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Nidhi Bamnawat

| Updated On - Mar 3, 2026

CBSE Class 10 Hindi Course B (Set 1- 4/3/1) Question paper 2026 with Solutions Pdf is available here for download. The CBSE 2026 Class 10 Hindi exam was scheduled on 2nd March, from 10:30 AM to 1:30 PM. 

The CBSE Class 10 Hindi Course B exam is an 80-mark theory paper (3 hours) combined with 20 marks for internal assessment. The paper comprises four sections: Reading (Unseen Passages), Grammar, Literature (Kshitij & Kritika), and Writing, with 40% MCQs, 20% competency-based, and 40% subjective questions.

CBSE Class 10 Hindi Course B (Set 1 – 4/3/1) Question Paper 2026 with Solutions

CBSE Class 10 Hindi Course B (Set 1 4/3/1) Question paper 2026 Download PDF Check Solutions
CBSE Class 10 Hindi Course B  Set 1 4 3 1 Question paper 2026 with Solutions



Question 1:

प्राकृतिक आपदा का अर्थ है - प्रकृति की ओर से आए संकट । बाढ़, बारिश, तपिश, सूखा, कहने को तो प्राकृतिक घटनाएँ हैं, लेकिन जिस तरह अब इनका रौद्ररूप मौसम-बेमौसम दिखने लगा है, यह चिंताजनक है । बीते साल बाढ़, वनों की आग, तूफ़ान और उच्च तापमान की बेतहाशा घटनाओं ने कई देशों को झकझोर दिया है । ये घटनाएँ न तो साधारण हैं, न प्राकृतिक । पहले भी मौसम का प्रकोप दिखता था, लेकिन भयावहता का ऐसा मंजर यदा-कदा ही दिखा । इसके कारणों को जानते-समझते हुए भी हमारे अनजान बने रहने से प्राकृतिक आपदाएँ दिनोंदिन और विकराल होती जा रही हैं । ‘जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित एक शोध ने वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और प्रकृति को लेकर चिंतित संगठनों की नींद उड़ा दी है । भूजल दोहन के अनुपात में पानी वापस धरती में नहीं पहुँच रहा है । परिणामस्वरूप भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है । पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है । प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हम उसे जो हानि पहुँचा रहे हैं, उस पर हमें नियंत्रण करना होगा । गांधी जी ने कहा था - ‘यह प्रकृति करोड़ों अरबों लोगों का पालन बड़े आराम से कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती ।’ - इस संदेश को जीवन में उतारना होगा । साथ ही हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा । तभी हम मौत के किसी भी जलजले से बच सकते हैं ।

Question 1(i):
पृथ्वी के अक्ष में विचलन का मुख्य कारण है :

  • (A) भूजल का अतिदोहन
  • (B) निरंतर बढ़ता तापमान
  • (C) कम होते जंगल
  • (D) बिना मौसम बरसात
Correct Answer: (A) भूजल का अतिदोहन
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गद्यांश के विस्तृत अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान में प्राकृतिक आपदाओं के उग्र होने का एक बड़ा कारण मानवीय क्रियाकलाप हैं ।

विशेष रूप से ‘जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित एक शोध का उल्लेख करते हुए लेखक ने यह जानकारी दी है कि पृथ्वी के भीतर से पानी निकालने की दर इतनी अधिक है कि वह पुनर्भरण (recharge) के अनुपात से कहीं ज़्यादा है ।

जब बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जाता है, तो पृथ्वी के द्रव्यमान का संतुलन बिगड़ने लगता है ।

यही द्रव्यमान का असंतुलन पृथ्वी के अपनी धुरी या अक्ष (axis) पर झुकने का मुख्य कारण है ।

यद्यपि बढ़ता तापमान और वनों की कटाई भी संकट हैं, परन्तु अक्ष के विचलन के लिए गद्यांश में सीधे तौर पर भूजल के अतिदोहन को ही उत्तरदायी ठहराया गया है ।

अतः, विकल्प (A) पूर्णतः तार्किक और गद्यांश के अनुकूल है ।
Quick Tip: यदि प्रश्न में किसी विशिष्ट भौगोलिक या वैज्ञानिक घटना का कारण पूछा जाए, तो गद्यांश में दिए गए वैज्ञानिक शोध के निष्कर्षों को ही आधार बनाएँ ।


Question 1(ii):

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :

कथन : विगत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप भयावह हुआ है ।

कारण : प्राकृतिक संसाधनों के प्रति असंवेदनशील मानवीय कृत्यों ने प्रकृति के सहज स्वरूप को प्रभावित किया है ।

  • (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  • (B) कारण सही है, किंतु कथन गलत है ।
  • (C) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
  • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Correct Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
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गद्यांश के प्रारंभ में ही लेखक ने यह चेतावनी दी है कि बाढ़, तूफ़ान और उच्च तापमान जैसी घटनाएँ अब पहले की तुलना में अधिक उग्र और विनाशकारी हो गई हैं, जो कथन की सत्यता को सिद्ध करता है ।

कारण की पड़ताल करने पर हम पाते हैं कि मनुष्य ने अपनी असीमित इच्छाओं और लालच (तृष्णा) के कारण प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ की है ।

संसाधनों का असंवेदनशील दोहन जैसे कि भूजल का अत्यधिक निष्कर्षण और प्रकृति के सहज तंत्र में हस्तक्षेप ही इस भयावहता के पीछे का मुख्य तर्क है ।

गद्यांश स्पष्ट रूप से यह संबंध स्थापित करता है कि मानवीय हस्तक्षेप और आपदाओं की तीव्रता के बीच एक सीधा कार्य-कारण संबंध है ।

इसलिए, कथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण प्रभावी ढंग से कथन की व्याख्या करता है ।
Quick Tip: कथन-कारण प्रश्नों में यह देखें कि क्या कारण वास्तव में कथन में वर्णित समस्या के पीछे का 'क्यों' (Why) स्पष्ट कर रहा है ।


Question 1(iii):

‘जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित शोध में किस खतरे का जिक्र है ?

  • (A) तेज़ी से बदलता मौसम-चक्र
  • (B) भूजल का कम होता स्तर
  • (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
  • (D) बेतहाशा बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ
Correct Answer: (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव
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गद्यांश में प्रयुक्त 'जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स' एक वैज्ञानिक पत्रिका का नाम है जिसके माध्यम से लेखक ने एक गंभीर तथ्य को रेखांकित किया है ।

शोध का प्रमुख और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि भूजल स्तर में गिरावट के कारण पृथ्वी की भौतिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है ।

लेख के अनुसार, यह शोध बताता है कि पृथ्वी अपने अक्ष (axis) पर झुकने लगी है, जो कि एक वैश्विक और अभूतपूर्व खतरा है ।

यद्यपि भूजल का कम होना भी एक समस्या है, लेकिन इस शोध की विशिष्ट खोज अक्ष का विचलन है, जिसने वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है ।

अतः विकल्प (C) गद्यांश की सूचना के आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त है ।
Quick Tip: जब प्रश्न में किसी रिपोर्ट या पत्रिका का नाम दिया हो, तो गद्यांश में उस नाम के ठीक बाद आने वाली सूचना ही उत्तर होती है ।


Question 1(iv):

भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी पर क्या असर पड़ा ?

Correct Answer: भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण पृथ्वी का जल स्तर निरंतर गिर रहा है और इसके परिणामस्वरूप पृथ्वी के द्रव्यमान के असंतुलन से वह अपने अक्ष पर झुकने लगी है ।
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गद्यांश में लेखक ने विस्तार से समझाया है कि जितना पानी हम जमीन से निकाल रहे हैं, उतना पानी वापस धरती के अंदर नहीं जा पा रहा है ।

इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हुआ कि भूजल का भंडार तेजी से घट रहा है, जिसे गद्यांश में 'भूजल स्तर का गिरना' कहा गया है ।

इस जल के निष्कासन का एक अधिक गहरा और गंभीर असर पृथ्वी की यांत्रिकी (mechanics) पर पड़ा है ।

पृथ्वी के भीतर तरल पदार्थों (पानी) के स्थानांतरण से उसके द्रव्यमान वितरण में बदलाव आया है, जिससे पृथ्वी अपने अक्ष पर विचलित होकर झुकने लगी है ।

यह घटना यह दर्शाती है कि मानवीय गतिविधियाँ अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-भौतिकीय स्तर पर भी पृथ्वी को प्रभावित कर रही हैं ।
Quick Tip: वर्णनात्मक प्रश्नों में गद्यांश के मुख्य संज्ञा शब्दों को शामिल करते हुए उत्तर को कम से कम दो तार्किक उप-बिंदुओं में बाँटें ।


Question 1(v):

प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए क्या अनिवार्य है ?

Correct Answer: आपदाओं से बचाव के लिए प्रकृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ पर नियंत्रण पाना, मानवीय असीमित तृष्णा का त्याग करना और आपदा प्रबंधन के प्रति हमेशा सजग रहना अनिवार्य है ।
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गद्यांश के अंतिम भाग में आपदा प्रबंधन और निवारण के उपायों पर प्रकाश डाला गया है ।

लेखक ने गांधी जी के प्रसिद्ध संदेश को उद्धृत किया है कि प्रकृति सबकी आवश्यकता (need) पूरी कर सकती है लेकिन लालच (greed) नहीं ।

बचाव के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि हमें प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को रोकना होगा और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की भावना विकसित करनी होगी ।

साथ ही, हमें केवल आपदा के आने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए, बल्कि उससे बचने के लिए और राहत कार्यों के लिए हमेशा मानसिक और भौतिक रूप से तैयार रहना चाहिए ।

संक्षेप में, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पूर्व-तैयारी ही हमें मौत के इन जलजलों से बचा सकती है ।
Quick Tip: निष्कर्ष आधारित प्रश्नों में गद्यांश के अंत में दिए गए 'संदेश' या 'उपाय' को अपनी भाषा में सटीक रूप से लिखें ।


Question 2:

