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Content Curator | Updated On - Feb 20, 2025

The CBSE Class 10 Hindi A Question Paper for 2024 (Set 2- 3/1/2) is available for download here. CBSE held the Hindi A exam on February 21, 2024, from 10:30 AM to 1:30 PM, with a total of 80 marks for the theory paper. The question paper includes 20% multiple-choice questions, 40% competency-based questions, and 40% short and long answer-type questions. According to students, the difficulty level of the Hindi exam was moderate.

CBSE Class 10 Exam 2024 Hindi A Question Paper with Answer Key PDF

CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2024 (Set 2 - 3/1/2) with Answer Key download iconDownload Check Solutions

CBSE Class 10 Hindi A Question Paper With Solution

खण्ड अ
 (बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न)

प्रश्न 1:
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उत्तर दें एवं आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
सत्य से हट कर जिए तो क्या जिए हम या कि तुम।
जो नत हुआ वह मृत हुआ ज्यों दंत से झर कर कुसुम।
जो लक्ष्य में रत रक्त नहि, जो हार देख झका नहीं।

Read More जिसने प्रणय पचिक पूजा माना, जीत उसकी ही रही।
सच हम नहीं सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही।
ऐसा करो जिससे न प्राणों में कहीं जड़ता रहे।
जो है जहाँ चुपचाप, अपने-आप से लड़ता रहे।
जो भी परिस्थितियों मिलें, कॉट चुभे कलियों खिलें।
हारे नहीं इंसान, है संदेश जीवन का यही।
सच हम नहीं सच तुम नहीं, सच है महज संघर्ष ही।
हमने रचा आओ हमें हमें अब तोड़ दें इस प्यार को।
वह क्या मिलना, मिलना वही जो मोड़ दे मंझधार को।

(i) 'अपने-आप से लड़ने का क्या अभिप्राय है?

  • (A) अपने भीतर उठे अंतर्द्वंद्व से लड़ना
  • (B) अपने भीतर की कमजोरियों से लड़ना
  • (C) अपनी शारीरिक कमजोरियों से लड़ना
  • (D) अपनी मानसिक व्याधियों से लड़ना

सही उत्तर: (B) अपने भीतर की कमजोरियों से लड़ना

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में 'अपने-आप से लड़ना' का अर्थ अपने अंदर की कमजोरियों, डर, और संकोच से संघर्ष करना है। यह व्यक्तिगत सुधार और आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इसलिए, सही उत्तर (B) है - अपने भीतर की कमजोरियों से लड़ना।

(ii) 'जो नत हुआ वह मृत हुआ' क्यों कहा गया है?

  • (A) झुकना घमंड का परिचायक है।
  • (B) झुकना विनम्रता का परिचायक है।
  • (C) झुकने वाला मृतक के समान है।
  • (D) स्वाभिमान रहित जीवन मृतक के समान है।

सही उत्तर: (D) स्वाभिमान रहित जीवन मृतक के समान है।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में यह कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने स्वाभिमान को खो देता है, वह एक निष्क्रिय जीवन जीता है, जैसे एक मृतक होता है। झुकने का अर्थ स्वाभिमान की कमी से लिया गया है। इसलिए, सही उत्तर (D) है - स्वाभिमान रहित जीवन मृतक के समान है।

(iii) काव्यांश का संदेश क्या है?

  • (A) हर प्रकार की परिस्थिति से समझौता कर स्वयं को ढालने का।
  • (B) जीत की संभावना वाले मार्ग पर ही आगे बढ़ने का।
  • (C) हार की संभावना होने पर नवीन लक्ष्य के निर्माण का।
  • (D) कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उससे हार न मानने का।

सही उत्तर: (D) कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उससे हार न मानने का।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में जो भी कठिनाइयाँ आएं, उनका सामना संघर्ष और दृढ़ता से करना चाहिए। चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, व्यक्ति को हार मानने के बजाय उसे पार करने की कोशिश करनी चाहिए। इसलिए, सही उत्तर (D) है - कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उससे हार न मानने का।

(iv) 'कॉट' और 'कलियाँ' किसके प्रतीक हैं?

  • (A) सुख और दुख के।
  • (B) दुख और सुख के।
  • (C) समृद्धि और उत्कर्ष के।
  • (D) निर्माण और पतन के।

सही उत्तर: (B) दुख और सुख के।

उत्तर: व्याख्या: काव्यांश में 'कॉट' और 'कलियाँ' जीवन के दुख और सुख के प्रतीक हैं। 'कॉट' (काँटे) जीवन के दुखों और कठिनाइयों को दर्शाते हैं, जबकि 'कलियाँ' सुख और विकास के प्रतीक हैं, जो जीवन में मिलते हैं। इसलिए, सही उत्तर (B) है - दुख और सुख के।

(v) कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनकर लिखिए:

कथन:
मानव मात्र का जीवन संघर्षपूर्ण है।
कारण:
मानव मात्र को अपने जीवन की सम-विषम हर तरह की परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए।

  • (A) कथन गलत है और कारण सही है।
  • (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
  • (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

सही उत्तर: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर: व्याख्या: यह कथन सत्य है कि मानव जीवन संघर्षपूर्ण है, क्योंकि जीवन में सम-विषम परिस्थितियाँ निरंतर आती रहती हैं। कारण भी सत्य है कि इन परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए। लेकिन कारण कथन की पूरी तरह से व्याख्या नहीं करता है। कथन जीवन के संघर्षपूर्ण स्वभाव को स्पष्ट करता है, जबकि कारण केवल इन परिस्थितियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण को बताता है। इसलिए, सही उत्तर (D) है।

प्रश्न2:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
भारत एक विशाल देश है। यहाँ के विभिन्न राज्यों की अपनी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं। स्वतंत्रता के पश्चात से मातृभाषा को प्रोत्साहित करने की बातें चर्चा में रही हैं, परंतु इसके विकास के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।

Read More इसके कारण, प्रदेशों में अंग्रेजी का वर्चस्व स्थापित हो गया। नेल्सन मंडेला ने कहा था कि किसी भी व्यक्ति के सोचने की प्रक्रिया उसकी मातृभाषा में होती है। अगर किसी व्यक्ति से उसकी मातृभाषा में बात की जाए तो वह बात दिल तक पहुँचती है। यह सर्वविदित है कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना बहुत सरल और सुगम होता है। मातृभाषा में विद्यार्थी किसी भी विषय को आसानी से समझ लेते हैं, जबकि अन्य भाषाओं में उन्हें कठिनाई होती है। विश्वभर के शिक्षाविदों ने मातृभाषा में शिक्षा देने की महत्ता को स्पष्ट किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, जो देश अपनी मातृभाषा में चिकित्सा की पढ़ाई कराते हैं, वहाँ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अन्य देशों की तुलना में बेहतर, स्वच्छ, सुलभ और उत्तम होती है। यदि भारत में भी मातृभाषा में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा दी जाती तो हम आज बेहतर स्थिति में होते। इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

(i) किसी भी देश के आधारभूत विकास के लिए आवश्यक है:

  • (A) तकनीकी शिक्षा का विस्तार होना
  • (B) चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होना
  • (C) किसी भी भाषा में शिक्षा देना
  • (D) मातृभाषा में शिक्षा का विस्तार होना

सही उत्तर: (D) मातृभाषा में शिक्षा का विस्तार होना

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए अधिक सरल और सुलभ होता है, जिससे उनकी समझ और मानसिकता बेहतर बनती है। इसके अलावा, मातृभाषा में शिक्षा देने से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ता है, बल्कि देश की उन्नति के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। गद्यांश में यह भी बताया गया है कि यदि भारत में मातृभाषा में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा दी जाती तो हम और अधिक बेहतर स्थिति में होते।

(ii) स्वास्थ्य और चिकित्सा की दृष्टि से कौन से देश अच्छी स्थिति में हैं?

