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Nidhi Bamnawat

| Updated On - Sep 13, 2025

The CBSE 2025 Class 10 Hindi exam was held on 28th Feb, from 10:30 AM to 1:30 PM. The CBSE Class 10 Hindi Question Paper 2025 is available here with Solution PDF. The Hindi theory paper is of 80 marks, while 20 marks are allocated for the internal assessment. 

CBSE Class 10 Hindi Question Paper Set-2 3/6/2 with Solutions

CBSE Class 10 Hindi Question Paper Download PDF Check Solution

Question 1:

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए:

कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी ।
कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है ।


विकल्प:

  • (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
  • (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है ।
  • (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या करता है ।
  • (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
Correct Answer: (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या करता है ।
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कथन सही है क्योंकि गद्यांश में कहा गया है कि "भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिठाइयाँ, बाजार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।" यह सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की बात करता है।
कारण भी सही है और कथन की सही व्याख्या करता है, क्योंकि किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता ही देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का आधार है, जैसा कि गद्यांश में "स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा" में स्पष्ट किया गया है।


Question 2:

'फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए' -

  • (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करना उचित है ।
  • (B) हर्बल-ऑर्गेनिक उत्पादों का अधिक-से-अधिक उपभोग करना होगा ।
  • (C) हर्बल-आर्गेनिक पेय एवं खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं ।
  • (D) पाँच सितारा होटलों में आर्गेनिक डिश लगाना लाभ काना कहलाता है ।
Correct Answer: (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करना उचित है ।
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गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है, "परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेड़ पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं।" यह सीधे तौर पर बताता है कि फास्टफूड और रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए स्वदेशी और परंपरागत भोजन का उपयोग करना उचित है।


Question 3:

परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ?

i. उपलब्ध करवाकर
ii. प्रचार-प्रसार द्वारा
iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके
iv. घर-घर मुफ्त अभियान चलाकर


विकल्प:

  • (A) i - iii
  • (B) iii - iv
  • (C) i - iv
  • (D) i - iii - iv
Correct Answer: (A) i - iii
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गद्यांश में कहा गया है कि परंपरागत भोजन को लोकप्रिय बनाने के लिए "सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है। बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनों, दुकानों एवं नैसर्गिक स्थानों, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉलों तक इनको पहुँचाना है।" यह 'उपलब्ध करवाने' (i) की बात करता है। साथ ही, "परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ आधुनिक खाद्य एवं पेड़ पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।" यह 'बिक्री की विशेष व्यवस्था' (iii) की बात करता है। 'प्रचार-प्रसार द्वारा' और 'घर-घर मुफ्त अभियान चलाकर' का सीधा उल्लेख गद्यांश में परंपरागत भोजन को लोकप्रिय बनाने के संदर्भ में नहीं है। इसलिए विकल्प (A) i - iii सही है।


Question 4:

आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ?

Correct Answer: आत्मनिर्भर भारत का सपना भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्ठान को बाजार में लोकप्रिय बनाकर पूरा किया जा सकता है।
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गद्यांश के अनुसार, यदि भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन और मिष्ठान बाजार में लोकप्रिय हो जाएं, तो इससे स्वदेशीवाद को बढ़ावा मिलेगा, किसान समृद्ध होंगे और इस प्रकार आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। यह दिखाता है कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।


Question 5:

हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ?

Correct Answer: हर्बल फूड सेंटर भोजनलयों, दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, और मॉलों तक लाभदायक होंगे।
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गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि "सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है। बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनलयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थानों, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉलों तक इनकी पहुँच बढ़ाना है।" यहीं पर हर्बल फूड सेंटर लाभदायक हो सकते हैं।


Question 6:

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए :

कथन : पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता।
कारण : बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूण भागीदारी और सहयोग रहता है।

विकल्प :

  • (A) \textbf{कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।}
  • (B) \textbf{कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।}
  • (C) \textbf{कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।}
  • (D) \textbf{कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।}
Correct Answer: (C) \textbf{कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।}
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कथन "पिता हमेशा रुक्ष नहीं होता, सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता" गद्यांश की पहली पंक्ति में ही दिया गया है, इसलिए कथन सही है।
कारण "बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूण भागीदारी और सहयोग रहता है" यह भी सही है क्योंकि गद्यांश में कहा गया है कि "जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है, उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है।" यह सौम्य भागीदारी को दर्शाता है।
यह सौम्य भागीदारी ही इस बात का कारण है कि पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता, बल्कि भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।


Question 7:

(ii) अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए अपेक्षित है -

  • (A) \( बच्चों के पालन-पोषण में केवल माता की सहभागिता \)
  • (B) \( बच्चों के पालन-पोषण में केवल पिता की सहभागिता \)
  • (C) \( बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता \)
  • (D) \( बच्चों के पालन-पोषण में समाज की सहभागिता \)
Correct Answer: (C) \( \text{बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता} \)
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गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि "बच्चों के पालन-पोषण में दोनों समान भूमिका निभाते हैं।" यह दर्शाता है कि अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए माता-पिता दोनों की सहभागिता अपेक्षित है।


Question 8:

आज की युवा पीढ़ी में कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन आया है ?

  • (A) \( युवा माता-पिता दोनों का कामकाजी होना । \)
  • (B) \( बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना । \)
  • (C) \( एकल परिवारों का चलन दिन-प्रतिदिन बढ़ना । \)
  • (D) \( बच्चों का जल्दी परिपक्व होना । \)
Correct Answer: (B) \( \text{बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना ।} \)
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गद्यांश में लिखा है, "आज नई पीढ़ी के युवा घर में इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते देखे जा सकते हैं।" यहाँ 'इन जिम्मेदारियों' से तात्पर्य बच्चों को सुबह उठाकर स्कूल भेजने से लेकर होमवर्क करवाने तक पिता की समान भागीदारी से है, जो बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना दर्शाता है।


Question 9:

माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर कौन-कौन से दबाव हैं ? इन दबावों से आप अपने माता-पिता को मुक्ति कैसे दिलवा सकते हैं ?

