
The CBSE 2025 Class 10 Hindi exam was held on 28th Feb, from 10:30 AM to 1:30 PM. The CBSE Class 10 Hindi Question Paper 2025 is available here with Solution PDF. The Hindi theory paper is of 80 marks, while 20 marks are allocated for the internal assessment.
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निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए:
कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी ।
कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है ।
विकल्प:
कथन सही है क्योंकि गद्यांश में कहा गया है कि "भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिठाइयाँ, बाजार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।" यह सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की बात करता है।
कारण भी सही है और कथन की सही व्याख्या करता है, क्योंकि किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता ही देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का आधार है, जैसा कि गद्यांश में "स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा" में स्पष्ट किया गया है।
'फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए' -
गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है, "परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेड़ पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं।" यह सीधे तौर पर बताता है कि फास्टफूड और रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए स्वदेशी और परंपरागत भोजन का उपयोग करना उचित है।
परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ?
i. उपलब्ध करवाकर
ii. प्रचार-प्रसार द्वारा
iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके
iv. घर-घर मुफ्त अभियान चलाकर
विकल्प:
गद्यांश में कहा गया है कि परंपरागत भोजन को लोकप्रिय बनाने के लिए "सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है। बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनों, दुकानों एवं नैसर्गिक स्थानों, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉलों तक इनको पहुँचाना है।" यह 'उपलब्ध करवाने' (i) की बात करता है। साथ ही, "परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ आधुनिक खाद्य एवं पेड़ पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।" यह 'बिक्री की विशेष व्यवस्था' (iii) की बात करता है। 'प्रचार-प्रसार द्वारा' और 'घर-घर मुफ्त अभियान चलाकर' का सीधा उल्लेख गद्यांश में परंपरागत भोजन को लोकप्रिय बनाने के संदर्भ में नहीं है। इसलिए विकल्प (A) i - iii सही है।
आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ?
गद्यांश के अनुसार, यदि भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन और मिष्ठान बाजार में लोकप्रिय हो जाएं, तो इससे स्वदेशीवाद को बढ़ावा मिलेगा, किसान समृद्ध होंगे और इस प्रकार आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। यह दिखाता है कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ?
गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि "सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है। बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनलयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थानों, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉलों तक इनकी पहुँच बढ़ाना है।" यहीं पर हर्बल फूड सेंटर लाभदायक हो सकते हैं।
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए :
कथन : पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता।
कारण : बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूण भागीदारी और सहयोग रहता है।
विकल्प :
कथन "पिता हमेशा रुक्ष नहीं होता, सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता" गद्यांश की पहली पंक्ति में ही दिया गया है, इसलिए कथन सही है।
कारण "बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूण भागीदारी और सहयोग रहता है" यह भी सही है क्योंकि गद्यांश में कहा गया है कि "जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है, उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है।" यह सौम्य भागीदारी को दर्शाता है।
यह सौम्य भागीदारी ही इस बात का कारण है कि पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता, बल्कि भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ii) अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए अपेक्षित है -
गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि "बच्चों के पालन-पोषण में दोनों समान भूमिका निभाते हैं।" यह दर्शाता है कि अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए माता-पिता दोनों की सहभागिता अपेक्षित है।
आज की युवा पीढ़ी में कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन आया है ?
गद्यांश में लिखा है, "आज नई पीढ़ी के युवा घर में इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते देखे जा सकते हैं।" यहाँ 'इन जिम्मेदारियों' से तात्पर्य बच्चों को सुबह उठाकर स्कूल भेजने से लेकर होमवर्क करवाने तक पिता की समान भागीदारी से है, जो बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना दर्शाता है।
माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर कौन-कौन से दबाव हैं ? इन दबावों से आप अपने माता-पिता को मुक्ति कैसे दिलवा सकते हैं ?
माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर पढ़ाई, करियर और कार्यक्षेत्र से संबंधित दबाव होते हैं। आज के समय में पढ़े-लिखे कामकाजी-एकल परिवार में व्यक्ति का जीवन दबाव में ही दिखता है, चाहे वह पढ़ाई का हो, कैरियर का हो अथवा कार्यक्षेत्र का हो। इन दबावों से मुक्ति दिलवाने के लिए, हम बच्चे के रूप में पढ़ाई और अन्य कार्यों में आत्मनिर्भर बनकर, घर के कामों में हाथ बंटाकर, और उनके प्रति सम्मान व स्नेह दिखाकर उनकी मदद कर सकते हैं। खुशनुमा पारिवारिक वातावरण बनाकर भी हम उनके दबाव को कम कर सकते हैं।
गद्यांश के अनुसार, वर्तमान समय में माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर पढ़ाई, करियर और कार्यक्षेत्र से संबंधित दबाव होते हैं। खासकर पढ़े-लिखे और कामकाजी एकल परिवारों में यह दबाव अधिक देखा जाता है। हम बच्चे के रूप में इन दबावों से अपने माता-पिता को मुक्ति दिलवा सकते हैं। हम अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करके और अपने भविष्य के प्रति गंभीर होकर उनका बोझ कम कर सकते हैं। घर के कार्यों में सहयोग करके, जैसे होमवर्क स्वयं करना, अपनी चीजों को व्यवस्थित रखना, या छोटे-मोटे घरेलू कामों में हाथ बंटाकर हम उन्हें राहत दे सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम उनके प्रति सम्मान और प्यार दिखाएं और परिवार में एक खुशनुमा तथा स्नेहपूर्ण वातावरण बनाए रखें, जिससे वे अपने दबाव से बाहर निकल सकें।
पिता की कौन-सी दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं ?
गद्यांश में पिता की दो 'विरोधी' बातें नहीं बताई गई हैं जो परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं, बल्कि पिता के व्यवहार के दो अलग-अलग पहलुओं का वर्णन किया गया है। पहला पहलू यह है कि "पिता कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है।" दूसरा पहलू यह है कि जब पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है और उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, तो बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है। ये बातें विरोधी नहीं, बल्कि पिता के व्यक्तित्व के विभिन्न आयाम हैं जो बच्चों के उचित पालन-पोषण और पारिवारिक सुख के लिए आवश्यक हैं। गद्यांश के अनुसार, बच्चों के विकास के लिए पिता का सहयोग और स्नेह महत्वपूर्ण है, न कि उसकी कठोरता।
एक ललित निबंध लिखो जो चार पन्नों से कम न हो। (संज्ञा पदबंध छाँटकर लिखिए।)
इस वाक्य में 'एक ललित निबंध' संज्ञा पदबंध है क्योंकि यह 'निबंध' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है और एक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।
वह इतनी-सी बात भी समझ नहीं सकता है। (क्रिया पदबंध छाँटकर लिखिए।)
इस वाक्य में 'समझ नहीं सकता है' क्रिया पदबंध है क्योंकि यह 'समझना' (मुख्य क्रिया) और उसकी सहायक क्रियाओं ('नहीं सकता है') को मिलाकर एक इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।
भाई साहब ने अपने दरजे की पढ़ाई का भयंकर चित्र खींचा था। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)
यहाँ रेखांकित पदबंध 'अपने दरजे की पढ़ाई का भयंकर' है। यह 'चित्र' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है कि वह कैसा था - 'भयंकर चित्र'। इसलिए यह विशेषण पदबंध है।
तताँरा नीचे की तरफ खिसलने लगा। (क्रिया-विशेषण पदबंध छाँटकर लिखिए।)
इस वाक्य में 'नीचे की तरफ' क्रिया-विशेषण पदबंध है क्योंकि यह 'खिसलने लगा' (क्रिया) की रीति या दिशा बता रहा है।
पशु पर्व में हट्टे-कट्टे पशुओं का प्रदर्शन किया जाता है। (रेखांकित पदबंध का भेद लिखिए।)
यहाँ रेखांकित पदबंध 'हट्टे-कट्टे' है। यह 'पशुओं' (संज्ञा) की विशेषता बता रहा है कि वे कैसे हैं - 'हट्टे-कट्टे'। इसलिए यह विशेषण पदबंध है।
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए!)
मिश्र वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं, जो 'जो', 'जब', 'जहाँ', 'जैसा', 'जितना', 'यदि', 'ताकि', 'क्योंकि' आदि समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं। यहाँ, 'सफल खिलाड़ी' को 'जो खिलाड़ी सफल होता है' में बदला गया है, और 'कोई निशाना खाली नहीं जाता' प्रधान उपवाक्य है।
मेरे दरजे में आओगे, तो दाँतों पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए!)