‘किडल्टिंग’ दो शब्दों के मेल से बना है - ‘किड’ और ‘एडल्ट’ । यानी बचपन और वयस्क की संधि । इस शब्द का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है । वास्तव में यह बचपन की जानी-पहचानी गतिविधियों की ओर एक स्वाभाविक सरल वापसी है । ‘किडल्टिंग’ ज़िंदगी के भागमभाग में फँसे, अकेले रह गए या अवसाद से जूझ रहे लोगों को बहुत पसंद आ रहा है । पसंदीदा गतिविधियाँ करना अक्सर तनाव दूर करने के लिए एकदम सही विकल्प होता है । बड़ी कंपनियाँ भी ऐसी गतिविधियों के चलन को बढ़ावा देने में तेज़ी से जुट गई हैं । लंदन और मैड्रिड में एक संवाद संग्रहालय ‘डोपामाइन लैंड’ अपने अंदर के बच्चे को जगाने के लिए बचपन और वयस्क अवस्था के संधिकाल की गतिविधियाँ करवाता है । दिनभर मोबाइल और कंप्यूटर से ऊबे हुए कामकाजी लोग इससे दूरी बनाने के दिलचस्प बहाने खोजने लगे हैं । ऐसे में बचपन की दुनिया में वापसी उन्हें पसंद आ रही है क्योंकि इसमें वे बिना मोबाइल और कंप्यूटर वाले बीते जीवन को जीते हैं । खबर यह भी है कि ‘डोपामाइन लैंड’ जैसी जगहें ‘हैप्पी हार्मोन्स’ को भी सक्रिय कर रही हैं । आखिर कुछ तो कारण होगा कि वर्तमान में तमाम सुविधाओं के बावजूद लोग ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं जिसमें वे जीवन की संवेदनाओं का अहसास नहीं कर पाते ।




Question 2(i):
तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है :

  • (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
  • (B) स्क्रीन पर और अधिक समय बिताना
  • (C) काम में और अधिक ध्यान लगाना
  • (D) नियत कार्य को समय से पूर्व निपटाना
Correct Answer: (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
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गद्यांश के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक मनुष्य का जीवन अत्यधिक तनावपूर्ण और यांत्रिक हो गया है ।

लेखक ने सुझाव दिया है कि जब व्यक्ति अपनी रुचि या पसंद की गतिविधियों (जैसे बचपन के खेल या शौक) में संलग्न होता है, तो उसका मानसिक तनाव स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है ।

गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है - "पसंदीदा गतिविधियाँ करना अक्सर तनाव दूर करने के लिए एकदम सही विकल्प होता है ।"

अन्य विकल्प (B) तनाव को बढ़ाता है, जबकि (C) और (D) कार्य-दबाव से जुड़े हैं जो मानसिक शांति में सहायक नहीं होते ।

अतः, पसंदीदा कार्यों में समय बिताना ही तनावमुक्ति का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है ।
Quick Tip: गद्यांश में 'एकदम सही विकल्प' जैसे शब्दों को ध्यान से पहचानें, क्योंकि ये सीधे उत्तर की पुष्टि करते हैं ।


Question 2(ii):

‘डोपामाइन लैंड’ क्या है ?

  • (A) बच्चों के खेलने की खुली जगह
  • (B) एक विशेष हॉर्मोन मिलने की जगह
  • (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान
  • (D) बच्चों के हॉर्मोन संतुलित करने का स्थान
Correct Answer: (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान
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गद्यांश के अनुसार, 'डोपामाइन लैंड' लंदन और मैड्रिड जैसे बड़े शहरों में स्थित एक संवाद संग्रहालय (Interactive Museum) है ।

इसका मुख्य उद्देश्य उन वयस्कों (Adults) के लिए एक वातावरण प्रदान करना है जो अपने तनावपूर्ण जीवन से मुक्ति चाहते हैं और अपने भीतर के बचपन को फिर से जीना चाहते हैं ।

यहाँ वे गतिविधियाँ करवाई जाती हैं जो वयस्कता और बचपन के बीच के संधिकाल की होती हैं ।

यद्यपि यह नाम डोपामाइन (हैप्पी हॉर्मोन) पर आधारित है, परन्तु यह कोई जैविक स्थान नहीं बल्कि एक भौतिक परिसर है जिसे 'बड़ों' के मनोरंजन और तनावमुक्ति के लिए निर्मित किया गया है ।

इसलिए विकल्प (C) सबसे सटीक उत्तर है ।
Quick Tip: 'किडल्टिंग' शब्द का अर्थ ही बच्चा + वयस्क है, अतः इससे जुड़ा केंद्र वयस्कों के लिए ही होगा ।


Question 2(iii):

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :

कथन : वर्तमान में सुख-सुविधाओं से भरी ज़िंदगी में खुशियों के अहसास की कमी हो गई है ।

कारण : प्रसन्न रहने के लिए सिर्फ भौतिक सुख-सुविधाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं ।

  • (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  • (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
  • (C) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
  • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Correct Answer: (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
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गद्यांश के अंतिम पैराग्राफ में यह विरोधाभास (paradox) प्रस्तुत किया गया है कि आज के मनुष्य के पास तमाम भौतिक साधन और सुविधाएँ मौजूद हैं, फिर भी वह संवेदनाओं और वास्तविक खुशी का अनुभव नहीं कर पा रहा है ।

यह कथन वर्तमान समाज की एक कड़वी सच्चाई है ।

कारण यह है कि प्रसन्नता और मानसिक संतोष का संबंध आंतरिक अनुभूति से है, न कि केवल बाहरी वस्तुओं या गैजेट्स से ।

इसीलिए लोग डिजिटल स्क्रीन से ऊबकर 'किडल्टिंग' जैसे स्वाभाविक अनुभवों की तलाश कर रहे हैं ।

अतः कारण, कथन की सत्यता का मूल आधार स्पष्ट करता है, जिससे विकल्प (D) सही सिद्ध होता है ।
Quick Tip: यदि कारण उस समस्या के पीछे के मूल सिद्धांत (Logic) को समझा रहा है, तो व्याख्या सही मानी जाती है ।


Question 2(iv):

बड़ी-बड़ी कंपनियों के ‘डोपामाइन लैंड’ जैसी गतिविधियों में बढ़ती रुचि के क्या कारण हैं ?

Correct Answer: वर्तमान में कामकाजी लोगों के बीच तनाव से मुक्ति पाने और तकनीक से दूर रहने (किडल्टिंग) का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है । बड़ी कंपनियाँ इस बढ़ते बाज़ार को देख रही हैं और लोगों की इस मानसिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए व्यवसायिक अवसर खोज रही हैं ।
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गद्यांश यह स्पष्ट करता है कि आधुनिक कामकाजी वर्ग डिजिटल दुनिया (मोबाइल, कंप्यूटर) से अत्यधिक थक चुका है और अवसाद या अकेलेपन का सामना कर रहा है ।

ऐसे में लोग उन अनुभवों की ओर लौट रहे हैं जो उन्हें सादगी और बचपन की याद दिलाते हैं ।

बड़ी कंपनियों ने इसे एक व्यवसायिक लाभ (profit) की संभावना के रूप में देखा है ।

जब किसी विशेष गतिविधि (जैसे किडल्टिंग) का चलन बढ़ता है, तो कंपनियाँ उसमें निवेश करती हैं ताकि वे लोगों की बदलती माँगों को पूरा कर सकें ।

अतः कंपनियों की रुचि का मुख्य कारण लोगों का इस नई जीवनशैली के प्रति बढ़ता रुझान और व्यावसायिक लाभ की संभावना है ।
Quick Tip: व्यावसायिक रुचि हमेशा किसी उभरते हुए सामाजिक रुझान (Social Trend) का परिणाम होती है ।


Question 2(v):

वर्तमान में ‘किडल्टिंग’ की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है ?

Correct Answer: तकनीक के जाल में फँसकर आधुनिक मनुष्य अपनी स्वाभाविक प्रसन्नता और संवेदनाओं को खो चुका है । अकेलेपन, तनाव और अवसाद को दूर करने तथा वास्तविक जीवन का अहसास करने के लिए 'किडल्टिंग' की आवश्यकता महसूस हो रही है ।
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लेखक के अनुसार, आधुनिक जीवन की भागदौड़ ने मनुष्य को यंत्र बना दिया है ।

लोग दिन भर स्क्रीन (मोबाइल/कंप्यूटर) पर समय बिताते हैं, जिससे वे वास्तविक मानवीय अनुभवों और संवेदनाओं से दूर हो गए हैं ।

'किडल्टिंग' एक प्रकार की स्वाभाविक वापसी है जो व्यक्ति को उन दिनों की याद दिलाती है जब जीवन सरल था और खुशियाँ छोटी-छोटी बातों में छिपी थीं ।

यह न केवल तनाव दूर करती है, बल्कि मस्तिष्क में 'हैप्पी हार्मोन्स' को सक्रिय कर व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करती है ।

इसीलिए, एक संतुलित और खुशहाल जीवन जीने के लिए आज के युग में किडल्टिंग एक आवश्यकता बन गई है ।
Quick Tip: उत्तर में गद्यांश के मुख्य शब्द जैसे 'डिजिटल दूरी', 'अवसाद' और 'संवेदनाओं का अहसास' का प्रयोग अवश्य करें ।


Question 3(i):

‘गुलाब की तरह मुसकराने वाले तुम आज उदास क्यों हो ?’ - वाक्य में से सर्वनाम पदबंध छाँटकर लिखिए ।

Correct Answer: गुलाब की तरह मुसकराने वाले तुम
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पदबंध कई शब्दों का वह समूह है जो वाक्य में एक ही व्याकरणिक इकाई (संज्ञा, सर्वनाम आदि) का कार्य करता है ।

सर्वनाम पदबंध वह होता है जिसका अंतिम (शीर्ष) पद सर्वनाम हो और बाकी शब्द उस पर आश्रित हों ।

प्रस्तुत वाक्य में "तुम" एक पुरुषवाचक सर्वनाम है ।

इस सर्वनाम की विशेषता बताने के लिए "गुलाब की तरह मुसकराने वाले" शब्द समूह का प्रयोग किया गया है ।

चूँकि यह पूरा पद समूह "तुम" पर समाप्त होता है, अतः यह सर्वनाम पदबंध कहलाएगा ।
Quick Tip: पदबंध की पहचान के लिए देखें कि रेखांकित या विचारणीय अंश किस शब्द पर समाप्त हो रहा है । यदि वह 'मैं', 'तुम', 'वह' जैसे शब्द हैं, तो वह सर्वनाम पदबंध है ।


Question 3(ii):

‘अब यह कारवाँ इन जंगलों में कई साल से भटक रहा है ।’ - वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए । (रेखांकित शब्द: कई साल से)

Correct Answer: विशेषण पदबंध
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वाक्य में "कारवाँ" एक संज्ञा है ।

"कई साल से" पदबंध इस कारवाँ की एक विशेष अवस्था या समय अवधि का बोध करा रहा है ।

यद्यपि समय का बोध क्रिया-विशेषण में भी होता है, परन्तु यहाँ यह "कारवाँ" (संज्ञा) के विस्तारक के रूप में प्रयुक्त हुआ है ।

अतः व्याकरण के नियमानुसार, जो शब्द समूह संज्ञा के विषय में जानकारी दें, वे विशेषण पदबंध की श्रेणी में आते हैं ।

विशेष रूप से, यह परिमाण या काल का संकेत देने वाला विशेषण पदबंध है ।
Quick Tip: यदि पद समूह संज्ञा की स्थिति या उसके किसी विशेष काल का बोध कराए, तो वह विशेषण पदबंध होता है ।


Question 3(iii):

