
The Maharashtra Board Class 10th Hindi Question Paper PDF with Solutions is available for download. Class 10 exams were conducted from February 21 to March 17, 2025. The practical exams were held earlier, from February 3 to February 20, 2025. The Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education (MSBSHSE) conducted the Class 10 Hindi examination for a total duration of 3 hours, and the question paper had a total of 80 marks.

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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए
आँख खुली तो मैंने अपने-आपको एक बिस्तर पर पाया। इर्द-गिर्द कुछ परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे। आँख खुलते ही उनके चेहरों पर उत्सुकता की लहर दौड़ गई। मैंने कराहते हुए पूछा "मैं कहाँ हूँ ?"
"आप सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं। आपका ऐक्सिडेंट हो गया था। सिर्फ पैर का फ्रैक्चर हुआ है। अब घबराने की कोई बात नहीं।" एक चेहरा इतनी तेजी से जवाब देता है, लगता है मेरे होश आने तक वह इसलिए रुका रहा। अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ। मेरी एक टाँग अपनी जगह पर सही-सलामत थी और दूसरी टाँग रेत की थैली के सहारे एक स्टैंड पर लटक रही थी। मेरे दिमाग में एक नये मुहावरे का जन्म हुआ। 'टाँग का टूटना' यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना। सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं काँप उठा। अस्पताल वैसे ही एक खतरनाक शब्द होता है, फिर यदि उसके साथ सार्वजनिक शब्द चिपका हो तो समझो आत्मा से परमात्मा के मिलन होने का समय आ गया। अब मुझे यूँ लगा कि मेरी टाँग टूटना मात्र एक घटना है और सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना दुर्घटना।
Question 1:
उत्तर दीजिए :

Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में गद्यांश में आए शरीर के अंगों के नाम लिखने के लिए कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश को ध्यान से पढ़ने पर हमें निम्नलिखित शरीर के अंगों का उल्लेख मिलता है:
- पहली पंक्ति में आँख का उल्लेख है ("आँख खुली तो...").
- दूसरी पंक्ति में चेहरे का उल्लेख है ("...परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे।").
- छठी पंक्ति में पैर का उल्लेख है ("...सिर्फ पैर का फ्रैक्चर हुआ है।").
- आठवीं पंक्ति में टाँगों का उल्लेख है ("...अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ।").
Step 3: Final Answer:
इस प्रकार, गद्यांश में वर्णित शरीर के अंग हैं: आँख, चेहरा, पैर, और टाँग।
Quick Tip: उत्तर लिखते समय, गद्यांश को कम से कम दो बार ध्यान से पढ़ें। पहली बार विषय को समझने के लिए और दूसरी बार विशिष्ट जानकारी, जैसे कि नाम, स्थान, या इस मामले में शरीर के अंगों को खोजने के लिए। महत्वपूर्ण शब्दों को रेखांकित करना एक अच्छी रणनीति है।

Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न पूछता है कि गद्यांश के अनुसार, सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती होना किस घटना के समान है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश की अंतिम पंक्तियों में लेखक अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहता है, "अस्पताल वैसे ही एक खतरनाक शब्द होता है, फिर यदि उसके साथ सार्वजनिक शब्द चिपका हो तो समझो आत्मा से परमात्मा के मिलन होने का समय आ गया।"
यह पंक्ति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि लेखक सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती होने को आत्मा के परमात्मा से मिलन (अर्थात् मृत्यु) के समान भयावह मानता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती होना आत्मा के परमात्मा से मिलन जैसा है।
Quick Tip: गद्यांश में दिए गए मुहावरों, उपमाओं और व्यंग्यात्मक कथनों पर विशेष ध्यान दें। ये अक्सर लेखक के दृष्टिकोण और पाठ के गहरे अर्थ को समझने की कुंजी होते हैं।
उत्तर लिखिए :

Step 1: Understanding the Question:
इस प्रश्न में लेखक की दुर्घटना के बाद उसकी टाँगों की स्थिति का वर्णन करने के लिए कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश के दूसरे पैराग्राफ की पहली पंक्तियों में लेखक अपनी टाँगों की स्थिति का स्पष्ट वर्णन करता है:
"अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ। मेरी एक टाँग अपनी जगह पर सही-सलामत थी और दूसरी टाँग रेत की थैली के सहारे एक स्टैंड पर लटक रही थी।"
यह वाक्य सीधे तौर पर प्रश्न का उत्तर देता है।
Step 3: Final Answer:
दुर्घटना के बाद, लेखक की एक टाँग पूरी तरह से ठीक थी, जबकि दूसरी टाँग, जो फ्रैक्चर हो गई थी, को रेत की थैली के वजन के साथ एक स्टैंड से लटकाया गया था।
Quick Tip: जब किसी स्थिति का वर्णन करने के लिए कहा जाए, तो गद्यांश से सटीक और प्रासंगिक वाक्यों या वाक्यांशों को खोजने का प्रयास करें। उत्तर को अपने शब्दों में लिखने के बजाय सीधे गद्यांश से जानकारी लेना अधिक सटीक होता है।
गद्यांश में उल्लेखित अंग्रेजी शब्द लिखिए।
Step 1: Understanding the Question:
प्रश्न में गद्यांश में प्रयुक्त किन्हीं दो अंग्रेजी शब्दों को लिखने के लिए कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश को पढ़ने पर, हम देवनागरी लिपि में लिखे गए निम्नलिखित अंग्रेजी शब्दों की पहचान कर सकते हैं:
- प्राइवेट वार्ड (Private Ward)
- ऐक्सिडेंट (Accident)
- फ्रैक्चर (Fracture)
- स्टैंड (Stand)
इनमें से कोई भी दो शब्द उत्तर के रूप में लिखे जा सकते हैं।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश में उल्लिखित अंग्रेजी शब्द हैं: प्राइवेट वार्ड, ऐक्सिडेंट, फ्रैक्चर, और स्टैंड।
Quick Tip: आधुनिक हिंदी गद्य में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग आम है। इन्हें पहचानने का अभ्यास करें, भले ही वे देवनागरी लिपि में लिखे हों। यह आपके शब्द-ज्ञान को बढ़ाता है।
निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में उल्लेखित समानार्थी शब्द लिखिए :
(1) रुग्णालय
(2) शक्ल
Step 1: Understanding the Question:
दिए गए शब्दों 'रुग्णालय' और 'शक्ल' के लिए गद्यांश में आए समानार्थी (समान अर्थ वाले) शब्द खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
(1) रुग्णालय: इस शब्द का अर्थ होता है 'चिकित्सालय' या 'हॉस्पिटल'। गद्यांश में, "आप सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं" वाक्य में 'अस्पताल' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो 'रुग्णालय' का समानार्थी है।
(2) शक्ल: इस शब्द का अर्थ होता है 'मुख' या 'Face'। गद्यांश में, "...परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे" और "एक चेहरा इतनी तेजी से जवाब देता है" वाक्यों में 'चेहरा' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो 'शक्ल' का समानार्थी है।
Step 3: Final Answer:
अतः, गद्यांश में 'रुग्णालय' का समानार्थी 'अस्पताल' और 'शक्ल' का समानार्थी 'चेहरा' है।
Quick Tip: समानार्थी शब्द खोजते समय, केवल शब्द के अर्थ पर ही नहीं, बल्कि गद्यांश के संदर्भ पर भी ध्यान दें। संदर्भ यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि आपने सही शब्द चुना है।
सार्वजनिक रुग्णालयों की स्थिति के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Question:
यह एक स्वमत अभिव्यक्ति (personal opinion) का प्रश्न है, जिसमें गद्यांश के आधार पर सार्वजनिक अस्पतालों की स्थिति पर 25-30 शब्दों में अपने विचार लिखने को कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
इस प्रश्न का उत्तर गद्यांश में लेखक द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं और विचारों पर आधारित होना चाहिए।
- लेखक कहता है कि "सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं काँप उठा।"
- वह अस्पताल को एक "खतरनाक शब्द" मानता है।
- वह सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती होने को "आत्मा से परमात्मा के मिलन" और एक "दुर्घटना" के रूप में देखता है।
इन बिंदुओं को मिलाकर, हम एक संक्षिप्त उत्तर तैयार कर सकते हैं जो सार्वजनिक अस्पतालों की खराब स्थिति, अव्यवस्था और लेखक के डर को दर्शाता है।
Step 3: Final Answer:
उत्तर को लेखक के दृष्टिकोण से लिखना चाहिए, जिसमें यह बताया गया हो कि सार्वजनिक अस्पताल की कल्पना मात्र से ही डर लगता है और वहाँ की सेवाएँ संतोषजनक नहीं होती हैं, जैसा कि गद्यांश में दर्शाया गया है।
Quick Tip: स्वमत वाले प्रश्नों में, अपने विचार प्रस्तुत करते समय गद्यांश के मूल भाव और लेखक के दृष्टिकोण का समर्थन करना महत्वपूर्ण है। अपने उत्तर को प्रासंगिक रखने के लिए गद्यांश से मिले संकेतों का उपयोग करें।
हमने अपने जीवन में बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा। उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरी करनी पड़ी। लेकिन उससे पूर्व बाबू जी के रहते मैं जब जन्मा था तब वे उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे। उस समय गृहमंत्री को पुलिस मंत्री कहा जाता था। इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए। बाबू जी प्रधानमंत्री हुए तो वहाँ जो गाड़ी थी वह थी, इंपाला शेवरलेट। उसे देख-देख बड़ा जी करता कि मौका मिले और उसे चलाऊँ। प्रधानमंत्री का लड़का था। कोई मामूली बात नहीं थी। सोचते-विचारते, कल्पना की उड़ान भरते एक दिन मौका मिल गया। धीरे-धीरे हिम्मत भी खुल गई थी ऑर्डर देने की। हमने बाबू जी के निजी सचिव से कहा- "सहाय साहब, जरा ड्राइवर से कहिए, इंपाला लेकर रेजिडेंस की तरफ आ जाएँ।"
दो मिनट में गाड़ी आकर दरवाजे पर लग गई। अनिल भैया ने कहा- "मैं तो इसे चलाऊँगा नहीं। तुम्हीं चलाओ।"
मैं आगे बढ़ा। ड्राइवर से चाभी माँगी। बोला-"तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।
Question 7:
कृति पूर्ण कीजिए :
(i) 
Step 1: Understanding the Concept:
प्रश्न में यह पूछा गया है कि लेखक ने ड्राइवर से चाबी लेने के बाद क्या कहा। इसका उत्तर गद्यांश की अंतिम पंक्ति में है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश के अंत में लेखक कहता है, "मैं आगे बढ़ा। ड्राइवर से चाभी माँगी। बोला-'तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।'"
इस वाक्य को दो भागों में विभाजित करके कृति को पूर्ण किया जा सकता है।
1. तुम बैठो, आराम करो
2. हम लोग वापस आते हैं अभी
Step 3: Final Answer:
लेखक ने चाबी माँगकर ड्राइवर से कहा - "तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।"
Quick Tip: 'कृति पूर्ण कीजिए' जैसे प्रश्नों में, उत्तर को दिए गए प्रारूप (जैसे कि प्रवाह तालिका या बॉक्स) के अनुसार ही लिखना चाहिए। गद्यांश से सीधे वाक्य या वाक्यांश लेना सबसे सटीक होता है।

Step 1: Understanding the Concept:
इस कृति में लेखक के जीवन पर उसके पिता (बाबू जी) के जीवित रहते और उनके न रहने के बाद पड़े प्रभाव की तुलना करनी है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. बाबू जी के रहते: गद्यांश की पहली पंक्ति है, "हमने अपने जीवन में बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा।"
2. बाबू जी के न रहते: गद्यांश की दूसरी पंक्ति में लिखा है, "उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरी करनी पड़ी।"
इन दोनों वाक्यों से कृति के लिए आवश्यक जानकारी मिल जाती है।
Step 3: Final Answer:
बाबू जी के रहते लेखक ने जीवन में कोई अभाव नहीं देखा और उनके न रहने पर लेखक को बैंक की नौकरी करनी पड़ी।
Quick Tip: तुलनात्मक प्रश्नों के लिए, गद्यांश में उन वाक्यों को रेखांकित करें जो दोनों स्थितियों का वर्णन करते हैं। इससे उत्तर लिखने में आसानी होती है।
उत्तर लिखिए :
(i) लेखक यह कल्पना किया करते थे
(ii) लेखक के जन्म के समय बाबू जी उत्तर प्रदेश में
Step 1: Understanding the Concept:
इन प्रश्नों के उत्तर सीधे गद्यांश से खोजने हैं। पहला प्रश्न लेखक की कल्पना के बारे में है और दूसरा लेखक के जन्म के समय उसके पिता के पद के बारे में है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) गद्यांश में लिखा है, "इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए।"
(ii) गद्यांश में लिखा है, "...मैं जब जन्मा था तब वे उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे।"
Step 3: Final Answer:
(i) लेखक यह कल्पना किया करते थे कि उनके पास छोटी गाड़ी की जगह एक बड़ी और आलीशान गाड़ी होनी चाहिए।
(ii) लेखक के जन्म के समय बाबू जी उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे।
Quick Tip: तथ्यात्मक प्रश्नों के उत्तर गद्यांश में स्पष्ट रूप से दिए होते हैं। प्रश्न के मुख्य शब्दों (keywords) को गद्यांश में ढूँढ़ने से उत्तर जल्दी मिल जाता है।
(i) गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए :
Step 1: Understanding the Concept:
प्रश्न में गद्यांश में से विलोम शब्दों (antonyms) का एक जोड़ा खोजने के लिए कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में एक वाक्य है: "इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए।"
इस वाक्य में 'छोटी' और 'बड़ी' शब्द एक दूसरे के विलोम हैं।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी है - छोटी \(\times\) बड़ी।
Quick Tip: विलोम शब्द या समानार्थी शब्द ढूँढ़ते समय, गद्यांश को ध्यान से पढ़ें। कभी-कभी ये शब्द एक ही वाक्य में मिल जाते हैं।
गद्यांश में उल्लेखित शब्दयुग्म ढूँढ़कर लिखिए :
Step 1: Understanding the Concept:
शब्दयुग्म वे शब्द होते हैं जो जोड़े में आते हैं, या जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति होती है। हमें गद्यांश से ऐसे दो शब्द खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में निम्नलिखित शब्दयुग्म मिलते हैं:
देख-देख ("उसे देख-देख बड़ा जी करता कि...")