सरल वाक्य में एक ही क्रिया और एक ही कर्ता होता है। यहाँ 'आओगे' और 'आ जाएगा' दो क्रियाएँ थीं, जिन्हें 'आने पर' (एक क्रियार्थक संज्ञा और संबंधबोधक) और 'आ जाएगा' (मुख्य क्रिया) में बदलकर एक ही सरल वाक्य बनाया गया है।
जैसे ही हेनरी सातवें की जगह आठवाँ लिखा वैसे ही सब नंबर गायब ! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)
यह वाक्य मिश्र वाक्य है क्योंकि इसमें एक प्रधान उपवाक्य ('सब नंबर गायब') और एक आश्रित उपवाक्य ('जैसे ही हेनरी सातवें की जगह आठवाँ लिखा') है। दोनों उपवाक्य 'जैसे ही... वैसे ही' जैसे समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े हैं, जो एक क्रिया के होने पर दूसरी क्रिया के होने का संकेत देते हैं।
अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)
यह वाक्य संयुक्त वाक्य है क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र उपवाक्य ('अपनी बात चटपट कहो' और 'अपनी राह लो') हैं, जो 'और' जैसे समान समुच्चयबोधक शब्द से जुड़े हैं। दोनों उपवाक्य अपने आप में पूर्ण अर्थ रखते हैं और एक-दूसरे पर आश्रित नहीं हैं।
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए!)
संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं जो समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं। मूल वाक्य के अर्थ को बनाए रखते हुए, इसे दो स्वतंत्र उपवाक्यों में विभाजित किया गया है: 'मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ' और 'हमेशा बड़ा रहूँगा', जिन्हें 'और' से जोड़ा गया है।
'बेकाम' सामासिक पद का विग्रह करके भेद भी लिखिए।
'बेकाम' शब्द में 'बे' उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, जो 'बिना' का अर्थ देता है। जहाँ पहला पद अव्यय होता है और उसका अर्थ प्रधान होता है, वहाँ अव्ययीभाव समास होता है।
'नवनिधि' समस्त पद किस समास का उदाहरण है और कैसे ?
द्विगु समास में पहला पद संख्यावाची विशेषण होता है और वह किसी समूह या समाहार का बोध कराता है। 'नवनिधि' में 'नव' का अर्थ 'नौ' है, जो एक संख्या है, और 'निधि' का अर्थ 'खजाना' है। इस प्रकार, 'नौ निधियों का समूह' होने के कारण यह द्विगु समास है।
द्वंद्व समास का एक उदाहरण दीजिए।
द्वंद्व समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और उनके बीच 'और', 'या', 'अथवा' जैसे योजक शब्दों का लोप होता है। 'माता-पिता' में 'माता' और 'पिता' दोनों पद प्रधान हैं और इनका विग्रह 'माता और पिता' होता है।
'क्रांति से हीन' विग्रह का समस्त पद बनाकर भेद का नाम भी लिखिए।
तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता है और इसमें कारक चिह्नों (ने, को, से, के लिए, से, का/के/की, में/पर) का लोप होता है। 'क्रांति से हीन' में 'से' कारक चिह्न का लोप हुआ है, और 'हीन' पद प्रधान है। यह 'अपादान तत्पुरुष' हो सकता है क्योंकि 'हीन' (रहित) होने का भाव अलगाव दर्शाता है, या 'करण तत्पुरुष' भी हो सकता है यदि 'से' का अर्थ साधन है (जो यहाँ उचित नहीं लगता)। सामान्यतः 'से हीन' अपादान तत्पुरुष में आता है।
ततारा ध्यान में मग्न होकर वामीरो का गाना सुन रहा था। इस वाक्य में रेखांकित पदों की जगह उपयुक्त समस्त पद लिखिए।
रेखांकित पदबंध 'ध्यान में मग्न' एक तत्पुरुष समास का उदाहरण है। 'में मग्न' का समस्त पद 'मग्न' होता है, और 'ध्यान' के साथ जुड़कर यह 'ध्यानमग्न' बनता है।
रिक्त स्थान की पूर्ति उचित मुहावरे द्वारा कीजिए।
परीक्षा में प्रथम आने के लिए रात-दिन …………. पड़ती है।
'रात-दिन एक करना' मुहावरे का अर्थ है बहुत अधिक परिश्रम करना। परीक्षा में प्रथम आने के लिए अत्यधिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, इसलिए यह मुहावरा यहाँ सर्वाधिक उपयुक्त है।