‘पक्षियों की सायंकालीन चहचहाहटें शनैः-शनैः क्षीण हो गईं ।’ - वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए । (रेखांकित शब्द: शनैः-शनैः)

Correct Answer: क्रिया-विशेषण पदबंध
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वाक्य की मुख्य क्रिया है - "क्षीण हो गई" (कम हो गई या मिट गई) ।

"शनैः-शनैः" (धीरे-धीरे) शब्द समूह यह स्पष्ट कर रहा है कि यह क्रिया किस प्रकार या किस रीति से हो रही है ।

वह पदबंध जो क्रिया के होने का ढंग, रीति, समय, स्थान या परिमाण बताए, उसे क्रिया-विशेषण पदबंध कहा जाता है ।

चूँकि यह क्रिया की रीति (manner) बता रहा है, अतः यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण पदबंध का एक सटीक उदाहरण है ।
Quick Tip: क्रिया से 'कैसे' (How) प्रश्न पूछने पर यदि उत्तर मिले, तो वह क्रिया-विशेषण पदबंध होता है ।


Question 3(iv):

‘मास्टर साहब एक लड़के को उसके घर जाकर पढ़ाया करते थे ।’ - वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद बताते हुए कारण भी स्पष्ट कीजिए । (रेखांकित शब्द: जाकर पढ़ाया करते थे)

Correct Answer: क्रिया पदबंध । कारण: क्योंकि यह शब्द समूह मुख्य क्रिया और सहायक क्रियाओं से मिलकर बना है जो एक ही कार्य (पढ़ाना) को पूर्ण कर रहे हैं ।
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वाक्य में "जाकर पढ़ाया करते थे" एक संयुक्त क्रिया का रूप है ।

इसमें मुख्य क्रिया 'पढ़ाना' के साथ रंजक क्रिया 'जाना', 'करना' और सहायक क्रिया 'होना' (थे) का समावेश है ।

जब एक से अधिक क्रिया पद मिलकर वाक्य की मुख्य क्रिया का कार्य पूर्ण करते हैं, तो उस समूह को क्रिया पदबंध कहा जाता है ।

यह पदबंध वाक्य के अंत में क्रिया व्यापार के पूर्ण होने का बोध करा रहा है, इसीलिए इसे क्रिया पदबंध की श्रेणी में रखा गया है ।
Quick Tip: वाक्य के अंत में आने वाले मुख्य क्रिया और सहायक क्रियाओं के पूरे समूह को क्रिया पदबंध कहते हैं ।


Question 3(v):

‘पास में एक सुंदर और बलशाली युवक रहा करता था ।’ - वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए । (रेखांकित शब्द: एक सुंदर और बलशाली)

Correct Answer: विशेषण पदबंध
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वाक्य में "युवक" एक संज्ञा है ।

"एक सुंदर और बलशाली" पद समूह इस संज्ञा (युवक) के गुणों और विशेषताओं का वर्णन कर रहा है ।

जहाँ कई शब्द मिलकर किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता प्रकट करते हैं, वहाँ विशेषण पदबंध होता है ।

यह समूह संज्ञा पद "युवक" से ठीक पहले प्रयुक्त हुआ है और उसे विशेषित कर रहा है ।

अतः यह एक गुणवाचक विशेषण पदबंध है ।
Quick Tip: यदि रेखांकित अंश किसी संज्ञा के ठीक पहले आकर खत्म हो रहा है, तो वह विशेषण पदबंध होने की प्रबल संभावना रखता है ।


Question 4(i):

‘आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान-बख्शी करता हूँ ।’ - रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए ।

Correct Answer: संयुक्त वाक्य
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रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं: सरल, संयुक्त और मिश्र ।

दिए गए वाक्य में दो स्वतंत्र उपवाक्य हैं: 1. "आपने मुझे कारतूस दिए" और 2. "आपकी जान-बख्शी करता हूँ" ।

इन दोनों उपवाक्यों को समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय "इसलिए" द्वारा जोड़ा गया है ।

चूँकि दोनों वाक्य अपना स्वतंत्र अर्थ रखते हैं और योजक द्वारा जुड़े हैं, अतः यह एक संयुक्त वाक्य है ।
Quick Tip: 'और', 'इसलिए', 'किंतु', 'परंतु', 'अतः' जैसे योजक शब्दों से जुड़े वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाते हैं ।


Question 4(ii):

‘ग्वालियर के हमारे मकान के दालान में दो रोशनदान थे ।’ - संयुक्त वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए ।

Correct Answer: हमारा मकान ग्वालियर में था और उसके दालान में दो रोशनदान थे ।
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मूल वाक्य एक सरल वाक्य है क्योंकि इसमें एक ही मुख्य क्रिया "थे" है ।

इसे संयुक्त वाक्य में बदलने के लिए हमें वाक्य को दो स्वतंत्र खंडों या उपवाक्यों में विभाजित करना होगा ।

पहला हिस्सा मकान के ग्वालियर में होने की सूचना देता है: "हमारा मकान ग्वालियर में था" ।

दूसरा हिस्सा दालान में रोशनदान होने की सूचना देता है: "उसके दालान में दो रोशनदान थे" ।

इन दोनों को "और" योजक से जोड़कर हमने अर्थ को सुरक्षित रखते हुए वाक्य संरचना को संयुक्त बना दिया है ।
Quick Tip: संयुक्त वाक्य बनाते समय ध्यान रखें कि दोनों उपवाक्यों का स्वतंत्र अस्तित्व होना चाहिए ।


Question 4(iii):

‘उसने सिर झुकाकर हमें प्रणाम किया ।’ - रचना की दृष्टि से वाक्य भेद लिखिए ।

Correct Answer: सरल वाक्य
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संरचना की दृष्टि से इस वाक्य में केवल एक ही मुख्य क्रिया "प्रणाम किया" है ।

"सिर झुकाकर" एक पूर्वकालिक क्रिया है जो मुख्य क्रिया की रीति या ढंग को स्पष्ट कर रही है ।

वाक्य में न तो कोई योजक शब्द (जैसे और, किंतु) प्रयुक्त हुआ है और न ही कोई आश्रित उपवाक्य (जैसे कि, जो) है ।

जिस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं ।

अतः यह एक आदर्श सरल वाक्य है ।
Quick Tip: वाक्य में 'कर' (जैसे - झुकाकर) का प्रयोग प्रायः सरल वाक्यों में क्रियाओं को जोड़ने के लिए होता है ।


Question 4(iv):

‘खड़े होने की जगह कम पड़ने पर उसे गुस्सा आ गया ।’ - मिश्र वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए ।

Correct Answer: जब खड़े होने की जगह कम पड़ गई, तब उसे गुस्सा आ गया ।
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मिश्र वाक्य वह होता है जिसमें एक मुख्य उपवाक्य हो और कम से कम एक आश्रित उपवाक्य हो ।

मूल सरल वाक्य में "कम पड़ने पर" एक शर्त या समय का बोध करा रहा है ।

रूपांतरण के लिए हम 'जब-तब' या 'जैसे-वैसे' के जोड़े का प्रयोग कर सकते हैं ।

"जब खड़े होने की जगह कम पड़ गई" (आश्रित उपवाक्य) + "तब उसे गुस्सा आ गया" (मुख्य उपवाक्य) ।

इस संरचना में मुख्य उपवाक्य का अर्थ आश्रित उपवाक्य पर निर्भर है, जिससे यह मिश्र वाक्य बन जाता है ।
Quick Tip: मिश्र वाक्य के लिए 'जो-वह', 'जब-तब', 'यदि-तो' जैसे सापेक्ष शब्दों का प्रयोग अनिवार्य है ।


Question 4(v):

‘गिन्नी का सोना शुद्ध सोने से मज़बूत होता है इसलिए औरतें इसी से गहने बनवाती हैं ।’ - सरल वाक्य में रूपांतरित करके लिखिए ।

Correct Answer: शुद्ध सोने से मज़बूत होने के कारण औरतें गिन्नी के सोने से गहने बनवाती हैं ।
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दिया गया वाक्य "इसलिए" योजक के कारण एक संयुक्त वाक्य है ।

इसे सरल वाक्य में बदलने के लिए योजक को हटाकर एक ही मुख्य क्रिया रखनी पड़ती है ।

हमने "इसलिए" के स्थान पर "होने के कारण" का प्रयोग किया है, जिससे कारण और कार्य का संबंध एक ही प्रवाह में बंध गया है ।

वाक्य की संरचना अब सीधी है और इसमें कोई उपवाक्य नहीं है, अतः यह सरल वाक्य का रूप ले चुका है ।

वाक्य का मूल अर्थ पूर्णतः सुरक्षित है ।
Quick Tip: संयुक्त को सरल बनाते समय 'इसलिए' को हटाकर 'के कारण' या 'वजह से' का प्रयोग सबसे आसान होता है ।


Question 5(i):

अव्ययीभाव समास की विशेषता बताते हुए एक उदाहरण लिखिए ।

Correct Answer: अव्ययीभाव समास में पूर्व पद (पहला पद) प्रधान और अव्यय होता है और पूरा शब्द क्रिया-विशेषण की तरह कार्य करता है । उदाहरण: यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार) ।
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अव्ययीभाव समास के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

1. इसका प्रथम पद (पूर्व पद) प्रधान होता है ।

2. प्रथम पद अक्सर एक अव्यय या उपसर्ग (जैसे - प्रति, यथा, आ, निर्, भर) होता है ।

3. समस्त पद बनने के बाद पूरा शब्द अव्यय बन जाता है और इसका रूप लिंग, वचन या कारक के आधार पर नहीं बदलता ।

उदाहरण के लिए, 'यथाशक्ति' में 'यथा' प्रधान है, जिसका अर्थ है - "शक्ति का अतिक्रमण किए बिना" या "शक्ति के अनुसार" ।
Quick Tip: यदि शब्द के शुरू में 'यथा', 'प्रति', 'बे', 'भर' जैसे शब्द लगें, तो वह प्रायः अव्ययीभाव समास होता है ।


Question 5(ii):

‘भाषा-प्रयोग’ समस्तपद समास के किस भेद का उदाहरण है ?

