
The Maharashtra Board 2026 Class 12 Hindi Question Paper with Solution PDF is available here for download. The Hindi exam was held on 11th February, 2026 from 11:00 am to 2:00 pm. The exam was conducted for 3 hours. The total marks for the theory paper was 100.
You can find the link to download the Question Paper and the Solution Pdf below.
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संजाल पूर्ण कीजिए : सिपाहियों को इन बातों की सुध न रही
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न 'आदर्श बदला' कहानी के गद्यांश पर आधारित है, जहाँ संगीत के प्रभाव को दर्शाया गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश के अनुसार, जब साधु (बैजू बावरा) आगरा के बाज़ारों में गाते हुए निकला, तो उसके संगीत का प्रभाव इतना गहरा था कि सिपाही जो उसे गिरफ्तार करने आए थे, वे सब कुछ भूल गए।
वे साधु के चेहरे के तेज और मधुर संगीत की धारा में बह गए।
गद्यांश की पंक्तियों में स्पष्ट उल्लेख है कि सिपाहियों को निम्नलिखित बातों की सुध नहीं रही:
1. उन्हें अपनी सुध नहीं रही।
2. उन्हें हथकड़ियों की सुध नहीं रही।
3. उन्हें अपने बल की सुध नहीं रही।
4. उन्हें अपने कर्तव्य की सुध नहीं रही।
Step 3: Final Answer:
सिपाहियों को अपनी, हथकड़ियों की, अपने बल की और अपने कर्तव्य की सुध न रही।
Quick Tip: संजाल (Web-diagram) को हल करने के लिए गद्यांश में सीधे तौर पर दी गई सूची या संबंधित विशेषणों को ध्यान से खोजें।
उपर्युक्त गद्यांश में आए हुए शब्दयुग्म ढूँढ़कर लिखिए :
Step 1: Understanding the Concept:
शब्दयुग्म वे शब्द होते हैं जो अक्सर जोड़ों में प्रयोग किए जाते हैं और जिनके बीच प्रायः योजक चिह्न (-) लगा होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ने पर हमें ऐसे कई शब्द मिलते हैं जो जोड़े में आए हैं:
1. धीरे-धीरे: "साधु धीरे-धीरे चलता जाता था"
2. गाते-गाते: "गाते-गाते साधु धीरे-धीरे चलता जाता था"
3. साथ-साथ: "अपने साथ-साथ आने की प्रेरणा कर रहा है"
4. ज़मीन-आसमान: "ज़मीन-आसमान मस्त थे"
5. दम-के-दम: "दम-के-दम में यह समाचार नगर में फैल गया"
इनमें से किन्हीं भी चार को उत्तर में लिखा जा सकता है।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश में प्रयुक्त शब्दयुग्म हैं: धीरे-धीरे, गाते-गाते, साथ-साथ और ज़मीन-आसमान।
Quick Tip: हिंदी व्याकरण में शब्दयुग्मों की पहचान का सबसे आसान तरीका शब्दों के बीच लगा योजक चिह्न (-) है।
'सच्चा कलाकार वह होता है जो दूसरों की कला का सम्मान करता है,' इस कथन पर अपना मत 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न कलाकार की नैतिकता और उसके दृष्टिकोण पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
कला का मुख्य उद्देश्य आनंद प्रदान करना और मानवता को जोड़ना है।
यदि कोई कलाकार केवल अपनी प्रशंसा चाहता है और दूसरों की कला को कमतर आंकता है, तो वह वास्तव में कला के मर्म को नहीं समझता।
महान कलाकार वही है जो जानता है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और हर व्यक्ति की अपनी विशिष्टता होती है।
दूसरों की कला का सम्मान करने से न केवल आपसी भाईचारा बढ़ता है, बल्कि कलाकार स्वयं भी नई चीजें सीख पाता है।
बैजू बावरा ने भी तानसेन के प्रति सम्मान रखते हुए उसे संगीत की चुनौती दी थी, न कि द्वेषवश।
Step 3: Final Answer:
अतः, दूसरों की कला का आदर करना ही एक सच्चे कलाकार की असली पहचान है, क्योंकि कला प्रेम सिखाती है, ईर्ष्या नहीं।
Quick Tip: स्वमत लिखते समय विषय के सकारात्मक पहलुओं को उजागर करें और भाषा को प्रभावशाली रखें।
आकृति पूर्ण कीजिए :
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले CFC (Chlorofluorocarbons) के भौतिक और रासायनिक गुणों से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश के प्रथम अनुच्छेद में ही सी.एफ.सी. यौगिकों की चार मुख्य विशेषताओं का वर्णन किया गया है:
1. पहली विशेषता यह है कि ये यौगिक वातावरण में आसानी से नष्ट नहीं होते।
2. इनका ऑक्सीकरण नहीं होता, जिससे ये स्थायी बने रहते हैं।
3. इनका अपघटन भी नहीं होता, जो इन्हें और अधिक खतरनाक बनाता है।
4. ये पानी में नहीं घुलते, जिसके कारण ये वर्षा के माध्यम से धरती पर वापस नहीं आते।
इन्हीं गुणों के कारण ये धीरे-धीरे समताप मंडल तक पहुँच जाते हैं।
Step 3: Final Answer:
सी.एफ.सी. यौगिकों की विशेषताएँ हैं: नष्ट न होना, ऑक्सीकरण न होना, अपघटन न होना और जल में अघुलनशील होना।
Quick Tip: वैज्ञानिक गद्यांशों में 'विशेषताएँ' या 'गुण' प्रायः प्रारंभ की पंक्तियों में ही दिए होते हैं।
निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए विलोम शब्द लिखिए :
(i) अवगुण X __________
(ii) अस्वाभाविक X __________
(iii) गलत X __________
(iv) उत्तर X __________
Step 1: Understanding the Concept:
विलोम शब्द वे शब्द होते हैं जो विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं। प्रश्न के अनुसार हमें गद्यांश में से ही शब्द ढूँढ़ने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश के आधार पर विलोम शब्द इस प्रकार हैं:
1. अवगुण का विलोम गुण है (पहली पंक्ति में प्रयुक्त)।
2. अस्वाभाविक का विलोम स्वाभाविक है (चौथी पंक्ति में "यहाँ स्वाभाविक रूप से..." में प्रयुक्त)।
3. गलत का विलोम सही है (गद्यांश के मध्य में "रोलैंड की बात सही साबित हो गई" में प्रयुक्त)।
4. उत्तर का विलोम प्रश्न है (गद्यांश में "अमेरिकी वैज्ञानिक का ध्यान इस प्रश्न की ओर गया" में प्रयुक्त)।
Step 3: Final Answer:
(i) गुण, (ii) स्वाभाविक, (iii) सही, (iv) प्रश्न।
Quick Tip: जब प्रश्न में 'परिच्छेद में आए हुए' विलोम शब्द माँगे जाएँ, तो केवल उन्हीं शब्दों का चयन करें जो पाठ में छपे हों।
'पर्यावरण रक्षा में हमारा योगदान,' इस विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपना मत व्यक्त कीजिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न पर्यावरणीय चेतना और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
पर्यावरण को बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम प्रदूषण को कम करना है।
हमें प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए और कचरे का सही निस्तारण करना चाहिए।
ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर हम ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ा सकते हैं और ग्लोबल वार्मिंग को कम कर सकते हैं।
बिजली और पानी की बचत करना भी पर्यावरण रक्षा का ही एक हिस्सा है।
जागरूकता फैलाना और 'इको-फ्रेंडली' जीवनशैली अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
Step 3: Final Answer:
यदि हम आज जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी रहने योग्य नहीं बचेगी। अतः हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह प्रकृति का सम्मान करे।
Quick Tip: पर्यावरण से संबंधित उत्तरों में 'कम उपयोग, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण' (3Rs) का संदर्भ देना प्रभावकारी होता है।
निराला जी की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न महादेवी वर्मा द्वारा लिखित संस्मरण 'निराला भाई' से लिया गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
निराला जी के चरित्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. उदारता: वे इतने उदार थे कि उनके पास जो कुछ भी होता था, उसे जरूरतमंदों में बाँट देते थे।
2. स्वाभिमान: वे कभी किसी के सामने नहीं झुके और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी गरिमा बनाए रखी।
3. सादगी: वे ठाठ-बाट से दूर एक साधारण जीवन जीते थे।
4. ममता और करुणा: वे समाज के शोषितों और पीड़ितों के लिए हमेशा खड़े रहते थे।
5. अतिथि सत्कार: उनके घर आए मेहमानों का वे अपनी सामर्थ्य से बढ़कर स्वागत करते थे।
Step 3: Final Answer:
निराला जी एक ऐसे 'महाप्राण' कवि थे जिनके भीतर दया का सागर और स्वाभिमान का पर्वत समाहित था।
Quick Tip: संस्मरण आधारित प्रश्नों में पात्र के व्यवहार और उनकी आदतों का वर्णन करने से उत्तर स्पष्ट होता है।
'पाप के चार हथियार' निबंध का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक वैचारिक निबंध है जो समाज की उस विडंबना पर प्रहार करता है जहाँ सुधारकों की पूजा तो होती है पर उनके सिद्धांतों को भुला दिया जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
निबंध के माध्यम से लेखक बताते हैं कि जब भी कोई महान व्यक्ति समाज सुधार की बात करता है, तो समाज पहले उसकी उपेक्षा करता है।
सफलता न मिलने पर समाज उसकी निंदा शुरू करता है और चरित्र हनन करता है।
जब सुधारक फिर भी नहीं रुकता, तो उसकी हत्या कर दी जाती है।