'अंग्रेजी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं है कि जो चाहे पढ़ ले, नहीं ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा सभी अंग्रेजी के विद्वान हो जाते।' – इस वाक्य से मुहावरा छाँटकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
'हँसी-खेल' मुहावरे का अर्थ है आसान काम। दिए गए वाक्य में अंग्रेजी पढ़ने को आसान काम न होना बताया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग किसी ऐसे कार्य के लिए किया जाता है जो सामान्य या आसान न हो।
'पापड़ बेलना' मुहावरे का प्रयोग अपने वाक्य में कीजिए।
'पापड़ बेलना' मुहावरे का अर्थ है कोई कठिन काम करना या बहुत संघर्ष करना। सरकारी नौकरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में कई बाधाएँ और चुनौतियाँ होती हैं, इसलिए यह मुहावरा इस संदर्भ में सटीक बैठता है।
'बुरी तरह पीटना' अर्थ के लिए मुहावरा लिखिए।
'धुनाई करना' या 'जूते मारना' या 'लठ बजाना' जैसे मुहावरे 'बुरी तरह पीटना' के अर्थ को व्यक्त करते हैं। ये मुहावरे किसी को शारीरिक रूप से बहुत अधिक चोट पहुँचाने या प्रहार करने की स्थिति को दर्शाते हैं।
'दीवार खड़ी करना' मुहावरे का वाक्य में इस प्रकार प्रयोग करें कि अर्थ स्पष्ट हो जाए।
'दीवार खड़ी करना' मुहावरे का अर्थ है संबंध खराब करना या दूरी बनाना। इस वाक्य में गलतफहमियों के कारण दोस्तों के बीच दूरियाँ बढ़ने को दर्शाया गया है, जिससे मुहावरे का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।
'बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैसे पायदेदार बने?' 'बड़े भाई साहब' कहानी के इस कथन के माध्यम से क्या सीख मिलती है?
'बड़े भाई साहब' कहानी में बड़े भाई अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लेते हैं और मानते हैं कि अगर प्रारंभिक शिक्षा या ज्ञान का आधार मजबूत नहीं होगा, तो आगे की पढ़ाई या जीवन में सफलता प्राप्त करना मुश्किल होगा। वे उदाहरणों के माध्यम से इस बात पर जोर देते हैं कि अधूरी या सतही जानकारी हानिकारक होती है।
धर्मतल्ले पर क्या घटना घटित हुई? 'डायरी का पन्ना' पाठ के आधार पर लिखिए।
'डायरी का पन्ना' पाठ 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में स्वतंत्रता दिवस मनाने की घटना का वर्णन करता है। धर्मतल्ले वह मुख्य चौराहा था जहाँ भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। पुलिस ने यहाँ सभा करने से रोकने और झंडा फहराने वालों को गिरफ्तार करने के लिए बल प्रयोग किया था।
'तताँरा-वामीरो कथा' के आधार पर रूढ़ियों के विषय में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
इस कथा में, तताँरा और वामीरो अलग-अलग गाँवों से संबंधित थे, और उस समय की रूढ़ि के अनुसार, एक ही गाँव में विवाह करना अनिवार्य था। उनके प्रेम को इस रूढ़ि ने स्वीकार नहीं किया, जिसके कारण उन्हें दुखद परिणाम भुगतने पड़े। यह कहानी सामाजिक रूढ़ियों की निरर्थकता और उनके नकारात्मक प्रभावों को दर्शाती है।
'डेन की देन' प्रसंग से लेखक किस तथ्य को उजागर करना चाहता है?
'डेन की देन' पाठ में लेखक ने जापानियों के अत्यधिक काम करने, मानसिक तनाव और भागदौड़ भरे जीवन शैली का वर्णन किया है। इस प्रसंग के माध्यम से, वे जापानी चाय-सेरेमनी के महत्व को बताते हैं, जो उन्हें कुछ समय के लिए वर्तमान में जीने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देती है, जिससे वे अपने तनाव को कम कर पाते हैं।
लेखक पहले कहाँ रहता था और अब कहाँ रहने लगा है?