Correct Answer: तत्पुरुष समास
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समास का भेद पहचानने के लिए सर्वप्रथम विग्रह किया जाता है ।

'भाषा-प्रयोग' का विग्रह है - "भाषा का प्रयोग" ।

यहाँ 'का' संबंध कारक का विभक्ति चिन्ह है ।

नियमतः, जिस समास में विग्रह करते समय कारक चिन्हों का लोप हो और उत्तर पद (प्रयोग) प्रधान हो, वह तत्पुरुष समास कहलाता है ।

अतः यह संबंध तत्पुरुष का एक स्पष्ट उदाहरण है ।
Quick Tip: विग्रह करने पर यदि कारक चिन्ह (का, के, की, से, में आदि) आएँ, तो वह निश्चित ही तत्पुरुष समास है ।


Question 5(iii):

‘इसका जिक्र सिंधी भाषा के महाकवि शेख अयाज़ ने किया था ।’ - रेखांकित समस्तपद का विग्रह कीजिए और समास का नाम लिखिए । (रेखांकित शब्द: महाकवि)

Correct Answer: विग्रह: महान है जो कवि । समास: कर्मधारय समास ।
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'महाकवि' शब्द दो सार्थक खंडों से बना है - 'महा' (महान) और 'कवि' ।

यहाँ 'महा' विशेषण है और 'कवि' विशेष्य है क्योंकि प्रथम पद दूसरे पद की विशेषता बता रहा है ।

जहाँ विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है, वहाँ कर्मधारय समास होता है ।

विग्रह करने पर अर्थ निकलता है - "महान है जो कवि" ।

यही संरचना कर्मधारय समास की पहचान है ।
Quick Tip: 'महा' उपसर्ग से प्रारंभ होने वाले शब्द (जैसे महात्मा, महापुरुष) प्रायः कर्मधारय समास की श्रेणी में आते हैं ।


Question 5(iv):

बहुव्रीहि समास का कौन-सा पद प्रधान होता है ?

Correct Answer: बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे 'अन्य पद' की ओर संकेत करते हैं और वही तीसरा पद प्रधान होता है ।
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बहुव्रीहि समास की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रयुक्त पूर्व पद और उत्तर पद अपना मूल अर्थ छोड़ देते हैं ।

वे मिलकर किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या संज्ञा की ओर इशारा करते हैं ।

वही "अन्य पद" या "तीसरा अर्थ" इस समास में प्रधान माना जाता है ।

उदाहरण के लिए - 'दशानन' (दस हैं आनन जिसके) का अर्थ है 'रावण' । यहाँ न 'दस' प्रधान है न 'मुख' (आनन), बल्कि रावण प्रधान है ।

इसी कारण इसे अन्य पद प्रधान समास कहा जाता है ।
Quick Tip: बहुव्रीहि समास में हमेशा कोई उपाधि या किसी विशेष संज्ञा का अर्थ निकलता है ।


Question 5(v):

‘दो पहरों का समूह’ के लिए समस्तपद लिखिए और भेद का नाम भी लिखिए ।

Correct Answer: समस्तपद: दोपहर । भेद: द्विगु समास ।
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दिए गए विग्रह "दो पहरों का समूह" का सामासिक पद या समस्तपद 'दोपहर' बनता है ।

समास का भेद पहचानने के लिए हम देखते हैं कि प्रथम पद 'दो' एक संख्यावाचक विशेषण है ।

जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक हो और वह किसी समूह या समाहार का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं ।

चूँकि यहाँ दो पहरों के समूह की बात हो रही है, अतः यह द्विगु समास का उदाहरण है ।
Quick Tip: यदि समस्तपद के शुरू में कोई संख्या (Number) हो, तो वह द्विगु समास की पहचान है ।


Question 6(i):

‘ज़हर लगना’ मुहावरे का वाक्य में इस तरह प्रयोग कीजिए कि उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए ।

Correct Answer: अर्थ: बहुत बुरा या असहनीय लगना । वाक्य प्रयोग: जब सोहन के मित्र ने उसे उसकी बुराइयों के प्रति सचेत किया, तो उसे मित्र की सच्ची बातें भी ज़हर लगने लगीं ।
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'ज़हर लगना' मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई बात या व्यवहार हमें अत्यधिक कड़वा, अरुचिकर या बुरा लगता है ।

वाक्य में मुहावरे का प्रयोग इस प्रकार होना चाहिए कि उसका अर्थ स्वतः सिद्ध हो जाए ।

उपरोक्त वाक्य में 'सच्ची बातें' और 'ज़हर लगना' के बीच का विरोधाभास यह स्पष्ट करता है कि व्यक्ति को सच्चाई स्वीकार करने में कष्ट हो रहा है ।

एक अन्य उदाहरण: "आलसी व्यक्ति को परिश्रम करने की सलाह ज़हर लगती है ।"
Quick Tip: मुहावरे का वाक्य प्रयोग करते समय हमेशा मुहावरे वाले शब्द ही प्रयुक्त करें, उसका अर्थ नहीं ।


Question 6(ii):

‘वास्तविकता से परिचित होना’ अर्थ को व्यक्त करने वाला उपयुक्त मुहावरा लिखिए ।

Correct Answer: आँखें खुलना
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दिए गए अर्थ 'वास्तविकता से परिचित होना' के लिए सबसे सटीक मुहावरा 'आँखें खुलना' है ।

इसका अर्थ है - भ्रम दूर होना, होश में आना या सच्चाई का ज्ञान होना ।

जब कोई व्यक्ति किसी गलतफहमी में जी रहा हो और उसे अचानक वास्तविकता का पता चले, तो कहा जाता है कि उसकी "आँखें खुल गईं" ।

उदाहरण: "परीक्षा में असफल होने के बाद ही रवि की आँखें खुलीं और उसे समय की कीमत समझ आई ।"
Quick Tip: सत्यता का ज्ञान होने के लिए 'आँखें खुलना' या 'पर्दा उठना' जैसे मुहावरे प्रयुक्त होते हैं ।


Question 6(iii):

‘अपने सामने वही रूखा-सूखा खाना देखकर हरिहर काका के बदन में _______ गई ।’ रिक्त स्थान की पूर्ति उपयुक्त मुहावरे से करके लिखिए ।

Correct Answer: आग लग गई
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पाठ 'हरिहर काका' के संदर्भ में, जब काका को उनके भाइयों के परिवार द्वारा उपेक्षित किया गया और उन्हें बचा-खुचा या रूखा-सूखा भोजन दिया गया, तो उनका स्वाभिमान जाग उठा और उन्हें अत्यधिक क्रोध आया ।

अत्यधिक क्रोध, जलन या अपमान की भावना को प्रकट करने के लिए 'बदन में आग लगना' मुहावरा सबसे उपयुक्त है ।

यह मुहावरा उनकी आंतरिक उत्तेजना और गुस्से को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है ।

अतः रिक्त स्थान में "आग लग गई" मुहावरा प्रसंग के अनुकूल है ।
Quick Tip: क्रोध के लिए 'आग बबूला होना' या 'आग लगना' जैसे मुहावरे संदर्भ के अनुसार चुने जाते हैं ।


Question 6(iv):

‘बड़े भाई साहब’ पाठ के संदर्भ में ‘दिमाग होना’ और ‘दिमाग चकराना’ - इन दोनों मुहावरों में अंतर स्पष्ट करके लिखिए ।

Correct Answer: ‘दिमाग होना’ का अर्थ है घमंड या अहंकार आना, जबकि ‘दिमाग चकराना’ का अर्थ है चकित होना या कुछ समझ न आना ।
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'बड़े भाई साहब' पाठ में लेखक ने इन दोनों मुहावरों का सूक्ष्म प्रयोग किया है ।

1. दिमाग होना: जब छोटा भाई फेल होने के बावजूद प्रथम आता है, तो भाई साहब उसे चेतावनी देते हैं कि अव्वल आने पर उसे 'दिमाग' (अभिमान) हो गया है, जो उसके पतन का कारण बन सकता है ।

2. दिमाग चकराना: जब छोटा भाई बड़े भाई साहब द्वारा बताए गए कठिन विषयों (जैसे - ज्यामिति या अलजबरा) की जटिलता के बारे में सुनता था, तो उसका 'दिमाग चकराने' (परेशान या भ्रमित होना) लगता था ।

अतः पहला मुहावरा नकारात्मक अहंकार के लिए है और दूसरा मानसिक कठिनाई के लिए ।
Quick Tip: मुहावरों के अर्थ अक्सर उनके लाक्षणिक प्रयोग (Contextual use) पर निर्भर करते हैं ।


Question 6(v):

‘फूटी आँख न सुहाना’ मुहावरे का अर्थ लिखिए और मुहावरे का वाक्य में प्रयोग करके लिखिए ।

Correct Answer: अर्थ: बिल्कुल अच्छा न लगना या ज़रा भी पसंद न आना । वाक्य प्रयोग: आलसी छात्रों को अध्यापक द्वारा दी गई अनुशासन की सीख फूटी आँख नहीं सुहाती ।
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'फूटी आँख न सुहाना' मुहावरे का अर्थ है - किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति अत्यधिक नापसंदगी या घृणा होना ।

इसका शाब्दिक अर्थ यह संकेत देता है कि व्यक्ति उस चीज़ को देखना भी बर्दाश्त नहीं कर पाता ।

वाक्य प्रयोग में यह स्पष्ट होता है कि जो छात्र मेहनत नहीं करना चाहते, उन्हें अनुशासन और नियमों की बातें बहुत बुरी और अरुचिकर लगती हैं ।

यह मुहावरा किसी वस्तु के प्रति तीव्र नापसंदगी को प्रकट करने के लिए प्रयोग किया जाता है ।
Quick Tip: यह मुहावरा प्रायः नकारात्मक वाक्यों में किसी की तीव्र अरुचि बताने के लिए किया जाता है ।


Question 7:

कुछ समय बाद पासा गाँव में ‘पशु-पर्व’ का आयोजन हुआ । पशु-पर्व में हृष्ट-पुष्ट पशुओं के प्रदर्शन के अतिरिक्त पशुओं से युवकों की शक्ति परीक्षा प्रतियोगिता भी होती है । वर्ष में एक बार सभी गाँव के लोग हिस्सा लेते हैं । बाद में नृत्य-संगीत और भोजन का भी आयोजन होता है । शाम से सभी लोग पासा में एकत्रित होने लगे । धीरे-धीरे विभिन्न कार्यक्रम शुरू हुए । ततारा का मन कार्यक्रमों में तनिक न था । उसकी व्याकुल आँखें वामीरो को ढूँढ़ने में व्यस्त थीं । नारियल के झुंड के एक पेड़ के पीछे से उसे जैसे कोई झाँकता दिखा । उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की । वह वामीरो थी जो भयवश सामने आने में झिझक रही थी । उसकी आँखें तरल थीं । होंठ काँप रहे थे । ततारा को देखते ही वह फूटकर रोने लगी । ततारा विह्वल हुआ । उससे कुछ बोलते ही नहीं बन रहा था । रोने की आवाज़ लगातार ऊँची होती जा रही थी । ततारा किंकर्तव्यविमूढ़ था । वामीरो के रुदन के स्वरों को सुनकर उसकी माँ वहाँ पहुँच गई और दोनों को देखकर आग-बबूला हो उठी । सारे गाँव वालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा ।




Question 7(i):
ततारा किंकर्तव्यविमूढ़ क्यों हो गया ?

