक जनसंख्या के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, जैसे- बेरोज़गारी, गरीबी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, शिक्षा की कमी, आदि।

जनसंख्या वृद्धि के कारण:

1. ऊंची जन्म दर – अधिक जन्म दर के कारण जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। यह मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में अधिक देखने को मिलता है।

2. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार – स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने के कारण मृत्यु दर में कमी आई है, जिससे जनसंख्या में वृद्धि हुई है।

3. अशिक्षा – शिक्षित समाज जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगा सकता है, लेकिन अशिक्षा के कारण यह समस्या और बढ़ती है।


समाधान:

1. शिक्षा का प्रसार – समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ाकर हम जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित कर सकते हैं।

2. स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार – जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ जोड़कर हम इस समस्या को कम कर सकते हैं।

3. सामाजिक जागरूकता – जनसंख्या वृद्धि के बारे में लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।


निष्कर्ष:
जनसंख्या वृद्धि की समस्या को नियंत्रित करने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा। केवल शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही इस समस्या को हल किया जा सकता है। Quick Tip: जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए समाज में शिक्षा और जागरूकता का प्रसार अत्यंत आवश्यक है।


Question 100:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :



(ii) पर्यावरण

Correct Answer:
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पर्यावरण हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह प्राकृतिक संसाधनों से मिलकर बना है, जैसे जल, वायु, मृदा और वन। इन सभी संसाधनों के संतुलित प्रयोग से हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। लेकिन आजकल बढ़ते हुए प्रदूषण, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और जलवायु परिवर्तन ने पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर दिया है।

पर्यावरण संकट के कारण:

1. प्रदूषण – वायू, जल और मृदा प्रदूषण हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

2. वृक्षों की अंधाधुंध कटाई – अधिक से अधिक जंगलों की कटाई के कारण पर्यावरण में असंतुलन पैदा हो रहा है।

3. जलवायु परिवर्तन – जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र में परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ रही हैं।


समाधान:

1. प्रदूषण नियंत्रण – प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता और कड़े कानूनों की आवश्यकता है।

2. वृक्षारोपण – वृक्षों की अंधाधुंध कटाई को रोककर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए।

3. सतत विकास – हम प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग कर पर्यावरण को बचा सकते हैं।


निष्कर्ष:
पर्यावरण हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इसका लाभ उठा सकें। Quick Tip: पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और वृक्षारोपण जैसे कदम उठाने चाहिए।


Question 101:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :

(iii) समय का महत्व

Correct Answer:
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समय जीवन का सबसे मूल्यवान संसाधन है। यह न तो वापस आता है और न ही इसे किसी के पास रखा जा सकता है। समय का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। हर व्यक्ति को समय का सदुपयोग करना चाहिए ताकि वह अपने जीवन में संतुलन और सफलता प्राप्त कर सके।

समय के महत्व के कारण:

1. सफलता की कुंजी – समय का सही प्रबंधन ही व्यक्ति को अपने लक्ष्यों तक पहुँचाने में मदद करता है।

2. जीवन में संतुलन – समय का सही प्रयोग करने से जीवन में कार्य और विश्राम के बीच संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

3. समय की सीमा – एक बार समय बीतने के बाद उसे वापस नहीं लाया जा सकता है, इसलिए इसका सही उपयोग बहुत जरूरी है।


समाधान:

1. समय का प्रबंधन – समय को प्राथमिकता के आधार पर विभाजित करके उपयोग करना चाहिए।

2. नियंत्रण और ध्यान – समय का सही उपयोग करने के लिए ध्यान केंद्रित करना और हर कार्य को सही समय पर करना चाहिए।

3. लक्ष्य निर्धारण – स्पष्ट लक्ष्यों के साथ काम करना चाहिए ताकि समय का उपयोग उचित तरीके से हो सके।


निष्कर्ष:
समय का सही उपयोग ही जीवन में सफलता और संतुलन ला सकता है। इसे व्यर्थ न गवाएँ, बल्कि इसका सदुपयोग करें। Quick Tip: समय का सदुपयोग करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें और समय का प्रबंधन करें।


Question 102:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :



(iv) स्वतंत्रता दिवस

Correct Answer:
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स्वतंत्रता दिवस हमारे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता प्राप्ति की याद में मनाया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के संघर्ष में लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया। यह दिन देशवासियों को स्वतंत्रता की क़ीमत और एकता के महत्व का एहसास कराता है।

स्वतंत्रता दिवस के महत्व के कारण:

1. समाज में एकता और अखंडता – स्वतंत्रता दिवस हमें देश की एकता और अखंडता का एहसास कराता है।