गद्यांश की पहली पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा है, "ग्वालियर से बंबई की दूरी ने संसार को काफी कुछ बदल दिया है। वसोर्वा में जहाँ आज मेरा घर है..." इससे पता चलता है कि लेखक पहले ग्वालियर में था और अब बंबई के वसोर्वा में रहता है।
लेखक जब वसोर्वा रहने आया तो वहाँ स्थिति कैसी थी?
गद्यांश में लिखा है, "वसोर्वा में जहाँ आज मेरा घर है, पहले यहाँ दूर तक जंगल था। पेड़ थे, परिंदे थे और दूसरे जानवर थे।" यह पंक्ति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जब लेखक वसोर्वा आया, तो वहाँ का वातावरण प्राकृतिक रूप से समृद्ध था।
कबूतरों की उदासी का कारण था
गद्यांश में बताया गया है, "इस रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जाली का अखाड़ा बना दिया, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है। उनके आने की खिड़की को भी बंद किया जाने लगा है। खिड़की के बाहर अब दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।" इससे स्पष्ट होता है कि उनके घर में अंदर जाने के रास्ते बंद कर दिए गए थे, जिससे वे उदास थे।
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन : लेखक की पत्नी ने कबूतरों के घोंसले का स्थान बदल दिया।
कारण : वे घर के अंदर पुस्तक टेबल-पुस्तकें आदि गंदी कर देते थे।
गद्यांश में स्पष्ट रूप से लिखा है, "इस रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर मेरी पत्नी ने उस जगह जाली का अखाड़ा बना दिया, एक जाली लगा दी है, उनके बच्चों को दूसरी जगह कर दिया है।" 'परेशानी' का कारण कबूतरों द्वारा चीजों को गिराना-तोड़ना और लाइब्रेरी में गंदगी फैलाना था ("वे कभी किसी चीज को गिराकर तोड़ देते हैं। कभी मेरी लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते हैं।")। अतः, कथन सही है कि पत्नी ने घोंसले का स्थान बदला और कारण (गंदगी करना) उसकी सही व्याख्या है।
'कबीर' की साखियों में कौन-कौन से जीवन-मूल्य उभरते हैं?
कबीरदास जी ने अपनी साखियों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव का विरोध किया है। उन्होंने ईश्वर की सच्ची भक्ति के लिए प्रेम, सहिष्णुता, अहंकार-त्याग और ज्ञान के मार्ग को अपनाने पर जोर दिया है। उनकी साखियाँ सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को स्थापित करती हैं।
बादलों से पर्वत के छिप जाने पर कवि की कल्पना, 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में, जब वर्षा ऋतु में बादल इतने घने हो जाते हैं कि वे पर्वतों को ढक लेते हैं, तो कवि को ऐसा प्रतीत होता है जैसे पर्वत अपने विशालकाय पंखों को फड़फड़ाकर आकाश में उड़ गए हों। यह मानवीकरण और कल्पनाशीलता का अद्भुत उदाहरण है।
'मनुष्यता' कविता में कवि लोगों से किस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित 'मनुष्यता' कविता मनुष्य को वास्तविक मनुष्य बनने के लिए प्रेरित करती है। कवि के अनुसार, सच्चा मनुष्य वही है जो स्वार्थ छोड़कर दूसरों के लिए जीता है, सभी मानवों को अपना भाई मानता है, और बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे की मदद करता है।
'दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप
एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद
'तोप' कविता से उद्भूत इन पंक्तियों का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।
'तोप' कविता में तोप दमन और शक्ति का प्रतीक है जो कभी अंग्रेजों के अत्याचार का साधन थी। लेकिन इन पंक्तियों के माध्यम से कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि कोई भी दमनकारी शक्ति या क्रूरता चिरस्थायी नहीं होती। समय के साथ उसका प्रभाव क्षीण होता है और अंततः वह शक्तिहीन हो जाती है। यह पंक्तियाँ अत्याचार के अंत और न्याय की जीत का प्रतीक हैं।
'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' - पंक्ति में हिमालय किसका प्रतीक है?