  • (A) मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा देने वाले देश
  • (B) अपनी राष्ट्रभाषा को मातृभाषा बनाने वाले देश
  • (C) राष्ट्रभाषा और मातृभाषा को समान मानने वाले देश
  • (D) अंग्रेजी भाषा से ही शिक्षा देने वाले देश

सही उत्तर: (A) मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा देने वाले देश

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि जो देश अपनी मातृभाषा में चिकित्सा शिक्षा प्रदान करते हैं, उनके चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएँ अन्य देशों की तुलना में बेहतर होती हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मातृभाषा में शिक्षा देने वाले देशों की स्थिति स्वास्थ्य और चिकित्सा के दृष्टिकोण से अधिक बेहतर होती है।

(iii) भारत में क्षेत्रीय भाषाओं के अपेक्षाकृत कम विकसित होने के क्या कारण हैं?

  • (A) हिंदी भाषा का वर्चस्व
  • (B) अंग्रेजी भाषा का वर्चस्व
  • (C) उपयुक्त प्रयासों का अभाव
  • (D) स्थानीय इच्छा शक्ति का अभाव

सही उत्तर: (C) उपयुक्त प्रयासों का अभाव

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, मातृभाषा को प्रोत्साहित करने के लिए स्वतंत्रता के बाद कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इसके कारण क्षेत्रीय भाषाओं का विकास अपेक्षाकृत कम हुआ और अंग्रेजी का वर्चस्व स्थापित हो गया। यह दर्शाता है कि उपयुक्त प्रयासों की कमी ने ही क्षेत्रीय भाषाओं के विकास में रुकावट डाली है।

(iv) 'मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना आसान होता है।' इस कथन के पक्ष में निम्नलिखित में से कौन-सा कौन से तर्क सही हैं?

  • 1. मातृभाषा में प्राप्त ज्ञान को समझना सरल है।
  • 2. मातृभाषा में प्राप्त ज्ञान को समझना जटिल है।
  • 3. मातृभाषा अन्य भाषाओं से सरल और स्पष्ट होती है।
  • 4. मातृभाषा और दूसरी भाषाओं में कोई अंतर नहीं है।

सही उत्तर: (A) 1 सही है।

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में यह कहा गया है कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करना आसान और सुगम होता है। विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में किसी भी विषय को समझने में कोई कठिनाई नहीं होती। इसके विपरीत, अन्य भाषाओं में उन्हें अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए, सही उत्तर (A) है - 1 सही है।

(v) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:

कथन:
मानव मात्र का जीवन संघर्षपूर्ण है।
कारण:
मानव मात्र को अपने जीवन की सम-विषम हर तरह की परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए।

  • (A) कथन गलत है और कारण सही है।
  • (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
  • (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

सही उत्तर: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

उत्तर: व्याख्या: यह कथन सत्य है कि मानव जीवन संघर्षपूर्ण है, क्योंकि जीवन में सम-विषम परिस्थितियाँ निरंतर आती रहती हैं। कारण भी सत्य है कि इन परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए। लेकिन कारण कथन की पूरी तरह से व्याख्या नहीं करता है। कथन जीवन के संघर्षपूर्ण स्वभाव को स्पष्ट करता है, जबकि कारण केवल इन परिस्थितियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण को बताता है। इसलिए, सही उत्तर (D) है।

प्रश्न3:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

'यद्यपि जीप कस्बे से आगे बढ़ गई परंतु हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे।'

(i) 'यद्यपि जीप कस्बे से आगे बढ़ गई परंतु हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे।' इस वाक्य का सरल वाक्य होगा:

  • (A) जीप के कस्बे से आगे बढ़ जाने पर भी हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे।
  • (B) जीप कस्बे से आगे बढ़ गई और हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे।
  • (C) हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे और जीप कस्बे से आगे बढ़ गई।
  • (D) जब जीप कस्बे से आगे बढ़ गई तब हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचने लगे।

सही उत्तर: (A) जीप के कस्बे से आगे बढ़ जाने पर भी हालदार साहब मूर्ति के बारे में सोचते रहे।

उत्तर: व्याख्या: यह वाक्य दो विचारों को सरल और स्पष्ट रूप में जोड़ता है। इसमें "यद्यपि" को हटाकर "के बावजूद" का भाव व्यक्त किया गया है। इससे यह एक सरल वाक्य बनता है।

(ii) 'वे स्वयं पढ़ना-लिखना न जानते हुए भी दूसरों में दोष निकाला करते हैं।' इस वाक्य का संयुक्त वाक्य है:

  • (A) वे स्वयं पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं परंतु दूसरों में दोष निकाला करते हैं।
  • (B) हालाँकि वे स्वयं पढ़ना-लिखना नहीं जानते परंतु दूसरों में दोष निकाला करते हैं।
  • (C) जो स्वयं पढ़ना-लिखना नहीं जानते वे भी दूसरों में दोष निकाला करते हैं।
  • (D) स्वयं पढ़ना-लिखना न जानने वाले भी अक्सर दूसरों में दोष निकाला करते हैं।

सही उत्तर: (A) वे स्वयं पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं परंतु दूसरों में दोष निकाला करते हैं।

उत्तर: व्याख्या: यह वाक्य एक संयुक्त वाक्य में दो विचारों को जोड़ता है। इसमें पहला विचार है "वे स्वयं पढ़ना-लिखना नहीं जानते हैं," और दूसरा विचार है "परंतु वे दूसरों में दोष निकाला करते हैं।" संयोजक शब्द "परंतु" का प्रयोग करके इसे सही ढंग से संयुक्त किया गया है।

(iii) निम्नलिखित वाक्यों में से मिश्र वाक्य पहचान कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प चुनकर लिखिए:

  • बहुत-से उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी इस बात का खंडन ही करते हैं।
  • बौद्धों का त्रिपिटक प्राकृत में रचा गया और यह महाभारत से भी बड़ा है।
  • लेखक ने स्त्रियों के प्राकृत बोलने को उनके अनपढ़ होने का प्रमाण नहीं माना।
  • यदि कोई शिक्षा-प्रणाली स्त्री-शिक्षा को अनर्थकारी बताए तो उसमें संशोधन होना चाहिए।

सही उत्तर: (B) (2) और (4) सही हैं।

उत्तर: व्याख्या: मिश्र वाक्य वे होते हैं जिनमें एक मुख्य वाक्य और एक या अधिक आश्रित वाक्य होते हैं।
वाक्य 1 - यह सरल वाक्य है, इसमें एक ही विचार व्यक्त किया गया है।
वाक्य 2 - यह मिश्र वाक्य है, क्योंकि इसमें दो विचार हैं: "त्रिपिटक प्राकृत में रचा गया" और "यह महाभारत से भी बड़ा है।"
वाक्य 3 - यह सरल वाक्य है, क्योंकि इसमें केवल एक विचार व्यक्त किया गया है।
वाक्य 4 - यह मिश्र वाक्य है, क्योंकि इसमें एक शर्त ("यदि कोई शिक्षा-प्रणाली स्त्री-शिक्षा को अनर्थकारी बताए") और परिणाम ("तो उसमें संशोधन होना चाहिए") व्यक्त किया गया है।

(iv) निम्नलिखित वाक्यों में सरल वाक्य का उदाहरण नहीं है:

  • (A) मुख्य गायक की सफलता में उसका भी सम्मान छिपा है।
  • (B) संगतकार गायन के स्थायी का स्वर हमेशा पकड़कर रखता है।
  • (C) संगतकार के बिना मुख्य गायक की सफलता संदिग्ध बनी रहती है।
  • (D) जो मुख्य गायक है उसके बिना संगतकार का अस्तित्व नहीं है।