 
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माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर पढ़ाई, करियर और कार्यक्षेत्र से संबंधित दबाव होते हैं। आज के समय में पढ़े-लिखे कामकाजी-एकल परिवार में व्यक्ति का जीवन दबाव में ही दिखता है, चाहे वह पढ़ाई का हो, कैरियर का हो अथवा कार्यक्षेत्र का हो। इन दबावों से मुक्ति दिलवाने के लिए, हम बच्चे के रूप में पढ़ाई और अन्य कार्यों में आत्मनिर्भर बनकर, घर के कामों में हाथ बंटाकर, और उनके प्रति सम्मान व स्नेह दिखाकर उनकी मदद कर सकते हैं। खुशनुमा पारिवारिक वातावरण बनाकर भी हम उनके दबाव को कम कर सकते हैं।

गद्यांश के अनुसार, वर्तमान समय में माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर पढ़ाई, करियर और कार्यक्षेत्र से संबंधित दबाव होते हैं। खासकर पढ़े-लिखे और कामकाजी एकल परिवारों में यह दबाव अधिक देखा जाता है। हम बच्चे के रूप में इन दबावों से अपने माता-पिता को मुक्ति दिलवा सकते हैं। हम अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करके और अपने भविष्य के प्रति गंभीर होकर उनका बोझ कम कर सकते हैं। घर के कार्यों में सहयोग करके, जैसे होमवर्क स्वयं करना, अपनी चीजों को व्यवस्थित रखना, या छोटे-मोटे घरेलू कामों में हाथ बंटाकर हम उन्हें राहत दे सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम उनके प्रति सम्मान और प्यार दिखाएं और परिवार में एक खुशनुमा तथा स्नेहपूर्ण वातावरण बनाए रखें, जिससे वे अपने दबाव से बाहर निकल सकें।


Question 10:

पिता की कौन-सी दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं ?

Correct Answer: पिता की कोई दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाने का उल्लेख गद्यांश में नहीं है। बल्कि, गद्यांश यह बताता है कि पिता का कठोर व्यवहार घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है। पिता का प्रेम दिखाई नहीं देता, उसे महसूस किया जा सकता है। इसके विपरीत, गद्यांश यह बताता है कि जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है और उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है। यह 'विरोधी बातें' नहीं बल्कि पिता के दो अलग-अलग पहलुओं को दर्शाता है: एक कठोर दिखाई देने वाला पहलू और दूसरा बच्चों के साथ बातचीत, हँसी-मजाक, और सहयोग का पहलू, जो बच्चों के उचित विकास के लिए आवश्यक है।
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गद्यांश में पिता की दो 'विरोधी' बातें नहीं बताई गई हैं जो परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं, बल्कि पिता के व्यवहार के दो अलग-अलग पहलुओं का वर्णन किया गया है। पहला पहलू यह है कि "पिता कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है।" दूसरा पहलू यह है कि जब पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है और उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, तो बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है। ये बातें विरोधी नहीं, बल्कि पिता के व्यक्तित्व के विभिन्न आयाम हैं जो बच्चों के उचित पालन-पोषण और पारिवारिक सुख के लिए आवश्यक हैं। गद्यांश के अनुसार, बच्चों के विकास के लिए पिता का सहयोग और स्नेह महत्वपूर्ण है, न कि उसकी कठोरता।


Question 11:

एक ललित निबंध लिखो जो चार पन्नों से कम न हो। (संज्ञा पदबंध छाँटकर लिखिए।)

Correct Answer: संज्ञा पदबंध: एक ललित निबंध
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इस वाक्य में 'एक ललित निबंध' संज्ञा पदबंध है क्योंकि यह 'निबंध' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है और एक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।


Question 12:

वह इतनी-सी बात भी समझ नहीं सकता है। (क्रिया पदबंध छाँटकर लिखिए।)

Correct Answer: क्रिया पदबंध: समझ नहीं सकता है
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इस वाक्य में 'समझ नहीं सकता है' क्रिया पदबंध है क्योंकि यह 'समझना' (मुख्य क्रिया) और उसकी सहायक क्रियाओं ('नहीं सकता है') को मिलाकर एक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।


Question 13:

भाई साहब ने अपने दरजे की पढ़ाई का भयंकर चित्र खींचा था। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)

Correct Answer: विशेषण पदबंध
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यहाँ रेखांकित पदबंध 'अपने दरजे की पढ़ाई का भयंकर' है। यह 'चित्र' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है कि वह कैसा था - 'भयंकर चित्र'। इसलिए यह विशेषण पदबंध है।


Question 14:

तताँरा नीचे की तरफ खिसलने लगा। (क्रिया-विशेषण पदबंध छाँटकर लिखिए।)

Correct Answer: क्रिया-विशेषण पदबंध: नीचे की तरफ
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इस वाक्य में 'नीचे की तरफ' क्रिया-विशेषण पदबंध है क्योंकि यह 'खिसलने लगा' (क्रिया) की रीति या दिशा बता रहा है।


Question 15:

पशु पर्व में हट्टे-कट्टे पशुओं का प्रदर्शन किया जाता है। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)

Correct Answer: विशेषण पदबंध
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यहाँ रेखांकित पदबंध 'हट्टे-कट्टे' है। यह 'पशुओं' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है कि वे कैसे हैं - 'हट्टे-कट्टे'। इसलिए यह विशेषण पदबंध है।


Question 16:

सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए!)

Correct Answer: जो खिलाड़ी सफल होता है, उसका कोई निशाना खाली नहीं जाता।
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मिश्र वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं, जो 'जो', 'जब', 'जहाँ', 'जैसा', 'जितना', 'यदि', 'ताकि', 'क्योंकि' आदि समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं। यहाँ, 'सफल खिलाड़ी' को 'जो खिलाड़ी सफल होता है' में बदला गया है, और 'कोई निशाना खाली नहीं जाता' प्रधान उपवाक्य है।


Question 17:

मेरे दरजे में आओगे, तो दाँतों पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए!)

Correct Answer: मेरे दरजे में आने पर दाँतों पसीना आ जाएगा।
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सरल वाक्य में एक ही क्रिया और एक ही कर्ता होता है। यहाँ 'आओगे' और 'आ जाएगा' दो क्रियाएँ थीं, जिन्हें 'आने पर' (एक क्रियार्थक संज्ञा और संबंधबोधक) और 'आ जाएगा' (मुख्य क्रिया) में बदलकर एक ही सरल वाक्य बनाया गया है।


Question 18:

जैसे ही हेनरी सातवें की जगह आठवाँ लिखा वैसे ही सब नंबर गायब ! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)

Correct Answer: मिश्र वाक्य
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यह वाक्य मिश्र वाक्य है क्योंकि इसमें एक प्रधान उपवाक्य ('सब नंबर गायब') और एक आश्रित उपवाक्य ('जैसे ही हेनरी सातवें की जगह आठवाँ लिखा') है। दोनों उपवाक्य 'जैसे ही... वैसे ही' जैसे समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े हैं, जो एक क्रिया के होने पर दूसरी क्रिया के होने का संकेत देते हैं।


Question 19:

अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)

Correct Answer: संयुक्त वाक्य
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यह वाक्य संयुक्त वाक्य है क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र उपवाक्य ('अपनी बात चटपट कहो' और 'अपनी राह लो') हैं, जो 'और' जैसे समान समुच्चयबोधक शब्द से जुड़े हैं। दोनों उपवाक्य अपने आप में पूर्ण अर्थ रखते हैं और एक-दूसरे पर आश्रित नहीं हैं।


Question 20:

मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए!)