कविता सैनिकों के बलिदान और देश प्रेम को दर्शाती है। 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' पंक्ति में हिमालय को केवल एक भौगोलिक पर्वत के रूप में नहीं, बल्कि भारत के गौरव, सम्मान और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। सैनिक अपनी जान देकर भी देश के सम्मान को ठेस नहीं पहुँचने देना चाहते।
'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' - पंक्ति के संदर्भ में सैनिकों की इस विपरित स्थिति का कारण है -
यह कविता युद्ध के मैदान में सैनिकों के बलिदान को दर्शाती है। 'साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई' पंक्तियाँ स्पष्ट रूप से घायल होने और मृत्यु के करीब होने की शारीरिक स्थिति को दर्शाती हैं, जब शरीर शिथिल पड़ने लगता है। यह सीधे तौर पर युद्ध के कारण लगी चोटों का परिणाम है।
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन : सामने के खतरों के समक्ष साँसें रुकती थीं फिर भी दुश्मन से मुकाबला करने के लिए कदम बढ़ते ही जाते थे।
कारण : देश की स्वतंत्रता-सुरक्षा सैनिक के लिए सर्वोपरी थी।
कथन ("साँस थमती गई... फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया") सैनिकों की अदम्य भावना को दर्शाता है। कारण ("देश की स्वतंत्रता-सुरक्षा सैनिक के लिए सर्वोपरी थी") इस अदम्य भावना और बलिदान के पीछे का मुख्य प्रेरणा स्रोत है। सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़ते हैं क्योंकि उनके लिए देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा सबसे बढ़कर है।
शहीद होने वाले सैनिक को किस बात का गर्व है?
कविता की पंक्तियाँ "कर चले हम फिदा जानो-तन साथियों" और "अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों" यह दर्शाती हैं कि सैनिक अपना सब कुछ (जान-तन) बलिदान करके भी देश की रक्षा करते हैं। उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने अंतिम साँस तक अपने देश की रक्षा की और अब यह जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ी को सौंप रहे हैं। विकल्प (C) भी सही है, लेकिन (B) अधिक व्यापक और कविता के भाव के करीब है, जो अंतिम साँस तक रक्षा करने के संकल्प को दर्शाता है।
'कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियों' - पंक्ति के संदर्भ में 'फ़िदा' शब्द का अर्थ है -
कविता सैनिकों के देश के प्रति सर्वोच्च त्याग को दर्शाती है। 'फ़िदा' शब्द का अर्थ यहाँ 'बलिदान करना' या 'न्योछावर करना' है, जहाँ सैनिक अपने जानो-तन (जान और शरीर) को देश के लिए समर्पित कर रहे हैं।
'खेलकूद बच्चों को अनुशासित, सक्रिय और मिलनसार बनाता है।' – इस कथन पर अपने विचार 'सपनों के से दिन' पाठ से उदाहरण देते हुए लिखिए।
'सपनों के से दिन' पाठ में लेखक गुरुदयाल सिंह ने अपने बचपन के खेलकूद और उनके प्रभावों का सुंदर वर्णन किया है। वे बताते हैं कि खेल के दौरान बच्चे अपनी बारी का इंतजार करते थे, नियमों का पालन करते थे और हार-जीत को समान भाव से लेते थे, जिससे उनमें अनुशासन आता था। वे हर समय शरारत और खेलकूद में लगे रहते थे, जिससे उनकी सक्रियता बनी रहती थी। इसके अलावा, खेल के मैदान में सभी बच्चे एक साथ खेलते थे, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों, जिससे उनमें भाईचारा और मिलनसारिता का भाव विकसित होता था।
'रिश्तों की बुनियाद प्रेम है।' 'टोपी शुक्ला' पाठ से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
'टोपी शुक्ला' पाठ में टोपी और इफ्फन की दोस्ती एक मिसाल है। उनकी दोस्ती में धर्म या परिवार की कोई दीवार नहीं थी। वे एक-दूसरे के घर आते-जाते थे और एक-दूसरे के रीति-रिवाजों का सम्मान करते थे। टोपी का इफ्फन की दादी के प्रति भी गहरा प्रेम था, क्योंकि दादी उसे कहानियाँ सुनाती थीं और उस पर प्यार लुटाती थीं। दादी की मृत्यु पर टोपी का रोना यह दर्शाता है कि रिश्तों का आधार प्रेम और अपनत्व ही होता है, न कि कोई बाहरी बंधन।
'हरिहर काका' कहानी में ठाकुरबारी के महंत ने हरिहर काका को अपने जाल में फँसाने के लिए क्या प्रयास किया? आजकल बुजुर्गों के साथ साइबर अपराध होते हैं, आप उनसे बचने के लिए उन्हें क्या सुझाव देंगे?