सही उत्तर: (D) जो मुख्य गायक है उसके बिना संगतकार का अस्तित्व नहीं है।

उत्तर: व्याख्या: सरल वाक्य में केवल एक मुख्य विचार या क्रिया होती है।
(D) वाक्य में "जो मुख्य गायक है" उपवाक्य है, जो इसे मिश्र वाक्य बनाता है।
अन्य विकल्पों (A, B, C) में एक ही मुख्य विचार है, इसलिए वे सरल वाक्य हैं।

(v) स्तंभ 1 को स्तंभ 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कर लिखिए:

स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. जो बात तथ्य आधारित है उसे तो बेझिझक मान लेनी चाहिए। I. संयुक्त वाक्य
2. बरसात में बच्चे बाहर जाते हैं और माता-पिता डर जाते हैं। II. सरल वाक्य
3. आजकल माता-पिता अपने बच्चों का बहुत अधिक ध्यान रखते हैं। III. मिश्र वाक्य
  • (A) 1 - III, 2 - I, 3 - II
  • (B) 1 - II, 2 - III, 3 - I
  • (C) 1 - III, 2 - II, 3 - I
  • (D) 1 - I, 2 - II, 3 - III

सही उत्तर: (A) 1 - III, 2 - I, 3 - II

उत्तर: व्याख्या:
जो बात तथ्य आधारित है... → इसमें एक मुख्य वाक्य और एक उपवाक्य है, अतः यह मिश्र वाक्य (III) है।
बरसात में बच्चे बाहर जाते हैं और माता-पिता डर जाते हैं। → इसमें "और" से जुड़े दो मुख्य वाक्य हैं, अतः यह संयुक्त वाक्य (I) है।
आजकल माता-पिता अपने बच्चों का बहुत अधिक ध्यान रखते हैं। → इसमें एक ही विचार है, अतः यह सरल वाक्य (II) है।

प्रश्न 1:
निर्देशानुसार 'पद परिचय' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए।

(i) 'संपादक महोदय बधाई देने के लिए सीधे घर चले आए।' वाक्य में रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक
  • (B) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक
  • (C) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक
  • (D) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, संप्रदान कारक

सही उत्तर: (C) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक

उत्तर: व्याख्या: "संपादक महोदय" रेखांकित पद है। यह जातिवाचक संज्ञा है क्योंकि "संपादक" एक पद या कार्य को दर्शाता है, जो किसी विशेष व्यक्ति को नहीं बल्कि किसी भी संपादक को संदर्भित कर सकता है। यह पुल्लिंग है, क्योंकि "महोदय" शब्द इसका लिंग निर्धारण करता है। यह एकवचन है, क्योंकि "संपादक" केवल एक व्यक्ति की बात कर रहा है। यह कर्ता कारक है, क्योंकि वाक्य में "संपादक महोदय" क्रिया "चले आए" का कर्ता है।

(ii) 'अपनी माँ को याद करके वे भावुक हो जाते थे।' रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) पुरुषवाचक सर्वनाम, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक
  • (B) निश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिंग, कर्म कारक
  • (C) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक
  • (D) अनिश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक

सही उत्तर: (C) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक

उत्तर: व्याख्या: "अपनी" शब्द सार्वनामिक विशेषण है क्योंकि यह "माँ" विशेष्य के लिए विशेषता प्रकट कर रहा है। यह एकवचन, स्त्रीलिंग और कर्म कारक में है।

(iii) निम्नलिखित वाक्यों में से किस वाक्य में स्थानवाचक क्रियाविशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है?

  • (A) नागार्जुन की आरंभिक शिक्षा संस्कृत पाठशाला में हुई।
  • (B) वे बौद्ध धर्म में दीक्षित होने के लिए श्रीलंका गए थे।
  • (C) दो साल के प्रवास के बाद ही वे स्वदेश लौट आए।
  • (D) अर्धकथानक हिंदी की पहली आत्मकथा मानी जाती है।

सही उत्तर: (D) अर्धकथानक हिंदी की पहली आत्मकथा मानी जाती है।

उत्तर: व्याख्या: स्थानवाचक क्रियाविशेषण वह होता है जो किसी स्थान का बोध कराता है। विकल्प (D) में स्थानवाचक क्रियाविशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है जबकि अन्य वाक्यों में स्थान का बोध हो रहा है।

(iv) 'मैं बचपन में पिताजी से बहुत डरती थी।' रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) मध्यमपुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक
  • (B) सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'पिताजी' विशेष्य
  • (C) उत्तमपुरुष सर्वनाम, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक
  • (D) अन्य पुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक

सही उत्तर: (C) उत्तमपुरुष सर्वनाम, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक

उत्तर: व्याख्या: "मैं" शब्द उत्तमपुरुष सर्वनाम है। यह एकवचन, स्त्रीलिंग और कर्त्ता कारक में प्रयुक्त हुआ है क्योंकि वाक्य का कर्ता "मैं" है।

(v) 'वे हमारे हंसी-मजाक में निर्लिप्त भाव से शामिल रहते।' रेखांकित पद का परिचय है:

  • (A) स्थानवाचक क्रियाविशेषण, 'शामिल रहते' क्रिया की विशेषता
  • (B) कालवाचक क्रियाविशेषण, 'शामिल रहते' क्रिया की विशेषता
  • (C) रीतिवाचक क्रियाविशेषण, 'शामिल रहते' क्रिया की विशेषता
  • (D) परिमाणवाचक क्रियाविशेषण, 'शामिल रहते' क्रिया की विशेषता

सही उत्तर: (C) रीतिवाचक क्रियाविशेषण, 'शामिल रहते' क्रिया की विशेषता

उत्तर: व्याख्या: "निर्लिप्त भाव से" क्रिया की विधि या ढंग को दर्शाता है। अतः यह रीतिवाचक क्रियाविशेषण है क्योंकि यह "शामिल रहते" क्रिया की विशेषता बता रहा है।

(i) 'पानी परात को हाथ घुये नहीं, नैनन के जल सौं पग धोए।' इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है:

  • (A) उत्प्रेक्षा
  • (B) रूपक
  • (C) यमक
  • (D) अतिशयोक्ति

सही उत्तर: (D) अतिशयोक्ति

उत्तर: व्याख्या: इस काव्य-पंक्ति में 'पानी परात को हाथ घुये नहीं' और 'नैनन के जल सौं पग धोए' जैसे अति को दर्शाने वाली बातें हैं, जो अतिशयोक्ति का उदाहरण हैं। अतिशयोक्ति में किसी चीज़ या घटना का अत्यधिक रूप से बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन किया जाता है।

(ii) 'धीरे-धीरे उत्तर क्षितिज से आ बंसंती रजनी।' इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है:

  • (A) मानवीकरण
  • (B) रूपक
  • (C) उत्प्रेक्षा
  • (D) अतिशयोक्ति

सही उत्तर: (A) मानवीकरण

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में 'बंसंती रजनी' (वसंत ऋतु की रात) को मानवीकरण द्वारा व्यक्त किया गया है, क्योंकि इसे मानव जैसी विशेषताएं दी गई हैं। मानवीकरण तब होता है जब किसी निराकार या अमूर्त चीज़ को मानव जैसे गुण या विशेषताएं दी जाती हैं।

(iii) 'मृग मृगनी के हैं बने हुए, मधु घट फूटा ही करते हैं।' इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है:

  • (A) मानवीकरण
  • (B) रूपक
  • (C) उत्प्रेक्षा
  • (D) यमक

सही उत्तर: (A) मानवीकरण

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में 'मृग मृगनी' को मानवीकरण के रूप में चित्रित किया गया है, क्योंकि जानवरों को मानव जैसे गुण दिए गए हैं। मानवीकरण में किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मानव गुणों से संबद्ध किया जाता है, जैसे यहाँ मृग और मृगनी के बारे में मानव जैसे व्यवहार की बात की गई है।

(iv) 'विद्या धन सब बिन कहो जु पावे कौन। बिना दुलाई न मिलै ज्यों पंखा की पौन।' इन काव्य-पंक्तियों में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

  • (A) यमक
  • (B) रूपक
  • (C) मानवीकरण
  • (D) उत्प्रेक्षा

सही उत्तर: (D) उत्प्रेक्षा

उत्तर: व्याख्या: इन काव्य-पंक्तियों में "पंखा की पौन" (पंखे की हवा) का प्रयोग उत्प्रेक्षा अलंकार के रूप में हुआ है। उत्प्रेक्षा का अर्थ है किसी बाहरी वस्तु या स्थिति का आंतरिक या अन्य किसी वस्तु के संदर्भ में तुलना करना। यहाँ पर "पंखा की पौन" (हवा) को विद्या के बिना होने के प्रभाव के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जैसे पंखे की हवा बिना पंखे के नहीं मिल सकती, वैसे ही विद्या बिना श्रम या अभ्यास के नहीं मिल सकती।

(v) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों में से कौन-सी पंक्ति अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण है?