Correct Answer: मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ और हमेशा बड़ा रहूँगा।
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संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं जो समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं। मूल वाक्य के अर्थ को बनाए रखते हुए, इसे दो स्वतंत्र उपवाक्यों में विभाजित किया गया है: 'मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ' और 'हमेशा बड़ा रहूँगा', जिन्हें 'और' से जोड़ा गया है।


Question 21:

'बेकाम' सामासिक पद का विग्रह करके भेद भी लिखिए।

Correct Answer: बेकाम = बिना काम के (काम के बिना)। यह अव्ययीभाव समास है।
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'बेकाम' शब्द में 'बे' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, जो 'बिना' का अर्थ देता है। जहाँ पहला पद अव्यय होता है और उसका अर्थ प्रधान होता है, वहाँ अव्ययीभाव समास होता है।


Question 22:

'नवनिधि' समस्त पद किस समास का उदाहरण है और कैसे ?

Correct Answer: 'नवनिधि' समस्त पद द्विगु समास का उदाहरण है। इसका विग्रह 'नौ निधियों का समूह' है। यहाँ 'नव' (नौ) संख्यावाची विशेषण है और यह 'निधि' की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह द्विगु समास है।
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द्विगु समास में पहला पद संख्यावाची विशेषण होता है और वह किसी समूह या समाहार का बोध कराता है। 'नवनिधि' में 'नव' का अर्थ 'नौ' है, जो एक संख्या है, और 'निधि' का अर्थ 'खजाना' है। इस प्रकार, 'नौ निधियों का समूह' होने के कारण यह द्विगु समास है।


Question 23:

द्वंद्व समास का एक उदाहरण दीजिए।

Correct Answer: द्वंद्व समास का एक उदाहरण है: माता-पिता (माता और पिता)।
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द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और उनके बीच 'और', 'या', 'अथवा' जैसे योजक शब्दों का लोप होता है। 'माता-पिता' में 'माता' और 'पिता' दोनों पद प्रधान हैं और इनका विग्रह 'माता और पिता' होता है।


Question 24:

'क्रांति से हीन' विग्रह का समस्त पद बनाकर भेद का नाम भी लिखिए।

Correct Answer: 'क्रांति से हीन' का समस्त पद 'क्रांतिहीन' है। यह तत्पुरुष समास (करण तत्पुरुष या अपादान तत्पुरुष, संदर्भ के आधार पर) का उदाहरण है। (यदि 'हीन' का अर्थ 'से रहित' है तो अपादान, यदि 'से' साधन है तो करण)
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तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता है और इसमें कारक चिह्नों (ने, को, से, के लिए, से, का/के/की, में/पर) का लोप होता है। 'क्रांति से हीन' में 'से' कारक चिह्न का लोप हुआ है, और 'हीन' पद प्रधान है। यह 'अपादान तत्पुरुष' हो सकता है क्योंकि 'हीन' (रहित) होने का भाव अलगाव दर्शाता है, या 'करण तत्पुरुष' भी हो सकता है यदि 'से' का अर्थ साधन है (जो यहाँ उचित नहीं लगता)। सामान्यतः 'से हीन' अपादान तत्पुरुष में आता है।


Question 25:

ततारा ध्यान में मग्न होकर वामीरो का गाना सुन रहा था। इस वाक्य में रेखांकित पदों की जगह उपयुक्त समस्त पद लिखिए।

Correct Answer: ततारा \underline{ध्यानमग्न} होकर वामीरो का गाना सुन रहा था।
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रेखांकित पदबंध 'ध्यान में मग्न' एक तत्पुरुष समास का उदाहरण है। 'में मग्न' का समस्त पद 'मग्न' होता है, और 'ध्यान' के साथ जुड़कर यह 'ध्यानमग्न' बनता है।


Question 26:

रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे द्वारा कीजिए।

परीक्षा में प्रथम आने के लिए रात-दिन …………. पड़ती है।

Correct Answer: परीक्षा में प्रथम आने के लिए रात-दिन \underline{एक करना} पड़ती है।
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'रात-दिन एक करना' मुहावरे का अर्थ है बहुत अधिक परिश्रम करना। परीक्षा में प्रथम आने के लिए अत्यधिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, इसलिए यह मुहावरा यहाँ सर्वाधिक उपयुक्त है।


Question 27:

'अंग्रेजी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं है कि जो चाहे पढ़ ले, नहीं ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा सभी अंग्रेजी के विद्वान हो जाते।' – इस वाक्य से मुहावरा छाँटकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

Correct Answer: वाक्य से मुहावरा: हँसी-खेल वाक्य में प्रयोग: गणित के सवाल हल करना मेरे लिए हँसी-खेल नहीं है, मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ती है।
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'हँसी-खेल' मुहावरे का अर्थ है आसान काम। दिए गए वाक्य में अंग्रेजी पढ़ने को आसान काम न होना बताया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग किसी ऐसे कार्य के लिए किया जाता है जो सामान्य या आसान न हो।


Question 28:

'पापड़ बेलना' मुहावरे का प्रयोग अपने वाक्य में कीजिए।

Correct Answer: सरकारी नौकरी पाने के लिए आजकल युवाओं को बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं।}
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'पापड़ बेलना' मुहावरे का अर्थ है कोई कठिन काम करना या बहुत संघर्ष करना। सरकारी नौकरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में कई बाधाएँ और चुनौतियाँ होती हैं, इसलिए यह मुहावरा इस संदर्भ में सटीक बैठता है।


Question 29:

'बुरी तरह पीटना' अर्थ के लिए मुहावरा लिखिए।

Correct Answer: धुनाई करना/लठ बजाना/जूते मारना (संदर्भ के अनुसार उपयुक्त)
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'धुनाई करना' या 'जूते मारना' या 'लठ बजाना' जैसे मुहावरे 'बुरी तरह पीटना' के अर्थ को व्यक्त करते हैं। ये मुहावरे किसी को शारीरिक रूप से बहुत अधिक चोट पहुँचाने या प्रहार करने की स्थिति को दर्शाते हैं।


Question 30:

'दीवार खड़ी करना' मुहावरे का वाक्य में इस प्रकार प्रयोग करें कि अर्थ स्पष्ट हो जाए।

Correct Answer: पुराने दोस्त के बीच गलतफहमियों ने धीरे-धीरे उनके रिश्ते में दीवार खड़ी कर दी।}
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'दीवार खड़ी करना' मुहावरे का अर्थ है संबंध खराब करना या दूरी बनाना। इस वाक्य में गलतफहमियों के कारण दोस्तों के बीच दूरियाँ बढ़ने को दर्शाया गया है, जिससे मुहावरे का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।


Question 31:

'बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैसे पायदेदार बने?' 'बड़े भाई साहब' कहानी के इस कथन के माध्यम से क्या सीख मिलती है?