ठाकुरबारी के महंत का मुख्य उद्देश्य हरिहर काका की 15 बीघा जमीन अपने नाम करवाना था। इसके लिए उसने हरिहर काका को धर्म का भय दिखाया, उन्हें बहलाया-फुसलाया कि ठाकुरबारी में जमीन दान करने से मोक्ष मिलेगा। जब काका ने विरोध किया, तो महंत और उनके आदमियों ने काका को बंधक बना लिया, उन्हें भोजन-पानी नहीं दिया और जबरन कागज़ों पर अंगूठा लगवाने का प्रयास किया।
आजकल बुजुर्ग साइबर अपराधियों के आसान शिकार बन जाते हैं। उन्हें बचाने के लिए आवश्यक है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संगठन से अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें। उन्हें लॉटरी या बड़े पुरस्कारों के लालच में न पड़ें। किसी भी संदिग्ध फोन कॉल या ईमेल के प्रति सतर्क रहें और तुरंत अपने परिवार के सदस्यों या विश्वसनीय व्यक्ति को सूचित करें। स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।
आप दसवीं कक्षा के तन्वी/तनु हैं। अपने प्रधानाचार्य को कैंटीन व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव देते हुए पत्र लिखिए।
यह एक औपचारिक पत्र है जो प्रधानाचार्य को लिखा गया है। पत्र का प्रारूप सही होना चाहिए जिसमें प्रेषक और प्राप्तकर्ता का पता, दिनांक, विषय और संबोधन शामिल हो। मुख्य भाग में समस्या (अस्वास्थ्यकर भोजन) और उसके समाधान (पौष्टिक विकल्प, स्वच्छता) को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया जाना चाहिए। भाषा विनम्र और सम्मानजनक होनी चाहिए।
आप दसवीं कक्षा के तन्वी/तनु हैं। किसी दैनिक हिन्दी समाचार-पत्र के संपादक को अपने विद्यालय में आयोजित पुस्तक मेले की रिपोर्ट प्रकाशन हेतु भेजने के लिए पत्र लिखिए।
यह भी एक औपचारिक पत्र है, जो एक समाचार-पत्र के संपादक को लिखा गया है। पत्र में पुस्तक मेले के आयोजन, उसके उद्देश्य, उपलब्ध पुस्तकों के प्रकार और उसमें छात्रों की भागीदारी का संक्षिप्त विवरण दिया जाना चाहिए। पत्र का प्रारूप सही होना चाहिए और भाषा औपचारिक एवं स्पष्ट होनी चाहिए।
कंप्यूटर युग
संकेत बिंदु – कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग
कंप्यूटर के विविध क्षेत्र
कंप्यूटर क्रांति
यह एक अनुच्छेद लेखन का प्रश्न है, जहाँ दिए गए संकेत बिंदुओं का उपयोग करके एक सुसंगत और प्रवाहमय अनुच्छेद लिखना है। 'कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग' में वर्तमान परिदृश्य का उल्लेख करें। 'कंप्यूटर के विविध क्षेत्र' में अलग-अलग क्षेत्रों में कंप्यूटर की भूमिका बताएं। 'कंप्यूटर क्रांति' में इसके दूरगामी प्रभावों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालें। लगभग 120 शब्दों की शब्द-सीमा का ध्यान रखें।
जीवन का सच्चा सुख संतोष में...
संकेत बिंदु – संतोष का महत्व
इच्छा नियंत्रण
सुखी जीवन का आधार
यह एक विचार प्रधान अनुच्छेद है। 'संतोष का महत्व' में बताएं कि संतोष क्यों जरूरी है। 'इच्छा नियंत्रण' में स्पष्ट करें कि इच्छाओं पर नियंत्रण कैसे संतोष की ओर ले जाता है। 'सुखी जीवन का आधार' में संतोष के अंतिम परिणाम (सुखी जीवन) पर ध्यान केंद्रित करें। भाषा सरल और प्रभावशाली होनी चाहिए।
किसी खेल का आँखों देखा वर्णन...