अंत में समाज उसे भगवान मानकर उसकी पूजा करने लगता है (श्रद्धा) ताकि उसके दिखाए कठिन मार्ग पर चलना न पड़े।
लेखक का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना है कि हम संतों के सिद्धांतों को जीवन में उतारने के बजाय केवल उनकी पूजा का ढोंग करते हैं।
Step 3: Final Answer:
निष्कर्षतः, यह निबंध हमें पाखंड छोड़कर महापुरुषों के विचारों को आचरण में लाने की प्रेरणा देता है।
Quick Tip: निबंध का उद्देश्य लिखते समय लेखक द्वारा दिए गए 'सत्य' और 'पाप' के द्वंद्व को रेखांकित करें।
'उड़ो बेटी, उड़ो! पर धरती पर निगाह रखकर,' इस पंक्ति में निहित सुगंधा की माँ के विचार स्पष्ट कीजिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह पंक्ति आशा रानी व्होरा के पत्र 'सुनो किशोरी' से ली गई है, जो आधुनिक नारी के स्वतंत्रता और मर्यादा के बीच संतुलन की बात करती है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. उड़ो बेटी, उड़ो: इसका अर्थ है प्रगति करना। माँ चाहती है कि बेटी शिक्षित बने, आत्मनिर्भर बने और अपनी प्रतिभा के पंख फैलाकर आसमान छुए।
2. धरती पर निगाह रखकर: इसका अर्थ है अपनी सीमाओं, पारिवारिक मूल्यों और वास्तविकता को न भूलना।
माँ का मानना है कि केवल सफलता प्राप्त करना काफी नहीं है; व्यक्ति को अपने चरित्र और संस्कारों को बचाए रखना चाहिए।
हवा में उड़ते समय भी यदि दृष्टि धरती पर है, तो व्यक्ति का संतुलन नहीं बिगड़ता और वह भटकता नहीं है।
Step 3: Final Answer:
माँ का विचार है कि आधुनिकता के नाम पर अपने मूल संस्कारों को छोड़ना उचित नहीं है; एक सफल जीवन वही है जो उन्नति और संस्कार दोनों का संगम हो।
Quick Tip: प्रतीकात्मक पंक्तियों का अर्थ लिखते समय 'उड़ान' (सफलता) और 'धरती' (जड़ें/संस्कार) के प्रतीकों का प्रयोग अवश्य करें।
सुदर्शन जी का वास्तविक नाम -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कहानीकार सुदर्शन जी के व्यक्तित्व से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
कहानीकार सुदर्शन (1895-1967) प्रेमचंद युग के प्रमुख लेखक थे।
उनका जन्म सियालकोट (पंजाब) में हुआ था।
साहित्य जगत में वे 'सुदर्शन' के नाम से प्रसिद्ध हुए, परंतु उनका जन्म का नाम बद्रीनाथ भट्ट था।
Step 3: Final Answer:
सुदर्शन जी का वास्तविक नाम बद्रीनाथ भट्ट है।
Quick Tip: लेखकों के उपनाम और वास्तविक नाम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
'कोखजाया' कहानी के हिंदी अनुवादक का नाम -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न अनूदित साहित्य से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'कोखजाया' प्रसिद्ध मराठी कथाकार व्यंकटेश माडगूलकर की कहानी है।
इस मार्मिक कहानी का हिंदी में अनुवाद सुप्रसिद्ध अनुवादक प्रफुल्लचंद्र ओझा 'मुक्त' ने किया है।
Step 3: Final Answer:
'कोखजाया' कहानी के हिंदी अनुवादक का नाम प्रफुल्लचंद्र ओझा 'मुक्त' है।
Quick Tip: अनुवादित कहानियों में मूल लेखक और अनुवादक दोनों के नामों को याद रखना आवश्यक है।
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' के दो निबंध संग्रहों के नाम -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न प्रभाकर जी की साहित्य-संपदा से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' एक प्रसिद्ध निबंधकार और पत्रकार थे।
उनके प्रमुख निबंध और रेखाचित्र संग्रहों में 'जिंदगी मुसकराई', 'माटी हो गई सोना', 'आँगन चहके द्वार महके' और 'दीप जले शंख बजे' शामिल हैं।
इनमें से किन्हीं भी दो का नाम यहाँ दिया जा सकता है।
Step 3: Final Answer:
प्रभाकर जी के दो प्रमुख निबंध संग्रह हैं: (i) माटी हो गई सोना, (ii) दीप जले शंख बजे।
Quick Tip: निबंधों के शीर्षक अक्सर उनकी विषयवस्तु (जैसे मानवीय मूल्य या संस्मरण) को दर्शाते हैं।
आशारानी व्होरा जी की रचनाएँ -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न महिला साहित्यकार आशारानी व्होरा की प्रमुख कृतियों से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
आशारानी व्होरा ने महिलाओं के उत्थान और इतिहास पर व्यापक लेखन किया है।
उनकी मुख्य रचनाओं में शामिल हैं:
1. भारत की प्रथम महिलाएँ
2. क्रांतिकारी महिलाएँ
3. स्वतंत्रता सेनानी लेखिकाएँ
4. सुनो किशोरी (पत्र संग्रह)
Step 3: Final Answer:
आशारानी व्होरा जी की प्रसिद्ध रचनाएँ 'भारत की प्रथम महिलाएँ' और 'क्रांतिकारी महिलाएँ' हैं।
Quick Tip: ऐतिहासिक और जीवनी संबंधी पुस्तकों के नाम अक्सर उनकी विधा के अनुसार ही होते हैं।
आकृति पूर्ण कीजिए : बल इसके लिए होता है -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न त्रिलोचन जी द्वारा रचित कविता 'चुना हुआ आकाश' (चतुष्पदी) से लिया गया है।
इसमें बल (शक्ति) के सही उपयोग के बारे में बताया गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों के अनुसार, बल का उद्देश्य निर्बलों को सताना नहीं है।
कवि स्पष्ट करते हैं कि बल का उपयोग दो मुख्य कार्यों के लिए होना चाहिए:
1. किसी असहाय या पीड़ित व्यक्ति की रक्षा करने के लिए।
2. समाज में अन्याय को रोककर लोगों को न्याय दिलाने के लिए।
यदि व्यक्ति को शक्ति मिली है, तो उसे सबका सहारा (बल) बनना चाहिए।
Step 3: Final Answer:
बल पीड़ित को बचाने के लिए और न्याय दिलाने के लिए होता है। Quick Tip: पद्यांश आधारित प्रश्नों में उत्तर प्रायः पंक्तियों में सीधे तौर पर 'के लिए' या 'को' जैसे कारकों के साथ छिपे होते हैं।
आकृति पूर्ण कीजिए : जिसे मंज़िल का पता रहता है, वह यह करता है -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों और संघर्ष के महत्व को रेखांकित करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों के अनुसार, जिस व्यक्ति का लक्ष्य (मंज़िल) निश्चित होता है, उसके व्यवहार में दो मुख्य बातें देखी जाती हैं:
1. वह अपने मार्ग (पथ) में आने वाली किसी भी बाधा या संकट से घबराता नहीं है, बल्कि उसे धैर्यपूर्वक सहता है।
2. निरंतर संघर्ष के बाद जब वह सफलता (सिद्धि) प्राप्त कर लेता है, तब वह दुनिया के सामने सफलता की मिसाल बनता है और अपना इतिहास रचता है।
Step 3: Final Answer:
मंज़िल का पता होने वाला व्यक्ति पथ के संकट सहता है और सफलता पाकर अपना इतिहास कहता है। Quick Tip: कविता में 'संकट को सहना' संघर्ष का प्रतीक है और 'इतिहास कहना' सफलता का परिणाम है।
निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचान कर लिखिए :
(i) मंज़िल - __________
(ii) पथ - __________
(iii) सिद्धि - __________
(iv) इतिहास - __________
Step 1: Understanding the Concept:
लिंग पहचान के लिए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करना सबसे सरल विधि है।
क्रिया या विशेषण के रूप से लिंग का पता चलता है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. मंज़िल: 'मंज़िल मिल गई' या 'ऊँची मंज़िल' (क्रिया 'गई' और विशेषण 'ऊँची' स्त्रीलिंग के सूचक हैं)।
2. पथ: 'कठिन पथ' या 'पथ लंबा है' (विशेषण 'कठिन'/'लंबा' और क्रिया 'है' पुल्लिंग के सूचक हैं)।
3. सिद्धि: 'सिद्धि प्राप्त हुई' (क्रिया 'हुई' स्त्रीलिंग का सूचक है)।
4. इतिहास: 'भारत का इतिहास पुराना है' (विशेषण 'पुराना' पुल्लिंग का सूचक है)।
Step 3: Final Answer:
मंज़िल: स्त्रीलिंग, पथ: पुल्लिंग, सिद्धि: स्त्रीलिंग, इतिहास: पुल्लिंग। Quick Tip: यदि किसी शब्द के अंत में 'इ' या 'ई' स्वर की प्रधानता हो (जैसे मंज़िल, सिद्धि), तो वे प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं।
'मानव सेवा ही सच्ची सेवा है,' इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत (Personal Opinion) प्रश्न है जो परोपकार और मानवता के महत्व पर केंद्रित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'मानव सेवा ही माधव सेवा है' के अनुसार, दीन-दुखियों की सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है।
ईश्वर मंदिरों या मस्जिदों में रहने के बजाय प्रत्येक मनुष्य के हृदय में निवास करता है।
जब हम किसी भूखे को भोजन कराते हैं या किसी बीमार की सेवा करते हैं, तो हम वास्तव में समाज को सुंदर बना रहे होते हैं।
शक्ति का उपयोग केवल स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के आंसू पोंछने के लिए होना चाहिए।
इतिहास में स्वामी विवेकानंद और मदर टेरेसा जैसे महान व्यक्तियों ने इसी मार्ग को अपनाया है।
Step 3: Final Answer:
अतः, स्वार्थ को त्याग कर निस्वार्थ भाव से मानव मात्र के कल्याण के लिए कार्य करना ही जीवन की सार्थकता है। Quick Tip: स्वमत लिखते समय प्रसिद्ध सूक्तियों या महापुरुषों के उदाहरण देने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।