Correct Answer: इस कथन के माध्यम से यह सीख मिलती है कि किसी भी कार्य या ज्ञान की नींव मजबूत होनी चाहिए। यदि आधार ही कमजोर हो तो उस पर बनी इमारत या अर्जित ज्ञान टिकाऊ नहीं होता। बड़े भाई साहब शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने पर जोर देते हैं।
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'बड़े भाई साहब' कहानी में बड़े भाई अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लेते हैं और मानते हैं कि अगर प्रारंभिक शिक्षा या ज्ञान का आधार मजबूत नहीं होगा, तो आगे की पढ़ाई या जीवन में सफलता प्राप्त करना मुश्किल होगा। वे उदाहरणों के माध्यम से इस बात पर जोर देते हैं कि अधूरी या सतही जानकारी हानिकारक होती है।


Question 32:

धर्मतल्ले पर क्या घटना घटित हुई? 'डायरी का पन्ना' पाठ के आधार पर लिखिए।

Correct Answer: 'डायरी का पन्ना' पाठ के अनुसार, धर्मतल्ले पर बहुत बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया। यह घटना स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों पर हुए अत्याचारों को दर्शाती है।
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'डायरी का पन्ना' पाठ 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में स्वतंत्रता दिवस मनाने की घटना का वर्णन करता है। धर्मतल्ले वह मुख्य चौराहा था जहाँ भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। पुलिस ने यहाँ सभा करने से रोकने और झंडा फहराने वालों को गिरफ्तार करने के लिए बल प्रयोग किया था।


Question 33:

'तताँरा-वामीरो कथा' के आधार पर रूढ़ियों के विषय में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।

Correct Answer: 'तताँरा-वामीरो कथा' रूढ़ियों, विशेषकर जातिगत भेदभाव और सामाजिक बंधन पर आधारित है। यह कथा दिखाती है कि प्रेम और मानवीयता इन रूढ़ियों से ऊपर होते हैं। अनावश्यक सामाजिक परंपराएँ कैसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और खुशी को बाधित करती हैं, यह इस कथा से स्पष्ट होता है।
View Solution

इस कथा में, तताँरा और वामीरो अलग-अलग गाँवों से संबंधित थे, और उस समय की रूढ़ि के अनुसार, एक ही गाँव में विवाह करना अनिवार्य था। उनके प्रेम को इस रूढ़ि ने स्वीकार नहीं किया, जिसके कारण उन्हें दुखद परिणाम भुगतने पड़े। यह कहानी सामाजिक रूढ़ियों की निरर्थकता और उनके नकारात्मक प्रभावों को दर्शाती है।


Question 34:

'डेन की देन' प्रसंग से लेखक किस तथ्य को उजागर करना चाहता है?

Correct Answer: 'डेन की देन' प्रसंग से लेखक जापानी लोगों के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन को उजागर करना चाहता है। वह बताना चाहता है कि कैसे वे अपनी दिनचर्या में शांति और सुकून पाने के लिए चाय-सेरेमनी (चा-नो-यू) जैसी गतिविधियों का सहारा लेते हैं, जो उन्हें मानसिक शांति प्रदान करती हैं।
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'डेन की देन' पाठ में लेखक ने जापानियों के अत्यधिक काम करने, मानसिक तनाव और भागदौड़ भरे जीवन शैली का वर्णन किया है। इस प्रसंग के माध्यम से, वे जापानी चाय-सेरेमनी के महत्व को बताते हैं, जो उन्हें कुछ समय के लिए वर्तमान में जीने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देती है, जिससे वे अपने तनाव को कम कर पाते हैं।


Question 35:

लेखक पहले कहाँ रहता था और अब कहाँ रहने लगा है?

  • (A) बंबई (मुंबई) – ग्वालियर
  • (B) वसोर्वा – ग्वालियर
  • (C) बंबई – वसोर्वा
  • (D) ग्वालियर – बंबई
Correct Answer: (D) ग्वालियर – बंबई
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गद्यांश की पहली पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा है, "ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफी कुछ बदल दिया है। वसोर्वा में जहाँ आज मेरा घर है..." इससे पता चलता है कि लेखक पहले ग्वालियर में था और अब बंबई के वसोर्वा में रहता है।


Question 36:

लेखक जब वसोर्वा रहने आया तो वहाँ स्थिति कैसी थी?

  • (A) प्राकृतिक वातावरण समृद्ध था।
  • (B) आधुनिक सुविधाओं से भरपूर वातावरण था।
  • (C) हवा-पानी की पर्याप्त सुविधा थी।
  • (D) अड़ोस-पड़ोस बहुत अच्छा था।
Correct Answer: (A) प्राकृतिक वातावरण समृद्ध था।
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गद्यांश में लिखा है, "वसोर्वा में जहाँ आज मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था। पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे।" यह पंक्ति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जब लेखक वसोर्वा आया, तो वहाँ का वातावरण प्राकृतिक रूप से समृद्ध था।


Question 37:

कबूतरों की उदासी का कारण था

  • (A) वे अपने बच्चों को खाना नहीं दे पाते थे।
  • (B) घर में अंदर जाने के रास्ते बंद हो गए थे।
  • (C) बच्चे जाली के पीछे रह गए थे।
  • (D) बच्चे जाली से बाहर आना चाह रहे थे।
Correct Answer: (B) घर में अंदर जाने के रास्ते बंद हो गए थे।
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गद्यांश में बताया गया है, "इस रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जाली का अखाड़ा बना दिया, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है। उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है। खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।" इससे स्पष्ट होता है कि उनके घर में अंदर जाने के रास्ते बंद कर दिए गए थे, जिससे वे उदास थे।


Question 38:

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।


कथन : लेखक की पत्नी ने कबूतरों के घोंसले का स्थान बदल दिया।
कारण : वे घर के अंदर पुस्तक टेबल-पुस्तकें आदि गंदी कर देते थे।

  • (A) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
  • (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
  • (C) कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
  • (D) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
  • (A) पर्यावरण दूषित हो गया।
  • (B) जीवन प्लेटों में सिमट गया।
  • (C) जीव-जंतु घर से बेघर हो गए।
  • (D) समुद्र किनारे घनी आबादी बस गई।
Correct Answer: (D) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
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गद्यांश में स्पष्ट रूप से लिखा है, "इस रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जाली का अखाड़ा बना दिया, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है।" 'परेशानी' का कारण कबूतरों द्वारा चीजों को गिराना-तोड़ना और लाइब्रेरी में गंदगी फैलाना था ("वे कभी किसी चीज को गिराकर तोड़ देते हैं। कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं।")। अतः, कथन सही है कि पत्नी ने घोंसले का स्थान बदला और कारण (गंदगी करना) उसकी सही व्याख्या है।


Question 39:

'कबीर' की साखियों में कौन-कौन से जीवन-मूल्य उभरते हैं?