  • (A) उसे समझ में आ गया था कि उसे क्या करना है ।
  • (B) उसे समझ में आ गया था कि उसे क्या नहीं करना है ।
  • (C) वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे ।
  • (D) वामीरो के ऊँचे स्वर में रोने से वह डर गया था ।
Correct Answer: (C) वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे ।
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'किंकर्तव्यविमूढ़' शब्द का अर्थ है - वह स्थिति जहाँ व्यक्ति दुविधा में हो और उसे अपने कर्तव्य या कार्य का ज्ञान न हो पाए ।

गद्यांश के प्रसंग में, जब वामीरो ततारा को देखते ही फूट-फूट कर रोने लगी, तो ततारा भावनात्मक रूप से पूरी तरह विचलित हो गया ।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह वामीरो को चुप कराए, उससे बात करे या वहाँ से चला जाए ।

अचानक उत्पन्न हुई इस भावनात्मक और जटिल स्थिति ने उसे दुविधा में डाल दिया था, इसीलिए वह किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया ।

अतः विकल्प (C) उसकी मानसिक स्थिति का सही वर्णन करता है ।
Quick Tip: किंकर्तव्यविमूढ़ = किं (क्या) + कर्तव्य (कार्य) + विमूढ़ (भ्रमित) । यह शब्द दुविधा की स्थिति के लिए आता है ।


Question 7(ii):

वामीरो किस बात से डरी हुई थी ?

  • (A) सार्वजनिक रूप से अपमानित होने के भय से
  • (B) ततारा द्वारा अपमानित किए जाने के भय से
  • (C) शक्ति-प्रदर्शन में असफल होने के भय से
  • (D) शक्ति-प्रदर्शन में ततारा की असफलता के भय से
Correct Answer: (A) सार्वजनिक रूप से अपमानित होने के भय से
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पाठ के संदर्भ में, अंडमान द्वीप की संस्कृति में अलग-अलग गाँव के युवक-युवती का मिलना वर्जित था और यह एक गंभीर अपराध माना जाता था ।

पशु-पर्व के अवसर पर पूरा गाँव और अन्य गाँवों के लोग भी पासा में एकत्रित थे ।

वामीरो जानती थी कि यदि वह सार्वजनिक रूप से ततारा के साथ पकड़ी गई, तो उसे और उसके परिवार को समाज के सामने अत्यधिक अपमान सहना पड़ेगा ।

यही सामाजिक मर्यादा और अपमान का डर उसे ततारा के सामने आने से रोक रहा था ।

अतः विकल्प (A) उसकी इस आंतरिक झिझक और सामाजिक भय को स्पष्ट करता है ।
Quick Tip: कहानी के सामाजिक परिवेश और कठोर रूढ़ियों को ध्यान में रखकर ही उत्तर का चयन करें ।


Question 7(iii):

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :

कथन : तत्कालीन समाज में पशु-पर्व जैसे आयोजन आपस में मिलने-जुलने का एक महत्वपूर्ण साधन थे ।

कारण : पशु-पर्व का आयोजन पासा गाँव की सर्वश्रेष्ठता को सिद्ध करने के लिए किया गया था ।

  • (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  • (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
  • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  • (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
Correct Answer: (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
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कथन सत्य है क्योंकि गद्यांश में उल्लेख है कि वर्ष में एक बार होने वाले इस आयोजन में सभी गाँवों के लोग हिस्सा लेते थे और नृत्य-भोजन का आनंद लेते थे, जो सामाजिक मेल-मिलाप का प्रतीक है ।

कारण गलत है क्योंकि गद्यांश में कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि पशु-पर्व का उद्देश्य पासा गाँव को 'सर्वश्रेष्ठ' सिद्ध करना था ।

यह मुख्य रूप से शक्ति परीक्षा, पशु प्रदर्शन और मनोरंजन का एक पारंपरिक उत्सव था ।

चूँकि कारण स्वयं में गलत सूचना दे रहा है, इसलिए वह कथन की व्याख्या करने में सक्षम नहीं है ।

अतः विकल्प (D) ही तार्किक उत्तर है ।
Quick Tip: यदि कारण में गद्यांश से बाहर की कोई मनगढ़ंत बात लिखी हो, तो वह प्रायः गलत होती है ।


Question 7(iv):

पशु-पर्व में किस तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं होता था ?

  • (A) युवाओं की शक्ति परीक्षा
  • (B) सामूहिक भोज का आयोजन
  • (C) हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन
  • (D) नृत्य-संगीत की प्रतियोगिता
Correct Answer: (D) नृत्य-संगीत की प्रतियोगिता
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गद्यांश के सूक्ष्म अध्ययन से हम कार्यक्रमों की सूची प्राप्त कर सकते हैं:

1. हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन (विकल्प C में उल्लिखित) ।

2. पशुओं से युवकों की शक्ति परीक्षा (विकल्प A में उल्लिखित) ।

3. नृत्य-संगीत और भोजन का आयोजन (विकल्प B में सामूहिक भोज शामिल है) ।

गद्यांश में नृत्य और संगीत होने की बात तो है, परन्तु इसकी कोई 'प्रतियोगिता' (Competition) होने का कोई उल्लेख नहीं मिलता ।

अतः विकल्प (D) वह कार्यक्रम है जो वहाँ प्रतियोगिता के रूप में आयोजित नहीं होता था ।
Quick Tip: 'आयोजन' और 'प्रतियोगिता' जैसे शब्दों के सूक्ष्म अंतर पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है ।


Question 7(v):

‘सारी गाँव वालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा ।’ वाक्य में ‘उसे’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?

  • (A) वामीरो
  • (B) ततारा
  • (C) वामीरो की माँ
  • (D) ततारा की माँ
Correct Answer: (C) वामीरो की माँ
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गद्यांश की अंतिम पंक्तियों को पढ़ने पर घटनाक्रम स्पष्ट होता है - "वामीरो के रुदन के स्वरों को सुनकर उसकी माँ वहाँ पहुँच गई और दोनों को देखकर आग-बबूला हो उठी ।"

यहाँ वामीरो की माँ का आग-बबूला होना उसके अपमानित महसूस करने का ही परिणाम था ।

उसे अपनी बेटी का एक बाहरी युवक के सामने रोना समाज की उपस्थिति में लज्जास्पद और मर्यादा के विरुद्ध लगा ।

अतः वाक्य में 'उसे' सर्वनाम वामीरो की माँ के लिए ही प्रयुक्त हुआ है ।
Quick Tip: सर्वनाम शब्द 'उसे' प्रायः अपने ठीक पहले आए मुख्य पात्र (यहाँ 'माँ') की ओर संकेत करता है ।


Question 8(i):

‘चा-नो-यू’ जैसी परंपराएँ व्यक्ति को आत्मबोध कराती हैं । ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर इस कथन पर प्रकाश डालिए ।

Correct Answer: ‘चा-नो-यू’ चाय पीने की एक जापानी विधि है जो पूर्णतः शांति और मौन पर आधारित है । यह परंपरा व्यक्ति के मस्तिष्क से भूत और भविष्य की चिंताओं को मिटाकर उसे 'वर्तमान' में जीना सिखाती है । इसी मानसिक शांति में व्यक्ति को आत्मबोध होता है ।
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जापान में 'चा-नो-यू' की रस्म एक प्रकार का ध्यान (Meditation) है ।

वहाँ चाय बनाने और पीने की प्रक्रिया इतनी अनुशासित और धीमी होती है कि व्यक्ति का दिमाग बाहरी शोर से कट जाता है ।

उस मौन वातावरण में मस्तिष्क की सोचने की गति बहुत धीमी हो जाती है और अंततः विचार शून्य हो जाते हैं ।

जब व्यक्ति केवल वर्तमान क्षण को महसूस करता है, तब उसे एक अद्भुत शांति और अपनी वास्तविक सत्ता का ज्ञान होता है ।

यही वर्तमान में जीने का अहसास आत्मबोध का आधार बनता है, जिससे मानसिक तनाव समाप्त हो जाता है ।
Quick Tip: इस पाठ के उत्तर में 'वर्तमान क्षण' और 'मानसिक शांति' जैसे मुख्य बिंदुओं पर बल दें ।


Question 8(ii):

‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ में लेखक की माँ के कौन-कौन-से विचार आपको आज के संदर्भ में उपयुक्त लगते हैं और क्यों ? स्पष्ट कीजिए ।

Correct Answer: लेखक की माँ के प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता वाले विचार आज अत्यंत उपयुक्त हैं । उनका यह मानना कि पेड़-पौधों को न सताएँ और पशु-पक्षियों पर दया करें, आज के बढ़ते पर्यावरणीय संकट को रोकने के लिए अनिवार्य है ।
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लेखक की माँ का हृदय करुणापूर्ण था और वे मानती थीं कि यह धरती केवल मनुष्यों की नहीं बल्कि सभी जीवों की है ।

आज के दौर में जब मनुष्य स्वार्थ के लिए वनों को काट रहा है और प्रदूषण बढ़ा रहा है, तब उनकी यह सीख कि "शाम को पेड़ों से पत्ते मत तोड़ो" हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाती है ।

उनकी संवेदनशीलता हमें सह-अस्तित्व (Co-existence) की प्रेरणा देती है ।

यदि हम उनकी तरह बेजुबान जीवों और वनस्पतियों के दुख को समझेंगे, तभी यह पृथ्वी सुरक्षित रह पाएगी ।
Quick Tip: उत्तर को आधुनिक समस्याओं जैसे प्रदूषण या ग्लोबल वार्मिंग से जोड़कर लिखना अधिक प्रभावी होता है ।


Question 8(iii):

‘बड़े भाई साहब’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि समय से पूर्व जिम्मेदारियाँ मिलने से बच्चों का बचपन कहीं खो जाता है ।

Correct Answer: बड़े भाई साहब अपने छोटे भाई के लिए एक आदर्श उदाहरण बनना चाहते थे । इस जिम्मेदारी के कारण उन्होंने अपनी खेलने-कूदने की सभी इच्छाओं को दबा दिया था । वे उम्र से पहले ही गंभीर बन गए, जिससे उनका स्वाभाविक बचपन कहीं खो गया ।
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बड़े भाई साहब स्वयं भी बालक थे और उनका मन भी पतंग उड़ाने या सैर-सपाटे का करता था ।

परन्तु, वे मानते थे कि यदि वे स्वयं राह से भटकेंगे तो छोटे भाई को सही रास्ता नहीं दिखा पाएंगे ।

उन्होंने स्वयं पर इतना नियंत्रण कर लिया था कि वे चौबीसों घंटे केवल किताबों में ही डूबे रहते थे ।

इसी 'बड़ा' होने के बोझ और कर्तव्यपरायणता ने उन्हें बचपन की मस्ती और शरारतों से दूर कर दिया ।

अतः, असमय आई जिम्मेदारियों ने उनके व्यक्तित्व की सहजता को छीन लिया और उन्हें वक्त से पहले परिपक्व बना दिया ।
Quick Tip: बचपन की सहजता और 'आदर्श बनने के दबाव' के बीच के संघर्ष को स्पष्ट करें ।