सोचते-विचारते ("सोचते-विचारते, कल्पना की उड़ान भरते...")
धीरे-धीरे ("धीरे-धीरे हिम्मत भी खुल गई थी...")
इनमें से कोई भी दो लिखे जा सकते हैं।
Step 3: Final Answer:
गद्यांश में उल्लेखित शब्दयुग्म हैं - देख-देख और सोचते-विचारते।
Quick Tip: शब्दयुग्म अक्सर योजक चिह्न (-) द्वारा जुड़े होते हैं या एक साथ प्रयोग किए जाते हैं, जैसे 'रात-दिन', 'खाना-पीना', 'चलते-चलते' आदि।
'सादा जीवन, उच्च विचार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत अभिव्यक्ति का प्रश्न है। इसमें दिए गए विषय 'सादा जीवन, उच्च विचार' पर अपने व्यक्तिगत विचार संक्षेप में (25-30 शब्दों में) लिखने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
यह कहावत हमें सिखाती है कि जीवन की सच्ची खुशी भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि विचारों की महानता में है। हमें अपनी जरूरतों को सीमित रखकर और अपनी सोच को उन्नत बनाकर जीवन जीना चाहिए।
नमूना उत्तर:
'सादा जीवन, उच्च विचार' का अर्थ है भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ से दूर रहकर अपनी सोच और चरित्र को महान बनाना। सादगीपूर्ण जीवन हमें मानसिक शांति देता है, जिससे हम बड़े लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।
Step 3: Final Answer:
'सादा जीवन, उच्च विचार' का सिद्धांत हमें भौतिकता से ऊपर उठकर ज्ञान, नैतिकता और सादगी को महत्व देना सिखाता है। यही सार्थक और सफल जीवन का सच्चा आधार है।
Quick Tip: स्वमत अभिव्यक्ति के प्रश्नों में, दिए गए विषय के मूल भाव को समझें और अपने विचारों को स्पष्ट, संक्षिप्त और सकारात्मक भाषा में प्रस्तुत करें। शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखें।
परोपकार ही मानवता है, जैसा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने लिखा है-'वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे।' केवल अपने दुख-सुख की चिंता करना मानवता नहीं, पशुता है। परोपकार ही मानव को पशुता से सदय बनाता है। वस्तुतः निःस्वार्थ भावना से दूसरों का हित साधना ही परोपकार है। मनुष्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार परोपकार कर सकता है। दूसरों के प्रति सहानुभूति करना ही परोपकार है और सहानुभूति किसी भी रूप में प्रकट की जा सकती है। किसी निर्धन की आर्थिक सहायता करना अथवा किसी असहाय की रक्षा करना परोपकार के रूप हैं। किसी पागल अथवा रोगी की सेवा-शुश्रूषा करना अथवा भूखे को अन्नदान करना भी परोपकार है। किसी को संकट से बचा लेना, किसी को कुमार्ग से हटा देना, किसी दुखी-निराश को सांत्वना देना- ये सब परोपकार के ही रूप हैं। कोई भी कार्य, जिससे किसी को लाभ पहुँचता है, परोपकार है, जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार विभिन्न रूपों में किया जा सकता है।
Question 13:
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर तालिका पूर्ण कीजिए :
(सांत्वना, पशुता, सेवा-शुश्रूषा, मानवता, सामर्थ्य)

Step 1: Understanding the Concept:
इस प्रश्न में गद्यांश की पंक्तियों को पूरा करने के लिए कोष्ठक में दिए गए सही शब्दों का चयन करना है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश की पंक्तियों को ध्यान से पढ़ने पर उत्तर मिलते हैं:
"परोपकार ही मानवता है..."
"...केवल अपने दुख-सुख की चिंता करना मानवता नहीं, पशुता है।"
"किसी पागल अथवा रोगी की सेवा-शुश्रूषा करना..."
"...किसी दुखी-निराश को सांत्वना देना..."