Correct Answer: कबीर की साखियों में मुख्य रूप से आडंबरहीनता, समानता, प्रेम, ज्ञान का महत्व, विनम्रता और मानव-सेवा जैसे जीवन-मूल्य उभरते हैं। वे बाहरी दिखावे का खंडन कर आंतरिक शुद्धि और सद्भाव पर बल देते हैं।
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कबीरदास जी ने अपनी साखियों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव का विरोध किया है। उन्होंने ईश्वर की सच्ची भक्ति के लिए प्रेम, सहिष्णुता, अहंकार-त्याग और ज्ञान के मार्ग को अपनाने पर जोर दिया है। उनकी साखियाँ सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को स्थापित करती हैं।


Question 40:

बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि की कल्पना, 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Correct Answer: 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि कल्पना करता है कि मानो पर्वत रूपी पंख उड़ गए हों। धुआँ जैसा लग रहा था कि आग लग गई हो, जिससे झरने झाग बनकर गिर रहे हैं। कवि को लगता है कि पर्वत अपनी हजार आँखों (फूलों) से डरकर अचानक गायब हो गया है।
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सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में, जब वर्षा ऋतु में बादल इतने घने हो जाते हैं कि वे पर्वतों को ढक लेते हैं, तो कवि को ऐसा प्रतीत होता है जैसे पर्वत अपने विशालकाय पंखों को फड़फड़ाकर आकाश में उड़ गए हों। यह मानवीकरण और कल्पनाशीलता का अद्भुत उदाहरण है।


Question 41:

'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से किस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।

Correct Answer: 'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से परोपकारी और भाईचारे वाले व्यवहार की अपेक्षा करता है। 1. कवि चाहता है कि मनुष्य दूसरों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करे। 2. वह कामना करता है कि मनुष्य उदार हृदय वाला हो, जो बिना किसी भेदभाव के सभी के प्रति सहानुभूति रखे और एक-दूसरे के लिए जिए।
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मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित 'मनुष्यता' कविता मनुष्य को वास्तविक मनुष्य बनने के लिए प्रेरित करती है। कवि के अनुसार, सच्चा मनुष्य वही है जो स्वार्थ छोड़कर दूसरों के लिए जीता है, सभी मानवों को अपना भाई मानता है, और बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे की मदद करता है।


Question 42:

'दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप

एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद
'तोप' कविता से उद्भूत इन पंक्तियों का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।

Correct Answer: इन पंक्तियों का प्रतीकार्थ यह है कि दमनकारी शक्ति, चाहे वह कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः पराजित होती है और उसका प्रभाव समाप्त हो जाता है। तोप यहाँ अत्याचार, क्रूरता और तानाशाही का प्रतीक है, जिसका मुँह अंततः बंद होना तय है क्योंकि कोई भी अत्याचार हमेशा नहीं टिकता।
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'तोप' कविता में तोप दमन और शक्ति का प्रतीक है जो कभी अंग्रेजों के अत्याचार का साधन थी। लेकिन इन पंक्तियों के माध्यम से कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि कोई भी दमनकारी शक्ति या क्रूरता चिरस्थायी नहीं होती। समय के साथ उसका प्रभाव क्षीण होता है और अंततः वह शक्तिहीन हो जाती है। यह पंक्तियाँ अत्याचार के अंत और न्याय की जीत का प्रतीक हैं।


Question 43:

'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' - पंक्ति में हिमालय किसका प्रतीक है?

  • (A) भारत माता के मुकुट का
  • (B) उत्तर में स्थित पर्वत-श्रृंखला का
  • (C) देश की आन-बान और शान का
  • (D) देश के प्राकृतिक सौंदर्य का
Correct Answer: (C) देश की आन-बान और शान का
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कविता सैनिकों के बलिदान और देश प्रेम को दर्शाती है। 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' पंक्ति में हिमालय को केवल एक भौगोलिक पर्वत के रूप में नहीं, बल्कि भारत के गौरव, सम्मान और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। सैनिक अपनी जान देकर भी देश के सम्मान को ठेस नहीं पहुँचने देना चाहते।


Question 44:

'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' - पंक्ति के संदर्भ में सैनिकों की इस विपरित स्थिति का कारण है -

  • (A) मार्ग की थकावट और निद्रा
  • (B) ऊँची-ऊँची पर्वत-चोटियाँ
  • (C) युद्ध में घायल होना
  • (D) विपरीत प्राकृतिक परिस्थितियाँ
Correct Answer: (C) युद्ध में घायल होना
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यह कविता युद्ध के मैदान में सैनिकों के बलिदान को दर्शाती है। 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' पंक्तियाँ स्पष्ट रूप से घायल होने और मृत्यु के करीब होने की शारीरिक स्थिति को दर्शाती हैं, जब शरीर शिथिल पड़ने लगता है। यह सीधे तौर पर युद्ध के कारण लगी चोटों का परिणाम है।


Question 45:

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।


कथन : सामने के खतरों के समक्ष साँसें रुकती थीं फिर भी दुश्मन से मुकाबला करने के लिए कदम बढ़ते ही जाते थे।
कारण : देश की स्वतंत्रता-सुरक्षा सैनिक के लिए सर्वोपरी थी।

  • (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
  • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
  • (C) कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
  • (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
Correct Answer: (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
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कथन ("साँस थमती गई... फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया") सैनिकों की अदम्य भावना को दर्शाता है। कारण ("देश की स्वतंत्रता-सुरक्षा सैनिक के लिए सर्वोपरी थी") इस अदम्य भावना और बलिदान के पीछे का मुख्य प्रेरणा स्रोत है। सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़ते हैं क्योंकि उनके लिए देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा सबसे बढ़कर है।


Question 46:

शहीद होने वाले सैनिक को किस बात का गर्व है?

  • (A) देश को सुरक्षित हाथों में सौंपने का
  • (B) आखिरी साँस तक देश की रक्षा करने का
  • (C) देश की सीमा पर बलिदान देने का
  • (D) शत्रु को देश में न आने देने का
Correct Answer: (B) आखिरी साँस तक देश की रक्षा करने का
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कविता की पंक्तियाँ "कर चले हम फिदा जानो-तन साथियों" और "अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों" यह दर्शाती हैं कि सैनिक अपना सब कुछ (जान-तन) बलिदान करके भी देश की रक्षा करते हैं। उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने अंतिम साँस तक अपने देश की रक्षा की और अब यह जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ी को सौंप रहे हैं। विकल्प (C) भी सही है, लेकिन (B) अधिक व्यापक और कविता के भाव के करीब है, जो अंतिम साँस तक रक्षा करने के संकल्प को दर्शाता है।


Question 47:

'कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों' - पंक्ति के संदर्भ में 'फ़िदा' शब्द का अर्थ है -

  • (A) भेंट देना
  • (B) मोहित होना
  • (C) लुटाना
  • (D) बलिदान करना
Correct Answer: (D) बलिदान करना
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कविता सैनिकों के देश के प्रति सर्वोच्च त्याग को दर्शाती है। 'फ़िदा' शब्द का अर्थ यहाँ 'बलिदान करना' या 'न्योछावर करना' है, जहाँ सैनिक अपने जानो-तन (जान और शरीर) को देश के लिए समर्पित कर रहे हैं।


Question 48:

'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए।

Correct Answer: यह कथन पूर्णतः सत्य है। 'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक ने अपने बचपन के अनुभवों के माध्यम से दिखाया है कि कैसे खेलकूद ने बच्चों में अनुशासन, सक्रियता और मिलनसारिता विकसित की। खेल के मैदान में बच्चे नियमों का पालन करना सीखते थे, हार-जीत को स्वीकार करते थे, जो उन्हें अनुशासित बनाता था। लगातार शारीरिक गतिविधि उन्हें सक्रिय रखती थी। साथ खेलने से उनमें एक-दूसरे के प्रति समझ, सहयोग और दोस्ती का भाव विकसित होता था, जिससे वे मिलनसार बनते थे, भले ही उनमें जाति या धर्म का कोई भेद न रहता हो।
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'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक गुरुदयाल सिंह ने अपने बचपन के खेलकूद और उनके प्रभावों का सुंदर वर्णन किया है। वे बताते हैं कि खेल के दौरान बच्चे अपनी बारी का इंतजार करते थे, नियमों का पालन करते थे और हार-जीत को समान भाव से लेते थे, जिससे उनमें अनुशासन आता था। वे हर समय शरारत और खेलकूद में लगे रहते थे, जिससे उनकी सक्रियता बनी रहती थी। इसके अलावा, खेल के मैदान में सभी बच्चे एक साथ खेलते थे, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों, जिससे उनमें भाईचारा और मिलनसारिता का भाव विकसित होता था।


Question 49:

'रिश्तों की बुनियाद प्रेम है।' 'टोपी शुक्ला' पाठ से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

Correct Answer: यह कथन 'टोपी शुक्ला' पाठ के माध्यम से भली-भाँति सिद्ध होता है। टोपी और इफ्फन की दोस्ती, जो कि अलग-अलग धर्मों से थे, इस बात का प्रमाण है कि रिश्तों की बुनियाद प्रेम और भावनात्मक लगाव ही होता है, न कि धर्म या जाति। इफ्फन की दादी के प्रति टोपी का प्रेम भी इसी ओर इशारा करता है। दादी की मृत्यु पर टोपी का दुखी होना और इफ्फन के प्रति उसकी भावनात्मक जुड़ाव यह दर्शाता है कि शुद्ध प्रेम ही संबंधों को मजबूत बनाता है।
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'टोपी शुक्ला' पाठ में टोपी और इफ्फन की दोस्ती एक मिसाल है। उनकी दोस्ती में धर्म या परिवार की कोई दीवार नहीं थी। वे एक-दूसरे के घर आते-जाते थे और एक-दूसरे के रीति-रिवाजों का सम्मान करते थे। टोपी का इफ्फन की दादी के प्रति भी गहरा प्रेम था, क्योंकि दादी उसे कहानियाँ सुनाती थीं और उस पर प्यार लुटाती थीं। दादी की मृत्यु पर टोपी का रोना यह दर्शाता है कि रिश्तों का आधार प्रेम और अपनत्व ही होता है, न कि कोई बाहरी बंधन।


Question 50:

'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी के महंत ने हरिहर काका को अपने जाल में फँसाने के लिए क्या प्रयास किया? आजकल बुजुर्गों के साथ साइबर अपराध होते हैं, आप उनसे बचने के लिए उन्हें क्या सुझाव देंगे?

Correct Answer: 'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी के महंत ने हरिहर काका की जमीन हड़पने के लिए उन्हें धोखे से अपने जाल में फँसाने का प्रयास किया। महंत ने काका को यह विश्वास दिलाया कि ठाकुरबारी को अपनी जमीन दान करने से उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी और समाज में उनका मान-सम्मान बढ़ेगा। उसने काका को डराया भी कि अगर उन्होंने जमीन दान नहीं की तो उन्हें नरक मिलेगा। उसने उन्हें एकांत में रखकर उन पर मानसिक दबाव डाला और जबरन अंगूठा लगवाने की कोशिश की। बुजुर्गों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए सुझाव: 1. अज्ञात स्रोतों से आए संदेशों (ईमेल, SMS) और फोन कॉल्स पर विश्वास न करें, जो व्यक्तिगत जानकारी या पैसे माँगते हों। 2. किसी भी कीमत पर अपना बैंक खाता नंबर, पिन, ओटीपी (OTP), या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंक या कोई भी विश्वसनीय संस्था ये जानकारी कभी नहीं माँगती। 3. संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें या अज्ञात ऐप्स डाउनलोड न करें। 4. अगर किसी अज्ञात कॉल या संदेश पर शक हो तो सीधे अपने बैंक या विश्वसनीय अधिकारी से संपर्क कर जानकारी सत्यापित करें। 5. साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें और परिवार के युवा सदस्यों की मदद लें।
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ठाकुरबारी के महंत का मुख्य उद्देश्य हरिहर काका की 15 बीघा जमीन अपने नाम करवाना था। इसके लिए उसने हरिहर काका को धर्म का भय दिखाया, उन्हें बहलाया-फुसलाया कि ठाकुरबारी में जमीन दान करने से मोक्ष मिलेगा। जब काका ने विरोध किया, तो महंत और उनके आदमियों ने काका को बंधक बना लिया, उन्हें भोजन-पानी नहीं दिया और जबरन कागज़ों पर अंगूठा लगवाने का प्रयास किया।

आजकल बुजुर्ग साइबर अपराधियों के आसान शिकार बन जाते हैं। उन्हें बचाने के लिए आवश्यक है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संगठन से अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें। उन्हें लॉटरी या बड़े पुरस्कारों के लालच में न पड़ें। किसी भी संदिग्ध फोन कॉल या ईमेल के प्रति सतर्क रहें और तुरंत अपने परिवार के सदस्यों या विश्वसनीय व्यक्ति को सूचित करें। स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।


Question 51:

आप दसवीं कक्षा के तन्वी/तनु हैं। अपने प्रधानाचार्य को कैंटीन व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव देते हुए पत्र लिखिए।

Correct Answer: सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय, [आपके विद्यालय का नाम], [शहर], [दिनांक] विषय: विद्यालय की कैंटीन व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव। महोदय/महोदया, मैं दसवीं कक्षा की/का तन्वी/तनु, आपके विद्यालय की कैंटीन व्यवस्था में कुछ सुधार हेतु सुझाव देना चाहती/चाहता हूँ। वर्तमान में कैंटीन में मिलने वाले खाद्य पदार्थ अक्सर तले हुए और अस्वास्थ्यकर होते हैं, जिनसे छात्रों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। मेरा विनम्र सुझाव है कि कैंटीन में पौष्टिक और ताजे भोजन जैसे फल, सब्ज़ियों के सैंडविच, अंकुरित अनाज, और ताजे फलों का रस भी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नियमित रूप से जाँची जाए। मेरा विश्वास है कि इन सुधारों से छात्रों को स्वस्थ भोजन मिलेगा और वे अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। आपकी आज्ञाकारी/आज्ञाकारी शिष्या/शिष्य, तन्वी/तनु दसवीं कक्षा
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यह एक औपचारिक पत्र है जो प्रधानाचार्य को लिखा गया है। पत्र का प्रारूप सही होना चाहिए जिसमें प्रेषक और प्राप्तकर्ता का पता, दिनांक, विषय और संबोधन शामिल हो। मुख्य भाग में समस्या (अस्वास्थ्यकर भोजन) और उसके समाधान (पौष्टिक विकल्प, स्वच्छता) को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया जाना चाहिए। भाषा विनम्र और सम्मानजनक होनी चाहिए।


