
CBSE Class 10 Hindi Course – A Question Paper 2026 with Solution Pdf is available here for download. The CBSE 2026 Class 10 Hindi exam was scheduled on 2nd March, from 10:30 AM to 1:30 PM.
The CBSE Class 10 Hindi Course A exam is an 80-mark theory paper (3 hours) combined with 20 marks for internal assessment. The paper comprises four sections: Reading (Unseen Passages), Grammar, Literature (Kshitij & Kritika), and Writing, with 40% MCQs, 20% competency-based, and 40% subjective questions.
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Question 1:
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए।
आदमी हो, स्नेह-बाती बन नया दीपक जलाना।
दर्द की परछाइयों के दानवी बंधन हटाना।
छटपटाती ज़िंदगी को चेतना संगीत देना।
विश्व को नवपंथ देना; हारते को जीत देना।
आदमी हो, बुझ रहे ईमान को विश्वास देना।
मुस्कुराकर वाटिका में मधुभरा मधुमास देना।
शूल के बदले जगत को फूल की सौगात देना।
जो पिछड़ता हो उसे नवशक्ति देना, साथ देना।
आदमी हो, डूबते मँझधार में पतवार देना।
थक चला विश्वास साथी, आस्था आधार देना।
क्रांति का संदेश देकर राह युग की मोड़ देना।
फिर नया मानव बनाना, रूढ़ियों को तोड़ देना।
आदमी हो, द्वेष के तूफ़ान को हँसकर मिटाना।
कंठ-भर विषपान करना, किंतु सबको प्यार देना।
मेटना मजबूरियों को; दीन को आधार देना।
खाइयों को पाटना; बिछुड़े दिलों को जोड़ देना।
(i). काव्यांश में 'आदमी हो' की पुनरावृत्ति क्यों की गई है? इस प्रश्न के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. मानवोचित काम करने का आग्रह करने के लिए
II. पिछड़े हुए व्यक्तियों को नवशक्ति देने के लिए
III. रूढ़ियों को तोड़ देने के लिए
IV. आदमी होने की याद दिलाने के लिए
'शूल के बदले फूल देना' का आशय है :
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : जो पिछड़ता हो उसे नवशक्ति देना, साथ देना।
कारण : जीवन में किसी भी कारण से पिछड़ा व्यक्ति हताश हो जाता है।
काव्यांश के अनुसार रूढ़ियों और क्रांति में मानव क्या परिवर्तन ला सकता है?
आदमी होने के नाते द्वेष करने वालों के प्रति क्या कर्त्तव्य होने चाहिए?
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए।
20 अगस्त को राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई। इसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के प्रति आम आदमी में जागरूकता फैलाना है। आधुनिकता और भौतिकवाद की अंधी दौड़ में सबसे समझदार जीव कहे जाने वाले इंसानों ने ही प्रकृति को नज़रअंदाज़ करने का काम किया है। जीवाश्म ईंधन ने रही-सही कसर पूरी कर दी। आम आदमी यदि समझदारी दिखाए तो आधुनिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण को भी बचाया जा सकता है।
वास्तव में हमें अक्षय ऊर्जा का अर्थ समझना होगा। यह अक्षय इसलिए है, क्योंकि इसे तैयार करने के क्रम में स्रोत का क्षय नहीं होता, बल्कि उसका नवीनीकरण होता रहता है। यह ऊर्जा पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती क्योंकि इसे तैयार करने के क्रम में प्रदूषण नहीं फैलता। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत ऊर्जा, ज्वार-भाटा से प्राप्त ऊर्जा, बायोगैस, जैव ईंधन आदि अक्षय ऊर्जा के ही कुछ उदाहरण हैं। हमारा देश प्राकृतिक संपदाओं से संपन्न है इसलिए अक्षय ऊर्जा के प्रति यदि गंभीरता से काम किया जाए तो हम इस ऊर्जा को पाने की दिशा में सबसे आगे रहेंगे। इसके लिए ज़रूरी है कि प्राकृतिक संपदाओं का अनियोजित दोहन रोका जाए। आम लोगों को इसके प्रयोग के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए।
इसमें दो राय नहीं कि भारत में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। हम अक्षय ऊर्जा पाने की ओर ठोस कदम बढ़ा रहे हैं। भारत गाँवों का देश है। अक्षय ऊर्जा के प्रयोग से गाँवों की ऊर्जा संबंधी समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। अक्षय ऊर्जा देश के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। जल्द ही भारत अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के मामले में दुनिया में सिरमौर देश सिद्ध होगा।
(i). अक्षय ऊर्जा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
गद्यांश के अनुसार अक्षय ऊर्जा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : अक्षय ऊर्जा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती।
कारण : यह प्राकृतिक स्रोतों से उत्पन्न होती है और प्रदूषण नहीं फैलाती।
हमारे देश में अक्षय ऊर्जा के प्रयोग पर बल देने के प्रमुख कारण लिखिए।
अक्षय ऊर्जा के उपयोग से भारत को भविष्य में क्या लाभ होगा?