संकेत बिंदु – खेल का चरमोत्कर्ष
लोगों में उत्साह
अंतिम चरण में पासा पलटा
यह एक वर्णनात्मक अनुच्छेद है। 'खेल का चरमोत्कर्ष' में बताएं कि मैच किस बिंदु पर सबसे रोमांचक था। 'लोगों में उत्साह' में दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और वातावरण का वर्णन करें। 'अंतिम चरण में पासा पलटा' में मैच के निर्णायक क्षण और उसके अप्रत्याशित परिणाम को दर्शाएं। वर्णनात्मक भाषा का प्रयोग करें ताकि पाठक उस दृश्य को महसूस कर सकें।
आपके विद्यालय के विद्यार्थियों ने 'पड़ोस के बच्चों' के साथ मिलकर कुछ फूलों के गमले तैयार किए हैं, जिन्हें बेचकर बच्चों के लिए पुस्तकें एवं खेल-खिलौनों की व्यवस्था की जाएगी। गमलों की बिक्री के लिए विज्ञापन तैयार कीजिए।
विज्ञापन का उद्देश्य ग्राहकों को आकर्षित करना और उन्हें सामाजिक कार्य से जोड़ना है। इसमें एक आकर्षक शीर्षक, उत्पाद का संक्षिप्त विवरण (सुंदर फूलों के गमले), उद्देश्य (बच्चों के लिए पुस्तकें व खिलौने), स्थान, दिनांक, और संपर्क जानकारी होनी चाहिए। शब्दों का चुनाव प्रेरक और सकारात्मक होना चाहिए।
डिजिटली ठगी के बढ़ते अपराधों से जनसाधारण को सावधान रहने हेतु अ.ब.स. संस्थान द्वारा जनहित में जारी एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
इस विज्ञापन का उद्देश्य लोगों को डिजिटल ठगी के प्रति जागरूक करना है। इसमें एक चेतावनी भरा शीर्षक, समस्या का संक्षिप्त उल्लेख (डिजिटल ठगी), बचने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त सुझाव, और 'जनहित में जारी' संस्था का नाम शामिल होना चाहिए। एक हेल्पलाइन या संपर्क सूत्र देना भी महत्वपूर्ण है।
आप अपने विद्यालय की विद्यार्थी परिषद के सचिव विभु/विभा हैं। आपके विद्यालय में साझी कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरविद्यालयी 'संगीत प्रस्तुति' का आयोजन किया जा रहा है। सभी स्कूलों को जानकारी देने के लिए सूचना तैयार कीजिए।
सूचना एक औपचारिक लेखन का प्रकार है जिसका उद्देश्य व्यापक दर्शकों को किसी घटना या कार्यक्रम के बारे में सूचित करना होता है। इसमें शीर्षक, जारी करने वाली संस्था का नाम, विषय, दिनांक, समय, स्थान और संपर्क व्यक्ति या विभाग का उल्लेख स्पष्ट रूप से होना चाहिए। भाषा संक्षिप्त, स्पष्ट और सीधी होनी चाहिए।
आप अ.ब.स. सोसायटी के सचिव विभु/विभा हैं। आपकी मोहल्ला समिति, वृक्षारोपण का आयोजन कर रही है जिसमें सभी मोहल्लावासियों की भागीदारी अपेक्षित है अतः इसके लिए सूचना तैयार कीजिए।
यह सूचना मोहल्लावासियों के लिए है, जिसका उद्देश्य उन्हें वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आमंत्रित करना है। इसमें कार्यक्रम का शीर्षक, आयोजक संस्था, दिनांक, समय और स्थान का उल्लेख होना चाहिए। मोहल्लावासियों की भागीदारी की अपेक्षा स्पष्ट रूप से व्यक्त की जानी चाहिए।
आप प्रेरक/प्रेरणा हैं। आपके पड़ोस में अनधिकृत दुकानें बनाई जा रही हैं। इसकी शिकायत करते हुए जिलाधिकारी को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखिए।
यह एक ई-मेल लेखन का प्रश्न है। ई-मेल का प्रारूप सही होना चाहिए, जिसमें प्राप्तकर्ता का ई-मेल पता, विषय और दिनांक शामिल हों। मुख्य भाग में समस्या (अनधिकृत निर्माण) को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से बताया जाना चाहिए, साथ ही उसके कारण होने वाली परेशानियों का भी उल्लेख करें। अंत में, उचित कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त करें।
*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.