2. लोकतंत्र का उत्सव – यह दिन लोकतंत्र की शक्ति और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करता है।

3. स्वतंत्रता संग्राम की याद – स्वतंत्रता दिवस हमें उन संघर्षों और बलिदानों की याद दिलाता है, जिनसे हम स्वतंत्र हुए।


समाधान:

1. राष्ट्र के प्रति सम्मान – इस दिन हमें अपने राष्ट्र के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करना चाहिए।

2. नागरिकों के कर्तव्यों का पालन – स्वतंत्रता का सही उपयोग तभी संभव है जब हम अपने कर्तव्यों का पालन करें।

3. देश की उन्नति में योगदान – स्वतंत्रता दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम देश की उन्नति में सक्रिय रूप से भाग लें।


निष्कर्ष:
स्वतंत्रता दिवस हमें यह सिखाता है कि स्वतंत्रता की रक्षा केवल अधिकारों का उपयोग करने से नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने से होती है। Quick Tip: स्वतंत्रता दिवस का महत्व केवल उत्सव में नहीं, बल्कि इसे एक जिम्मेदार नागरिक बनने के रूप में मनाने में है।


Question 103:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :



(v) खेल का महत्व

Correct Answer:
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खेल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हमें शारीरिक रूप से फिट रखते हैं और मानसिक तनाव से राहत दिलाते हैं। खेल से व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास बढ़ता है।

खेल के महत्व के कारण:

1. शारीरिक विकास – खेल शरीर को मजबूत बनाते हैं और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाते हैं।

2. मानसिक विकास – खेल मानसिक संतुलन बनाए रखते हैं और समस्याओं से निपटने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

3. समाज में एकता – खेल हमें दूसरों के साथ मिलकर काम करने की भावना सिखाते हैं।


समाधान:

1. खेलों का बढ़ावा – हमें खेलों को प्रोत्साहित करना चाहिए और अधिक से अधिक युवा पीढ़ी को इसमें शामिल करना चाहिए।

2. शारीरिक शिक्षा – स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि हर बच्चा खेलों से लाभान्वित हो सके।


निष्कर्ष:
खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। यह न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं। Quick Tip: खेलों में भाग लेने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि यह मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है।


Question 104:

निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखें :



(vi) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

Correct Answer:
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए चलाया गया है। यह अभियान समाज में लिंग भेदभाव को समाप्त करने और बेटियों को समान अधिकार देने का एक प्रयास है।

अभियान के महत्व के कारण:

1. लिंग समानता – यह अभियान लिंग समानता के लिए जागरूकता फैलाता है और बेटियों के प्रति भेदभाव को खत्म करता है।

2. शिक्षा का अधिकार – यह अभियान बेटियों को शिक्षा का अधिकार देने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के अवसर प्रदान करता है।

3. समाज में बदलाव – समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने और उन्हें सम्मान देने के लिए यह अभियान एक मजबूत कदम है।


समाधान:

1. जागरूकता अभियान – समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए।

2. सरकारी सहायता – सरकार को इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


निष्कर्ष:
यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें इसे पूरी तरह से समर्थन देना चाहिए ताकि हम अपने समाज को लिंग समानता की दिशा में आगे बढ़ा सकें। Quick Tip: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर काम करना चाहिए।


Question 105:

निम्नलिखित अवतरण की संप्रसंग व्याख्या करें :



‘यह भी हमारी तरह गरीब आदमी है।’

Correct Answer:
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यह वाक्य समाज के उस वर्ग की ओर इशारा करता है, जो गरीबी, भूख और अभाव से जूझ रहा है। यह बात उस व्यक्ति की स्थिति का वर्णन करती है, जिसे समाज में एक सामान्य नागरिक माना जाता है। गरीबों का जीवन कष्टमय होता है, और उन्हें समान अवसर नहीं मिलते हैं। लेखक ने इस वाक्य के माध्यम से यह दर्शाया है कि गरीब होना एक सामाजिक समस्या है, जो हर वर्ग को प्रभावित करती है।

वाक्य का अर्थ:

यह वाक्य उस असमानता और संघर्ष को प्रदर्शित करता है, जिससे गरीब वर्ग गुजरता है। लेखक इस वाक्य के द्वारा यह संदेश देना चाहते हैं कि गरीबी केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक समस्या है, जिसे समाज को समझना चाहिए। Quick Tip: गरीबी के प्रभाव को समझना और उसे समाप्त करने के उपायों पर विचार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।


Question 106:

‘कितने क्रूर समाज में रह रहे हैं हम, जहाँ श्रम का कोई मोल ही नहीं बल्कि निर्भरता को बकरार रखने का बढ़ावा ही था यह सब।’

Correct Answer:
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यह वाक्य समाज के क्रूर और असमानतापूर्ण पक्ष को उजागर करता है। यहाँ श्रम को कोई मान्यता नहीं दी जाती, और वह व्यक्ति जो मेहनत करता है, उसे सम्मान नहीं मिलता। इसके बजाय समाज में निर्भरता को बढ़ावा दिया जाता है, जहाँ श्रमिकों और गरीबों के लिए कोई उचित मोल या स्थान नहीं है। लेखक ने इस वाक्य के द्वारा समाज की उस असमानता और उत्पीड़न की ओर इशारा किया है, जो गरीबों और श्रमिकों को भुगतनी पड़ती है।

वाक्य का अर्थ:

यह वाक्य यह बताता है कि समाज में श्रमिकों का शोषण हो रहा है और उनके श्रम को सस्ते में खरीदा जा रहा है। इसके साथ ही, यह यह भी दिखाता है कि समाज ने निर्भरता और पंगुता को बढ़ावा दिया है, बजाय कि श्रमिकों के हक और सम्मान को बढ़ाने के। Quick Tip: समाज में श्रमिकों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके श्रम का उचित मूल्य देना अत्यंत आवश्यक है।


Question 107:

निम्नलिखित अवतरण की संप्रसंग व्याख्या करें :



‘बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो।’

Correct Answer:
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यह वाक्य किसी व्यक्ति की स्थिति का वर्णन करता है, जो बदतर और अंधकारमय अवस्था में होता है। काली सिल से लाल केसर में परिवर्तन इस बात को दर्शाता है कि किसी चीज का रूप एकदम से बदल जाता है। यहाँ पर इसका अर्थ यह निकलता है कि जब व्यक्ति किसी कठिन परिस्थिति से गुजरता है, तो उसके व्यक्तित्व और रूप में भी बदलाव आता है। यह वाक्य किसी बदलाव की प्रतीक के रूप में काम करता है, जो किसी कठिन स्थिति से बाहर निकलने के बाद आता है।

वाक्य का अर्थ:

यह वाक्य दिखाता है कि कभी-कभी बाहरी दुनिया में कोई बदलाव आ सकता है, जो किसी के मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक रूप में बदलाव का कारण बनता है। Quick Tip: कभी-कभी किसी मुश्किल समय के बाद व्यक्ति में बदलाव आता है, जो उसे और मजबूत और बेहतर बनाता है।


Question 108:

निम्नलिखित अवतरण की संप्रसंग व्याख्या करें :

‘पूर्व पष्चिम से आते हैं, नग्न-बूढ़े नर्ककाल सिंहासन पर बैठा, उनके तमगे कौन लगाता है।’

Correct Answer:
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यह वाक्य समाज के शोषण और असमानता की ओर इशारा करता है। यहाँ पर वृद्ध, नंगें और विकलांग लोगों का चित्रण किया गया है, जो समाज की सत्ता और नियंत्रण की कमजोरियों को उजागर करता है। यह वाक्य यह दिखाता है कि नर्ककाल (अर्थात असहनीय स्थिति) में बैठे लोग वे नहीं होते जो सच्चे रूप में प्रभावी होते हैं, बल्कि जिनकी कोई पहचान नहीं होती, जो समाज में सम्मानित नहीं होते। वाक्य से यह भी पता चलता है कि शक्ति और सम्मान प्राप्त करने के लिए सच्चाई और मेहनत का कोई महत्व नहीं रह जाता है।

वाक्य का अर्थ:

यह वाक्य सत्ता के दुरुपयोग और समाज की असमानताओं को दर्शाता है, जिसमें लोग अपने संघर्ष और कार्य के बिना केवल सत्ता के आधार पर जीवन जीते हैं। Quick Tip: समाज में सत्ता का सही उपयोग होना चाहिए, और किसी की मेहनत और संघर्ष का मूल्य दिया जाना चाहिए।


Question 109:

अपने प्रधानाचार्य के पास एक आवेदन पत्र लिखें, जिसमें विद्यालय के पुस्तकालय के लिए हिंदी व्याकरण की पुस्तक मांगने का अनुरोध किया गया हो।