  • (A) विश्व शलभ सिर धुन कहता में, हाथ न जल पाया तुझमें मिला।
  • (B) अंबर के आनन को देखो, कितने इसके तारे टूटे।
  • (C) वह दौड़ रहा और मस्तक पर, वह आसमान का घोड़ा था।
  • (D) ज्यों-ज्यों बड़े स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होई।

सही उत्तर: (C) वह दौड़ रहा और मस्तक पर, वह आसमान का घोड़ा था।

उत्तर: व्याख्या: अतिशयोक्ति अलंकार तब होता है जब किसी तथ्य, घटना या वस्तु का वर्णन बहुत बढ़ा-चढ़ाकर किया जाता है। विकल्प (C) "वह दौड़ रहा और मस्तक पर, वह आसमान का घोड़ा था।" में व्यक्ति के दौड़ने की गति को "आसमान का घोड़ा" कहकर बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है, जो अतिशयोक्ति का स्पष्ट उदाहरण है। अन्य विकल्पों में अतिशयोक्ति का प्रयोग नहीं है।

(1) 'लेखक ने अपने तर्कों से उनकी दलीलों का खंडन किया।' वाक्य में वाच्य है:

  • (A) कर्मवाच्य
  • (B) भाववाच्य
  • (C) कर्तृवाच्य
  • (D) क्रियावाच्य

सही उत्तर: (C) कर्तृवाच्य

उत्तर: व्याख्या: इस वाक्य में "लेखक" कर्ता है और क्रिया "खंडन किया" कर्ता के द्वारा संपन्न हो रही है। इसलिए यह कर्तृवाच्य का उदाहरण है।

(2) 'संगतकार द्वारा मुख्य गायक का मान बढ़ाया गया।' प्रस्तुत वाक्य का वाच्य पहचानिए:

  • (A) कर्तृवाच्य
  • (B) अकर्मवाच्य
  • (C) कर्मवाच्य
  • (D) भाववाच्य

सही उत्तर: (C) कर्मवाच्य

उत्तर: व्याख्या: वाक्य में "मुख्य गायक का मान" पर क्रिया संपन्न हो रही है, जो कर्म है। "संगतकार द्वारा" क्रिया करने वाला है, अतः यह कर्मवाच्य का उदाहरण है।

(3) 'कवि ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया है।' इसका कर्मवाच्य होगा:

  • (A) कवि श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हैं।
  • (B) कवि द्वारा श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया गया है।
  • (C) कवि श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन कर पाते हैं।
  • (D) कवि ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया था।

सही उत्तर: (B) कवि द्वारा श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया गया है।

उत्तर: व्याख्या: कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलने पर "कर्ता" के स्थान पर "कर्ता + द्वारा" और क्रिया का कर्म प्रमुख हो जाता है। इसलिए सही उत्तर (B) है।

(4) निम्नलिखित वाक्यों में भाववाच्य का उदाहरण है:

  • प्रधानाचार्य द्वारा निर्देश जारी किया गया।
  • उसकी दादी से खड़ा नहीं जाता।
  • सज्जन अपने से बड़ी की सेवा करते हैं।
  • खिलाड़ी से अब दौड़ा नहीं जाता।

सही उत्तर: (B) 2 और 4

उत्तर: व्याख्या: भाववाच्य वाक्य में क्रिया के भाव का बोध होता है और कर्ता स्पष्ट रूप से उपस्थित नहीं होता। वाक्य (2): "उसकी दादी से खड़ा नहीं जाता।" → यह भाववाच्य है। वाक्य (4): "खिलाड़ी से अब दौड़ा नहीं जाता।" → यह भी भाववाच्य है।

(5) स्तंभ 1 को स्तंभ 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कर लिखिए:

1. पायल पक्षी से उड़ा नहीं जा सका। I. भाववाच्य
2. कवि बादल में क्रांति का स्वर सुनता है। II. कर्तृवाच्य
3. उससे वह गीत नहीं गाया गया। III. कर्मवाच्य
  • (A) 1 - I, 2 - III, 3 - II
  • (B) 1 - III, 2 - II, 3 - I
  • (C) 1 - III, 2 - I, 3 - II
  • (D) 1 - I, 2 - II, 3 - III

सही उत्तर: (A) 1 - I, 2 - III, 3 - II

उत्तर: व्याख्या: पायल पक्षी से उड़ा नहीं जा सका → यह भाववाच्य है क्योंकि इसमें क्रिया का भाव प्रकट हो रहा है और कर्ता स्पष्ट रूप से उपस्थित नहीं है। कवि बादल में क्रांति का स्वर सुनता है → यह कर्तृवाच्य है क्योंकि "कवि" कर्ता है और क्रिया उसी के द्वारा की जा रही है। उससे वह गीत नहीं गाया गया → यह कर्मवाच्य है क्योंकि क्रिया "गाया गया" कर्म (गीत) पर केंद्रित है।

(i) "बंद करो अब इस मक्कू का घर से निकलना।" गद्यांश में यह निर्देश किसे दिया गया है:

  • (A) माँ को
  • (B) मक्कू को
  • (C) पिताजी को
  • (D) बहन को

सही उत्तर: (A) माँ को

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में "बंद करो अब इस मक्कू का घर से निकलना" यह निर्देश पिताजी के मित्र द्वारा माँ को दिया गया है। यह वाक्य माँ को मक्कू की गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह देने के रूप में समझा जा सकता है। पिताजी के मित्र मक्कू की घर से बाहर जाने की आदत से नाराज हैं, और वे माँ से कह रहे हैं कि मक्कू को बाहर जाने से रोका जाए।

(ii) पिताजी के भभकने का क्या कारण था:

  • (A) मक्कू का हड़ताल आदि में भाग लेना।
  • (B) मक्कू की गतिविधियों पर माँ की असहमति।
  • (C) पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की शिकायत।
  • (D) पिताजी की स्वयं की मक्कू से नाराज़गी।

सही उत्तर: (C) पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की शिकायत।

उत्तर: व्याख्या: पिताजी के भभकने का कारण पिताजी के मित्र द्वारा मक्कू की गतिविधियों की शिकायत करना था, जिससे पिताजी परेशान हो गए थे और उनका गुस्सा फूट पड़ा था।

(iii) उपर्युक्त गद्यांश की भाषा है:

  • (A) ओजपूर्ण भाषा
  • (B) सूक्तिप्रधान भाषा
  • (C) मुहावरेदार भाषा
  • (D) संस्कृतनिष्ठ भाषा

सही उत्तर: (C) मुहावरेदार भाषा

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश की भाषा में कई मुहावरे और रोजमर्रा की बातों का प्रयोग किया गया है, जैसे "भभकते रहे," "तड़कियों को आजादी दी," और "आग लगाकर चले गए," जो इसे मुहावरेदार भाषा बनाते हैं।

(iv) हड़ताल का आह्वान क्यों किया जा रहा था:

  • (A) आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ मुकदमे के विरोध में।
  • (B) भारत के लिए पूर्ण स्वराज की माँग के लिए।
  • (C) छात्रों के लिए बेहतर अधिकार और सुविधाओं के लिए।
  • (D) कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में।

सही उत्तर: (A) आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ मुकदमे के विरोध में।

उत्तर: व्याख्या: हड़ताल का आह्वान आज़ाद हिंद फौज के खिलाफ चल रहे मुकदमे के विरोध में किया जा रहा था, जैसा कि गद्यांश में उल्लेख किया गया है।

(v) पूरा छात्र वर्ग चौपड़ पर क्यों एकत्रित हुआ?