Question 8(iv):

क्या 26 जनवरी 1931 के दिन को मनाने के लिए विद्यालयों के विद्यार्थियों को उसमें शामिल किया जाना उचित था ? ‘डायरी का एक पन्ना’ पाठ के संदर्भ में लिखिए ।

Correct Answer: हाँ, विद्यार्थियों को शामिल करना अत्यंत उचित था क्योंकि इससे युवा पीढ़ी में देशप्रेम, साहस और स्वाधीनता की भावना जागृत हुई । यद्यपि उन पर लाठियाँ बरसाई गईं, परन्तु इससे उनके संकल्प दृढ़ हुए और आंदोलन को नई ऊर्जा मिली ।
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स्वतंत्रता आंदोलन में छात्रों की भागीदारी का मुख्य उद्देश्य भविष्य के भारत को जागरूक करना था ।

26 जनवरी 1931 को कोलकाता में हुए आयोजन में छात्रों ने जिस वीरता से पुलिस का सामना किया, उसने पूरे देश को प्रेरित किया ।

युवा शक्ति ही किसी भी बड़े बदलाव का आधार होती है ।

यदि उस समय विद्यार्थी आगे न आते, तो आंदोलन इतना व्यापक और शक्तिशाली नहीं हो पाता ।

अतः राष्ट्रहित के लिए विद्यार्थियों का वह बलिदान और साहस सर्वथा उचित था, क्योंकि इसने आजादी की लड़ाई को एक नया वेग दिया ।
Quick Tip: राष्ट्रवाद और युवा शक्ति के योगदान को केंद्र में रखकर उत्तर लिखें ।


Question 9:

चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,

विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए ।

घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,

अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी ।

तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे,

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ।




Question 9(i):
मनुष्य की वास्तविक सफलता क्या है ?

  • (A) सिर्फ स्वयं का उत्थान
  • (B) सिर्फ समाज का उत्थान
  • (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
  • (D) साथ चलने वालों का उत्थान
Correct Answer: (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
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मैथिलीशरण गुप्त की कविता 'मनुष्यता' के इन अंशों में परोपकार की भावना को प्रधानता दी गई है ।

कवि के अनुसार, मनुष्य की सफलता केवल अपनी उन्नति में नहीं है बल्कि 'तारता हुआ तरे' के सिद्धांत में है ।

इसका अर्थ है कि मनुष्य को स्वयं प्रगति करने के साथ-साथ समाज के अन्य पिछड़े या दुखी लोगों की सहायता कर उन्हें भी आगे बढ़ाना चाहिए ।

अतः स्वयं के साथ समाज का सर्वांगीण उत्थान ही वास्तविक मनुष्यता और सफलता है ।

Final Answer: विकल्प (C) सही है क्योंकि यह सामूहिक विकास के भाव को पुष्ट करता है ।
Quick Tip: 'तारता हुआ तरे' का अर्थ है - दूसरों का कल्याण करते हुए स्वयं की उन्नति करना । यह परोपकार का सर्वोच्च रूप है ।


Question 9(ii):

इच्छित मार्ग की ओर कैसे बढ़ना चाहिए ?

  • (A) तेज़ी के साथ
  • (B) शांति के साथ
  • (C) खुशी के साथ
  • (D) गर्व के साथ
Correct Answer: (C) खुशी के साथ
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काव्यांश की पहली पंक्ति "चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए" स्पष्ट रूप से मार्ग पर चलने के ढंग को बताती है ।

यहाँ 'अभीष्ट' का अर्थ 'इच्छित लक्ष्य' है और 'सहर्ष' का अर्थ 'प्रसन्नता' या 'खुशी' है ।

कवि का संदेश है कि जीवन पथ पर आने वाली बाधाओं से घबराने के बजाय उन्हें साहसपूर्वक पार करते हुए मुस्कुराते हुए आगे बढ़ना चाहिए ।

प्रसन्न मन से किया गया संघर्ष सफलता को सरल बना देता है ।

Final Answer: विकल्प (C) सही है क्योंकि 'सहर्ष' शब्द खुशी का ही बोध कराता है ।
Quick Tip: कविता की शब्दावली पर ध्यान दें; 'सहर्ष' शब्द सीधे तौर पर उत्तर की ओर संकेत करता है ।


Question 9(iii):

जीवन-पथ पर आगे बढ़ते हुए किस बात का ध्यान रखना चाहिए ?

  • (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना ।
  • (B) स्वयं से अधिक दूसरों के सामर्थ्य पर भरोसा करना ।
  • (C) पथ में सिर्फ समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेना ।
  • (D) भिन्न विचार रखने वालों से दूर रहने का प्रयास करना ।
Correct Answer: (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना ।
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कवि "घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी" के माध्यम से सामाजिक समरसता की बात करते हैं ।

विकास की राह पर चलते समय हमारे बीच आपसी प्रेम और भाईचारा कम नहीं होना चाहिए ।

समाज में जाति, धर्म या विचार के आधार पर भेदभाव (भिन्नता) पैदा न हो, यह एक जागरूक नागरिक और मनुष्य की जिम्मेदारी है ।

"अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी" का अर्थ है कि बिना किसी वाद-विवाद के सबको सजग होकर एक साथ आगे बढ़ना चाहिए ।

Final Answer: विकल्प (A) सही है क्योंकि यह एकता और समन्वय के महत्व को दर्शाता है ।
Quick Tip: 'हेलमेल' का अर्थ मेल-जोल है । राष्ट्र की उन्नति के लिए सामाजिक एकता एक अनिवार्य शर्त है ।


Question 9(iv):

‘मानव जीवन की सार्थकता स्वयं के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है’ - यह भाव किस पंक्ति में है ?

  • (A) घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी
  • (B) अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी
  • (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे
  • (D) वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे
Correct Answer: (C) तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे
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काव्यांश की इस पंक्ति में 'समर्थ भाव' का अर्थ है वह शक्ति या योग्यता जो दूसरों के काम आए ।

'तारता हुआ' का अर्थ है दूसरों को सहारा देना या उनका उद्धार करना और 'तरे' का अर्थ है स्वयं सफल होना ।

यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि मनुष्य की शक्ति तभी सार्थक है जब वह दूसरों के दुखों को दूर करते हुए अपनी उन्नति करे ।

विकल्प (D) भी मनुष्यता का अर्थ बताता है, परन्तु 'स्वयं के साथ दूसरों को आगे बढ़ाना' का विशेष भाव विकल्प (C) में अधिक स्पष्ट है ।

Final Answer: विकल्प (C) सबसे सटीक उत्तर है ।
Quick Tip: क्रियाओं के युग्म 'तरना' (स्वयं पार होना) और 'तारना' (दूसरे को पार लगाना) पर विशेष ध्यान दें ।


Question 9(v):

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :

कथन : हर तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र का विकास करना चाहिए ।

कारण : सम्मिलित प्रयास से हुआ विकास अस्थाई प्रकृति का होता है ।

  • (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  • (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
  • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  • (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
Correct Answer: (D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
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कथन पूर्णतः सत्य है क्योंकि कविता 'मनुष्यता' का मुख्य संदेश ही भेदभाव मिटाकर एकता के साथ राष्ट्र निर्माण करना है ।

कारण गलत है क्योंकि 'सम्मिलित प्रयास' (Joint Effort) से होने वाला विकास सदैव 'स्थाई' और सुदृढ़ होता है, न कि अस्थाई ।

जब पूरा समाज मिलकर काम करता है, तो उसके परिणाम अधिक प्रभावशाली और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं ।

अतः कारण में दिया गया तर्क व्याकरणिक और तार्किक दोनों दृष्टियों से गलत है ।

Final Answer: सही विकल्प (D) है क्योंकि कथन सही है परन्तु कारण असत्य है ।
Quick Tip: किसी भी सकारात्मक सामूहिक कार्य का परिणाम कभी भी 'अस्थाई' नहीं होता । शब्दों के विलोम पर ध्यान दें ।


Question 10(i):

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर ‘अवलोक रहा है बार-बार’ पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए ।

Correct Answer: इस पंक्ति का आशय यह है कि पर्वत अपने पैरों के नीचे फैले दर्पण रूपी तालाब के स्वच्छ जल में अपने हज़ारों पुष्प रूपी नेत्रों से अपने विशाल आकार और अपार सौंदर्य को बार-बार आश्चर्यचकित होकर निहार रहा है ।
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कवि सुमित्रानंदन पंत ने पर्वत का मानवीकरण किया है ।

पर्वत पर खिले हज़ारों फूल उसके नेत्रों के समान हैं और पर्वत के चरणों में जो स्वच्छ तालाब है, वह एक विशाल आईने (दर्पण) की तरह कार्य कर रहा है ।

पर्वत अपने प्रतिबिंब को उस तालाब में देखकर अपनी महानता और सुंदरता पर मुग्ध है और बार-बार स्वयं को निहार रहा है ।

यह दृश्य प्रकृति के कौतूहल और सौंदर्य की पराकाष्ठा को दर्शाता है ।

Final Answer: पर्वत द्वारा तालाब रूपी दर्पण में अपना ही सौंदर्य निहारना इस पंक्ति का मुख्य भाव है ।
Quick Tip: 'अवलोक' का अर्थ 'देखना' है । यहाँ तालाब को 'दर्पण' और पुष्पों को 'नेत्र' मानकर उत्तर लिखें ।


Question 10(ii):

‘तोप’ कविता में तोप के साल में दो बार चमकाने का उल्लेख हुआ है । आपकी दृष्टि में इन्हें चमकाने के संभावित कारणों का उल्लेख कीजिए ।

Correct Answer: तोप को 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर चमकाया जाता है । इसे चमकाने का मुख्य कारण देश के गौरवशाली इतिहास, शहीदों के बलिदान की याद दिलाना और भावी पीढ़ी को विदेशी आक्रमण के प्रति सचेत करना है ।
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यह तोप 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है जो अब कंपनी बाग में रखी गई है ।

इसे राष्ट्रीय अवसरों पर चमकाना इस बात का प्रतीक है कि हम अपनी विरासत और स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं ।

यह तोप हमें याद दिलाती है कि कभी यह बहुत शक्तिशाली थी और इसने स्वतंत्रता सेनानियों का दमन किया था, परन्तु अब यह केवल प्रदर्शन की वस्तु है ।

इसे चमकाना ऐतिहासिक चेतना को जीवित रखने का एक तरीका है ।

Final Answer: तोप को चमकाना गौरवशाली अतीत के सम्मान और भविष्य की सतर्कता का सूचक है ।
Quick Tip: तोप अब केवल एक 'नमूना' है, परन्तु यह हमें पूर्वजों की वीरता और इतिहास की भूलों की याद दिलाती है ।


Question 10(iii):