Question 52:

आप दसवीं कक्षा के तन्वी/तनु हैं। किसी दैनिक हिन्दी समाचार-पत्र के संपादक को अपने विद्यालय में आयोजित पुस्तक मेले की रिपोर्ट प्रकाशन हेतु भेजने के लिए पत्र लिखिए।

Correct Answer: सेवा में, संपादक महोदय, [समाचार-पत्र का नाम], [शहर], [दिनांक] विषय: विद्यालय में आयोजित पुस्तक मेले की रिपोर्ट प्रकाशन हेतु। महोदय/महोदया, मैं [आपके विद्यालय का नाम] की/का दसवीं कक्षा की/का तन्वी/तनु हूँ। मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में अपने विद्यालय में हाल ही में आयोजित 'पुस्तक मेले' की रिपोर्ट प्रकाशित करवाना चाहती/चाहता हूँ। यह पुस्तक मेला [दिनांक] को हमारे विद्यालय प्रांगण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले में विभिन्न प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध थीं, जिनमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास और बच्चों के लिए रोचक कहानियाँ शामिल थीं। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मेले का उद्देश्य छात्रों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें विभिन्न विषयों से परिचित कराना था। यह आयोजन ज्ञानवर्द्धन और मनोरंजन का एक बेहतरीन अवसर रहा। आशा है आप इस रिपोर्ट को अपने समाचार-पत्र में स्थान देंगे। धन्यवाद सहित, भवदीया/भवदीय, तन्वी/तनु दसवीं कक्षा [आपके विद्यालय का नाम]
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यह भी एक औपचारिक पत्र है, जो एक समाचार-पत्र के संपादक को लिखा गया है। पत्र में पुस्तक मेले के आयोजन, उसके उद्देश्य, उपलब्ध पुस्तकों के प्रकार और उसमें छात्रों की भागीदारी का संक्षिप्त विवरण दिया जाना चाहिए। पत्र का प्रारूप सही होना चाहिए और भाषा औपचारिक एवं स्पष्ट होनी चाहिए।


Question 53:

कंप्यूटर युग
संकेत बिंदु – कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग
कंप्यूटर के विविध क्षेत्र
कंप्यूटर क्रांति

Correct Answer:कंप्यूटर युग आज का दौर कंप्यूटर युग के नाम से जाना जाता है, जहाँ कंप्यूटर हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है और इसने हमारे काम करने के तरीके में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिए हैं। पहले कंप्यूटर केवल गणना तक सीमित थे, पर अब वे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, मनोरंजन, संचार और यहाँ तक कि अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कंप्यूटर ने सूचनाओं तक पहुँच को आसान बना दिया है, जिससे ज्ञान का प्रसार तेजी से हुआ है। इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर इसने एक नई 'कंप्यूटर क्रांति' ला दी है, जिसने दुनिया को एक वैश्विक गाँव में बदल दिया है। यह हमारे जीवन को सरल, तेज और अधिक कुशल बना रहा है, जिससे मानव सभ्यता एक नए प्रगतिशील दौर में प्रवेश कर चुकी है।
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यह एक अनुच्छेद लेखन का प्रश्न है, जहाँ दिए गए संकेत बिंदुओं का उपयोग करके एक सुसंगत और प्रवाहमय अनुच्छेद लिखना है। 'कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग' में वर्तमान परिदृश्य का उल्लेख करें। 'कंप्यूटर के विविध क्षेत्र' में अलग-अलग क्षेत्रों में कंप्यूटर की भूमिका बताएं। 'कंप्यूटर क्रांति' में इसके दूरगामी प्रभावों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालें। लगभग 120 शब्दों की शब्द-सीमा का ध्यान रखें।


Question 54:

जीवन का सच्चा सुख संतोष में...
संकेत बिंदु – संतोष का महत्व
इच्छा नियंत्रण
सुखी जीवन का आधार

Correct Answer: मनुष्य जीवन में सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं या धन-संपत्ति में नहीं, बल्कि संतोष में निहित है। संतोष का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यह हमें असीमित इच्छाओं के जाल से मुक्ति दिलाता है। जब हमारी इच्छाएँ बेकाबू हो जाती हैं, तो वे हमें निरंतर दौड़-भाग और तनाव की ओर धकेलती हैं। इच्छाओं पर नियंत्रण पाकर ही हम अपनी वर्तमान स्थिति में प्रसन्नता का अनुभव कर सकते हैं। संतोष हमें छोटी-छोटी चीज़ों में खुशी ढूँढने की प्रेरणा देता है और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचाता है। जो व्यक्ति संतोषी होता है, वह लोभ, ईर्ष्या और असंतुष्टि से मुक्त रहता है। यही संतोष एक सुखी जीवन का आधार बनता है, क्योंकि यह आंतरिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है, जिससे जीवन आनंदमय और सार्थक प्रतीत होता है।
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यह एक विचार प्रधान अनुच्छेद है। 'संतोष का महत्व' में बताएं कि संतोष क्यों जरूरी है। 'इच्छा नियंत्रण' में स्पष्ट करें कि इच्छाओं पर नियंत्रण कैसे संतोष की ओर ले जाता है। 'सुखी जीवन का आधार' में संतोष के अंतिम परिणाम (सुखी जीवन) पर ध्यान केंद्रित करें। भाषा सरल और प्रभावशाली होनी चाहिए।


Question 55:

किसी खेल का आँखों देखा वर्णन...
संकेत बिंदु – खेल का चरमोत्कर्ष
लोगों में उत्साह
अंतिम चरण में पासा पलटा

Correct Answer:आज हमने एक क्रिकेट मैच का आँखों देखा हाल देखा, जिसका रोमांच अंत तक बना रहा। यह मैच दो धुरंधर टीमों के बीच खेला जा रहा था और स्टेडियम दर्शकों के उत्साह से भरा हुआ था। खेल का चरमोत्कर्ष तब आया जब अंतिम ओवर में जीतने के लिए दस रन चाहिए थे और केवल एक विकेट शेष था। दर्शकों की साँसें थम-सी गई थीं, और हर गेंद पर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह उमड़ रहा था। खिलाड़ी भी अपनी पूरी क्षमता से खेल रहे थे। तभी अंतिम चरण में पासा पलटा! बल्लेबाज ने एक शानदार छक्का और फिर चौका लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी। पूरे स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई, तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से वातावरण गूँज उठा। यह जीत सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की जीत थी, जिसे देखना एक अद्भुत अनुभव था।
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यह एक वर्णनात्मक अनुच्छेद है। 'खेल का चरमोत्कर्ष' में बताएं कि मैच किस बिंदु पर सबसे रोमांचक था। 'लोगों में उत्साह' में दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और वातावरण का वर्णन करें। 'अंतिम चरण में पासा पलटा' में मैच के निर्णायक क्षण और उसके अप्रत्याशित परिणाम को दर्शाएं। वर्णनात्मक भाषा का प्रयोग करें ताकि पाठक उस दृश्य को महसूस कर सकें।