  • (A) आयोजित हड़ताल के समर्थन के लिए।
  • (B) यातायात बंद कराने के लिए।
  • (C) समारोह के आयोजन के लिए।
  • (D) दुकानों पुनः बंद कराने के लिए।

सही उत्तर: (A) आयोजित हड़ताल के समर्थन के लिए।

उत्तर: व्याख्या: गद्यांश में उल्लेखित है कि पूरा छात्र वर्ग चौपड़ पर एकत्रित हुआ था, ताकि वे आयोजित हड़ताल का समर्थन कर सकें।

(i) बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहते थे?

  • (A) उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के कारण उन्हें काशी से विशेष लगाव था।
  • (B) अपने पुरखों के समान वे भी काशी के बालाजी से जुड़े रहना चाहते थे।
  • (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था।
  • (D) काशी के विश्वनाथ और गंगा मइया के कारण, दोनों ही काशी में, जिनसे उनका लगाव था।

सही उत्तर: (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था।

उत्तर: व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ काशी को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि मानते थे, और उनका गहरा लगाव काशी के विश्वनाथ मंदिर और गंगा मइया से था। उन्होंने हमेशा काशी में रहकर अपनी कला को सीखा और उसका प्रचार किया। काशी के पवित्र स्थानों से उनका गहरा आत्मीय संबंध था, और काशी छोड़ने का विचार उन्हें असंभव सा लगता था। इसलिए उनका लगाव विशेष रूप से विश्वनाथ और गंगा से था, जो उनके लिए एक जीवनदायिनी की तरह थे।

(ii) 'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर लेखक को नवाव साहब 'नपी कहानी' के लेखक कब लगे?

  • (A) उन्हें पहली बार रेलवेगाड़ी के डिब्बे में देखकर।
  • (B) उन्हें खीरा खाने की तैयारी करते हुए देखकर।
  • (C) उन्हें खीरा संकुचित उसका स्वादानंद करते देखकर।
  • (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर।

सही उत्तर: (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर।

उत्तर: व्याख्या: 'लखनवी अंदाज़' पाठ में लेखक ने नवाब साहब को एक विशिष्ट अंदाज में देखा। नवाब साहब ने खीरा खाए बिना ही उसकी स्वादानंद को संकुचित करते हुए ऊँची डकार ली, जिससे लेखक को यह लगा कि नवाब साहब का व्यक्तित्व और उनका अंदाज 'नपी कहानी' के लेखक के समान है। इस अनूठे दृश्य ने लेखक को नवाब साहब की कथा लेखन शैली और उनके विशिष्ट व्यक्तित्व के बारे में विचार करने पर मजबूर किया। इसलिए, सही उत्तर (D) है।

(i) 'नाथ संभु धनु भेजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।' पंक्ति के संदर्भ में राम के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?

  • (A) संयम
  • (B) सरलता
  • (C) विनम्रता
  • (D) वीरता

सही उत्तर: (C) विनम्रता

उत्तर: व्याख्या: इस पंक्ति में राम का विनम्रता का गुण दिखाया गया है। राम कहते हैं कि उन्होंने शिव धनुष को तोड़ा, लेकिन वह विनम्रता से यह स्वीकारते हैं कि इस कार्य के बाद वे अपने प्रभु के एक दास के समान होंगे, जिससे उनकी विनम्रता और सेवा भाव प्रकट होता है। यह उनकी शौर्य के साथ-साथ उनके साधारण और विनम्र स्वभाव का परिचायक है।

(ii) परशुराम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या चेतावनी दी:

  • (A) सहसबाहु के समान उसे अपना शत्रु समझने की
  • (B) राजा जनक की सभा से बाहर निकल आने की
  • (C) राजा जनक की सभा में उसे मार डालने की
  • (D) उसके साथ आजीवन शत्रुतापूर्ण व्यवहार करने की

सही उत्तर: (A) सहसबाहु के समान उसे अपना शत्रु समझने की

उत्तर: व्याख्या: परशुराम ने शिव धनुष तोड़ने वाले व्यक्ति को चेतावनी दी कि वह उसे सहसबाहु के समान अपना शत्रु समझे। सहसबाहु को परशुराम ने अपनी शक्ति का अहंकार करने पर पराजित किया था, और यह संदर्भ राम को उसी प्रकार के शत्रु के रूप में समझने की चेतावनी देता है।

(iii) 'न त मारे जेहिं सब राजा' यह कथन परशुराम के का उदाहरण है।

  • (A) शौर्य का
  • (B) अहंकार का
  • (C) क्रोध का
  • (D) गौरव का

सही उत्तर: (B) अहंकार का

उत्तर: व्याख्या: यह कथन परशुराम के अहंकार का उदाहरण है, क्योंकि परशुराम यह मानते हैं कि किसी भी राजा के लिए उनसे युद्ध करना मृत्यु के समान होगा। वह अपने शौर्य और शक्ति को लेकर अत्यधिक गर्वित हैं।

(iv) सेवक किसे कहा गया है?

  • (A) मधुर वचन बोलने वाले को
  • (B) सेवा करने वाले को
  • (C) कभी क्रोध न करने वाले को
  • (D) विनम्रतापूर्ण व्यवहार करने वाले को

सही उत्तर: (B) सेवा करने वाले को

उत्तर: व्याख्या: यहाँ 'सेवक' से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जो निस्वार्थ भाव से सेवा करता है। राम का दृष्टिकोण सेवा और विनम्रता को महत्व देने वाला है, और वह सेवक के रूप में उसी व्यक्ति को पहचानते हैं जो उनके आदेशों और कार्यों को पूरी निष्ठा से करता है।

(v) परशुराम की धनुष पर ममता होने का क्या कारण था?

  • (A) उनके आराध्य शिव का धनुष होना
  • (B) उनके गुरु विश्वामित्र का धनुष होना
  • (C) अपने पिता का आशीर्वाद समझना
  • (D) धनुष का अत्यंत प्राचीन होना

सही उत्तर: (A) उनके आराध्य शिव का धनुष होना

उत्तर: व्याख्या: परशुराम का धनुष उनके आराध्य देव शिव का धनुष था, और इसलिए उन्होंने इस धनुष से विशेष ममता रखी थी। यह धनुष उनके लिए न केवल एक हथियार था, बल्कि शिव के आशीर्वाद का प्रतीक भी था।

(i) संगतकार मुख्य गायक के साथ क्यों देता है? अनुयुक्त विकल्प छाँटकर लिखिए।

  • (A) उसके समान ही अपनी पहचान बनाने के लिए।
  • (B) प्रदर्शन के दौरान उसका उत्साह बढ़ाने के लिए।
  • (C) उसके प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए।
  • (D) उसके साथ का सहारा देने के लिए।

सही उत्तर: (B) प्रदर्शन के दौरान उसका उत्साह बढ़ाने के लिए।

उत्तर: व्याख्या: संगीतकार का मुख्य उद्देश्य मुख्य गायक का उत्साह बढ़ाना और उसके प्रदर्शन को और भी शानदार बनाना होता है। इसलिए, वह उसके साथ देता है ताकि गायक के आत्मविश्वास में वृद्धि हो और प्रस्तुति सफल हो सके।

(ii) 'यह धुंधल मुस्कान' कविता में बच्चे द्वारा पिता को एकटक देखे जाने का क्या कारण था?