उत्तर लिखिए : परिंदों को यह शिकायत है -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न ग़ज़ल के माध्यम से सामाजिक विडंबनाओं और व्यवस्था के प्रति असंतोष को दर्शाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की तीसरी और चौथी पंक्तियों में कवि 'परिंदों' (आम जनता) के माध्यम से 'मालिक' (व्यवस्था या ईश्वर) से प्रश्न कर रहे हैं।
परिंदों को यह दुख है कि जो दाने (सुविधाएँ या आहार) उन्हें जीवन निर्वाह के लिए मिल रहे हैं, वे शुद्ध नहीं हैं।
वे कहते हैं कि दानों में 'घुन' लगा है, जिसका प्रतीकात्मक अर्थ यह है कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार या कमियाँ व्याप्त हैं, जिसके कारण उनका पोषण सही से नहीं हो पा रहा है।
Step 3: Final Answer:
परिंदों की शिकायत है कि मालिक के दानों में भी शायद घुन लगा है। Quick Tip: ग़ज़ल में प्रतीकों (जैसे परिंदे, दाने, घुन) का गहरा अर्थ होता है, उन्हें सामाजिक संदर्भ में समझें।
उत्तर लिखिए : हमारी जिंदगी इनमें खो गई -
Step 1: Understanding the Concept:
कवि यहाँ जीवन की उलझनों और अनुत्तरित प्रश्नों की ओर संकेत कर रहे हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की पाँचवीं पंक्ति में स्पष्ट उल्लेख है - "हम ज़िंदगी के चंद सवालों में खो गए।"
इसका अर्थ यह है कि मनुष्य का पूरा जीवन प्रायः कुछ बुनियादी समस्याओं, उलझनों या प्रश्नों के समाधान ढूँढ़ने में ही बीत जाता है।
ये सवाल गरीबी, संघर्ष या अस्तित्व से जुड़े हो सकते हैं, जिनका उत्तर मिलना कठिन होता है।
Step 3: Final Answer:
हमारी ज़िंदगी जीवन के चंद अनसुलझे सवालों में ही उलझकर रह गई है। Quick Tip: पद्यांश के शब्दों का यथावत प्रयोग करना सटीक उत्तर की कुंजी है।
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में आए हुए समानार्थी उर्दू शब्द लिखिए :
(i) सुगंध - __________
(ii) पक्षी - __________
(iii) उत्तर - __________
(iv) जीवन - __________
Step 1: Understanding the Concept:
ग़ज़ल विधा में अक्सर उर्दू-फारसी के शब्दों का प्रयोग होता है। पद्यांश से उन शब्दों को पहचानना है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. सुगंध के लिए पहली पंक्ति में 'खुशबू' शब्द आया है।
2. पक्षी के लिए तीसरी पंक्ति में 'परिंदों' शब्द का प्रयोग हुआ है।
3. उत्तर के लिए छठी पंक्ति में 'जवाब' शब्द का उपयोग किया गया है।
4. जीवन के लिए पाँचवीं पंक्ति में 'ज़िंदगी' शब्द का प्रयोग हुआ है।
Step 3: Final Answer:
(i) खुशबू, (ii) परिंदे, (iii) जवाब, (iv) ज़िंदगी। Quick Tip: समानार्थी शब्द ढूँढ़ते समय शब्द की वर्तनी (Spelling) पर विशेष ध्यान दें, विशेषकर नुक्ता (़) वाले शब्दों पर।
'जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण' इस विषय पर 40 से 50 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न सकारात्मकता और संघर्ष के माध्यम से प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय पाने के विचार पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
जीवन सुख-दुख का संगम है, जहाँ उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
एक आशावादी व्यक्ति अंधेरी रात (मुसीबत) में भी जुगनू जैसी छोटी-सी रोशनी (उम्मीद) देख लेता है।
पद्यांश में भी 'चट्टानों पर फूल खिलाना' इसी आशावादिता का प्रतीक है, जिसका अर्थ है असंभव को संभव करना।
यदि हम सकारात्मक रहेंगे, तो हर समस्या का समाधान निकाल सकेंगे और आने वाली 'सुबह' (सुनहरा भविष्य) हमें पुकारेगी।
निराशा मनुष्य को कमजोर बनाती है, जबकि आशा उसे ऊँचाइयों तक ले जाती है।
Step 3: Final Answer:
अतः, हमें अपनी सोच को हमेशा उज्ज्वल रखना चाहिए ताकि हम जीवन की बाधाओं को पार कर सुखद लक्ष्य तक पहुँच सकें। Quick Tip: पद्यांश की पंक्तियों जैसे "चट्टानों पर फूल खिलाना" का संदर्भ देना उत्तर को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'वृंद के दोहे' इस कविता का रसास्वादन कीजिए :
(१) रचनाकार का नाम
(२) पसंद की पंक्तियाँ
(३) पसंद आने के कारण
(४) कविता का केंद्रीय भाव
Step 1: Understanding the Concept:
रसास्वादन (Appreciation) का अर्थ है कविता के कलात्मक और भावुक पक्षों का विश्लेषण करना।
Step 2: Detailed Explanation:
1. रचनाकार का नाम: इन नीतिपरक दोहों के रचयिता रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि वृंद हैं। उनका पूरा नाम वृंदावन दास था।
2. पसंद की पंक्तियाँ: "करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान। रसरी आवत-जात ते, सिल पर परत निसान।।"
3. पसंद आने के कारण: यह दोहा अत्यंत सरल और प्रेरणादायक है। कवि ने कुएँ की रस्सी और पत्थर के उदाहरण से यह समझाया है कि निरंतर परिश्रम से मंदबुद्धि व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है। यह विद्यार्थियों के लिए जीवन मंत्र जैसा है।
4. कविता का केंद्रीय भाव: 'वृंद के दोहे' का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को व्यावहारिक जीवन की शिक्षा देना है। इसमें विद्या, धन, व्यवहार और परिश्रम के महत्व को लोक-उदाहरणों (दृष्टांत अलंकार) के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
Step 3: Final Answer:
यह कविता हमें नैतिक मूल्यों के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है। Quick Tip: रसास्वादन में 'दृष्टांत अलंकार' का उल्लेख करने से भाषा और साहित्य की समझ अच्छी झलकती है।
'नयी कविता' के अन्य कवियों के नाम -
Step 1: Understanding the Concept:
'नयी कविता' हिंदी साहित्य का वह कालखंड है जिसने आधुनिक संवेदनाओं को नए प्रतीकों के साथ व्यक्त किया।
Step 2: Detailed Explanation:
त्रिलोचन जी के अतिरिक्त 'नयी कविता' के आंदोलन में कई महत्वपूर्ण कवि हुए हैं:
1. सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय': इन्होंने 'तार सप्तक' के माध्यम से इस विधा को गति दी।
2. गजानन माधव 'मुक्तिबोध': अपनी फंतासी और जटिल संवेदनाओं के लिए प्रसिद्ध।
3. धर्मवीर भारती: इन्होंने 'अंधा युग' और 'कनुप्रिया' जैसी कृतियों से काव्य को नई ऊँचाई दी।
4. भवानी प्रसाद मिश्र और कुँवर नारायण भी इसी धारा के प्रमुख स्तंभ हैं।
Step 3: Final Answer:
प्रमुख कवि हैं: अज्ञेय, मुक्तिबोध और धर्मवीर भारती। Quick Tip: 'तार सप्तक' के कवियों के नाम याद रखना 'नयी कविता' के उत्तरों के लिए बहुत उपयोगी है।
गुरु नानक जी की प्रमुख रचनाओं के नाम -
Step 1: Understanding the Concept:
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और निर्गुण भक्ति धारा के महान कवि थे।
Step 2: Detailed Explanation:
उनकी वाणियाँ गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं। प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं:
1. जपुजी: यह सिखों की प्रातःकालीन प्रार्थना है और इसमें अध्यात्म का सार है।
2. आसा दी वार: यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक कृति है जिसे कीर्तन के रूप में गाया जाता है।
3. सोदरु और रहिरास: ये संध्या काल की प्रार्थनाएँ हैं।
उनकी भाषा पंजाबी मिश्रित हिंदी (सधुक्कड़ी) है, जो लोक-हृदय के बहुत करीब है।
Step 3: Final Answer:
गुरु नानक जी की मुख्य रचनाएँ जपुजी, आसा दी वार और सोदरु हैं। Quick Tip: गुरु नानक जी की रचनाओं में 'जपुजी' सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण है।
लोकगीतों के दो प्रकार -
Step 1: Understanding the Concept:
लोकगीत वे गीत हैं जो जनसामान्य की मौखिक परंपरा से पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आ रहे हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
भारतीय लोक जीवन में गीतों की विविधता अपार है। इनके दो प्रमुख प्रकार हैं:
1. संस्कार गीत: जन्म, विवाह (सोहर, बन्ना-बन्नी) जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर गाए जाने वाले गीत।
2. श्रम गीत: खेतों में काम करते समय या परिश्रम के दौरान थकावट मिटाने के लिए गाए जाने वाले गीत।
अन्य प्रकारों में ऋतु गीत (जैसे सावन में कजरी) और त्योहार गीत (जैसे होली में फाग) भी शामिल हैं।
Step 3: Final Answer:
लोकगीतों के दो मुख्य प्रकार संस्कार गीत और श्रम गीत हैं। Quick Tip: लोकगीतों का वर्गीकरण उनके अवसर (Occasion) के आधार पर किया जाता है।
दोहा छंद की विशेषता -
Step 1: Understanding the Concept:
दोहा हिंदी काव्य का सबसे लोकप्रिय और प्राचीन मात्रिक छंद है।
Step 2: Detailed Explanation:
दोहा छंद की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. यह अर्ध-सम मात्रिक छंद है क्योंकि इसके विषम और सम चरणों की मात्राएँ अलग-अलग होती हैं।
2. इसमें कुल चार चरण होते हैं।
3. इसके प्रथम और तृतीय (विषम) चरणों में 13-13 मात्राएँ होती हैं।
4. इसके द्वितीय और चतुर्थ (सम) चरणों में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