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(i). हम कटाओ के करीब आए और बर्फ़ से ढके पहाड़ दिखने लगे। (सरल वाक्य में बदलिए)
भारतीय सैनिक संकट के बादलों के समक्ष निराश नहीं हुए। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
बिस्मिल्ला खाँ काशी में होने वाले परिवर्तनों को देखकर दुखी थे। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
यह वही मंच है जहाँ कल सम्मान समारोह हुआ। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद भी लिखिए)
बोलचाल की भाषा में जो आसानी रहती है वही लिखित भाषा में भी होनी चाहिए। (रचना के आधार पर वाक्य का भेद लिखिए)
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(i). नेताजी ने भाषण दिया था। (कर्मवाच्य में बदलिए)
बीमार व्यक्ति चल नहीं सकता। (भाववाच्य में बदलिए)
मुझसे लड़ा नहीं जा सकता। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
अधिकारी द्वारा मामले की जाँच-पड़ताल की गई। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
उन्होंने किसान जीवन को अपनी रचनाओं का केन्द्र बनाया। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए :
(i). मुझे अपने आस-पास की प्रकृति को सँभालना अच्छा लगता है। (रेखांकित पद: मुझे)
परिश्रम के बिना सफलता प्राप्त नहीं होती। (रेखांकित पद: बिना)
मुझे थोड़ी चाय और दो। (रेखांकित पद: थोड़ी)
वे दूसरे लेखकों की रचनाएँ पढ़ते हैं। (रेखांकित पद: लेखकों)
तुम्हारा कमरा बेहद सुंदर है। (रेखांकित पद: सुंदर)
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(i). अति कटु बचन कहति कैकेई
मानहुँ लोन जरे पर देई - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
'खड़-खड़ खड़ताल बजा रही विसुध हवा' - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
हृदय-गगन में रूप-चंद्रिका बनकर उतरो मेरे - काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
उपमा अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
अतिशयोक्ति अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
गाड़ी छूट रही थी। सेकंड क्लास के एक छोटे डिब्बे को खाली समझकर, जरा दौड़कर उसमें चढ़ गए। अनुमान के प्रतिकूल डिब्बा निर्जन नहीं था। एक बर्थ पर लखनऊ की नवाबी नस्ल के एक सफ़ेदपोश सज्जन बहुत सुविधा से पालथी मारे बैठे थे। सामने दो ताजे-चिकने खीरे तौलिए पर रखे थे। डिब्बे में हमारे सहसा कूद जाने से सज्जन की आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखाई दिया। सोचा, हो सकता है, यह भी कहानी के लिए सूझ की चिंता में हों या खीरे-जैसी अपदार्थ वस्तु का शौक करते देखे जाने के संकोच में हों।
नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। हमने भी उनके सामने की बर्थ पर बैठकर आत्मसम्मान में आँखें चुरा लीं।
ठाली बैठे, कल्पना करते रहने की पुरानी आदत है। नवाब साहब की असुविधा और संकोच के कारण का अनुमान करने लगे। संभव है, नवाब साहब ने बिलकुल अकेले यात्रा कर सकने के अनुमान में किफ़ायत के विचार से सेकंड क्लास का टिकट खरीद लिया हो और अब गवारा न हो कि शहर का कोई सफ़ेदपोश उन्हें मँझले दर्जे में सफ़र करता देखे।
(i). लेखक के अनुसार नवाब साहब की आँखों में असंतोष का भाव क्यों दिखाई दे रहा था? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. एकांत चिंतन में विघ्न पड़ने के कारण
II. कहानी के लिए उपयुक्त कथानक नहीं मिलने के कारण
III. खीरे जैसी साधारण वस्तु के साथ देखे जाने के कारण
नवाब साहब के व्यवहार से उनकी किस प्रवृत्ति का परिचय मिलता है?