Correct Answer:
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प्राचार्य,

विद्यालय का नाम,

स्थान


दिनांक: \underline{\hspace{2cm


विषय: हिंदी व्याकरण की पुस्तक मांगने के संबंध में।


महोब्बत,


सादर निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का एक छात्र \underline{\hspace{2cm (कक्षा और विषय) हूँ। हमारी कक्षा में हिंदी व्याकरण की पुस्तक का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में कठिनाई हो रही है। इस संबंध में आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया हमारे विद्यालय पुस्तकालय में हिंदी व्याकरण की पुस्तक उपलब्ध कराने की कृपा करें।

आशा है कि आप शीघ्र ही इस आवेदन पर विचार करेंगे और हमें आवश्यक पुस्तक प्रदान करेंगे।

धन्यवाद।


आपका आभारी,

नाम
Quick Tip: आवेदन पत्र लिखते समय विनम्र और स्पष्ट भाषा का उपयोग करें।


Question 110:

अपने बड़ी बहन के विवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने मित्र के पास एक पत्र लिखें।

Correct Answer:
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प्रिय मित्र,


सादर नमस्कार,


मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरी बड़ी बहन का विवाह तय हो गया है और विवाह का कार्यक्रम \underline{\hspace{2cm (तारीख) को आयोजित किया जा रहा है। मुझे आशा है कि आप मेरे साथ इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे और हमारे साथ मिलकर खुशी मनाएंगे।

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आपकी उपस्थिति हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी। कृपया आप इस विवाह में शामिल होने के लिए अपनी स्वीकृति दें।

आशा है कि आप जल्दी ही अपने आने की पुष्टि करेंगे।

सादर,

आपका मित्र,

नाम
Quick Tip: विवाहिक कार्यक्रम के लिए आमंत्रण पत्र में भावनात्मक और मित्रवत भाषा का प्रयोग करें।


Question 111:

‘आर्ट ऑफ कन्वर्सेशन’ क्या है ?

Correct Answer:
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‘आर्ट ऑफ कन्वर्सेशन’ अर्थात बातचीत की कला एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक लोग विचार, भावनाएँ, और जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं। यह केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर की भाषा और आवाज़ के उच्चारण का भी महत्वपूर्ण स्थान है। यह कला व्यक्ति को सामाजिक, व्यावसायिक, और व्यक्तिगत जीवन में प्रभावी ढंग से संवाद करने में सक्षम बनाती है।

वह बातें जो एक अच्छा वार्ताकार करता है:

1. सुनना – एक अच्छा संवादक को सुनने की कला पर कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

2. स्पष्टता – संवाद में स्पष्टता होनी चाहिए ताकि दोनों पक्ष अच्छे से समझ सकें।

3. समय का ध्यान रखना – बातचीत में समय का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
Quick Tip: एक अच्छा संवादक वह है जो न केवल सुनता है, बल्कि समझता भी है और फिर प्रतिक्रिया देता है।


Question 112:

दिनकर जी का निधन कहाँ और किन परिस्थितियों में हुआ था ?

Correct Answer:
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दिनकर जी का निधन 24 अप्रैल 1974 को दिल्ली में हुआ। वे शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था, और उन्होंने भारतीय साहित्य, राजनीति, और समाज के प्रति अपनी जबर्दस्त प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। Quick Tip: दिनकर जी का योगदान भारतीय साहित्य और समाज के लिए अतुलनीय है, जो हमें हर समय प्रेरित करता है।


Question 113:

नारी की पराधीनता कब से आरंभ हुई ?

Correct Answer:
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नारी की पराधीनता का आरंभ प्राचीन भारतीय समाज में हुआ था, जब नारी को पुरुषों के अधीन माना जाने लगा। संस्कृत में नारी का स्थान पुरुष से नीचा माना गया, और उसे कई अधिकारों से वंचित किया गया। धीरे-धीरे यह परंपरा विकसित हो गई और नारी को समाज में एक निरर्थक प्राणी के रूप में देखा जाने लगा। हालांकि, आज भी इस पराधीनता के खिलाफ कई आंदोलन और संघर्ष जारी हैं। Quick Tip: नारी की स्वतंत्रता और समानता के लिए हमें समाज में व्याप्त पूर्वाग्रहों को तोड़ने की आवश्यकता है।


Question 114:

विद्यार्थियों को राजनीति में भाग क्यों लेना चाहिए? ‘एक लेख और एक पत्र’ शिंक्षक पाठ के आधार पर लिखें।

Correct Answer:
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लेख:


विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेना चाहिए क्योंकि यह उन्हें समाज की समस्याओं को समझने और उनमें सुधार करने का अवसर प्रदान करता है। यह उन्हें नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करता है। विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेने से अपने देश के प्रति दायित्व और कर्तव्यों का अहसास होता है।

पत्र:


प्रिय मित्र,


सादर नमस्कार,


जैसा कि तुम जानते हो, मैं राजनीति में भाग लेने के पक्ष में हूँ। मेरा मानना है कि विद्यार्थियों को राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए क्योंकि यह हमें सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने और उनके समाधान में भाग लेने का मौका देता है। इससे हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों का एहसास होता है और हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

आशा है कि तुम इस पर विचार करोगे।


आपका मित्र,

नाम
Quick Tip: राजनीति में भाग लेने से न केवल समाज के बारे में हमारी समझ बढ़ती है, बल्कि यह हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों को सही तरीके से निभाने की प्रेरणा देता है।


Question 115:

‘धाँध’ शब्द का क्या अर्थ है ?