‘कर चले हम फ़िदा’ कविता के आधार पर लिखिए कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को किन संकटों से गुज़रना पड़ता है ।

Correct Answer: सीमा पर सैनिकों को बर्फीली चोटियों पर शून्य से भी नीचे के तापमान में जमते रक्त, साँसों के रुकने के डर और दुश्मन की निरंतर गोलाबारी के बीच भूखे-प्यासे रहकर देश की रक्षा करनी पड़ती है ।
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सैनिकों को हिमालय जैसे दुर्गम क्षेत्रों में रहना पड़ता है जहाँ अत्यधिक ठंड के कारण "नब्ज जमती गई" (खून जमना) जैसी स्थिति होती है ।

ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी "साँस थमती गई" अर्थात् उन्हें साँस लेने में भारी कठिनाई होती है ।

इसके बावजूद वे अपने कदम पीछे नहीं हटाते और मातृभूमि के सम्मान (हिमालय का सर न झुकने देना) के लिए अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं ।

दुश्मन की गोलियों का सामना करना और घर-परिवार से दूर रहना उनके जीवन का सबसे बड़ा मानसिक और शारीरिक संघर्ष है ।

Final Answer: प्रतिकूल मौसम और जानलेवा युद्ध की स्थितियाँ ही सैनिकों के मुख्य संकट हैं ।
Quick Tip: उत्तर में 'जमती नब्ज' और 'थमती साँसें' जैसे वाक्यांशों का प्रयोग करें जो कविता के मूल शब्दों से प्रेरित हों ।


Question 10(iv):

श्रीकृष्ण की सेवा करने से मीरा को कौन-कौन से लाभ प्राप्त होंगे ? पठित कविता के आधार पर लिखिए ।

Correct Answer: श्रीकृष्ण की सेविका बनकर मीरा को प्रभु के नित्य दर्शन का अवसर प्राप्त होगा, उन्हें श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण की पूँजी मिलेगी और उनकी भक्ति की जागीर सदा के लिए बढ़ती रहेगी, जिससे उन्हें परम सुख प्राप्त होगा ।
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मीरा श्रीकृष्ण की दासी (चाकर) बनकर उनकी सेवा करना चाहती हैं ताकि वे प्रभु के बागों में माली बनकर सुबह-शाम उनके समीप रह सकें ।

सेवा से उन्हें तीन आध्यात्मिक लाभ (पूँजी) मिलेंगे:

1. दर्शन: उन्हें कृष्ण की मोहिनी मूरत देखने का हर पल मौका मिलेगा ।

2. सुमरण: प्रभु की सेवा करते हुए उनका नाम जपना मीरा के लिए जेब खर्च (खर्ची) के समान होगा ।

3. भाव-भक्ति: उनकी भक्ति रूपी जागीर और संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ती जाएगी ।

Final Answer: मीरा के लिए दर्शन, स्मरण और भक्ति ही जीवन के वास्तविक और अमूल्य लाभ हैं ।
Quick Tip: मीरा की भक्ति 'माधुर्य भाव' की है जहाँ वे भगवान की सेवा को ही अपना सबसे बड़ा पुरस्कार मानती हैं ।


Question 11(i):

एक भरे-पूरे परिवार का सदस्य होने तथा घर के बड़ों द्वारा मना किए जाने के बाद भी टोपी इफ़्फ़न की हवेली की तरफ क्यों खींचा चला जाता था ? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के आधार पर लिखिए ।

Correct Answer: टोपी का अपना परिवार बड़ा था, परन्तु वहाँ उसे वह स्नेह और अपनापन नहीं मिलता था जिसकी एक बच्चे को लालसा होती है । इफ़्फ़न की दादी का कोमल स्वभाव और उनकी मीठी बोलियाँ टोपी को वह माँ जैसा दुलार देती थीं जो उसे अपने घर में दुर्लभ था । इसी भावनात्मक लगाव और सच्चे प्रेम के कारण वह मना करने के बावजूद इफ़्फ़न के घर बार-बार जाता था ।
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टोपी शुक्ला का परिवार अनुशासनप्रिय और थोड़ा कठोर था, जहाँ उसकी भावनाओं की अक्सर अनदेखी की जाती थी ।

इफ़्फ़न और टोपी की दोस्ती धर्म की दीवारों से परे थी । टोपी को इफ़्फ़न की दादी से एक विशेष प्रकार का लगाव था क्योंकि वे उसे कभी डाँटती नहीं थीं ।

दादी की 'पूर्वी' बोली और उनका स्नेहपूर्ण व्यवहार टोपी को शांति प्रदान करता था ।

टोपी के लिए इफ़्फ़न का घर एक ऐसा सुरक्षित स्थान था जहाँ उसे कोई भेदभाव महसूस नहीं होता था ।

दादी का निस्वार्थ प्रेम ही वह चुंबक था जो उसे इफ़्फ़न की हवेली की ओर खींचता था ।

Final Answer: भावनात्मक प्यास और दादी का ममतामयी व्यवहार ही टोपी के खिंचाव का मुख्य कारण था ।
Quick Tip: बाल-मन हमेशा वहीं जाना चाहता है जहाँ उसे प्यार और सम्मान मिले । टोपी और दादी का रिश्ता इसी का प्रमाण है ।


Question 11(ii):

‘सपनों के-से दिन’ पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए ।

Correct Answer: लेखक के समय में विद्यालय का वातावरण भयभीत करने वाला और शिक्षकों का व्यवहार बहुत कठोर व दंड प्रधान था, जिससे बच्चों को स्कूल 'जेल' जैसा लगता था । वर्तमान में शिक्षा पद्धति अधिक छात्र-केंद्रित और रोचक हो गई है, परन्तु अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और भारी पाठ्यक्रम का बोझ आज भी कई छात्रों में विद्यालय के प्रति अरुचि पैदा करता है ।
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गुरदयाल सिंह के बचपन में मास्टरों की पिटाई ही शिक्षा का आधार थी, इसीलिए बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे ।

वर्तमान स्थिति की तुलना करें तो आज स्कूलों में खेल-कूद, स्मार्ट क्लासेस और शिक्षकों का व्यवहार मित्रवत हुआ है ।

फिर भी, आधुनिक छात्रों में स्कूल के प्रति अरुचि के कुछ नए कारण हैं - जैसे सुबह जल्दी उठने का आलस, भारी बस्ते और निरंतर होने वाली परीक्षाओं का दबाव ।

तकनीक (मोबाइल/गेम्स) के बढ़ते प्रभाव ने भी बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता कम की है ।

यदि शिक्षा को और अधिक गतिविधि-आधारित और तनावमुक्त बनाया जाए, तो छात्रों की रुचि निश्चित ही बढ़ेगी ।

Final Answer: शिक्षा का स्वरूप बदला है, परन्तु मानसिक दबाव आज भी अरुचि का एक बड़ा कारण बना हुआ है ।
Quick Tip: उत्तर में 'दंड आधारित शिक्षा' और 'बाल-केंद्रित आधुनिक शिक्षा' की तुलना करना महत्वपूर्ण है ।


Question 11(iii):

‘हरिहर काका’ पाठ के आधार पर लिखिए कि यदि हरिहर काका महंत जी के कहने पर अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते तो उससे महंत जी को क्या लाभ होता ।

Correct Answer: यदि हरिहर काका अपनी 15 बीघे मूल्यवान ज़मीन ठाकुरबारी के नाम कर देते, तो इससे ठाकुरबारी की आर्थिक संपत्ति में अपार वृद्धि होती । महंत जी का सामाजिक वर्चस्व बढ़ जाता और उन्हें बिना किसी श्रम के आजीवन विलासी और वैभवपूर्ण जीवन जीने का एक स्थाई स्रोत मिल जाता ।
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महंत जी एक धूर्त और लालची व्यक्ति थे जो धर्म की आड़ में अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहते थे ।

हरिहर काका की 15 बीघे उपजाऊ ज़मीन बहुत महँगी थी, जिसे महंत जी ठाकुरबारी के नाम करवाकर खुद उसका नियंत्रण करना चाहते थे ।

ज़मीन मिलने से ठाकुरबारी और अधिक प्रसिद्ध हो जाती और महंत जी को समाज में यह दिखाने का मौका मिलता कि लोग धर्म के प्रति कितने समर्पित हैं ।

महंत जी का वास्तविक उद्देश्य भक्ति नहीं बल्कि वह सत्ता और संपत्ति प्राप्त करना था जो काका की ज़मीन से जुड़ा था ।

इसीलिए उन्होंने काका को बहलाया-फुसलाया और अंत में हिंसा का सहारा भी लिया ।

Final Answer: ज़मीन हड़पना महंत जी के लिए अपनी आर्थिक और सामाजिक शक्ति बढ़ाने का सबसे बड़ा साधन था ।
Quick Tip: महंत जी का चरित्र 'धर्म' के पीछे छिपे 'भ्रष्टाचार' का उदाहरण है । उनके लिए ज़मीन ही सर्वोपरि थी ।


Question 12(i):

आदर्श नागरिक

• आदर्श नागरिक का अर्थ

• अधिकार और कर्तव्य का संतुलन

• देश का गौरव बढ़ाने में योगदान

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आदर्श नागरिक

किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सेना या धन नहीं, बल्कि उसके चरित्रवान नागरिक होते हैं । आदर्श नागरिक का अर्थ केवल किसी देश की सीमा में जन्म लेना नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी नैतिक और वैधानिक जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा से निभाना है । एक श्रेष्ठ नागरिक वह है जो समाज के नियमों का सम्मान करता है और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास रखता है । नागरिकता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाना है । जहाँ एक जागरूक नागरिक अपने मौलिक अधिकारों के प्रति सचेत रहता है, वहीं वह अपने कर्तव्यों - जैसे मतदान करना, करों का भुगतान करना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना - को अपनी प्राथमिकता समझता है । वह जानता है कि बिना कर्तव्यों के अधिकारों की माँग करना अराजकता को जन्म देता है । इसके अतिरिक्त, वह देश का गौरव बढ़ाने में अपना सक्रिय योगदान देता है । वह भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा और प्रदूषण जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध खड़ा होता है । शिक्षा, खेल या विज्ञान के क्षेत्र में अपनी मेहनत से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करना ही एक आदर्श नागरिक का परम धर्म है । संक्षेप में, व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना ही आदर्श नागरिकता की सच्ची पहचान है । Quick Tip: अनुच्छेद लिखते समय मुहावरों या प्रसिद्ध सूक्तियों का प्रयोग करने से लेखन अधिक प्रभावशाली हो जाता है ।


Question 12(ii):

मधुर वचन है औषधि

• उक्ति का अर्थ

• मानव जीवन पर इसका प्रभाव

• वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों

Correct Answer:
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मधुर वचन है औषधि