Step 3: Final Answer:
पूर्ण तालिका इस प्रकार है:
\begin{tabular{|l l l|
\hline
(1) & परोपकार ही & मानवता
(2) & केवल अपने सुख-दुख की चिंता करना & पशुता
(3) & पागल अथवा रोगी की & सेवा-शुश्रूषा
(4) & दुखी-निराश को & सांत्वना
\hline
\end{tabular
Quick Tip: 'तालिका पूर्ण कीजिए' जैसे प्रश्नों में, गद्यांश में दिए गए वाक्यों को ध्यान से खोजें। उत्तर अक्सर सीधे वाक्यों में ही मिल जाते हैं।
'मानवता ही सच्चा धर्म है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत अभिव्यक्ति का प्रश्न है। इसमें आपको 'मानवता ही सच्चा धर्म है' इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने हैं। उत्तर गद्यांश की मूल भावना पर आधारित होना चाहिए।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में परोपकार को ही मानवता बताया गया है, जो सभी धर्मों का सार है। इसी विचार को आधार बनाकर उत्तर लिखा जा सकता है।
नमूना उत्तर:
'मानवता ही सच्चा धर्म है' क्योंकि यह हमें जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर निःस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना सिखाती है। प्रेम, करुणा और सेवा ही मानवता के मूल स्तंभ हैं, जो किसी भी धार्मिक ग्रंथ से बढ़कर हैं।
Step 3: Final Answer:
वास्तव में, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। किसी जरूरतमंद की मदद करना, दुखी को सांत्वना देना और निःस्वार्थ सेवा करना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। यह हमें एक बेहतर इंसान और समाज बनाता है।
Quick Tip: स्वमत अभिव्यक्ति के प्रश्नों में, विषय के सार को समझकर अपने शब्दों में लिखें। आपके विचार स्पष्ट और सकारात्मक होने चाहिए। शब्द सीमा का ध्यान अवश्य रखें।
कृति पूर्ण कीजिए :

Step 1: Understanding the Concept:
यह कृति पद्यांश की अंतिम दो पंक्तियों पर आधारित है। हमें इन पंक्तियों में वर्णित भारतीयों के गुणों को पहचान कर प्रवाह तालिका को पूरा करना है।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश की अंतिम दो पंक्तियाँ हैं:
"चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न
हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न।"
इन पंक्तियों से हमें कृति के लिए आवश्यक शब्द मिल जाते हैं।
Step 3: Final Answer:
पूर्ण कृति इस प्रकार है:
चरित थे \(\rightarrow\) \framebox[2.5cm]{पूत \(\rightarrow\) भुजा में \(\rightarrow\) \framebox[2.5cm]{शक्ति \(\rightarrow\) नम्रता रही \(\rightarrow\) \framebox[2.5cm]{सदा संपन्न \(\rightarrow\) हृदय के गौरव में \(\rightarrow\) \framebox[2.5cm]{था गर्व
Quick Tip: कृति पूर्ण करने वाले प्रश्नों के लिए, पद्यांश की संबंधित पंक्तियों को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए क्रम में ही जानकारी भरें।
(i) पद्यांश से लय-ताल युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए :
Step 1: Understanding the Concept:
लय-ताल युक्त शब्द (तुकांत शब्द) वे शब्द होते हैं जिनकी अंतिम ध्वनि समान होती है, जैसे 'रही' और 'यहीं'। हमें पद्यांश से ऐसे शब्द खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश में निम्नलिखित तुकांत शब्द हैं:
धूम - घूम (पंक्ति 1 और 2)
दृष्टि - सृष्टि (पंक्ति 3 और 4)
यहीं - नहीं (पंक्ति 5 और 6)
संपन्न - विपन्न (पंक्ति 7 और 8)
इनमें से कोई भी दो जोड़े लिखे जा सकते हैं।
Step 3: Final Answer:
(1) धूम - घूम
(2) दृष्टि - सृष्टि
Quick Tip: तुकांत शब्द आमतौर पर कविता की पंक्तियों के अंत में पाए जाते हैं। समान ध्वनि वाले शब्दों पर ध्यान दें।
निम्नलिखित प्रत्यययुक्त शब्दों के मूलशब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए :
(1) दयालु
(2) प्राकृतिक
Step 1: Understanding the Concept:
हमें दिए गए प्रत्यययुक्त शब्दों ('दयालु', 'प्राकृतिक') के मूल शब्द पद्यांश से खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
(1) दयालु: इस शब्द का मूल शब्द 'दया' है और इसमें 'आलु' प्रत्यय लगा है। पद्यांश की दूसरी पंक्ति में 'दया' शब्द आया है: "दया दिखलाते घर-घर घूम।"
(2) प्राकृतिक: इस शब्द का मूल शब्द 'प्रकृति' है और इसमें 'इक' प्रत्यय लगा है। पद्यांश की पाँचवीं पंक्ति में 'प्रकृति' शब्द आया है: "प्रकृति का रहा पालना यहीं"।
Step 3: Final Answer:
(1) दयालु का मूलशब्द - दया
(2) प्राकृतिक का मूलशब्द - प्रकृति
Quick Tip: मूलशब्द और प्रत्यय को अलग करने के लिए, शब्द के उस सार्थक हिस्से को पहचानें जो प्रत्यय हटाने के बाद बचता है।
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
हमें पद्यांश की पहली चार पंक्तियों का सरल अर्थ अपने शब्दों में लिखना है।
पंक्तियाँ हैं:
विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम
भिक्षु होकर रहते सम्राट, दया दिखलाते घर-घर घूम।
'यवन' को दिया दया का दान, चीन को मिली धर्म की दृष्टि
मिला था स्वर्ण भूमि को रत्न, शील की सिंहल को भी सृष्टि।
Step 2: Detailed Explanation:
सरल अर्थ:
कवि कहते हैं कि भारत ने केवल शस्त्रों से ही विजय नहीं पाई, बल्कि यहाँ हमेशा धर्म की विजय हुई है। यहाँ अशोक जैसे सम्राटों ने राजपाट त्यागकर भिक्षु बनकर घर-घर दया का संदेश फैलाया। भारत ने यूनानियों को दया का दान दिया और चीन को धर्म की दृष्टि प्रदान की।
Step 3: Final Answer:
कवि जयशंकर प्रसाद जी कहते हैं कि भारत ने शस्त्रों के बल पर नहीं, बल्कि धर्म और प्रेम से दिलों को जीता है। यहाँ सम्राटों ने भी भिक्षु बनकर दया का प्रचार किया तथा यूनान और चीन जैसे देशों को दया और धर्म का संदेश दिया।
Quick Tip: भावार्थ लिखते समय, कविता के मूल भाव को पकड़ें और उसे अपनी सरल भाषा में लिखें। कठिन शब्दों को आसान शब्दों में बदलें और अलंकारिक भाषा को सीधे अर्थ में प्रस्तुत करें।
उत्तर लिखिए :
Step 1: Understanding the Concept:
हमें पद्यांश की पंक्तियों के आधार पर बताना है कि कौन क्या कर रहा है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) गरजने वाले: पहली पंक्ति में लिखा है "घन घमंड नभ गरजत घोरा।" - तो गरजने वाले घन (बादल) हैं।
(ii) चमकने वाली: दूसरी पंक्ति में है "दामिनि दमक रहहिं घन माहीं।" - तो चमकने वाली दामिनि (बिजली) है।