5. अंत में लघु (।) का होना शुभ माना जाता है और सम चरणों के अंत में तुकबंदी (Rhyming) होती है।
Step 3: Final Answer:
दोहा छंद के चार चरण होते हैं, जिसके विषम चरणों में 13 और सम चरणों में 11 मात्राएँ होती हैं। Quick Tip: याद रखने का सूत्र: 13 (विषम) + 11 (सम) = 24. सोरठा छंद दोहे का ठीक उल्टा (11 + 13) होता है।
उत्तर लिखिए :
कनु इस वृक्ष के नीचे खड़े थे :
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न डॉ. धर्मवीर भारती की कृति 'कनुप्रिया' पर आधारित है। इसमें राधा और कृष्ण (कनु) के संबंधों तथा महाभारत के युद्ध की पृष्ठभूमि का चित्रण है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की दूसरी पंक्ति में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है: "कदंब के नीचे खड़े कनु को"।
राधा जब घाट से लौटती थी, तो कनु प्रायः कदंब के वृक्ष के नीचे खड़े मिलते थे।
यह स्थल प्रेम और शांति का प्रतीक था।
Step 3: Final Answer:
कनु कदंब के वृक्ष के नीचे खड़े थे।
Quick Tip: पद्यांश आधारित प्रश्नों के उत्तर कविता की प्रारंभिक पंक्तियों में ही छिपे होते हैं। शब्दों को ध्यान से पहचानें।
उत्तर लिखिए :
राधा इन्हें प्रणाम किया करती थी :
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न राधा की भक्ति और प्रेम के स्वरूप को दर्शाता है। वह कनु को केवल प्रेमी नहीं, बल्कि ईश्वर के रूप में देखती थी।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की तीसरी पंक्ति के अनुसार: "ध्यानमग्न देवता समझ, प्रणाम करने"।
राधा जब कनु को कदंब के नीचे देखती थी, तो उन्हें कोई साधारण मनुष्य नहीं बल्कि ध्यान में लीन एक देवता समझती थी और उन्हें श्रद्धापूर्वक प्रणाम करती थी।
Step 3: Final Answer:
राधा कनु (कृष्ण) को प्रणाम किया करती थी।
Quick Tip: पात्रों के बीच के संबंधों को समझने के लिए विशेषणों (जैसे 'ध्यानमग्न देवता') पर ध्यान दें।
आकृति पूर्ण कीजिए :
Step 1: Understanding the Concept:
यहाँ कवि युद्ध के कारण प्रकृति पर होने वाले विनाशकारी प्रभावों के माध्यम से सेना के प्रस्थान का संकेत दे रहे हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश में उन चिह्नों का वर्णन है जो युद्ध की विभीषिका की ओर इशारा करते हैं:
1. उजड़े हुए कुंज: सेना के चलने से शांतिपूर्ण निकुंज नष्ट हो गए हैं।
2. रौंदी हुई लताएँ: सैनिकों और रथों के पैरों तले सुंदर लताएँ कुचल दी गई हैं।
3. आकाश पर छाई हुई धूल: अठारह अक्षौहिणी सेना के चलने से उड़ने वाली धूल ने पूरे आकाश को ढक लिया है।
ये तीनों दृश्य इस बात का प्रमाण हैं कि प्रेम की वह राह अब युद्ध मार्ग में बदल चुकी है।
Step 3: Final Answer:
कृष्ण की सेना के प्रस्थान का प्रमाण उजड़े हुए कुंज, रौंदी हुई लताएँ और आकाश पर छाई हुई धूल से मिलता है।
Quick Tip: आकृति पूर्ण करने वाले प्रश्नों में पद्यांश के प्रतीकात्मक बिम्बों (Images) का चयन करें।
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द लिखिए :
ईश्वर -
Step 1: Understanding the Concept:
समानार्थी शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ समान होता है। पद्यांश में कवि ने कृष्ण के लिए जिस दिव्य शब्द का प्रयोग किया है, उसे ढूँढ़ना है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की तीसरी पंक्ति में "ध्यानमग्न देवता समझ" शब्द आया है। यहाँ 'ईश्वर' के भाव को प्रकट करने के लिए 'देवता' शब्द का प्रयोग किया गया है।
Step 3: Final Answer:
ईश्वर = देवता Quick Tip: पर्यायवाची शब्द चुनते समय संदर्भ का ध्यान रखें।
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द लिखिए :
पगली -
Step 1: Understanding the Concept:
राधा के प्रेम में मग्न अवस्था को दर्शाने के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द की पहचान करनी है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश में चौथी पंक्ति में "जिस राह से तू लौटती थी बावरी" कहा गया है। यहाँ 'बावरी' शब्द 'पगली' या प्रेम में सुध-बुध खो देने वाली स्त्री के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Step 3: Final Answer:
पगली = बावरी Quick Tip: ब्रज या आंचलिक शब्दों के हिंदी अर्थों का अभ्यास काव्य बोध में सहायक होता है।
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द लिखिए :
लड़ाई -
Step 1: Understanding the Concept:
सशस्त्र संघर्ष या संग्राम के लिए पद्यांश में प्रयुक्त औपचारिक शब्द की खोज करनी है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की अंतिम पंक्ति में स्पष्ट रूप से "युद्ध में भाग लेने जा रही हैं" लिखा है। यहाँ 'लड़ाई' का समानार्थी शब्द 'युद्ध' है।
Step 3: Final Answer:
लड़ाई = युद्ध Quick Tip: कविता की अंतिम पंक्तियाँ अक्सर मुख्य घटना या क्रिया को दर्शाती हैं।
निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द लिखिए :
रास्ता -
Step 1: Understanding the Concept:
मार्ग या पथ के लिए प्रयुक्त शब्द को पद्यांश से चुनना है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश में कई बार "जिस राह से तू लौटती थी" और "आज उस राह से न लौट" पंक्तियाँ आई हैं। अतः 'रास्ता' का समानार्थी 'राह' है।
Step 3: Final Answer:
रास्ता = राह Quick Tip: समानार्थी शब्दों के लिए पद्यांश की पुनरावृत्ति वाले शब्दों पर ध्यान दें।
'प्रेम से ही समाज में शांति स्थापित हो सकती है' इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न मानवीय मूल्यों और सामाजिक सौहार्द पर आधारित एक स्वमत अभिव्यक्ति है।
Step 2: Detailed Explanation:
प्रेम केवल एक व्यक्तिगत भावना नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने वाली शक्ति है।
जब हम दूसरों से प्रेम करते हैं, तो हम उनके प्रति संवेदनशील होते हैं, जिससे संघर्ष की संभावना कम हो जाती है।
इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े युद्धों ने केवल तबाही मचाई है, जबकि प्रेम और अहिंसा के मार्ग ने मानवता को सुख प्रदान किया है।
समाज में व्याप्त द्वेष और ईर्ष्या को केवल प्रेम की भाषा से ही जीता जा सकता है।
यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रेम का मार्ग अपनाए, तो युद्धों की आवश्यकता ही नहीं रहेगी और विश्व में शांति स्थापित होगी।
Step 3: Final Answer:
अतः, प्रेम ही वह एकमात्र मार्ग है जो घृणा को समाप्त कर समाज में स्थाई शांति और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।
Quick Tip: स्वमत लिखते समय विषय के सकारात्मक और सामाजिक प्रभाव पर बल दें।
'कवि ने कनुप्रिया काव्य में युद्ध की भयंकरता का ज्वलंत चित्रण किया है,' स्पष्ट कीजिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न 'कनुप्रिया' काव्य की मुख्य संवेदना—युद्ध बनाम प्रेम—पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
धर्मवीर भारती ने युद्ध की भयंकरता को प्रत्यक्ष रणभूमि के बजाय उसके द्वारा किए गए विनाश के प्रतीकों से स्पष्ट किया है:
1. प्रकृति का विनाश: राधा के प्रेम के साक्षी रहे कुंज आज उजड़ गए हैं। सुंदर लताएँ, जो कभी प्रकृति का श्रृंगार थीं, सैनिकों के पैरों तले रौंद दी गई हैं।
2. विशाल सैन्य बल: अठारह अक्षौहिणी सेना का उल्लेख युद्ध के भयानक स्तर को दर्शाता है। इतनी बड़ी सेना का अर्थ है अपार जन-हानि और रक्तपात।
3. मानवीय भावनाओं का ह्रास: राधा इस परिवर्तन से दुखी है। कृष्ण, जो कभी मुरली बजाते थे, अब चक्रधारी होकर विनाश की योजना बना रहे हैं।
कवि ने धूल भरे आकाश के बिम्ब से यह स्पष्ट किया है कि युद्ध मानवता की दृष्टि को धुंधला कर देता है।
Step 3: Final Answer:
इस प्रकार, कवि ने सूक्ष्म प्रतीकों का उपयोग कर युद्ध की विनाशकारी प्रकृति और उसके द्वारा होने वाले प्राकृतिक व भावनात्मक नुकसान का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया है।
Quick Tip: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में काव्य के विशिष्ट बिम्बों (जैसे 'अठारह अक्षौहिणी सेना') का उल्लेख अवश्य करें।
राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न राधा के दार्शनिक दृष्टिकोण और उसके प्रेम के सर्वोपरि होने के भाव को स्पष्ट करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
'कनुप्रिया' में राधा का पात्र आधुनिक संशय और प्रेम का प्रतिनिधित्व करता है:
1. क्षण का महत्व: राधा मानती है कि जीवन की सार्थकता उन क्षणों में है जो हमने प्रेम और तन्मयता से जिए हैं। महाभारत जैसा विशाल युद्ध उसके लिए कृष्ण की प्रेमलीला के सामने गौण है।
2. इतिहास बनाम प्रेम: राधा के लिए वह इतिहास व्यर्थ है जो रक्तपात पर आधारित हो। वह कनु से पूछती है कि क्या यह विनाशकारी युद्ध उन प्रेमपूर्ण बातों से अधिक सार्थक है जो उन्होंने कदंब के नीचे की थीं?