  • (A) ऐसे एकटक देखना उसका स्वभाव था।
  • (B) उसे पलकें झपकाना नहीं आता था।
  • (C) वह उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा था।
  • (D) वह उनकी उपेक्षा करने का प्रयास कर रहा था।

सही उत्तर: (C) वह उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा था।

उत्तर: व्याख्या: कविता में बच्चे का एकटक देखना इस बात का प्रतीक है कि वह अपने पिता को पहचानने की कोशिश कर रहा था। यह भाव उनके मन में संकोच और असमंजस को दर्शाता है, क्योंकि वह अपनी पहचान और रिश्ते को समझने का प्रयास कर रहा था।

खंड 'व' (वर्णनात्मक प्रक्ष)

(क) पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था, परंतु हालदार साहब को उसकी मृत्यु की बात बताते हुए उदास क्यों हो गया?

उत्तर:

उत्तर: पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था क्योंकि वह उसकी आदतों और व्यवहार को हल्के-फुल्के अंदाज में देखता था। लेकिन जब उसे कैप्टन की मृत्यु की खबर मिली, तो वह उदास हो गया क्योंकि उसे एहसास हुआ कि वह व्यक्ति अब नहीं रहा, और उसकी मजाकिया हरकतें केवल याद बनकर रह गईं।


(ख) संस्कृति और सभ्यता अलग-अलग कैसे हैं? 'संस्कृति' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: संस्कृति और सभ्यता में अंतर यह है कि सभ्यता बाहरी जीवन का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें भौतिक प्रगति, विज्ञान, और साधन आते हैं। जबकि संस्कृति आंतरिक जीवन का हिस्सा है, जो व्यक्ति के विचारों, मान्यताओं, और व्यवहार का निर्माण करती है। संस्कृति, सभ्यता के अंदर का आत्मिक और नैतिक पक्ष है।


(ग) 'नौबतखाने में इबादत' पाठ का लेखक "बिस्मिल्ला खाँ का महलब बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई। शहनाई का तात्पर्य बिस्मिल्ला खाँ का हाथ।" ऐसा क्यों मानता है?

उत्तर:

उत्तर: लेखक ऐसा इसलिए मानता है क्योंकि बिस्मिल्ला खाँ का जीवन पूरी तरह से शहनाई को समर्पित था। उनकी शहनाई की मधुर धुनों में उनका समर्पण, साधना और जीवन की गहराई झलकती थी। शहनाई उनके व्यक्तित्व का प्रतीक बन गई थी और दोनों एक-दूसरे के पर्याय माने जाते थे।


(घ) गंगा स्नान के लिए आने-जाने के दौरान चार-पाँच दिनों तक बालगोबिन भगत उपवास क्यों रखते थे?

उत्तर:

उत्तर: बालगोबिन भगत गंगा स्नान को एक पवित्र और आध्यात्मिक कार्य मानते थे। उनके लिए गंगा स्नान के दिनों में उपवास रखना आत्मशुद्धि का माध्यम था। उपवास से वे शारीरिक और मानसिक रूप से गंगा माँ के प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते थे।

(i) 'आत्म कथ्य कविता से ली गई "अनंत नीतीमा में असंख्य जीवन इतिहास" पंक्ति का क्या आशय है?

उत्तर:

उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि आकाश में अनगिनत जीवन की कहानियां और अनुभव छिपे हैं। ये अनुभव और जीवन इतिहास अनंत, विविध और अनमोल हैं, जो समय की अनंतता में समाहित हैं।


(ii) 'उत्साह' कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।

उत्तर:

उत्तर: 'उत्साह' कविता का शीर्षक इसलिए सार्थक है क्योंकि यह जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों के बावजूद उत्साह और आत्मविश्वास को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यह जीवन को ऊर्जावान और उत्साही तरीके से जीने की आवश्यकता पर बल देता है।


(iii) सूरदास के पद के अनुसार गोपियों को ऐसा क्यों लगा कि कृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?

उत्तर:

उत्तर: सूरदास के पद में गोपियों को ऐसा लगा क्योंकि कृष्ण ने उनके दिल की बात समझी और उन्हें अपनी बातों में फंसाकर उनका दिल जीता। कृष्ण ने उनकी भावनाओं और मनोबल को बढ़ाने के लिए चतुराई और कूटनीति का उपयोग किया था, जो राजनीति का हिस्सा होती है।


(iv) फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' के आधार पर प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' में प्रकृति का सौंदर्य बखूबी दिखाया गया है। कविता में फूलों की खूबसूरत महक, हरे-भरे पेड़ों की हरियाली और वातावरण की शांति का वर्णन किया गया है, जो प्रकृति की सुंदरता को प्रदर्शित करता है।


(क) पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था, परंतु हालदार साहब को उसकी मृत्यु की बात बताते हुए उदास क्यों हो गया?

उत्तर:

उत्तर: पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था क्योंकि वह उसकी आदतों और व्यवहार को हल्के-फुल्के अंदाज में देखता था। लेकिन जब उसे कैप्टन की मृत्यु की खबर मिली, तो वह उदास हो गया क्योंकि उसे एहसास हुआ कि वह व्यक्ति अब नहीं रहा, और उसकी मजाकिया हरकतें केवल याद बनकर रह गईं।


(ख) संस्कृति और सभ्यता अलग-अलग कैसे हैं? 'संस्कृति' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: संस्कृति और सभ्यता में अंतर यह है कि सभ्यता बाहरी जीवन का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें भौतिक प्रगति, विज्ञान, और साधन आते हैं। जबकि संस्कृति आंतरिक जीवन का हिस्सा है, जो व्यक्ति के विचारों, मान्यताओं, और व्यवहार का निर्माण करती है। संस्कृति, सभ्यता के अंदर का आत्मिक और नैतिक पक्ष है।


(ग) 'नौबतखाने में इबादत' पाठ का लेखक "बिस्मिल्ला खाँ का महलब बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई। शहनाई का तात्पर्य बिस्मिल्ला खाँ का हाथ।" ऐसा क्यों मानता है?

उत्तर:

उत्तर: लेखक ऐसा इसलिए मानता है क्योंकि बिस्मिल्ला खाँ का जीवन पूरी तरह से शहनाई को समर्पित था। उनकी शहनाई की मधुर धुनों में उनका समर्पण, साधना और जीवन की गहराई झलकती थी। शहनाई उनके व्यक्तित्व का प्रतीक बन गई थी और दोनों एक-दूसरे के पर्याय माने जाते थे।


(घ) गंगा स्नान के लिए आने-जाने के दौरान चार-पाँच दिनों तक बालगोबिन भगत उपवास क्यों रखते थे?

उत्तर:

उत्तर: बालगोबिन भगत गंगा स्नान को एक पवित्र और आध्यात्मिक कार्य मानते थे। उनके लिए गंगा स्नान के दिनों में उपवास रखना आत्मशुद्धि का माध्यम था। उपवास से वे शारीरिक और मानसिक रूप से गंगा माँ के प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते थे।

(i) 'आत्म कथ्य कविता से ली गई "अनंत नीतीमा में असंख्य जीवन इतिहास" पंक्ति का क्या आशय है?

उत्तर:

उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि आकाश में अनगिनत जीवन की कहानियां और अनुभव छिपे हैं। ये अनुभव और जीवन इतिहास अनंत, विविध और अनमोल हैं, जो समय की अनंतता में समाहित हैं।


(ii) 'उत्साह' कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।

उत्तर:

उत्तर: 'उत्साह' कविता का शीर्षक इसलिए सार्थक है क्योंकि यह जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों के बावजूद उत्साह और आत्मविश्वास को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यह जीवन को ऊर्जावान और उत्साही तरीके से जीने की आवश्यकता पर बल देता है।


(iii) सूरदास के पद के अनुसार गोपियों को ऐसा क्यों लगा कि कृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?