(iii) बूँद के आघात सहने वाले: चौथी पंक्ति में है "बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे।" - तो आघात सहने वाले गिरि (पर्वत) हैं।
(iv) दुष्ट के वचन सहने वाले: चौथी पंक्ति में तुलना की गई है "खल के बचन संत सह जैसे।" - तो वचन सहने वाले संत हैं।
Step 3: Final Answer:
\begin{tabular{l l l
(i) & गरजने वाले & - घन (बादल)
(ii) & चमकने वाली & - दामिनि (बिजली)
(iii) & बूँद के आघात सहने वाले & - गिरि (पर्वत)
(iv) & दुष्ट के वचन सहने वाले & - संत
\end{tabular
Quick Tip: पद्य में दी गई क्रियाओं और उनके कर्ताओं को ध्यान से पढ़ें। अक्सर प्रश्न इन्हीं जोड़ों पर आधारित होते हैं।
{पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए :
(i) निम्न अर्थ के शब्द :
(1) झुकना
(2) मटमैला
Step 1: Understanding the Concept:
दिए गए अर्थों ('झुकना', 'मटमैला') के लिए पद्यांश से अवधी भाषा के शब्द खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
(1) झुकना: तीसरी पंक्ति में शब्द है 'नवहिं' - "जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।" ('नवहिं' का अर्थ है झुकते हैं)।
(2) मटमैला: छठी पंक्ति में शब्द है 'ढाबर' - "भूमि परत भा ढाबर पानी।" ('ढाबर' का अर्थ है गंदा या मटमैला)।
Step 3: Final Answer:
(1) झुकना - नवहिं
(2) मटमैला - ढाबर
Quick Tip: पुरानी हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं के पद्यांशों के लिए, कठिन शब्दों के अर्थों को समझने का प्रयास करें। अक्सर शब्दार्थ पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
उपसर्गयुक्त शब्द
Step 1: Understanding the Concept:
उपसर्गयुक्त शब्द वे होते हैं जिनके आरंभ में कोई उपसर्ग (prefix) जुड़ा हो। हमें पद्यांश से ऐसे शब्द खोजने हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
पद्यांश में निम्नलिखित उपसर्गयुक्त शब्द मिलते हैं:
सदगुन: इसमें 'सद्' उपसर्ग है (सद् + गुण)। "जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा॥"
अघात: इसमें 'अ' उपसर्ग है (अ + घात)। "बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे।"
Step 3: Final Answer:
(1) सदगुन
(2) अघात
Quick Tip: उपसर्ग शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देता है। शब्दों को उनके मूल रूप में तोड़कर देखने से उपसर्ग पहचानना आसान हो जाता है।
उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
हमें पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ अपने शब्दों में लिखना है।
पंक्तियाँ हैं:
छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई ॥
भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी ॥
समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा ॥
सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई ॥
Step 2: Detailed Explanation:
सरल अर्थ:
कवि कहते हैं कि छोटी नदियाँ वर्षा के जल से भरकर अपने किनारों को तोड़ती हुई ऐसे बहती हैं जैसे दुष्ट व्यक्ति थोड़ा धन पाकर इतराने लगता है। धरती पर गिरकर पानी गंदा हो जाता है, जैसे जीव से माया लिपट जाती है। धीरे-धीरे जल तालाबों में ऐसे भरता है जैसे सज्जनों के पास सद्गुण आते हैं। और नदी का जल समुद्र में जाकर वैसे ही स्थिर हो जाता है जैसे जीव ईश्वर को पाकर अचल हो जाता है।
Step 3: Final Answer:
कवि तुलसीदास जी कहते हैं कि वर्षा में छोटी नदियाँ ऐसे उफनती हैं जैसे दुष्ट लोग धन पाकर इतराते हैं। पानी एकत्र होकर तालाबों में ऐसे भरता है जैसे सज्जन में सद्गुण आते हैं और अंत में नदी समुद्र में मिलकर वैसे ही स्थिर हो जाती है जैसे जीव प्रभु को पाकर हो जाता है।
Quick Tip: भावार्थ लिखते समय, पद्यांश में प्रयुक्त उपमाओं और उदाहरणों (जैसे - 'जथा', 'जैसे', 'जिमि', 'जनु') को समझें और उनके द्वारा दिए जा रहे संदेश को स्पष्ट करें।
कृति पूर्ण कीजिए :

Step 1: Understanding the Concept:
इस प्रश्न में युवक के तर्कपूर्ण विचारों के विषयों को पहचानकर कृति को पूरा करना है। इसका उत्तर गद्यांश की पहली कुछ पंक्तियों में है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में लिखा है: "अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था..."
इस वाक्य से युवक के विचारों के चारों विषय स्पष्ट हो जाते हैं।
Step 3: Final Answer:
युवक के तर्कपूर्ण विचारों के विषय थे: देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, और ईमानदारी।
Quick Tip: संजाल (web diagram) या कृति पूर्ण करने वाले प्रश्नों के लिए, गद्यांश में संबंधित मुख्य शब्दों (keywords) को खोजें और उन्हें उचित स्थान पर लिखें।
"भ्रष्टाचार एक कलंक" विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत अभिव्यक्ति का प्रश्न है। इसमें दिए गए विषय 'भ्रष्टाचार एक कलंक' पर अपने विचार संक्षेप में लिखने हैं। उत्तर गद्यांश में दिए गए युवक के विचारों से प्रेरित हो सकता है।
Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में युवक भ्रष्टाचार को देश के लिए कलंक बताता है जो देश को घुन की तरह खा रहा है। इसी विचार को आधार बनाकर उत्तर लिखा जा सकता है।
नमूना उत्तर:
भ्रष्टाचार किसी भी देश के लिए एक कलंक है। यह देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है और सामाजिक व्यवस्था को खोखला कर देता है। यह गरीबों के हक छीनता है और अयोग्य लोगों को आगे बढ़ाता है। इसे जड़ से मिटाना आवश्यक है।
Step 3: Final Answer:
भ्रष्टाचार देश के माथे पर एक ऐसा कलंक है जो उसकी सामाजिक और आर्थिक प्रगति को रोकता है। यह नैतिकता का पतन है और न्याय व्यवस्था में अविश्वास पैदा करता है। इसके विरुद्ध कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।
Quick Tip: स्वमत अभिव्यक्ति के प्रश्नों में, विषय के प्रभाव और उसके परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें। अपने विचारों को दृढ़ और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करें।
आकृति पूर्ण कीजिए :
(i) 
Step 1: Understanding the Concept:
प्रश्न में हाइकु कविता में वर्णित महीने और उस महीने में आने वाले त्योहार का नाम पूछा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
दूसरे हाइकु में स्पष्ट रूप से लिखा है: "आया फागुन।" इससे महीने का नाम पता चलता है। फागुन महीने का सबसे प्रमुख त्योहार होली है, जो 'रंग-बिरंगे रंग-संग' से संबंधित है।