संसार में वाणी से बड़ा कोई वरदान नहीं है । ‘मधुर वचन है औषधि’ उक्ति का अर्थ है कि मीठे बोल किसी भी घाव को भरने की क्षमता रखते हैं । जिस प्रकार एक कड़वी बात तीर की तरह हृदय को घायल कर देती है, उसी प्रकार मीठी वाणी एक मरहम (औषधि) की तरह मन की पीड़ा को शांत कर देती है । मानव जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है । मीठे बोल बोलने वाले व्यक्ति के मित्र अधिक होते हैं और समाज में उसे सम्मान प्राप्त होता है । मधुर वाणी क्रोध को शांत करती है और बिगड़े हुए कार्यों को बना देती है । कबीर दास जी ने भी कहा है - 'ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय' । वर्तमान में इसकी आवश्यकता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आज का जीवन तनाव और प्रतिस्पर्धा से भरा हुआ है । लोग एक-दूसरे से चिढ़े रहते हैं । ऐसे में विनम्रता और मधुर शब्द न केवल रिश्तों को टूटने से बचाते हैं, बल्कि एक सुखद और शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण का निर्माण भी करते हैं । अतः हमें सदैव वाणी की मधुरता बनाए रखनी चाहिए क्योंकि यह बिना किसी खर्च के दूसरों को खुशी देने का सबसे सरल उपाय है । Quick Tip: नैतिक विषयों पर अनुच्छेद लिखते समय संतों या कवियों की पंक्तियों का प्रयोग उत्तर की गुणवत्ता बढ़ाता है ।


Question 12(iii):

खेल और हमारा स्वास्थ्य

• स्वास्थ्य का महत्व

• स्वस्थ रहने के लिए खेल

• खेल जीवन के लिए अनिवार्य

Correct Answer:
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खेल और हमारा स्वास्थ्य

'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है' - यह उक्ति स्वास्थ्य के महत्व को पूरी तरह स्पष्ट करती है । मनुष्य का स्वास्थ्य उसकी सबसे बड़ी पूँजी है । स्वस्थ रहने के लिए खेल सबसे उत्तम और प्राकृतिक साधन हैं । नियमित रूप से खेल खेलने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और पाचन तंत्र सुधरता है । खेल केवल शारीरिक व्यायाम नहीं हैं, बल्कि ये मानसिक स्फूर्ति भी प्रदान करते हैं । खेल जीवन के लिए अनिवार्य इसलिए भी हैं क्योंकि ये हमें अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और हार-जीत को सहजता से स्वीकार करना सिखाते हैं । आज के समय में, जब बच्चे और युवा अपना अधिकांश समय मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बिताते हैं, बाहरी खेलों (Outdoor games) की प्रासंगिकता और बढ़ गई है । खेल हमें मोटापे और अवसाद जैसी आधुनिक बीमारियों से दूर रखते हैं । अतः हमें पढ़ाई और काम के साथ-साथ खेलों को भी अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए ताकि हम एक ऊर्जावान और रोगमुक्त जीवन जी सकें । Quick Tip: स्वास्थ्य से जुड़े अनुच्छेदों में 'Physical' और 'Mental' दोनों प्रकार के स्वास्थ्य का उल्लेख करना अनिवार्य है ।


Question 13(i):

आप दसवीं कक्षा के विद्यार्थी उन्नति/उत्थान हैं । विद्यालय में ऐच्छिक विषय के रूप में ‘मार्शल आर्ट’ के प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए ।

Correct Answer:
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सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय,

उन्नति पब्लिक स्कूल,

नई दिल्ली ।



दिनांक: 20 मार्च, 2024



विषय: ऐच्छिक विषय के रूप में ‘मार्शल आर्ट’ प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु प्रार्थना-पत्र ।



महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की दसवीं कक्षा की छात्रा 'उन्नति' हूँ । आज के समय में बढ़ते अपराधों और आत्म-रक्षा की आवश्यकता को देखते हुए, मैं आपसे अपने विद्यालय में 'मार्शल आर्ट' के प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का विनम्र अनुरोध करना चाहती हूँ ।



मार्शल आर्ट न केवल आत्म-रक्षा का सशक्त माध्यम है, बल्कि यह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, शारीरिक मजबूती और मानसिक एकाग्रता भी बढ़ाता है । यदि इसे एक ऐच्छिक विषय के रूप में शामिल किया जाए, तो कई विद्यार्थी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे और भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विद्यालय का नाम रोशन करेंगे ।



अतः आपसे प्रार्थना है कि इस विषय पर विचार करते हुए विद्यालय में एक अनुभवी प्रशिक्षक नियुक्त करने की कृपा करें । इसके लिए हम सभी विद्यार्थी आपके सदैव आभारी रहेंगे ।



धन्यवाद,

आपकी आज्ञाकारी शिष्या,

उन्नति

कक्षा- दसवीं 'अ' Quick Tip: औपचारिक पत्रों में विषय (Subject) को रेखांकित (underline) करना उसे अधिक प्रभावशाली बनाता है ।


Question 13(ii):

आप उन्नति/उत्थान हैं । ई-कचरे का प्रबंधन वर्तमान में विश्व के समक्ष एक ज्वलंत समस्या है । इस संबंध में जन-जागरूकता हेतु किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए ।

Correct Answer:
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सेवा में,

संपादक महोदय,

दैनिक जागरण,

नई दिल्ली ।



दिनांक: 20 मार्च, 2024



विषय: ई-कचरे के बढ़ते प्रभाव और प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता हेतु ।



महोदय,

मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से वर्तमान समय की एक ज्वलंत समस्या 'ई-कचरा' (E-waste) की ओर शासन और जनता का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ ।



आज जिस गति से तकनीक बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से पुराने मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरी जैसे उपकरण कचरे में बदल रहे हैं । इनमें मौजूद खतरनाक रसायन (जैसे लेड और मरकरी) मिट्टी और भूजल को जहरीला बना रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है । खेद का विषय है कि आम जनता को इसके सही निपटान की जानकारी नहीं है ।



मेरा अनुरोध है कि आप अपने समाचार-पत्र में इसके दुष्प्रभावों और रीसाइक्लिंग केंद्रों के बारे में लेख प्रकाशित करें ताकि लोग जागरूक हो सकें । सरकार को भी इस दिशा में ठोस नीतियाँ बनानी चाहिए ।



सधन्यवाद,

भवदीय,

उत्थान Quick Tip: संपादकीय पत्र में हमेशा यह वाक्य जोड़ें: "आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से..." ।


Question 14(i):

विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यालय में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर बदलते परिप्रेक्ष्य में बदलते रोज़गार विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है । इस विषय में सभी विद्यार्थियों को इसकी जानकारी देने के लिए एक सूचना लिखिए ।

Correct Answer:
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Quick Tip: सूचना में \(5W\) (What, When, Where, Who, Why) का उत्तर संक्षिप्त रूप में होना चाहिए ।


Question 14(ii):

विद्यालय में ‘राष्ट्रीय हिंदी पखवाड़ा’ के अवसर पर विविध साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है । इस संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी देने के लिए प्रधानाचार्य की ओर से एक सूचना लिखिए ।

Correct Answer:
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Quick Tip: कार्यक्रम के लिए नाम देने की 'अंतिम तिथि' का उल्लेख सूचना में अवश्य करें ।


Question 15(i):

इलेक्ट्रिक साइकिल बनाने वाली कंपनी ‘एवरेस्ट’ की ओर से अपने उत्पाद की जानकारी देने तथा बिक्री बढ़ाने हेतु एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए ।

Correct Answer:
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Quick Tip: विज्ञापन में आकर्षक नारों और 'छूट' या 'धमाका सेल' जैसे शब्दों का प्रयोग अधिक ग्राहक खींचता है ।


Question 15(ii):

‘दुर्घटना से देर भली’ - यातायात नियमों के पालन के प्रति जन-जागरूकता के लिए यातायात पुलिस की ओर से एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए ।

Correct Answer:
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Quick Tip: सामाजिक विज्ञापनों में 'जनहित में जारी' लिखना उसकी विश्वसनीयता बढ़ाता है ।


Question 16(i):

आप हर्षा/हर्षल हैं । किशोरों में देशभक्ति की प्रेरणा देने वाले कार्यक्रम प्रसारित करने का निवेदन करते हुए दूरदर्शन निदेशालय को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए ।

Correct Answer:
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To: director.dd@nic.in

Subject: किशोरों हेतु देशभक्ति कार्यक्रमों के प्रसारण हेतु निवेदन ।



आदरणीय महानिदेशक महोदय,



मैं हर्षल, आपके चैनल का एक नियमित दर्शक हूँ । मैं इस ई-मेल के माध्यम से आपका ध्यान किशोरों में बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ । आज की युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और क्रांतिकारियों के बलिदानों के बारे में अधिक जानने की आवश्यकता है ।



मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि किशोरों को राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करने के लिए दूरदर्शन पर विशेष धारावाहिक, वृत्तचित्र या क्विज़ प्रतियोगिताओं का प्रसारण किया जाए । इससे उनमें देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना जागृत होगी ।



आशा है कि आप मेरे इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करेंगे ।



सादर धन्यवाद,

हर्षल

98XXXXXXXX Quick Tip: ई-मेल में 'To' के स्थान पर काल्पनिक ईमेल आईडी (जैसे - abc@gmail.com) का प्रयोग करें ।


Question 16(ii):

‘मेरे कमरे की खिड़की बगीचे की तरफ खुलती है । आज रविवार था इसलिए मैं देर तक सो रहा था ।’ - पंक्ति को आधार बनाकर लगभग 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए ।

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प्रकृति का संदेश

मेरे कमरे की खिड़की बगीचे की तरफ खुलती है । आज रविवार था इसलिए मैं देर तक सो रहा था । अचानक पक्षियों की चहचहाहट ने मेरी नींद तोड़ दी । मैंने खिड़की खोली तो देखा कि बगीचा रंग-बिरंगे फूलों और ओस की बूंदों से दमक रहा था । तभी मेरी नज़र एक घायल चिड़िया पर पड़ी जो उड़ने की कोशिश कर रही थी । मैंने तुरंत बाहर जाकर उसे उठाया और पानी पिलाया । थोड़ी देर में वह स्वस्थ महसूस करने लगी और उड़ गई । उस पल मुझे अहसास हुआ कि हम अपनी व्यस्त मशीनी जिंदगी में प्रकृति की इन सुंदर छोटी-छोटी खुशियों को भूलते जा रहे हैं । रविवार का वह आलस भरा दिन एक जीवन बचाने के सुखद अनुभव में बदल गया । प्रकृति हमें बिना कुछ माँगे बहुत कुछ देती है, बस हमें उसे महसूस करने की ज़रूरत है । Quick Tip: लघुकथा लिखते समय एक छोटा और प्रभावशाली शीर्षक (Title) अवश्य दें ।

*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.

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