3. समर्पण: उसकी दृष्टि में कनु का सानिध्य ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। वह तर्क देती है कि यदि प्रेम सत्य है, तो युद्ध एक बाहरी आडंबर मात्र है।
Step 3: Final Answer:
अतः राधा की दृष्टि में जीवन का अर्थ युद्ध की विजय में नहीं, बल्कि प्रेम की अगाध गहराई और समर्पण में निहित है।
Quick Tip: राधा के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने के लिए 'प्रेम बनाम कर्तव्य' के द्वंद्व को केंद्र में रखें।
उत्तर लिखिए: फीचर लेखन की विशेषताएँ -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न 'फीचर लेखन' (Feature Writing) की कला और उसकी विशेषताओं पर आधारित है।
गद्यांश के अनुसार, फीचर केवल सूचनात्मक नहीं बल्कि तथ्यात्मक और समसामयिक भी होना चाहिए।
Step 2: Detailed Explanation:
दिए गए परिच्छेद के अंतिम भाग में फीचर लेखन की चार मुख्य विशेषताओं का स्पष्ट उल्लेख है:
१. नवीनतम जानकारी: फीचर पाठकों को नई और अद्यतन जानकारी प्रदान करने वाला होना चाहिए।
२. सत्यता और तथ्यता: यह कोरी कल्पना नहीं है; इसमें तथ्यों और सत्य घटनाओं का आधार होना आवश्यक है।
३. महत्वपूर्ण विषयों का समावेश: समाचार पत्रों की व्यापक पहुँच को देखते हुए इसमें राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के विषयों को स्थान मिलना चाहिए।
४. समसामयिकता: विषय का चुनाव वर्तमान समय की घटनाओं या प्रवृत्तियों से संबंधित होना चाहिए ताकि पाठक उससे जुड़ाव महसूस कर सकें।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश के आधार पर विशेषताएँ हैं: १. नवीनतम जानकारी, २. सत्यता व तथ्यता, ३. राष्ट्रीय विषयों का समावेश, ४. समसामयिक विषय। Quick Tip: विशेषताएँ लिखते समय गद्यांश की शब्दावली का यथासंभव उपयोग करें। इससे उत्तर अधिक प्रामाणिक लगता है।
निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए प्रत्यय युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) सत्य
(२) राष्ट्र
Step 1: Understanding the Concept:
प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर नया अर्थ प्रदान करते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में प्रयुक्त शब्दों का विश्लेषण करने पर:
१. 'सत्य' शब्द में 'ता' प्रत्यय जुड़ने से 'सत्यता' शब्द बना है जो परिच्छेद की दूसरी पंक्ति में है।
२. 'राष्ट्र' शब्द में 'ईय' प्रत्यय जुड़ने से 'राष्ट्रीय' शब्द बना है जो परिच्छेद की तीसरी पंक्ति में प्रयुक्त हुआ है।
Step 3: Final Answer:
सत्य \(\rightarrow\) सत्यता; राष्ट्र \(\rightarrow\) राष्ट्रीय। Quick Tip: प्रत्यय पहचानते समय शब्द के मूल अर्थ और अंत में जुड़ी ध्वनि (जैसे -ता, -ईय) पर ध्यान दें।
निम्नलिखित प्रत्यय युक्त शब्दों के प्रत्यय निकालकर परिच्छेद में आए हुए मूल शब्द लिखिए:
(१) सार्थकता - __________
(२) अच्छाई - __________
Step 1: Understanding the Concept:
इस प्रश्न में प्रत्यय को अलग कर मूल शब्द (Root Word) की पहचान करनी है।
Step 2: Detailed Explanation:
१. सार्थकता: इस शब्द में 'सार्थक' मूल शब्द है और 'ता' प्रत्यय लगा है। परिच्छेद में "परिश्रम सार्थक होते नज़र आ रहे थे" वाक्य में 'सार्थक' का प्रयोग है।
२. अच्छाई: इस शब्द में 'अच्छा' मूल शब्द है और 'आई' प्रत्यय लगा है। परिच्छेद में "अच्छा फीचर नवीनतम जानकारी से..." वाक्य में 'अच्छा' का प्रयोग हुआ है।
Step 3: Final Answer:
मूल शब्द: (१) सार्थक, (२) अच्छा। Quick Tip: मूल शब्द वह शब्द होता है जिसका अपना स्वतंत्र अर्थ हो। प्रत्यय हटाने के बाद बचा हुआ हिस्सा सार्थक होना चाहिए।
'मेहनत करने वालों को ही सफलता मिलती है' इस विषय पर ४० से ५० शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न व्यक्तिगत विचार अभिव्यक्ति (Personal Response) पर आधारित है, जिसका उद्देश्य छात्र की वैचारिक क्षमता को जाँचना है।
Step 2: Detailed Explanation:
सफलता की नींव केवल मेहनत पर टिकी होती है। जीवन में कोई भी बड़ी उपलब्धि बिना संघर्ष और पसीने के प्राप्त नहीं की जा सकती।
इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने अपने कार्य के प्रति अटूट निष्ठा और कठिन परिश्रम किया, आज दुनिया उन्हीं का सम्मान करती है।
केवल सपने देखने से सफलता नहीं मिलती, उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दिन-रात एक करना पड़ता है।
मेहनत न करने वाला व्यक्ति केवल भाग्य को दोष देता रहता है, जबकि मेहनती व्यक्ति अपना भाग्य स्वयं लिखता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, यह निर्विवाद सत्य है कि निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है। "उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।" Quick Tip: ऐसे निबंधात्मक उत्तरों में किसी प्रसिद्ध कहावत या सुविचार का प्रयोग करने से उत्तर का प्रभाव बढ़ जाता है।
प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न जीव विज्ञान और प्रकृति के रहस्यों पर आधारित है। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार जीवों में प्रकाश का उत्पन्न होना एक रासायनिक अभिक्रिया है।
Step 2: Detailed Explanation:
१. रासायनिक अभिक्रिया: जीवों के भीतर 'लूसीफेरिन' (Luciferin) नामक प्रोटीन और 'लूसीफरेज' (Luciferase) नामक एंजाइम की उपस्थिति में ऑक्सीजन के साथ मिलकर प्रकाश उत्पन्न होता है।
२. शीतल प्रकाश: इन जीवों द्वारा उत्पन्न प्रकाश में ऊष्मा (Heat) बहुत कम होती है, इसलिए इसे 'शीतल प्रकाश' (Cold light) कहा जाता है।
३. प्रकाश का उद्देश्य: वैज्ञानिक दृष्टि से जीव इस प्रकाश का उपयोग तीन मुख्य कारणों से करते हैं:
- अपने साथी को आकर्षित करने के लिए।
- अपना भोजन ढूँढ़ने या शिकार को लुभाने के लिए।
- शत्रुओं से अपनी रक्षा करने या उन्हें भ्रमित करने के लिए।
४. पर्यावरण: समुद्र की गहराइयों में जहाँ सूरज की रोशनी नहीं पहुँचती, वहाँ कई मछलियाँ इस तकनीक का उपयोग अपने अस्तित्व के लिए करती हैं।
Step 3: Final Answer:
निष्कर्षतः, जीवों में प्रकाश उत्पादन एक जटिल जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जो उनके उत्तरजीविता (Survival) के लिए अनिवार्य है। Quick Tip: वैज्ञानिक अध्ययन वाले प्रश्नों में विशिष्ट शब्दावली जैसे 'लूसीफेरिन' और 'जैव-प्रदीप्ति' का उल्लेख करने से पूर्ण अंक मिलते हैं।
ब्लॉग लेखन में बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।
Step 1: Understanding the Concept:
डिजिटल युग में ब्लॉग लेखन अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। चूँकि यह वैश्विक स्तर पर पढ़ा जाता है, इसलिए इसमें नैतिक और कानूनी सावधानियाँ अनिवार्य हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
ब्लॉग लिखते समय निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
१. तथ्यात्मकता: ब्लॉग में दी गई जानकारी सत्य और प्रमाणित होनी चाहिए। गलत तथ्यों से आपकी विश्वसनीयता कम हो सकती है।
२. भाषा की शालीनता: अभद्र भाषा, अपशब्दों या किसी धर्म/जाति के प्रति विद्वेषपूर्ण टिप्पणी से बचना चाहिए।
३. कॉपीराइट (Copyright): दूसरों की सामग्री (फोटो, लेख) बिना अनुमति के उपयोग न करें। मौलिकता ब्लॉग की सबसे बड़ी ताकत है।
४. संक्षिप्तता और स्पष्टता: पाठक इंटरनेट पर लंबे लेख पढ़ना पसंद नहीं करते, इसलिए विषय को स्पष्ट और रोचक ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।
५. सभ्य टिप्पणी प्रबंधन: पाठकों की टिप्पणियों का जवाब शालीनता से देना चाहिए और अवांछित विवादों से दूर रहना चाहिए।
Step 3: Final Answer:
एक सफल ब्लॉगर वही है जो अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाज को सकारात्मक और उपयोगी सामग्री प्रदान करे। Quick Tip: ब्लॉग लेखन में 'मौलिकता' (Originality) और 'नैतिकता' सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
पल्लवन का अर्थ है __________
Step 1: Understanding the Concept:
पल्लवन (Expansion of Idea) किसी सूत्र, विचार या उक्ति को फैलाकर स्पष्ट करने की प्रक्रिया है।
Step 2: Detailed Explanation:
हिंदी व्याकरण में 'पल्लवन' शब्द का अर्थ है किसी संक्षिप्त विचार को 'विस्तार' देना। यह 'संक्षिप्तीकरण' का विलोम है। इसमें मूल भाव को सुरक्षित रखते हुए उसके विभिन्न पहलुओं को उदाहरणों के साथ समझाया जाता है।
Step 3: Final Answer:
पल्लवन का सही अर्थ 'विस्तार' है। Quick Tip: पल्लवन = विस्तार; संक्षेपण = छोटा करना। ये दोनों एक दूसरे के विपरीतार्थी हैं।
फीचर लेखन __________ होना चाहिए।
Step 1: Understanding the Concept:
फीचर लेखन समाचार का वह हिस्सा है जो तथ्यों के साथ-साथ लेखक की दृष्टि को भी प्रस्तुत करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
यद्यपि फीचर रोचक होता है, परंतु इसकी रचना 'बुद्धि प्रधान' होनी चाहिए। इसका अर्थ यह है कि इसमें तथ्यों का तार्किक विश्लेषण और विवेकपूर्ण प्रस्तुतीकरण होता है ताकि पाठक को विषय की गहरी समझ मिल सके। कोरी कल्पना या भावनाओं मात्र से अच्छा फीचर नहीं लिखा जा सकता।