Step 3: Final Answer:
हाइकु में उल्लेखित महीना फागुन है और उसमें आने वाला त्योहार होली है।
Quick Tip: हाइकु जैसी संक्षिप्त कविताओं में, शब्दों के प्रतीकात्मक अर्थ को समझें। जैसे 'रंग-बिरंगे' शब्द फागुन के महीने में होली के त्योहार की ओर संकेत करता है।
आकृति पूर्ण कीजिए :
Step 1: Understanding the Concept:
प्रश्न में तीसरे हाइकु में वर्णित फूल की विशेषताओं को लिखने के लिए कहा गया है।
Step 2: Detailed Explanation:
तीसरा हाइकु है:
"काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।"
इस हाइकु से फूल की दो विशेषताएँ स्पष्ट होती हैं:
वह काँटों के बीच खिलखिलाता है।
वह प्रेरणा देता है।
Step 3: Final Answer:
फूल की विशेषताएँ हैं: (1) काँटों के बीच खिलखिलाना, और (2) प्रेरणा देना।
Quick Tip: उत्तर लिखते समय, कविता की पंक्तियों से सीधे शब्दों या वाक्यांशों का प्रयोग करें ताकि उत्तर सटीक हो।
'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Step 1: Understanding the Concept:
यह एक स्वमत अभिव्यक्ति का प्रश्न है, जिसमें प्रसिद्ध कहावत 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती' पर अपने विचार लिखने हैं। यह विचार तीसरे हाइकु ("काँटों के बीच खिलखिलाता फूल देता प्रेरणा।") से प्रेरित हो सकता है।
Step 2: Detailed Explanation:
जिस प्रकार फूल काँटों के बीच भी खिलखिलाता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी कठिनाइयों से घबराए बिना लगातार प्रयास करना चाहिए।
नमूना उत्तर:
यह कथन बिल्कुल सत्य है। जीवन में सफलता उन्हीं को मिलती है जो असफलताओं से निराश हुए बिना लगातार प्रयास करते रहते हैं। हर कोशिश हमें अनुभव और सीख देती है, जो अंततः हमें मंजिल तक पहुँचाती है।
Step 3: Final Answer:
'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती' यह उक्ति हमें सिखाती है कि निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। भले ही रास्ते में कठिनाइयाँ आएँ, दृढ़ निश्चय और लगन से हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
Quick Tip: जब किसी प्रसिद्ध कहावत पर विचार लिखने हों, तो उसके गहरे अर्थ को समझाएँ और जीवन से एक छोटा सा उदाहरण (मानसिक रूप से) सोचकर अपने विचारों को और प्रभावशाली बनाएँ।
(1) अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए :
वे हलुवा-पूड़ी और \underline{ताजी दूध-मलाई खाते हैं।
Step 1: Understanding the Concept:
शब्दभेद पहचानने का अर्थ है यह बताना कि शब्द व्याकरण की दृष्टि से क्या है (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, आदि)। यहाँ अधोरेखांकित शब्द 'ताजी' है।
Step 2: Detailed Explanation:
'ताजी' शब्द 'दूध-मलाई' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है। जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, अवस्था, आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। चूँकि 'ताजी' एक गुण बता रहा है, यह गुणवाचक विशेषण है।
Step 3: Final Answer:
ताजी - गुणवाचक विशेषण।
Quick Tip: किसी शब्द का भेद पहचानने के लिए, वाक्य में उसके कार्य को देखें। यदि वह किसी संज्ञा के बारे में कुछ बता रहा है, तो वह संभवतः एक विशेषण है।
निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) और
(ii) के पास
Step 1: Understanding the Concept:
अव्यय वे शब्द होते हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता। हमें दिए गए अव्ययों ('और', 'के पास') में से किसी एक का प्रयोग करके एक सार्थक वाक्य बनाना है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) और: यह एक समुच्चयबोधक अव्यय है, जो दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ता है।
वाक्य प्रयोग: सीता और गीता बाजार गईं।
(ii) के पास: यह एक संबंधबोधक अव्यय है, जो संज्ञा/सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताता है।
वाक्य प्रयोग: उस बच्चे के पास एक सुंदर खिलौना है।
Step 3: Final Answer:
(i) और: मैंने फल और सब्जियाँ खरीदीं।
(ii) के पास: बैंक पोस्ट ऑफिस के पास है।
(नोट: कोई एक वाक्य लिखना है।)
Quick Tip: वाक्य प्रयोग करते समय, यह सुनिश्चित करें कि वाक्य व्याकरण की दृष्टि से सही हो और उसका एक स्पष्ट अर्थ निकलता हो।
कृति पूर्ण कीजिए :
Step 1: Understanding the Concept:
इस कृति में हमें दिए गए शब्द का संधि-विच्छेद और संधि का भेद बताना है, या दिए गए विच्छेद से शब्द और उसका भेद बताना है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. दिग्गज: यह व्यंजन संधि का उदाहरण है। नियम के अनुसार, यदि 'क्' के बाद कोई घोष व्यंजन (यहाँ 'ग') आता है, तो 'क्' अपने वर्ग के तीसरे व्यंजन 'ग्' में बदल जाता है।
संधि-विच्छेद: दिक् + गज
संधि भेद: व्यंजन संधि
2. अथवा - सदा + एव: यह वृद्धि स्वर संधि का उदाहरण है। नियम के अनुसार, यदि 'आ' के बाद 'ए' आता है, तो दोनों मिलकर 'ऐ' हो जाते हैं।
शब्द: सदैव
संधि भेद: वृद्धि स्वर संधि
Step 3: Final Answer:
पूर्ण कृति:
\begin{tabular{|l|c|c|
\hline
शब्द & संधि-विच्छेद & संधि भेद
\hline
दिग्गज & दिक् + गज & व्यंजन संधि
\hline
\multicolumn{3{|c|{अथवा
\hline
सदैव & सदा + एव & वृद्धि स्वर संधि
\hline
\end{tabular
Quick Tip: संधि के नियमों को याद रखें। स्वर संधि के पाँच भेद (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि) और व्यंजन संधि के महत्वपूर्ण नियमों का अभ्यास करें।
निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
(i) वे पुस्तक पकड़े न रख सके।
(ii) अवश्य ही लोग खा-पीकर चले गए।
Step 1: Understanding the Concept:
सहायक क्रिया मुख्य क्रिया के बाद आकर वाक्य के अर्थ को पूरा करने में मदद करती है। हमें वाक्य में सहायक क्रिया को पहचानना है और उसका मूल धातु रूप लिखना है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) वे पुस्तक पकड़े न रख सके।
मुख्य क्रिया: रख
सहायक क्रिया: सके
मूल रूप: सकना
(ii) अवश्य ही लोग खा-पीकर चले गए।
मुख्य क्रिया: चले
सहायक क्रिया: गए
मूल रूप: जाना
Step 3: Final Answer:
(i) सहायक क्रिया: सके, मूल रूप: सकना
(अथवा)
(ii) सहायक क्रिया: गए, मूल रूप: जाना