प्रस्तुत गद्यांश में लेखक के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं?
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : लेखक ने नवाब साहब से अपनी नज़रें चुरा लीं और दूसरी ओर देखने लगा।
कारण : नवाब साहब के व्यवहार के कारण अपने आत्मसम्मान को निबाहने के लिए उसने ऐसा किया।
'आत्मसम्मान में आँखें चुराना' से क्या अभिप्राय है?
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :
(i). 'नेताजी का चश्मा' पाठ में हालदार साहब को क्या देखकर 'दुर्दमनीय कौतूहल' हुआ और उन्होंने उसके लिए क्या किया?
'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' - में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है?
'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं?
'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए।
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा॥
आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही॥
सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई॥
सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा॥
सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा॥
सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने॥
बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं॥
येहि धनु पर ममता केहि हेतू। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू॥
(i). राम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या कहा है?
परशुराम के अनुसार शिव धनुष तोड़ने वाला उनके लिए किसके समान है? इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. शत्रु के समान
II. सहस्रबाहु के समान
III. सेवक के समान
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : परशुराम के अहंकारपूर्ण वचनों को सुनकर लक्ष्मण मुस्कुराने लगे।
कारण : उन्होंने बचपन से ही बहुत से धनुष तोड़े हैं।
इस काव्यांश के आधार पर लक्ष्मण की वाणी किस प्रकार की थी?
परशुराम सभा में मौजूद राजाओं से क्या कह रहे हैं?
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :
(i). योग-संदेश पाकर गोपियों की क्या मनोदशा हुई? उनकी भावनाओं को दो बिंदुओं में लिखिए।
बच्चे की मुस्कान और छवियों को कवि ने किन-किन बिंबों में व्यक्त किया है? किन्हीं दो बिंबों का वर्णन कीजिए।
'संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए :
(i). 'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति को स्पष्ट करते हुए लेखक पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को लिखिए। आप दोनों में से किसे महत्त्व देते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
निम्नलिखित दो प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए।
(i). 'अंगदान है महादान' – विषय पर एक जनहितकारी आकर्षक विज्ञापन लोगों को प्रोत्साहित करने हेतु लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
आपकी माताजी अपने कार्यालय में 'वर्ष की सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी' चुनी गई हैं। उन्हें लगभग 40 शब्दों में एक बधाई संदेश लिखिए।
निम्नलिखित दो प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए।
(i).
आपका नाम राधिका/राघव है और आप जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही हैं। अपने क्षेत्र के थानाध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखकर समस्याओं से अवगत कराते हुए सहायता का अनुरोध कीजिए।
आपका नाम समीर/समायरा है। अ.ब.स. विश्वविद्यालय से आपने जर्मनी भाषा में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। क.ख.ग. शिक्षण संस्थान में जर्मन-शिक्षक पद के लिए आवेदन करने हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त तैयार कीजिए।
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन देते हुए तथा इसके उपयोग के पक्ष में पर्याप्त तर्क देते हुए 'दैनिक हिंदी' अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
(i). प्रकृति की रक्षा : अपनी सुरक्षा
संकेत-बिंदु: • प्रकृति और मनुष्य का संबंध • प्रकृति के साथ खिलवाड़ के उदाहरण • प्रकृति की रक्षा के उपाय
हमारे बुजुर्ग : हमारा सम्मान
संकेत-बिंदु: • समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति • अनुभवों का खजाना • बुजुर्गों के प्रति कर्तव्य
बढ़ते साइबर अपराध
संकेत-बिंदु: • अर्थ और प्रकार • कारण • रोकथाम के उपाय
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