Step 3: Final Answer:
फीचर लेखन बुद्धि प्रधान होना चाहिए। Quick Tip: फीचर लेखन में तर्क और बुद्धि का समन्वय आवश्यक है ताकि वह विश्वसनीय बन सके।
मैं उद्घोषक की भूमिका पूरी __________ से निभाता रहा हूँ।
Step 1: Understanding the Concept:
उद्घोषक (Announcer) कार्यक्रम का संचालक होता है, जिस पर पूरे मंच के सफल संचालन का भार होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
पाठ्यपुस्तक के संदर्भ में, उद्घोषक अपनी भूमिका को पूरी 'जिम्मेदारी' के साथ निभाता है। इसका अर्थ है कार्यक्रम के समय का ध्यान रखना, वक्ताओं का सम्मान करना और अनपेक्षित स्थितियों को संभालना। यह पद केवल सम्मान का नहीं बल्कि कर्तव्य के निर्वहन का है।
Step 3: Final Answer:
रिक्त स्थान में 'जिम्मेदारी' शब्द सही है। Quick Tip: उद्घोषक के लिए अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना प्राथमिक गुण हैं।
उल्लू रात के अंधेरे में __________ से देख सकते हैं।
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न जीवों की शारीरिक विशेषताओं से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
उल्लू की आँखों की बनावट ऐसी होती है कि वह रात के बहुत कम प्रकाश को भी ग्रहण कर सकता है। अतः वह रात के घने अंधेरे में भी 'सरलता' (आसानी) से देख सकता है और अपना शिकार कर सकता है।
Step 3: Final Answer:
उल्लू रात के अंधेरे में सरलता से देख सकते हैं। Quick Tip: उल्लू की आँखें इंसानों की तुलना में रात के समय कई गुना अधिक संवेदनशील होती हैं।
तालिका पूर्ण कीजिए : अंग्रेज रमणियों की विशेषताएँ
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न दिए गए गद्यांश में अंग्रेज महिलाओं (रमणियाँ) के व्यवहार और शारीरिक शक्ति के चित्रण पर आधारित है।
लेखक ने उनकी सक्रियता और निर्भीकता को भारतीय महिलाओं के संकोच के विपरीत दर्शाया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश को पढ़ने पर अंग्रेज रमणियों की निम्नलिखित विशेषताएँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं:
१. उनकी चाल बहुत तेज थी और वे धीरे नहीं चलती थीं।
२. उनमें शारीरिक क्षमता इतनी अधिक थी कि अधिक चलने पर भी उन्हें थकावट का अनुभव नहीं होता था।
३. वे सामाजिक संकोच से मुक्त थीं और उन्हें खुलकर हँसने में कोई लज्जा (लाज) महसूस नहीं होती थी।
४. वे अत्यंत साहसी और कभी-कभी आक्रामक भी थीं, जो घोड़े की सवारी करते समय किसी हिंदुस्तानी पर कोड़े चलाने से भी नहीं हिचकिचाती थीं।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश के अनुसार अंग्रेज रमणियों की विशेषताएँ हैं: तेज चलना, थकावट न होना, हँसने में लाज न आना और कोड़े फटकारने का साहस रखना।
Quick Tip: तालिका या संजाल पूर्ण करने वाले प्रश्नों के उत्तर हमेशा गद्यांश की पहली कुछ पंक्तियों में क्रमानुसार दिए होते हैं।
निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए :
(i) रमणी - __________
(ii) बच्चे - __________
(iii) घोड़ा - __________
(iv) आँखें - __________
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न हिंदी व्याकरण के 'वचन' (Number) परिवर्तन पर आधारित है।
हिंदी में दो वचन होते हैं: एकवचन (Singular) और बहुवचन (Plural)।
Step 2: Detailed Explanation:
दिए गए शब्दों का वचन परिवर्तन इस प्रकार है:
१. रमणी (एकवचन): इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों का बहुवचन बनाने के लिए 'इ' को 'इ' कर 'याँ' जोड़ दिया जाता है। अतः यह रमणियाँ होगा।
२. बच्चे (बहुवचन): आकारांत पुल्लिंग शब्द 'बच्चा' का बहुवचन 'बच्चे' होता है। अतः इसका एकवचन बच्चा होगा।
३. घोड़ा (एकवचन): आकारांत पुल्लिंग शब्दों के अंत में 'आ' के स्थान पर 'ए' लगाने से बहुवचन बनता है। अतः यह घोड़े होगा।
४. आँखें (बहुवचन): अकारांत स्त्रीलिंग शब्द 'आँख' का बहुवचन 'आँखें' होता है। अतः इसका एकवचन आँख होगा।
Step 3: Final Answer:
(i) रमणियाँ, (ii) बच्चा, (iii) घोड़े, (iv) आँख।
Quick Tip: वचन बदलते समय वर्तनी (Spelling) का ध्यान रखें; 'ई' की मात्रा वाले शब्दों को बहुवचन बनाते समय वे अक्सर 'इ' (छोटी इ) में बदल जाते हैं।
'भारतीय नारी' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत (Personal Response) प्रश्न है जहाँ विद्यार्थी को भारतीय नारी के व्यक्तित्व और मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त करने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
भारतीय समाज में नारी का स्थान सदैव पूजनीय रहा है। गद्यांश में भी भारतीय नारी को 'कुललक्ष्मी' कहा गया है जो मर्यादा, लज्जा और गरिमा का प्रतीक है।
वह केवल कोमल ही नहीं, बल्कि कठिन समय में दुर्गा और लक्ष्मीबाई की तरह साहस का परिचय भी देती है।
आज की भारतीय नारी शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, परंतु वह अपने मूल संस्कारों और शालीनता को कभी नहीं छोड़ती।
वह सहनशीलता और समर्पण की प्रतिमूर्ति मानी जाती है।
Step 3: Final Answer:
निष्कर्षतः, भारतीय नारी अपनी गरिमा और आत्मसम्मान को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Quick Tip: ऐसे उत्तरों में गद्यांश में प्रयुक्त विशेषणों जैसे 'कुललक्ष्मी' या 'गरिमा' का प्रयोग करने से उत्तर अधिक प्रभावशाली बनता है।
निम्नलिखित में से किन्हीं चार के पारिभाषिक शब्द लिखिए :
(१) Census Officer - __________
(२) Enrolment - __________
(३) Fixed Deposit - __________
(४) Transaction - __________
(५) Speed - __________
(६) Graphic Table - __________
(७) Antiseptics - __________
(८) Output - __________
Step 1: Understanding the Concept:
पारिभाषिक शब्दावली (Technical Terminology) सरकारी कामकाज, वाणिज्य और विज्ञान में प्रयुक्त होने वाले मानक शब्द होते हैं।
इनका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में एकरूपता लाना है।
Step 2: Detailed Explanation:
दिए गए अंग्रेजी शब्दों के मानक हिंदी पारिभाषिक शब्द निम्नवत हैं:
१. Census Officer: जनगणना कार्यों का प्रभारी - जनगणना अधिकारी।
२. Enrolment: किसी सूची में नाम दर्ज करना - नामांकन।
३. Fixed Deposit: बैंक में निश्चित समय के लिए जमा की गई राशि - सावधि जमा।
४. Transaction: वित्तीय या व्यावसायिक क्रिया - लेनदेन।
५. Speed: किसी वस्तु की चाल - गति।
६. Graphic Table: डेटा को चित्रमय रूप में दर्शाने वाली तालिका - आलेखीय सारणी।
७. Antiseptics: संक्रमण रोकने वाली औषधि - रोगाणुरोधक।
८. Output: उत्पादन या परिणाम - निर्गम या आउटपुट।
Step 3: Final Answer:
उपरोक्त आठ शब्दों में से किन्हीं चार का चयन कर उत्तर पूर्ण किया जा सकता है।
Quick Tip: प्रशासनिक और बैंकिंग शब्दावली का नियमित अभ्यास करने से पारिभाषिक शब्दों पर पकड़ मजबूत होती है।
निम्नलिखित वाक्य का काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
बैजू का लहू सूख गया है। (सामान्य भूतकाल)
Step 1: Understanding the Concept:
काल परिवर्तन का अर्थ है वाक्य की क्रिया के रूप को निर्देशानुसार बदलना।
सामान्य भूतकाल (Simple Past Tense) में क्रिया के अंत में आ, ई, ए का प्रयोग होता है और सहायक क्रिया (जैसे है, था) का प्रयोग नहीं किया जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
दिया गया वाक्य "बैजू का लहू सूख गया है" पूर्ण वर्तमानकाल (Present Perfect Tense) में है, क्योंकि इसमें क्रिया 'सूख गया' के साथ सहायक क्रिया 'है' का प्रयोग हुआ है।
इसे सामान्य भूतकाल में बदलने के लिए हमें सहायक क्रिया 'है' को हटाना होगा।
नियम के अनुसार, अकर्मक क्रिया होने के कारण कर्ता के साथ 'ने' का प्रयोग नहीं होगा और क्रिया 'सूख गया' ही रहेगी।
Step 3: Final Answer:
अतः, परिवर्तित वाक्य होगा: बैजू का लहू सूख गया। Quick Tip: सामान्य भूतकाल में बदलते समय वाक्य के अंत से 'है', 'हैं', 'था', 'थी' जैसे सहायक शब्दों को हटा दें।
वाक्य सीधा क्रिया पर समाप्त होना चाहिए।
निम्नलिखित वाक्य का काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
गर्ग साहब ने अपने वचन का पालन किया। (सामान्य भविष्यकाल)
Step 1: Understanding the Concept:
सामान्य भविष्यकाल (Simple Future Tense) वह काल है जिससे यह पता चलता है कि क्रिया आने वाले समय में सामान्य रूप से होगी।
इसमें क्रिया के अंत में 'गा', 'गे' या 'गी' जोड़ा जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
मूल वाक्य "गर्ग साहब ने अपने वचन का पालन किया" सामान्य भूतकाल में है।
भविष्यकाल में क्रिया बदलते समय कर्ता के साथ लगा 'ने' परसर्ग हटा दिया जाता है।
क्रिया 'किया' का मूल रूप 'करना' है। भविष्यकाल में आदरसूचक संज्ञा (गर्ग साहब) के साथ क्रिया का रूप 'करेंगे' हो जाएगा।
Step 3: Final Answer:
अतः, परिवर्तित वाक्य होगा: गर्ग साहब अपने वचन का पालन करेंगे। Quick Tip: भविष्यकाल में वाक्य बदलते समय कर्ता के साथ लगे 'ने' को हमेशा हटा दें, अन्यथा वाक्य व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध हो जाएगा।