Correct Answer:
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‘धाँध’ शब्द का अर्थ होता है तेज़ आवाज़ या शोर, जो अचानक और बहुत तेज़ तरीके से होता है। यह शब्द अक्सर किसी अप्रत्याशित घटनाओं के दौरान उत्पन्न होने वाले शोर के संदर्भ में उपयोग किया जाता है। यह शब्द आमतौर पर विस्फोटों, दुर्घटनाओं या अप्रत्याशित घटनाओं में सुने गए शोर के लिए प्रयोग होता है। Quick Tip: ‘धाँध’ शब्द शोर और तेज़ आवाज़ को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।


Question 116:

चाँदी किसके लिए तृष्णा है? प्रगीत कविता के आधार पर उत्तर दें।

Correct Answer:
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प्रगीत कविता में चाँदी का अर्थ आमतौर पर धन और भौतिक सुख के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। कवि ने चाँदी के प्रति तृष्णा का वर्णन किया है, जिससे यह प्रदर्शित होता है कि व्यक्ति भौतिक वस्तुओं के पीछे भागता है, लेकिन इससे आत्मिक संतुष्टि नहीं मिलती। कवि का मानना है कि चाँदी और धन केवल भौतिक सुख देने के बजाय व्यक्ति की मानसिक तृष्णा और बढ़ाते हैं। Quick Tip: प्रगीत कविता का संदेश है कि भौतिक सुखों की प्राप्ति से आत्मिक संतोष की प्राप्ति नहीं होती।


Question 117:

कवि मुक्तिबोध के अनुसार बंधी हुई मुहिंयों का क्या लक्ष्य है ?

Correct Answer:
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कवि मुक्तिबोध ने बंधी हुई मुहिंयों को समाज में बंदिशों और बंधनों का प्रतीक माना है। उनका मानना था कि मनुष्य की असली स्वतंत्रता तभी प्राप्त हो सकती है जब वह मानसिक और सामाजिक बंधनों से मुक्त हो। बंधी हुई मुहिंयाँ मुक्ति की ओर अग्रसर होने के बजाय उसे और अधिक सीमित कर देती हैं। कवि का उद्देश्य यह था कि बंधन को तोड़कर हर व्यक्ति को स्वतंत्रता प्राप्त करनी चाहिए। Quick Tip: मुक्तिबोध के अनुसार, मुक्ति प्राप्ति के लिए बंधनों को तोड़ना आवश्यक है।


Question 118:

हरकतना कौन है ? उसकी क्या पहचान है ?

Correct Answer:
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हरकतना शब्द का प्रयोग आमतौर पर व्यक्ति या समाज की उस विशेषता के लिए किया जाता है, जो किसी कार्य में तेजी, उत्साह और प्रवृत्ति को दर्शाती है। यह शब्द किसी व्यक्ति के क्रियाशील और सक्रिय स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। हरकतना वह व्यक्ति है जो हमेशा सक्रिय रहता है और जो किसी काम को बिना देरी किए करता है। Quick Tip: हरकतना शब्द व्यक्ति के सक्रिय और क्रियाशील स्वभाव को दर्शाता है।


Question 119:

‘उत्सव कौन और क्यों मना रहे हैं ? ‘हार-जीत’ शिबिक कविता के अनुसार लिखें।

Correct Answer:
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‘हार-जीत’ कविता में कवि ने हार और जीत की परिभाषा दी है। कवि के अनुसार, उत्सव उन लोगों द्वारा मनाया जाता है जो अपनी जीत का जश्न मनाते हैं, लेकिन साथ ही वे हार को भी समझते हैं। यहाँ पर यह दिखाया गया है कि जीवन में हार और जीत दोनों का महत्व है, और दोनों को स्वीकार करना ही असली उत्सव है।

वाक्य का अर्थ:

कवि ने हार और जीत के संघर्ष को समझते हुए यह बताया है कि उत्सव तब मनाया जाता है जब व्यक्ति जीवन की सच्चाई को समझता है और दोनों ही परिस्थितियों का स्वागत करता है। Quick Tip: जीवन में जीत और हार दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। इनका सही रूप में स्वागत करना उत्सव का असली रूप है।


Question 120:

पुत्र के लिए माँ क्या-क्या करती है ? ‘पुत्र-वियोग’ शिबिक कविता के आधार पर लिखें।

Correct Answer:
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‘पुत्र-वियोग’ कविता में कवि ने माँ के अथाह प्यार और उसकी संघर्षों को दर्शाया है। माँ अपने पुत्र के लिए सभी कष्टों को सहती है और उसे हर खुशी देने का प्रयास करती है। वह अपने पुत्र की भलाई के लिए अपनी इच्छाओं का बलिदान देती है, और अपने पुत्र की शिक्षा और भविष्य के लिए किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करती है। यह कविता माँ के असीम प्रेम और उसके त्याग को प्रकट करती है।

वाक्य का अर्थ:

कवि ने इस कविता में माँ के प्रेम और समर्पण को उजागर किया है, जो पुत्र के लिए हर संभव कोशिश करती है ताकि वह सुखी और सुरक्षित रहे। Quick Tip: माँ का प्रेम और बलिदान शब्दों से नहीं, बल्कि क्रियाओं से व्यक्त होता है। उसका प्यार हमेशा निःस्वार्थ होता है।


Question 121:

मनुष्य की बातचीत का उत्तम तरीका क्या हो सकता है ? इसके द्वारा वह कैसे अपने लिए सर्वथा नवीन संसार की रचना कर सकता है ?

Correct Answer:
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मनुष्य की बातचीत का उत्तम तरीका होता है खुला संवाद और समझदारी से बातचीत करना। जब मनुष्य बिना किसी भेदभाव के, खुले दिल से संवाद करता है, तब वह ना केवल अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाता है, बल्कि दूसरों के विचारों को भी समझ सकता है। यह बातचीत का तरीका उसे समाज में अपनी भूमिका को समझने और नये दृष्टिकोण से दुनिया को देखने का अवसर देता है। इसके द्वारा मनुष्य अपने लिए एक बेहतर और नवीन संसार की रचना कर सकता है, जिसमें वह समझदारी और सहानुभूति से भरा हुआ होता है। Quick Tip: संवाद में ईमानदारी और समझदारी से किया गया प्रयास ही नई दुनिया की रचना कर सकता है।


Question 122:

‘लहना सिंह का दायित्व बोझ और उसकी बुद्धि दोनों ही स्मृतिपूर्ण हैं।’ इस कथन की पुष्टि करें।

Correct Answer:
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‘लहना सिंह का दायित्व बोझ और उसकी बुद्धि दोनों ही स्मृतिपूर्ण हैं’ इस वाक्य का अर्थ है कि लहना सिंह के ऊपर समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भारी बोझ था, लेकिन उसकी बुद्धि और समझदारी इस बोझ को लेकर उसे सही दिशा में मार्गदर्शन करती थी। लहना सिंह ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ अपने निर्णयों में अपनी बुद्धि और अनुभव का सही प्रयोग किया। इसका तात्पर्य यह है कि जिम्मेदारी और बुद्धि दोनों ही किसी व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, और यह दोनों एक साथ मिलकर ही सफलता की कुंजी होती हैं। Quick Tip: जिम्मेदारी और बुद्धि का संतुलन ही जीवन में सफलता प्राप्त करने का मुख्य मार्ग है।


Question 123:

अर्थनीति की कल्पना कब की गई होगी, और आज इसकी क्या सार्थकता है ?

Correct Answer:
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अर्थनीति की कल्पना प्राचीन काल में ही की गई थी जब मानव समाज ने व्यापार, संपत्ति और संसाधनों के आदान-प्रदान की आवश्यकता को महसूस किया। लेकिन आधुनिक अर्थनीति की अवधारणा 18वीं और 19वीं शताब्दी में विकसित हुई, जब औद्योगिकीकरण और वैश्वीकरण के कारण आर्थिक सिद्धांतों को समझने की आवश्यकता महसूस हुई। आज के समय में अर्थनीति का महत्व इसलिए है कि यह देश की आर्थिक स्थिति, विकास, और संपत्ति वितरण को प्रभावित करती है।

सार्थकता:

आधुनिक अर्थनीति आज हमारे समाज की समृद्धि, रोजगार, और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से हम वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने और संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करने में सक्षम होते हैं। Quick Tip: अर्थनीति समाज के समुचित विकास और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।


Question 124:

गद्य कविता क्या है ? इसकी क्या विशेषताएँ हैं ? ‘हार-जीत’ शिबिक कविता के आधार पर लिखें।

Correct Answer:
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गद्य कविता वह कविता है जो सामान्य बोलचाल की भाषा में लिखी जाती है, न कि किसी विशेष काव्यात्मक ढाँचे या छंद में। यह कविता भावनाओं और विचारों को सरल और सहज रूप से व्यक्त करती है। गद्य कविता में शैली और भाषा का अत्यधिक प्रयोग किया जाता है, लेकिन यह कविता में लय, तुकबंदी और छंद का अभाव होता है।

विशेषताएँ:

1. सरलता – गद्य कविता में शब्दों का प्रयोग सरल और प्रभावी होता है।

2. प्रकृति का चित्रण – गद्य कविता में जीवन और प्रकृति की सरलता को चित्रित किया जाता है।

3. निःशब्द विचार – इसमें विचार और भावनाएँ व्यक्त करने का विशेष ध्यान रखा जाता है।


‘हार-जीत’ कविता में कवि ने सरल भाषा में जीवन की सच्चाई को उजागर किया है, जिसमें हार और जीत दोनों का महत्व बताया गया है। Quick Tip: गद्य कविता में जीवन के सहज और सरल पहलुओं को शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।


Question 125:

‘जन-जन का चेहरा एक’ शिबिक कविता का भावार्थ लिखें।

Correct Answer:
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‘जन-जन का चेहरा एक’ कविता में कवि ने समाज में एकता और समानता की बात की है। कवि ने यह बताया कि प्रत्येक व्यक्ति का चेहरा, उसकी पहचान और उसका उद्देश्य एक जैसा ही है। यह कविता यह संदेश देती है कि सभी मनुष्यों में समान गुण होते हैं, और हमें अपने आपसी भेदभाव और विभाजन को समाप्त करके समाज में एकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। कवि ने यह बताया कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो, उसका चेहरा और उद्देश्य समान हैं। Quick Tip: समाज में एकता और समानता के लिए हमें हर व्यक्ति को समान दृष्टिकोण से देखना चाहिए।


Question 126:

तुलसीदास रचित प्रथम पद का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए।

Correct Answer:
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तुलसीदास के रचित प्रथम पद में भगवान राम के जन्म के विषय में वर्णन किया गया है। इस पद में राम के जन्म को एक महान और शुभ घटना के रूप में दर्शाया गया है, जो संसार में धर्म और सत्य की स्थापना के लिए हुआ था। तुलसीदास जी ने राम के जन्म को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने के रूप में प्रस्तुत किया है।

भावार्थ:

यह पद भगवान राम के जन्म को एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना मानता है। तुलसीदास जी ने राम के जन्म को मनुष्यों के उद्धार और सत्य की पुनर्स्थापना के रूप में व्याख्यायित किया है। Quick Tip: राम के जन्म का महत्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक भी है, जो समाज में न्याय और सत्य की प्रतिष्ठा के लिए हुआ।


Question 127:

निम्नलिखित अवतरण का संक्षेपण कीजिए :



क्रोध शांति भंग करने वाला मनोविकार है। एक का क्रोध दूसरे में भी क्रोध का ही संचार करता है। जिसके प्रति क्रोध प्रदर्शित होता है, वह तत्काल अपमान का अनुभव करता है और इस दुख पर उसकी तूरी भी चढ़ जाती है। यह विचार करने वाले बहुत थोड़े निकलते हैं कि हम पर जो क्रोध प्रकट किया जा रहा है, वह उचित है या अनुचित। इसी से धर्म, नीति और शिष्याचार तीनों में क्रोध के विरोध का उपदेश पाया जाता है। संत लोग तो खलों के दुर्वचन सहते ही हैं।

Correct Answer:
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यह अवतरण क्रोध के प्रभाव और इसके दुष्परिणामों को उजागर करता है। क्रोध न केवल मानसिक शांति को भंग करता है, बल्कि यह रिश्तों को भी नुकसान पहुँचाता है। जब किसी व्यक्ति को क्रोध आता है, तो वह न केवल दूसरे व्यक्ति को कष्ट पहुँचाता है, बल्कि अपने अंदर भी एक नकारात्मक भावना उत्पन्न करता है, जो समय के साथ और बढ़ती जाती है। इस अवतरण में यह कहा गया है कि जब किसी को क्रोध आता है, तो वह दूसरे व्यक्ति में भी क्रोध की भावना का संचार करता है। जब हम किसी से क्रोधित होते हैं, तो वह हमारे द्वारा किये गए क्रोध को महसूस करता है, और तत्काल उसे अपमान का अहसास होता है। यही नहीं, इस अपमान का प्रभाव उसके अंदर भी गहरा हो जाता है, जिससे उसका दुख बढ़ जाता है।