Quick Tip: सहायक क्रिया हमेशा वाक्य के अंत में मुख्य क्रिया के साथ आती है। उसका मूल रूप पहचानने के लिए, उसके अंत में 'ना' लगाकर देखें। जैसे - 'गया' से 'जाना', 'लिया' से 'लेना', 'सका' से 'सकना'।
निम्नलिखित में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए :
क्रिया & प्रथम प्रेरणार्थक रूप & द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
देखना
तोड़ना
Step 1: Understanding the Concept:
प्रेरणार्थक क्रिया में कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी और को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
प्रथम प्रेरणार्थक: कर्ता कार्य में शामिल होता है (जैसे, माँ बच्चे को खाना खिलाती है)। इसमें 'आना' प्रत्यय लगता है।
द्वितीय प्रेरणार्थक: कर्ता किसी तीसरे से कार्य करवाता है (जैसे, माँ नौकरानी से बच्चे को खाना खिलवाती है)। इसमें 'वाना' प्रत्यय लगता है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) देखना
प्रथम प्रेरणार्थक: दिखाना
द्वितीय प्रेरणार्थक: दिखवाना
(ii) तोड़ना
प्रथम प्रेरणार्थक: तुड़ाना
द्वितीय प्रेरणार्थक: तुड़वाना
Step 3: Final Answer:
\begin{tabular{|l|c|c|
\hline
क्रिया & प्रथम प्रेरणार्थक रूप & द्वितीय प्रेरणार्थक रूप
\hline
देखना & दिखाना & दिखवाना
\hline
तोड़ना & तुड़ाना & तुड़वाना
\hline
\end{tabular
(नोट: किसी एक क्रिया का रूप लिखना है।)
Quick Tip: अधिकांश क्रियाओं में प्रथम प्रेरणार्थक के लिए 'आना' और द्वितीय प्रेरणार्थक के लिए 'वाना' प्रत्यय जोड़ा जाता है, जैसे - करना \(\rightarrow\) कराना \(\rightarrow\) करवाना।
निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(i) मुँह लाल होना
(ii) टाँग अड़ाना
अथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(तिलमिला जाना, काँप उठना)
पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही \underline{क्रोध में आ गए।
Step 1: Understanding the Concept:
हमें या तो दिए गए मुहावरों का अर्थ और वाक्य प्रयोग करना है, या फिर अधोरेखांकित वाक्यांश की जगह सही मुहावरे का प्रयोग करके वाक्य को दोबारा लिखना है।
Step 2: Detailed Explanation:
भाग 1: अर्थ और वाक्य प्रयोग
(i) मुँह लाल होना
अर्थ: बहुत गुस्सा होना, क्रोधित होना।
वाक्य प्रयोग: जब मैंने सच बोला तो चोर का मुँह लाल हो गया।
(ii) टाँग अड़ाना
अर्थ: बाधा डालना, काम में रुकावट पैदा करना।
वाक्य प्रयोग: हर किसी के काम में टाँग अड़ाना रमेश की आदत है।
भाग 2: उचित मुहावरे का चयन
वाक्य है: पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही \underline{क्रोध में आ गए।
'क्रोध में आ जाना' का सही मुहावरा है तिलमिला जाना।
'काँप उठना' का अर्थ होता है डर जाना।
सही वाक्य: पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही तिलमिला गए।
Step 3: Final Answer:
(i) मुँह लाल होना - अर्थ: बहुत क्रोधित होना। वाक्य: अपनी आलोचना सुनकर उसका मुँह लाल हो गया।
(अथवा)
(ii) टाँग अड़ाना - अर्थ: बाधा डालना। वाक्य: हमें दूसरों के काम में टाँग नहीं अड़ानी चाहिए।
(अथवा)
पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही तिलमिला गए।
Quick Tip: मुहावरे का वाक्य में प्रयोग करते समय, यह सुनिश्चित करें कि वाक्य से मुहावरे का अर्थ स्पष्ट हो रहा हो। मुहावरे का प्रयोग करें, उसके अर्थ का नहीं।
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारकों में से कोई एक कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए :
(i) चाची अपने कमरे से निकल गयी थी।
(ii) कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है।
Step 1: Understanding the Concept:
कारक, संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताते हैं। हमें वाक्य में प्रयुक्त कारक चिह्न (विभक्ति) को पहचानना है और उसका भेद (प्रकार) बताना है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) चाची अपने कमरे से निकल गयी थी।
कारक चिह्न: से
विश्लेषण: यहाँ 'से' का प्रयोग अलग होने (कमरे से निकलने) के अर्थ में हुआ है। जब 'से' का प्रयोग अलगाव, तुलना, या डर के भाव में होता है, तो वह अपादान कारक होता है।
कारक भेद: अपादान कारक
(ii) कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है।
कारक चिह्न: के लिए
विश्लेषण: 'के लिए' विभक्ति का प्रयोग जिसके लिए क्रिया की जाती है, उसे दर्शाने के लिए होता है। यह संप्रदान कारक का चिह्न है।
कारक भेद: संप्रदान कारक
Step 3: Final Answer:
पूर्ण कृति:
\begin{tabular{|c|c|
\hline
कारक चिह्न & कारक भेद
\hline
से (कमरे से) & अपादान कारक
\hline
\multicolumn{2{|c|{(अथवा)
\hline
के लिए (समय के लिए) & संप्रदान कारक
\hline
\end{tabular
(नोट: कोई एक उत्तर लिखना है।)
Quick Tip: कारक चिह्नों को उनके अर्थ के साथ याद रखें। 'से' चिह्न दो कारकों में आता है: करण कारक (साधन के रूप में, जैसे 'चाकू से') और अपादान कारक (अलग होने के अर्थ में, जैसे 'पेड़ से')।
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विराम-चिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए :
जल्दी जल्दी पैर बढ़ा
Step 1: Understanding the Concept:
इस प्रश्न में दिए गए वाक्य में सही विराम चिह्नों का प्रयोग करना है। वाक्य में पुनरुक्त शब्द और वाक्य की समाप्ति पर ध्यान देना है।
Step 2: Detailed Explanation:
1. जल्दी जल्दी: जब एक ही शब्द की पुनरावृत्ति होती है, तो उनके बीच योजक चिह्न (-) का प्रयोग होता है। तो यह "जल्दी-जल्दी" हो जाएगा।
2. पैर बढ़ा: यह एक आज्ञात्मक या निर्देशात्मक वाक्य है। ऐसे वाक्यों के अंत में पूर्ण विराम (।) का प्रयोग होता है। वाक्य को और पूर्ण करने के लिए "बढ़ा" को "बढ़ाओ" में बदलना अधिक स्वाभाविक है।
Step 3: Final Answer:
सही वाक्य है: जल्दी-जल्दी पैर बढ़ाओ।
Quick Tip: हमेशा वाक्य के प्रकार (प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, साधारण) को पहचानें ताकि सही अंतिम विराम चिह्न ( ?, !, ।) का प्रयोग कर सकें। पुनरुक्त या युग्म शब्दों के बीच योजक चिह्न (-) लगाना न भूलें।
निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए :
(i) आराम हराम हुआ है।
(अपूर्ण वर्तमानकाल)
(ii) वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं।
(पूर्ण भूतकाल)
(iii) मैंने खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा।
(सामान्य भविष्यकाल)