उत्तर:

उत्तर: सूरदास के पद में गोपियों को ऐसा लगा क्योंकि कृष्ण ने उनके दिल की बात समझी और उन्हें अपनी बातों में फंसाकर उनका दिल जीता। कृष्ण ने उनकी भावनाओं और मनोबल को बढ़ाने के लिए चतुराई और कूटनीति का उपयोग किया था, जो राजनीति का हिस्सा होती है।


(iv) फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' के आधार पर प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' में प्रकृति का सौंदर्य बखूबी दिखाया गया है। कविता में फूलों की खूबसूरत महक, हरे-भरे पेड़ों की हरियाली और वातावरण की शांति का वर्णन किया गया है, जो प्रकृति की सुंदरता को प्रदर्शित करता है।


खंड 'व' (वर्णनात्मक प्रक्ष)

(क) पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था, परंतु हालदार साहब को उसकी मृत्यु की बात बताते हुए उदास क्यों हो गया?

उत्तर:

उत्तर: पान वाला कैप्टन का मजाक बनाता था क्योंकि वह उसकी आदतों और व्यवहार को हल्के-फुल्के अंदाज में देखता था। लेकिन जब उसे कैप्टन की मृत्यु की खबर मिली, तो वह उदास हो गया क्योंकि उसे एहसास हुआ कि वह व्यक्ति अब नहीं रहा, और उसकी मजाकिया हरकतें केवल याद बनकर रह गईं।


(ख) संस्कृति और सभ्यता अलग-अलग कैसे हैं? 'संस्कृति' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: संस्कृति और सभ्यता में अंतर यह है कि सभ्यता बाहरी जीवन का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें भौतिक प्रगति, विज्ञान, और साधन आते हैं। जबकि संस्कृति आंतरिक जीवन का हिस्सा है, जो व्यक्ति के विचारों, मान्यताओं, और व्यवहार का निर्माण करती है। संस्कृति, सभ्यता के अंदर का आत्मिक और नैतिक पक्ष है।


(ग) 'नौबतखाने में इबादत' पाठ का लेखक "बिस्मिल्ला खाँ का महलब बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई। शहनाई का तात्पर्य बिस्मिल्ला खाँ का हाथ।" ऐसा क्यों मानता है?

उत्तर:

उत्तर: लेखक ऐसा इसलिए मानता है क्योंकि बिस्मिल्ला खाँ का जीवन पूरी तरह से शहनाई को समर्पित था। उनकी शहनाई की मधुर धुनों में उनका समर्पण, साधना और जीवन की गहराई झलकती थी। शहनाई उनके व्यक्तित्व का प्रतीक बन गई थी और दोनों एक-दूसरे के पर्याय माने जाते थे।


(घ) गंगा स्नान के लिए आने-जाने के दौरान चार-पाँच दिनों तक बालगोबिन भगत उपवास क्यों रखते थे?

उत्तर:

उत्तर: बालगोबिन भगत गंगा स्नान को एक पवित्र और आध्यात्मिक कार्य मानते थे। उनके लिए गंगा स्नान के दिनों में उपवास रखना आत्मशुद्धि का माध्यम था। उपवास से वे शारीरिक और मानसिक रूप से गंगा माँ के प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते थे।

(क) 'आत्म कथ्य कविता से ली गई "अनंत नीतीमा में असंख्य जीवन इतिहास" पंक्ति का क्या आशय है?

उत्तर:

उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि आकाश में अनगिनत जीवन की कहानियां और अनुभव छिपे हैं। ये अनुभव और जीवन इतिहास अनंत, विविध और अनमोल हैं, जो समय की अनंतता में समाहित हैं।


(ख) 'उत्साह' कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।

उत्तर:

उत्तर: 'उत्साह' कविता का शीर्षक इसलिए सार्थक है क्योंकि यह जीवन के संघर्षों और कठिनाइयों के बावजूद उत्साह और आत्मविश्वास को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यह जीवन को ऊर्जावान और उत्साही तरीके से जीने की आवश्यकता पर बल देता है।


(ग) सूरदास के पद के अनुसार गोपियों को ऐसा क्यों लगा कि कृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?

उत्तर:

उत्तर: सूरदास के पद में गोपियों को ऐसा लगा क्योंकि कृष्ण ने उनके दिल की बात समझी और उन्हें अपनी बातों में फंसाकर उनका दिल जीता। कृष्ण ने उनकी भावनाओं और मनोबल को बढ़ाने के लिए चतुराई और कूटनीति का उपयोग किया था, जो राजनीति का हिस्सा होती है।


(घ) फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' के आधार पर प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

उत्तर: फणीश्वर नाथ रेणु की कविता 'अट नहीं रही है' में प्रकृति का सौंदर्य बखूबी दिखाया गया है। कविता में फूलों की खूबसूरत महक, हरे-भरे पेड़ों की हरियाली और वातावरण की शांति का वर्णन किया गया है, जो प्रकृति की सुंदरता को प्रदर्शित करता है।

(क) 'धाता साता हाथ जोड़े' पाठ में लेखक को कब और क्यों लगा कि तमाम भौगोलिक विविधताओं और बेजानिअक प्रगति के बावजूद भारत की आत्मा एक है?

उत्तर:

उत्तर: 'धाता साता हाथ जोड़े' पाठ में लेखक को यह एहसास हुआ कि तमाम भौगोलिक विविधताओं और सामाजिक-आर्थिक प्रगति के बावजूद भारत की आत्मा एक है, जब उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में यात्रा की और वहाँ के लोगों की एकजुटता और राष्ट्रीयता को महसूस किया। विशेष रूप से जब उन्होंने देखा कि लोग अपने विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक मतभेदों के बावजूद एकसाथ मिलकर देश की भलाई के लिए काम कर रहे थे, तो उन्हें यह विश्वास हुआ कि भारत की आत्मा एक है।


(ख) 'माता का अंचल' पाठ में जिस ग्रामीण जीवन और संस्कृति का उल्लेख है, उसमें वर्तमान में क्या अंतर आ गया है? क्या उस अंचल को आज भी सकारात्मक रूप में माना जा सकता है?

उत्तर:

उत्तर: 'माता का अंचल' पाठ में उल्लिखित ग्रामीण जीवन और संस्कृति में आजकल आधुनिकता के कारण काफी बदलाव आया है। पहले जहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब गाँवों में शिक्षा, स्वच्छता, और तकनीकी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। हालांकि, पारंपरिक जीवनशैली में अब भी बदलावों का सामना करना पड़ा है, लेकिन यह अंचल अब भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर और नैतिक मूल्यों के कारण सकारात्मक रूप से देखा जा सकता है। यह आज भी ग्रामीण जीवन की सरलता और सौम्यता का प्रतीक है।


(ग) 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए कि क्या एक रचनाकार और उसकी रचनाएँ बाहरी दबाव से भी प्रभावित हो सकती हैं। आपकी दृष्टि में वे कौन से बाहरी दबाव हैं जो रचनाकार की रचना को प्रभावित करते हैं?