निम्नलिखित वाक्य का काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
हमारे भूमंडल में हवा और पानी बुरी तरह प्रदूषित हुए हैं। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Step 1: Understanding the Concept:
अपूर्ण वर्तमानकाल (Present Continuous Tense) वह काल है जिससे यह पता चले कि क्रिया वर्तमान समय में जारी है।
इसमें मुख्य क्रिया के साथ 'रहा है', 'रही है', 'रहे हैं' का प्रयोग होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
मूल वाक्य "हमारे भूमंडल में हवा और पानी बुरी तरह प्रदूषित हुए हैं" पूर्ण वर्तमानकाल में है।
यहाँ मुख्य क्रिया 'प्रदूषित होना' है।
चूँकि कर्ता (हवा और पानी) बहुवचन के रूप में लिए गए हैं, इसलिए क्रिया का रूप 'हो रहे हैं' होगा।
Step 3: Final Answer:
अतः, परिवर्तित वाक्य होगा: हमारे भूमंडल में हवा और पानी बुरी तरह प्रदूषित हो रहे हैं। Quick Tip: अपूर्ण वर्तमानकाल की पहचान 'रहा है/रही है/रहे हैं' से होती है।
क्रिया के चालू रहने का भाव स्पष्ट होना चाहिए।
निम्नलिखित वाक्य का काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
सुधारक पापों के विरुद्ध विद्रोह का झंडा बुलंद करता है। (पूर्ण भूतकाल)
Step 1: Understanding the Concept:
पूर्ण भूतकाल (Past Perfect Tense) वह काल है जिससे यह पता चले कि क्रिया भूतकाल में बहुत पहले समाप्त हो चुकी थी।
इसमें क्रिया के अंत में 'आ था', 'ई थी', 'ए थे' अथवा 'चुका था' का प्रयोग होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
मूल वाक्य "सुधारक पापों के विरुद्ध विद्रोह का झंडा बुलंद करता है" सामान्य वर्तमानकाल में है।
सकर्मक क्रिया होने के कारण भूतकाल में बदलते समय कर्ता 'सुधारक' के साथ 'ने' का प्रयोग होगा।
क्रिया 'बुलंद करना' का पूर्ण भूतकाल रूप 'बुलंद किया था' होगा।
Step 3: Final Answer:
अतः, परिवर्तित वाक्य होगा: सुधारक ने पापों के विरुद्ध विद्रोह का झंडा बुलंद किया था। Quick Tip: सकर्मक क्रिया वाले वाक्यों को भूतकाल (सामान्य, अपूर्ण को छोड़कर अन्य) में बदलते समय कर्ता के साथ 'ने' जोड़ना न भूलें।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचान कर उनके नाम लिखिए :
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
Step 1: Understanding the Concept:
रूपक अलंकार (Metaphor) वहाँ होता है जहाँ उपमेय और उपमान में कोई भेद न दर्शाया जाए, अर्थात् दोनों को एक ही मान लिया जाए।
Step 2: Detailed Explanation:
इस पंक्ति में 'राम' (उपमेय) को ही 'रतन धन' (उपमान) मान लिया गया है।
कवयित्री मीराबाई ने राम रूपी रत्न को सीधे धन की संज्ञा दी है।
यहाँ उपमेय और उपमान के बीच का अंतर समाप्त हो गया है, इसलिए यह रूपक अलंकार का सटीक उदाहरण है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्ति में रूपक अलंकार है। Quick Tip: जब दो शब्दों के बीच योजक चिह्न (-) हो या एक वस्तु को दूसरी वस्तु का रूप दे दिया जाए, तो वहाँ प्रायः रूपक अलंकार होता है।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचान कर उनके नाम लिखिए :
मोती की लड़ियों से सुंदर, झरते हैं झाग भरे निर्झर!
Step 1: Understanding the Concept:
उपमा अलंकार (Simile) वहाँ होता है जहाँ किसी वस्तु की तुलना किसी दूसरी प्रसिद्ध वस्तु से गुणों के आधार पर की जाती है।
इसके वाचक शब्द 'सा', 'सी', 'से', 'सम', 'तुल्य' आदि होते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
यहाँ 'निर्झर' (झरने) के 'झाग' की तुलना 'मोती की लड़ियों' से की गई है।
तुलना के लिए 'से' वाचक शब्द का प्रयोग किया गया है और 'सुंदर' समान धर्म है।
अतः यहाँ उपमा अलंकार विद्यमान है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्ति में उपमा अलंकार है। Quick Tip: वाक्य में 'सा', 'सी', 'से', 'सरिस' जैसे शब्द दिखते ही वह उपमा अलंकार की पहचान बन जाते हैं।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचान कर उनके नाम लिखिए :
जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े।
हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।
Step 1: Understanding the Concept:
उत्प्रेक्षा अलंकार (Utpreksha) वहाँ होता है जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना व्यक्त की जाए।
इसके वाचक शब्द 'मानो', 'मनु', 'जानो', 'जनु', 'जान पड़ता है' आदि होते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
इन पंक्तियों में बड़े-बड़े नेत्रों (उपमेय) में हीरों के बीच जड़े गोल नीलम (उपमान) होने की संभावना व्यक्त की गई है।
यहाँ 'जान पड़ता है' वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है, जो इस बात का संकेत है कि कवि केवल कल्पना या संभावना कर रहा है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्ति में उत्प्रेक्षा अलंकार है। Quick Tip: उत्प्रेक्षा की पहचान के लिए 'मानो' या 'जानो' शब्दों को याद रखें।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचान कर उनके नाम लिखिए :
पत्रा ही तिथि पाइयौं, वाँ घर के चहुँ पास।
नितप्रति पून्यो रह्यौं, आनन-ओप उजास।।
Step 1: Understanding the Concept:
अतिशयोक्ति अलंकार (Hyperbole) वहाँ होता है जहाँ किसी बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर लोक-सीमा के बाहर वर्णन किया जाए।
Step 2: Detailed Explanation:
बिहारी लाल की इन पंक्तियों में नायिका के मुख की चमक (आनन-ओप उजास) का इतना बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है कि उसके घर के आसपास हमेशा पूर्णिमा (पून्यो) का भ्रम बना रहता है।
तिथि जानने के लिए पत्रा (कैलेंडर) देखना पड़ता है क्योंकि मुख की चमक से रात का पता ही नहीं चलता।
यह वर्णन यथार्थ से परे और लोक-मर्यादा के बाहर है, अतः यहाँ अतिशयोक्ति अलंकार है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्ति में अतिशयोक्ति अलंकार है। Quick Tip: जहाँ वर्णन इतना अधिक हो कि उस पर विश्वास करना कठिन हो जाए, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचान कर उनके नाम लिखिए :
तू दयालु दीन हौं, तू दानि हौं भिखारी।
हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंजहारि।।
Step 1: Understanding the Concept:
भक्ति रस का स्थायी भाव 'ईश्वर विषयक रति' (Anurag) है। जहाँ भक्त ईश्वर के प्रति अपनी दीनता, श्रद्धा और समर्पण भाव प्रकट करता है, वहाँ भक्ति रस होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
इन पंक्तियों में भक्त स्वयं को 'दीन', 'भिखारी' और 'पातकी' (पापी) बता रहा है तथा ईश्वर को 'दयालु', 'दानी' और 'पाप विनाशक' कह रहा है।
यह ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति का भाव है।
अतः यहाँ भक्ति रस की निष्पत्ति हो रही है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्तियों में भक्ति रस है। Quick Tip: जहाँ भी विनय, प्रार्थना या प्रभु की महिमा का गान हो, वहाँ आँख मूँदकर भक्ति रस चुनें।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचान कर उनके नाम लिखिए :
एक अचंभा देखा रे भाई।
ठाढ़ा सिंह चरावै गाई।
पहले पूत पाछे माई।
चेला के गुरु लागे पाई।।
Step 1: Understanding the Concept:
अद्भुत रस का स्थायी भाव 'विस्मय' (आश्चर्य) है। जब किसी अलौकिक, विचित्र या असंभव घटना का वर्णन सुना या देखा जाए, तो मन में जो आश्चर्य का भाव जगता है, उसे अद्भुत रस कहते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
कबीरदास की इन 'उलटबाँसियों' में ऐसी घटनाओं का वर्णन है जो सामान्य जीवन में संभव नहीं हैं - जैसे शेर का गाय चराना, पुत्र का माता से पहले होना या गुरु का चेले के पैर पड़ना।
इन पंक्तियों को पढ़कर मन में गहरा आश्चर्य (विस्मय) होता है।
अतः यहाँ अद्भुत रस विद्यमान है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्तियों में अद्भुत रस है। Quick Tip: 'अचंभा', 'विस्मय' या 'असंभव' स्थितियों का वर्णन अद्भुत रस की पहचान है।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचान कर उनके नाम लिखिए :
माटी कहै कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोहे।
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूँगी तोहे।।
Step 1: Understanding the Concept:
शांत रस का स्थायी भाव 'निर्वेद' (Vairagya) है। जहाँ संसार की अनित्यता, वैराग्य या आध्यात्मिक ज्ञान का वर्णन हो, वहाँ शांत रस होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
यहाँ मिट्टी और कुम्हार के माध्यम से जीवन की नश्वरता का वर्णन किया गया है।
यह पंक्तियाँ इस सत्य को उजागर करती हैं कि अंत में सबको मिट्टी में ही मिलना है।
यह बोध मन को शांति और वैराग्य की ओर ले जाता है।
अतः यहाँ शांत रस है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्तियों में शांत रस है। Quick Tip: मृत्यु, वैराग्य या दार्शनिक सत्यों का वर्णन अक्सर शांत रस के अंतर्गत आता है।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचान कर उनके नाम लिखिए :
कहा- कैकयी ने सक्रोध -
दूर हट! दूर हट! निर्बोध!