Step 1: Understanding the Concept:
हमें दिए गए वाक्यों को निर्देशानुसार अलग-अलग कालों में बदलना है।
- अपूर्ण वर्तमानकाल: क्रिया हो रही है (रहा है, रही है, रहे हैं)।
- पूर्ण भूतकाल: क्रिया भूतकाल में पूरी हो चुकी थी (चुका था, चुकी थी, चुके थे; या क्रिया के साथ था, थी, थे)।
- सामान्य भविष्यकाल: क्रिया भविष्य में होगी (गा, गी, गे)।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) आराम हराम हुआ है। \(\rightarrow\) अपूर्ण वर्तमानकाल
इस काल में क्रिया के जारी रहने का बोध होता है।
परिवर्तित वाक्य: आराम हराम हो रहा है।
(ii) वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं। \(\rightarrow\) पूर्ण भूतकाल
इस काल में क्रिया के बहुत पहले समाप्त हो जाने का बोध होता है। 'वे' के साथ क्रिया का रूप 'खरीदी थी' होगा और कर्ता 'उन्होंने' हो जाएगा।
परिवर्तित वाक्य: उन्होंने बाजार से नई पुस्तक खरीदी थी। (या, वे बाजार से नई पुस्तक खरीद चुके थे।)
(iii) मैंने खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा। \(\rightarrow\) सामान्य भविष्यकाल
इस काल में क्रिया के भविष्य में होने का बोध होता है। 'मैंने' का रूप 'मैं' हो जाएगा और क्रिया के अंत में 'ऊँगा' लगेगा।
परिवर्तित वाक्य: मैं खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहूँगा।
Step 3: Final Answer:
(i) आराम हराम हो रहा है।
(ii) उन्होंने बाजार से नई पुस्तक खरीदी थी।
(iii) मैं खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहूँगा।
Quick Tip: काल परिवर्तन करते समय कर्ता (subject) के रूप में होने वाले परिवर्तन पर भी ध्यान दें (जैसे 'मैंने' का 'मैं' या 'वे' का 'उन्होंने') और क्रिया को कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार सही रूप में रखें।
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए :
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें हाथों से झटककर बोली।
Step 1: Understanding the Concept:
रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं: सरल, संयुक्त और मिश्र।
- सरल वाक्य: एक ही मुख्य क्रिया।
- संयुक्त वाक्य: दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक अव्ययों (जैसे: और, तथा, एवं, पर, लेकिन, इसलिए) से जुड़े होते हैं।
- मिश्र वाक्य: एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
दिए गए वाक्य में दो स्वतंत्र उपवाक्य हैं:
1. वह बूढ़ी काकी पर झपटी।
2. उन्हें हाथों से झटककर बोली।
ये दोनों उपवाक्य 'और' समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हुए हैं। दोनों उपवाक्य अपने आप में पूर्ण अर्थ देते हैं। अतः, यह एक संयुक्त वाक्य है।
Step 3: Final Answer:
यह एक संयुक्त वाक्य है।
Quick Tip: वाक्य में 'और', 'लेकिन', 'परंतु', 'या', 'अथवा', 'इसलिए' जैसे योजक शब्दों को पहचानें। यदि ये दो स्वतंत्र वाक्यों को जोड़ रहे हैं, तो वह वाक्य संयुक्त वाक्य होता है।
निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए :
(1) मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
(2) मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)
Step 1: Understanding the Concept:
हमें दिए गए वाक्यों को अर्थ के आधार पर निर्देशानुसार बदलना है।
- विधानार्थक वाक्य: ऐसा वाक्य जिसमें किसी क्रिया के करने या होने का सामान्य कथन हो। यह एक सकारात्मक वाक्य होता है।
- प्रश्नार्थक वाक्य: ऐसा वाक्य जिसमें कोई प्रश्न पूछा जाए।
Step 2: Detailed Explanation:
(1) मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। \(\rightarrow\) विधानार्थक वाक्य
यह एक निषेधार्थक वाक्य है। इसे विधानार्थक (सकारात्मक) बनाने के लिए 'नहीं' को हटाना होगा।
परिवर्तित वाक्य: मैं आज रात का खाना खाऊँगा।
(2) मानू इतना ही बोल सकी। \(\rightarrow\) प्रश्नार्थक वाक्य
यह एक विधानार्थक वाक्य है। इसे प्रश्नार्थक बनाने के लिए वाक्य के आरंभ में 'क्या' लगाकर अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगाना होगा।
परिवर्तित वाक्य: क्या मानू इतना ही बोल सकी?
Step 3: Final Answer:
(1) मैं आज रात का खाना खाऊँगा।
(अथवा)
(2) क्या मानू इतना ही बोल सकी?
Quick Tip: वाक्य परिवर्तन करते समय वाक्य का मूल अर्थ और काल नहीं बदलना चाहिए, केवल उसका प्रकार बदलना चाहिए। प्रश्नार्थक वाक्य बनाते समय अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगाना अनिवार्य है।
निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए :
(i) लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
(ii) घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
(iii) सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
Step 1: Understanding the Concept:
हमें दिए गए वाक्यों में व्याकरण संबंधी अशुद्धियों (लिंग, वचन, कारक) को ठीक करके उन्हें शुद्ध रूप में लिखना है।
Step 2: Detailed Explanation:
(i) लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
अशुद्धि: 'पूँछ' स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए संबंध कारक 'का' की जगह 'की' और क्रिया 'था' की जगह 'थी' होनी चाहिए। 'झूब्बेदार' की सही वर्तनी 'झब्बेदार' है।
शुद्ध वाक्य: लक्ष्मी की एक झब्बेदार पूँछ थी।
(ii) घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
अशुद्धि: 'आवाज' स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए संबंध कारक 'का' की जगह 'की' और क्रिया 'आता है' की जगह 'आती है' होगी।
शुद्ध वाक्य: घर में तख्ते के रखे जाने की आवाज आती है।
(iii) सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
अशुद्धि: 'प्राण' शब्द हमेशा बहुवचन में प्रयोग होता है। इसलिए संबंध कारक 'का' की जगह 'के' और क्रिया 'गया' की जगह 'गए' होगी।
शुद्ध वाक्य: सामने शेर देखकर यात्री के प्राण मानो मुरझा गए।
Step 3: Final Answer:
(i) लक्ष्मी की एक झब्बेदार पूँछ थी।
(ii) घर में तख्ते के रखे जाने की आवाज आती है।
(iii) सामने शेर देखकर यात्री के प्राण मानो मुरझा गए।
Quick Tip: वाक्य शुद्धि के लिए लिंग, वचन, कारक और क्रिया के सही मेल पर विशेष ध्यान दें। कुछ शब्द जैसे प्राण, आँसू, दर्शन, हस्ताक्षर हमेशा बहुवचन में प्रयोग होते हैं।
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