उत्तर:

उत्तर: हाँ, एक रचनाकार और उसकी रचनाएँ बाहरी दबावों से प्रभावित हो सकती हैं। सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियाँ रचनाकार के विचारों और लेखन पर असर डालती हैं। सेंसरशिप, सामाजिक मान्यताएँ, राजनीतिक दबाव, और आर्थिक कठिनाइयाँ रचनाकार की सोच को सीमित कर सकती हैं। इसके अलावा, व्यक्तिगत अनुभव और समाज की अपेक्षाएँ भी रचनाएँ बनाने के पीछे प्रेरक कारण हो सकती हैं। इन सभी बाहरी दबावों का प्रभाव लेखन की दिशा और उसके संदेश पर पड़ता है।

(क) आप कुमुद/कुमुदिनी हैं। बड़े प्रयासों और प्रतीक्षा के बाद आपकी बहन का स्थानान्तरण अपने गृह-नगर में हो गया है। इसके लिए उन्हें बधाई देते हुए लगभग 40 शब्दों में एक संदेश लिखिए।

उत्तर:

संदेश:
प्रिय दीदी,
बहुत-बहुत बधाई! आपके स्थानांतरण की खबर सुनकर हम सब बेहद खुश हैं। लंबे समय से हम इस पल का इंतजार कर रहे थे। अब आप हमारे साथ अपने गृह-नगर में होंगी, यह सोचकर दिल भर आता है।
आपका स्नेहिल,
कुमुद/कुमुदिनी


(ख) जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगभग 40 शब्दों में एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।

उत्तर:

विज्ञापन:
???? "बूँद-बूँद से जीवन है" ????
जल है तो कल है!
पानी की हर बूँद को बचाएँ, सुखद भविष्य पाएँ।
टपकते नल को बंद करें, बारिश का पानी संचित करें।
"जल संरक्षण अपनाएँ, जीवन को बचाएँ!"
संदेश दें: जल बचाएँ, जीवन बचाएँ! ????

(क) साइबर सुरक्षा: जागरूकता ही समाधान

उत्तर:

भूमिका: आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और तकनीक ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है, लेकिन साइबर अपराध के बढ़ते खतरे ने सतर्कता की आवश्यकता को महसूस कराया है।
अर्थ: साइबर सुरक्षा का मतलब हमारी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना है। इसमें पासवर्ड सुरक्षा, एंटी-वायरस और डेटा एन्क्रिप्शन शामिल हैं।
वर्तमान में चर्चा का कारण: साइबर अपराधों की वृद्धि और महामारी के दौरान ऑनलाइन लेनदेन ने साइबर सुरक्षा की महत्ता को और बढ़ा दिया है।
जागरूकता का प्रभाव: साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता से लोग सुरक्षित रह सकते हैं। छात्रों को इसके बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष: साइबर सुरक्षा के उपायों को अपनाकर हम इस डिजिटल युग में सुरक्षित रह सकते हैं और ऑनलाइन खतरों से बच सकते हैं।


(ख) सौर ऊर्जा: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा

उत्तर:

भूमिका: ऊर्जा की बढ़ती मांग और प्रदूषण के कारण सौर ऊर्जा का महत्व बढ़ गया है। यह एक सस्ती, स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का बेहतरीन विकल्प है।
सौर ऊर्जा का अर्थ: सूर्य से प्राप्त ऊर्जा, जिसे सोलर पैनल से बिजली में बदला जा सकता है, प्रदूषण रहित है और इसका कोई समाप्ति नहीं है।
सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा: सौर ऊर्जा की स्थापना में शुरुआत में लागत हो सकती है, लेकिन यह अन्य ऊर्जा स्रोतों से सस्ती होती है और पर्यावरण को बचाती है।
सौर ऊर्जा की वर्तमान उपयोगिता: भारत जैसे देशों में सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इसे बढ़ावा दे रही है।
निष्कर्ष: सौर ऊर्जा न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि यह पर्यावरण को भी बचाती है। इसे अपनाकर हम एक स्वच्छ और स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।


(ग) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: भूमिका, उद्देश्य, और संसार की लगभग आधी आबादी महिलाओं की स्थिति पर प्रभाव

उत्तर:

भूमिका: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकारों और समानता के प्रति जागरूकता फैलाने का दिन है, जो 8 मार्च को मनाया जाता है।
उद्देश्य: इस दिन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
संसार की लगभग आधी आबादी महिलाओं की स्थिति पर प्रभाव: महिला दिवस समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें समान अधिकार मिलते हैं।
निष्कर्ष: महिला दिवस महिलाओं की समानता और उनके अधिकारों के लिए एक स्थायी जिम्मेदारी है। यह हमें महिलाओं के योगदान की अहमियत समझाता है और उन्हें एक बेहतर समाज की ओर प्रेरित करता है।

(क) आप चंदन हैं। खराब जीवनशैली के कारण आपके मित्र का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। संगठित और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व बताते हुए लगभग 100 शब्दों में उसे पत्र लिखिए।

उत्तर:

प्रिय मित्र,
तुम्हारा स्वास्थ्य बिगड़ता देख मुझे बहुत चिंता हो रही है। खराब जीवनशैली से तुम्हारा स्वास्थ्य और भी प्रभावित हो सकता है। संयमित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद तुम्हारे लिए बहुत फायदेमंद होंगे। जंक फूड और अनियमित दिनचर्या से बचना चाहिए। अधिक पानी पियो और तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करो। स्वस्थ जीवनशैली न केवल तुम्हारे शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होगी। कृपया इन बातों पर ध्यान दो और जल्द ही स्वस्थ बनो।
तुम्हारा शुभचिंतक,
चंदन


(ख) पुलिस द्वारा उठाए गए विविध कदमों से शहर में अपराध कम तो हुआ है पर अभी और सुधार की आवश्यकता है। अपने क्षेत्र के दैनिक समाचार पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखकर जन सामान्य का ध्यान इस ओर दिलाइए कि अपराध पर अंकुश सिर्फ पुलिस की ही नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उत्तर:

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक समाचार पत्र,
(शहर का नाम)
विषय: अपराध पर अंकुश के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
महोदय,
सविनय निवेदन है कि शहर में पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों से अपराध में कमी आई है, लेकिन यह प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। अपराध पर अंकुश केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। इसके साथ ही, नैतिक शिक्षा, रोजगार के अवसर, और सामुदायिक कार्यक्रम अपराध कम करने में सहायक हो सकते हैं। यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो एक सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है।
धन्यवाद।
सादर,
(आपका नाम)
(पता)

(क) आप रजनी राजन हैं। आपके विद्यालय की पत्रिका 'प्रखर' के लिए छात्र संपादक की नियुक्ति होनी है। आप उक्त पद के योग्य हैं। इस पद के लिए प्रधानाचार्य को संबोधित कर लगभग 40 शब्दों में अपना संक्षिप्त स्ववृत्त तैयार कीजिए।

उत्तर:

प्रिय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं रजनी राजन, कक्षा 12वीं का विद्यार्थी, छात्र संपादक के पद के लिए आवेदन करना चाहता/चाहती हूँ। मेरी लेखनी में रुचि और विद्यालय की पत्रिका के प्रति मेरा समर्पण इस पद के लिए मुझे योग्य बनाता है। मैंने विद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों और समाचारों को लेकर कई लेख लिखे हैं, जिससे मेरी संपादकीय क्षमताओं में सुधार हुआ है। मुझे विश्वास है कि मैं 'प्रखर' पत्रिका को एक नई दिशा दे सकता/सकती हूँ।
धन्यवाद,
रजनी राजन


(ख) आप राजन रजनी हैं। अपने बैंक खाते में नेट बैंकिंग की सुविधा प्राप्त करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधक को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।

उत्तर:

से: rajanrajni@example.com
सेवा में: शाखा प्रबंधक,
[बैंक का नाम],
[शाखा का पता]
विषय: नेट बैंकिंग सुविधा हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं राजन रजनी, आपके बैंक का खाताधारक (खाता संख्या: XXXXXXX) हूँ। मैं अपने खाते में नेट बैंकिंग सुविधा सक्रिय करवाना चाहता/चाहती हूँ। कृपया इस सुविधा को मेरे खाते में सक्रिय करने की कृपा करें और आवश्यक विवरण (आईडी/पासवर्ड) साझा करें।
मैं आपके शीघ्र उत्तर की प्रतीक्षा करता/करती हूँ।
धन्यवाद।
सादर,
राजन रजनी
(संपर्क विवरण)

*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.

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