द्विजिव्ह् रस में, विष मत घोल।
Step 1: Understanding the Concept:
रौद्र रस का स्थायी भाव 'क्रोध' है। जब किसी अपराधी, विरोधी या शत्रु की चेष्टाओं से मन में अपमान या प्रतिशोध का भाव जागता है, तो वहाँ रौद्र रस होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
इन पंक्तियों में कैकयी के क्रोध का प्रत्यक्ष वर्णन है।
'सक्रोध', 'दूर हट', 'निर्बोध' जैसे शब्द तीव्र गुस्से को प्रकट कर रहे हैं।
कैकयी का व्यवहार उग्र है और वह अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर रही है।
अतः यहाँ रौद्र रस की स्पष्ट अभिव्यक्ति है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पंक्तियों में रौद्र रस है। Quick Tip: क्रोध, डाँट-फटकार या कठोर वचनों का प्रयोग रौद्र रस का सूचक होता है।
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
आँखें बिछाना।
Step 1: Understanding the Concept:
मुहावरा एक ऐसा वाक्यांश है जो अपना सामान्य अर्थ छोड़कर कोई विशेष अर्थ प्रकट करता है। वाक्य प्रयोग करते समय हमेशा मुहावरे का प्रयोग किया जाता है, उसके अर्थ का नहीं।
Step 2: Detailed Explanation:
अर्थ: 'आँखें बिछाना' का लाक्षणिक अर्थ होता है किसी के आने की बहुत प्रतीक्षा करना और उसका अत्यंत प्रेम एवं आदर के साथ स्वागत करना।
वाक्य प्रयोग: जब भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप जीतकर स्वदेश लौटी, तो पूरे देश ने उनके स्वागत में आँखें बिछा दीं।
Step 3: Final Answer:
मुहावरा: आँखें बिछाना।
अर्थ: प्रेमपूर्वक स्वागत या प्रतीक्षा करना।
वाक्य: गाँव के लोग अपने प्रिय नेता के स्वागत के लिए आँखें बिछाए खड़े थे। Quick Tip: वाक्य प्रयोग करते समय क्रिया का रूप लिंग और वचन के अनुसार बदल सकता है (जैसे: आँखें बिछा दीं, आँखें बिछाए बैठे हैं)।
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
तिल का ताड़ बनाना।
Step 1: Understanding the Concept:
यह मुहावरा किसी छोटी घटना को अनावश्यक रूप से बड़ा रूप देने के संदर्भ में उपयोग किया जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
अर्थ: छोटी सी बात को बहुत बड़ा चढ़ाकर पेश करना या राई का पहाड़ बनाना।
वाक्य प्रयोग: पड़ोसी के बीच एक छोटी सी कहासुनी हुई थी, लेकिन मोहल्ले वालों ने तिल का ताड़ बना दिया और बात थाने तक पहुँच गई।
Step 3: Final Answer:
अर्थ: साधारण सी बात को अनावश्यक विस्तार देना।
वाक्य: मीडिया ने उस छोटी सी घटना का तिल का ताड़ बना दिया। Quick Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए, तभी वाक्य प्रयोग सटीक बनता है।
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
चल बसना।
Step 1: Understanding the Concept:
यह मुहावरा किसी व्यक्ति के निधन की सूचना देने के लिए एक शिष्ट और अप्रत्यक्ष तरीका है।
Step 2: Detailed Explanation:
अर्थ: संसार से विदा लेना या मर जाना।
वाक्य प्रयोग: अपनी पुत्री की शादी देखने से पहले ही बेचारे किशन लाल चल बसे।
Step 3: Final Answer:
अर्थ: मृत्यु प्राप्त होना।
वाक्य: गाँव के मुखिया जी अचानक ही चल बसे जिससे पूरे गाँव में शोक छा गया। Quick Tip: यह मुहावरा आदरणीय व्यक्तियों के निधन के लिए सम्मानजनक ढंग से प्रयोग किया जाता है।
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
जान बख्शना।
Step 1: Understanding the Concept:
यह मुहावरा किसी को मृत्युदंड न देकर उसे जीवित छोड़ देने के भाव को व्यक्त करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
अर्थ: किसी को प्राणों का दान देना या सजा-ए-मौत माफ कर देना।
वाक्य प्रयोग: युद्ध में हारने के बाद शत्रु सेनापति ने अपनी जान बख्शने की भीख माँगी।
Step 3: Final Answer:
अर्थ: जीवन दान देना।
वाक्य: शिकारी ने नन्हीं चिड़िया पर दया करके उसकी जान बख्श दी। Quick Tip: मुहावरे का प्रयोग वाक्य के बीच में अधिक प्रभावशाली लगता है।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
कयी बस्तीयाँ उजड गई।
Step 1: Understanding the Concept:
वाक्य शुद्धि में वर्तनी (Spelling), लिंग, वचन और कारक संबंधी अशुद्धियों को ठीक किया जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
१. 'कयी' अशुद्ध वर्तनी है, शुद्ध शब्द 'कई' है।
२. 'बस्तीयाँ' में इकारान्त स्त्रीलिंग शब्द का बहुवचन बनाते समय बड़ी 'ई' छोटी 'इ' में बदल जाती है, अतः शुद्ध शब्द 'बस्तियाँ' है।
३. 'उजड' में 'ड़' के नीचे बिंदी आनी चाहिए, अतः 'उजड़' होगा।
४. क्रिया बहुवचन में होने के कारण 'गई' के ऊपर अनुस्वार (बिंदी) आएगी, अतः 'गईं' होगा।
Step 3: Final Answer:
अतः, शुद्ध वाक्य होगा: कई बस्तियाँ उजड़ गईं। Quick Tip: इकारान्त शब्दों (जैसे बस्ती, नदी) का बहुवचन बनाते समय अंत की 'ई' को 'इ' करके 'याँ' जोड़ें।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
हमें पुरानी - जर्जर रूढ़ियों को तोडनी है, अच्छी परंपराओ को नहीं!
Step 1: Understanding the Concept:
यहाँ क्रिया का रूप कर्म के अनुसार होना चाहिए और बहुवचन शब्दों की वर्तनी शुद्ध होनी चाहिए।
Step 2: Detailed Explanation:
१. 'तोडनी' अशुद्ध क्रिया रूप है। जब वाक्य में 'को' परसर्ग आता है, तो क्रिया सामान्यतः पुल्लिंग एकवचन 'ना' पर समाप्त होती है, अतः 'तोड़ना' होगा।
२. 'परंपराओ' का बहुवचन रूप ओकारान्त होने पर बिंदी के साथ 'परंपराओं' होता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, शुद्ध वाक्य होगा: हमें पुरानी-जर्जर रूढ़ियों को तोड़ना है, अच्छी परंपराओं को नहीं! Quick Tip: बहुवचन संज्ञाओं के साथ जब कारक चिह्न (को, में, से) आता है, तो 'ओ' के साथ बिंदी (ओं) जरूर लगाएँ।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
मौसि फिर उसी कुर्सी पर आकर बैठ गई।
Step 1: Understanding the Concept:
यह वर्तनी संबंधी अशुद्धि का सुधार है।
Step 2: Detailed Explanation:
वाक्य में 'मौसि' शब्द अशुद्ध है। माँ की बहन के लिए प्रयुक्त संबंधवाचक शब्द 'मौसी' होता है जिसमें 'स' पर बड़ी 'ई' की मात्रा आती है।
बाकी वाक्य व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध है।
Step 3: Final Answer:
अतः, शुद्ध वाक्य होगा: मौसी फिर उसी कुर्सी पर आकर बैठ गई। Quick Tip: संबंधवाचक शब्दों की वर्तनी पर विशेष ध्यान दें।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
आज के बच्चे वैज्ञानिक युग में पल रही हैं!
Step 1: Understanding the Concept:
वाक्य में क्रिया का रूप कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार होना चाहिए।
Step 2: Detailed Explanation:
१. इस वाक्य का कर्ता 'बच्चे' है, जो पुल्लिंग बहुवचन है।
२. क्रिया 'पल रही हैं' स्त्रीलिंग बहुवचन है, जो अशुद्ध है।
३. पुल्लिंग बहुवचन कर्ता के अनुसार क्रिया 'पल रहे हैं' होनी चाहिए।
Step 3: Final Answer:
अतः, शुद्ध वाक्य होगा: आज के बच्चे वैज्ञानिक युग में पल रहे हैं! Quick Tip: वाक्य में 'बच्चा' पुल्लिंग है, इसलिए क्रिया हमेशा पुल्लिंग रूप में ही होगी।
*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.