कवि ने यह भी कहा है कि यह बात विचार करने वाले बहुत कम लोग समझ पाते हैं कि हम पर जो क्रोध प्रकट किया जा रहा है, वह उचित है या अनुचित। इसके कारण लोग खुद भी यह नहीं समझ पाते कि उनकी प्रतिक्रियाएँ सही हैं या नहीं। यही कारण है कि धर्म, नीति और शिष्याचार तीनों में क्रोध के विरोध का उपदेश मिलता है। संत व्यक्ति जिनका जीवन संयम और शांति से भरा होता है, वे क्रोध को सहन करते हैं और किसी भी हालत में अपना मानसिक संतुलन बनाए रखते हैं।

क्रोध का प्रभाव:

1. मानसिक शांति का अभाव – क्रोध व्यक्ति के मानसिक शांति को भंग करता है, जिससे उसे चिंता और तनाव महसूस होता है।

2. समाज में कटुता – क्रोध से रिश्तों में कटुता आती है, और यह समाज में असंतोष और अशांति का कारण बनता है।

3. शारीरिक नुकसान – क्रोध शारीरिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है, क्योंकि इससे शरीर में तनाव और अव्यवस्था उत्पन्न होती है।


समाधान:

1. धैर्य और संयम – हमें क्रोध को नियंत्रित करने के लिए धैर्य और संयम का अभ्यास करना चाहिए।

2. समझदारी से प्रतिक्रिया – क्रोध की स्थिति में हमें समझदारी से प्रतिक्रिया करनी चाहिए और अपने भावनाओं पर काबू पाना चाहिए।

3. ध्यान और साधना – मानसिक शांति के लिए ध्यान और साधना का अभ्यास करने से क्रोध पर काबू पाया जा सकता है।
Quick Tip: क्रोध को नियंत्रित करना केवल मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए ही नहीं, बल्कि शांति और सद्भावना फैलाने के लिए भी आवश्यक है।


Question 128:

निम्नलिखित अवतरण का संक्षेपण कीजिए :



मनुष्य सुख की खोज में आदिकाल से रहा है। इसी की प्राप्ति उसके जीवन का सदेव मुख्य उद्देश्य रहा है। दुःख से वह इतना घबराता है कि इस जीवन में ही नहीं अनोवले जीवन के लिए भी ऐसी व्यवस्था करना चाहता है कि वह सुख का उपभोग कर सके। जात और कर्म, मोक्ष और निर्वाण सब उसकी आकांक्षाओं की रचनाएं हैं। सुख प्राप्ति के लिए ही हमने जीवन को निराकार और संसार को अनित्य कहा है।

Correct Answer:
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यह अवतरण मनुष्य की सुख प्राप्ति की निरंतर तलाश और उसके जीवन के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करता है। मानवता ने आदिकाल से ही सुख की प्राप्ति के लिए संघर्ष किया है। यह अवतरण यह दर्शाता है कि मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य सुख की प्राप्ति है, और इसके लिए वह अपने हर कर्म, हर कार्य और जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है। मनुष्य दुःख से घबराता है और उसे समाप्त करने के लिए कई उपाय खोजता है।

यह जीवन ही नहीं, बल्कि अनोवले जीवन को भी सुखमय बनाने के लिए मनुष्य अनुकूल व्यवस्थाओं की ओर अग्रसर होता है। उसकी आकांक्षाएं बहुत गहरी होती हैं – जात और कर्म, मोक्ष और निर्वाण, यही उसकी मुख्य कामनाएँ होती हैं।

अवतरण में यह भी कहा गया है कि सुख की प्राप्ति के लिए मनुष्य ने जीवन को निराकार और संसार को अनित्य माना है। इसका मतलब यह है कि हम संसार और जीवन को अस्थिर मानते हैं, और केवल सुख की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहते हैं।

सारांश:

मनुष्य का जीवन सुख की प्राप्ति के लिए एक निरंतर यात्रा है, और यह यात्रा उसे आत्मज्ञान, मोक्ष, और संसार के अनित्य होने का अहसास कराती है। जीवन की वास्तविकता को समझते हुए, हम सुख की खोज में निरंतर प्रयास करते हैं। Quick Tip: सुख की प्राप्ति के लिए केवल भौतिक सुख ही पर्याप्त नहीं होते, मानसिक शांति और आत्मज्ञान भी आवश्यक हैं।

*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.

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