Question 56:

आपके विद्यालय के विद्यार्थियों ने 'पड़ोस के बच्चों' के साथ मिलकर कुछ फूलों के गमले तैयार किए हैं, जिन्हें बेचकर बच्चों के लिए पुस्तकें एवं खेल-खिलौनों की व्यवस्था की जाएगी। गमलों की बिक्री के लिए विज्ञापन तैयार कीजिए।

Correct Answer:मारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने पड़ोस के बच्चों के साथ मिलकर तैयार किए हैं \textbf{रंग-बिरंगे, मनमोहक फूलों के गमले!} इन गमलों की बिक्री से प्राप्त धन का उपयोग गरीब बच्चों के लिए \textbf{पुस्तकें एवं खेल-खिलौनों} की व्यवस्था में किया जाएगा। \textbf{स्थान:} [विद्यालय का नाम/बिक्री स्थल] \textbf{दिनांक:} [दिनांक] \textbf{समय:} [समय] \textbf{आपका एक छोटा सा सहयोग, किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है!} \textbf{अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: [संपर्क सूत्र/विद्यालय का नाम]} } }
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विज्ञापन का उद्देश्य ग्राहकों को आकर्षित करना और उन्हें सामाजिक कार्य से जोड़ना है। इसमें एक आकर्षक शीर्षक, उत्पाद का संक्षिप्त विवरण (सुंदर फूलों के गमले), उद्देश्य (बच्चों के लिए पुस्तकें व खिलौने), स्थान, दिनांक, और संपर्क जानकारी होनी चाहिए। शब्दों का चुनाव प्रेरक और सकारात्मक होना चाहिए।


Question 57:

डिजिटली ठगी के बढ़ते अपराधों से जनसाधारण को सावधान रहने हेतु अ.ब.स. संस्थान द्वारा जनहित में जारी एक विज्ञापन तैयार कीजिए।

Correct Answer: प्रिय नागरिकों, डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अज्ञात लिंक, फर्जी कॉल, OTP शेयर करने जैसे तरीकों से अपराधी आपको निशाना बना सकते हैं। \textbf{सुरक्षित रहने के लिए:} अपना OTP, PIN, पासवर्ड किसी से साझा न करें। अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें। लुभावने ऑफर्स वाले SMS/ईमेल से बचें। बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वालों से सावधान रहें। \textbf{सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!} \textbf{जनहित में जारी: अ.ब.स. संस्थान} \textbf{अधिक जानकारी/शिकायत हेतु संपर्क करें: [हेल्पलाइन नंबर/वेबसाइट]} } }
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इस विज्ञापन का उद्देश्य लोगों को डिजिटल ठगी के प्रति जागरूक करना है। इसमें एक चेतावनी भरा शीर्षक, समस्या का संक्षिप्त उल्लेख (डिजिटल ठगी), बचने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त सुझाव, और 'जनहित में जारी' संस्था का नाम शामिल होना चाहिए। एक हेल्पलाइन या संपर्क सूत्र देना भी महत्वपूर्ण है।


Question 58:

आप अपने विद्यालय की विद्यार्थी परिषद के सचिव विभु/विभा हैं। आपके विद्यालय में साझी कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरविद्यालयी 'संगीत प्रस्तुति' का आयोजन किया जा रहा है। सभी स्कूलों को जानकारी देने के लिए सूचना तैयार कीजिए।

Correct Answer:
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सूचना एक औपचारिक लेखन का प्रकार है जिसका उद्देश्य व्यापक दर्शकों को किसी घटना या कार्यक्रम के बारे में सूचित करना होता है। इसमें शीर्षक, जारी करने वाली संस्था का नाम, विषय, दिनांक, समय, स्थान और संपर्क व्यक्ति या विभाग का उल्लेख स्पष्ट रूप से होना चाहिए। भाषा संक्षिप्त, स्पष्ट और सीधी होनी चाहिए।


Question 59:

आप अ.ब.स. सोसायटी के सचिव विभु/विभा हैं। आपकी मोहल्ला समिति, वृक्षारोपण का आयोजन कर रही है जिसमें सभी मोहल्लावासियों की भागीदारी अपेक्षित है अतः इसके लिए सूचना तैयार कीजिए।

 
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यह सूचना मोहल्लावासियों के लिए है, जिसका उद्देश्य उन्हें वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आमंत्रित करना है। इसमें कार्यक्रम का शीर्षक, आयोजक संस्था, दिनांक, समय और स्थान का उल्लेख होना चाहिए। मोहल्लावासियों की भागीदारी की अपेक्षा स्पष्ट रूप से व्यक्त की जानी चाहिए।


Question 60:

आप प्रेरक/प्रेरणा हैं। आपके पड़ोस में अनधिकृत दुकानें बनाई जा रही हैं। इसकी शिकायत करते हुए जिलाधिकारी को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखिए।

Correct Answer: सेवा में, जिलाधिकारी महोदय, [जिलाधिकारी कार्यालय का पता/ई-मेल आईडी] [शहर] दिनांक: 21 मई, 2025 विषय: [मोहल्ले का नाम] में अनधिकृत दुकानों के निर्माण के संबंध में शिकायत। महोदय, मैं प्रेरक/प्रेरणा, [आपके मोहल्ले का नाम] का/की निवासी हूँ। मैं आपका ध्यान हमारे पड़ोस में हो रहे अनधिकृत निर्माण की ओर आकर्षित करना चाहता/चाहती हूँ। पिछले कुछ समय से [स्थान का विवरण, जैसे - गली नंबर/प्लॉट नंबर] पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से दुकानें बनाई जा रही हैं। यह निर्माण कार्य बिना किसी अनुमति के हो रहा है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि क्षेत्र में गंदगी और असुरक्षा भी बढ़ रही है। इससे मोहल्ले के निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करें और इस अनधिकृत निर्माण को रुकवाएँ। धन्यवाद सहित, भवदीय/भवदीया, प्रेरक/प्रेरणा, [आपका पता/संपर्क नंबर]
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यह एक ई-मेल लेखन का प्रश्न है। ई-मेल का प्रारूप सही होना चाहिए, जिसमें प्राप्तकर्ता का ई-मेल पता, विषय और दिनांक शामिल हों। मुख्य भाग में समस्या (अनधिकृत निर्माण) को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से बताया जाना चाहिए, साथ ही उसके कारण होने वाली परेशानियों का भी उल्लेख करें। अंत में, उचित कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त करें।

*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.

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