
Bihar Board Class 10 Hindi 101 Question Paper with Solutions 2025 Set C is available for download. The Bihar School Examination Board (BSEB) conducted the Class 10 examination for a total duration of 3 hours, and the question paper was of a total of 100 marks.
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सुमित्रानंदन पंत किस वाद के कवि हैं ?
सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य के एक प्रमुख कवि हैं।
उन्हें हिंदी साहित्य में 'छायावाद' युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माना जाता है।
छायावाद के अन्य तीन स्तंभ जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' हैं।
इसलिए, सुमित्रानंदन पंत 'छायावाद' के कवि हैं।
Quick Tip: छायावाद के चार स्तंभों (प्रसाद, पंत, निराला, वर्मा) के नाम याद रखें। यह हिंदी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है।
'हिरोशिमा' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं
'हिरोशिमा' शीर्षक कविता हिंदी साहित्य की एक प्रसिद्ध रचना है।
इस कविता के रचनाकार सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' हैं।
यह कविता हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले की मानवीय त्रासदी का मार्मिक चित्रण करती है।
अतः, सही उत्तर (C) अज्ञेय है।
Quick Tip: \(प्रमुख कवियों के उपनाम \)\((जैसे 'अज्ञेय', 'दिनकर', 'निराला') और उनके पूरे नाम को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि परीक्षाओं में अक्सर दोनों तरह से प्रश्न पूछे जाते हैं।\)
निम्न में कौन कवि आदिवासी लोक कविताओं के भी अनुवादक हैं ?
प्रश्न में पूछा गया है कि दिए गए कवियों में से कौन आदिवासी लोक कविताओं के अनुवादक भी हैं।
वीरेन डंगवाल समकालीन हिंदी कविता के एक महत्वपूर्ण कवि थे, जिनकी कविताओं में आम जीवन और लोकतत्वों का गहरा प्रभाव दिखता है।
कवि होने के साथ-साथ वे एक कुशल अनुवादक भी थे और उन्होंने पाब्लो नेरूदा, बर्तोल्त ब्रेख्त जैसे कवियों के साथ-साथ लोक साहित्य का भी अनुवाद किया।
दिए गए विकल्पों में, वीरेन डंगवाल ही लोक कविताओं के अनुवाद से जुड़े हुए हैं।
Quick Tip: कवियों की मुख्य रचनाओं के अलावा उनके अन्य साहित्यिक योगदानों, जैसे अनुवाद, संपादन या पत्रकारिता, पर भी ध्यान दें। इनसे संबंधित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं।
'नेमत' शब्द का अर्थ है
'नेमत' एक अरबी मूल का शब्द है जिसका हिंदी में प्रयोग होता है।
इस शब्द का अर्थ होता है - ईश्वर का दिया हुआ उपहार, वरदान, कृपा या कोई बहुत अच्छी वस्तु।
दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करें:
(A) न्योता का अर्थ है आमंत्रण।
(B) नामी का अर्थ है प्रसिद्ध।
(C) ईश्वर की देन का अर्थ है भगवान का दिया हुआ उपहार, जो 'नेमत' का सटीक अर्थ है।
(D) नियंत्रण का अर्थ है काबू।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: हिंदी में अरबी, फारसी और तुर्की के बहुत से शब्द प्रचलित हैं। अपनी शब्दावली (vocabulary) को मजबूत करने के लिए इन शब्दों के अर्थों पर विशेष ध्यान दें।
'उदात्त' शब्द का अर्थ है
'उदात्त' शब्द का अर्थ है - श्रेष्ठ, महान, ऊँचा या गंभीर।
यह विचारों, भावनाओं या चरित्र की ऊँचाई को दर्शाता है।
अब दिए गए विकल्पों को देखते हैं:
(A) अविकसित का अर्थ है जिसका विकास न हुआ हो।
(B) उन्नत का अर्थ है ऊँचा उठा हुआ, विकसित या श्रेष्ठ। यह 'उदात्त' के अर्थ के सबसे निकट है।
(C) कौशल का अर्थ है निपुणता या हुनर।
(D) विनाशक का अर्थ है नाश करने वाला।
इसलिए, 'उदात्त' का सबसे उपयुक्त अर्थ 'उन्नत' है।
Quick Tip: समानार्थी शब्दों का अध्ययन करते समय, शब्द के भाव को समझना महत्वपूर्ण है। 'उदात्त' और 'उन्नत' दोनों में 'ऊँचाई' या 'श्रेष्ठता' का भाव निहित है।
'सहान' शब्द का अर्थ है
प्रश्न में दिया गया शब्द 'सहान' संभवतः 'स्वमान' का एक अशुद्ध रूप है, जिसका अर्थ आत्म-सम्मान होता है।
आत्म-सम्मान का भाव आत्मविश्वास से बहुत निकटता से जुड़ा हुआ है।
दिए गए विकल्पों पर विचार करने पर:
(A) चिंतन का अर्थ है सोचना।
(B) आत्मविश्वास का अर्थ है खुद पर विश्वास, जो आत्म-सम्मान का एक परिणाम है।
(C) चतुराई का अर्थ है होशियारी।
(D) टेढ़ापन का अर्थ है कुटिलता।
संदर्भ और दिए गए विकल्पों के आधार पर, 'आत्मविश्वास' सबसे उपयुक्त अर्थ है।
Quick Tip: कभी-कभी प्रश्न पत्रों में वर्तनी (spelling) की अशुद्धियाँ हो सकती हैं। ऐसे में, विकल्पों के आधार पर प्रश्न के सबसे संभावित सही अर्थ का अनुमान लगाने का प्रयास करें।
गुरु नानक को किस मुगल सम्राट से मुलाकात हुई थी ?
गुरु नानक देव जी (1469-1539) सिख धर्म के संस्थापक थे।
मुगल सम्राट बाबर का शासनकाल 1526 से 1530 तक था।
ऐतिहासिक वृत्तांतों के अनुसार, गुरु नानक देव जी और बाबर समकालीन थे।
सैदपुर (अब पाकिस्तान में) पर बाबर के आक्रमण के दौरान गुरु नानक देव जी की मुलाकात बाबर से हुई थी।
अतः, सही उत्तर (A) बाबर से है।
Quick Tip: प्रमुख संतों और कवियों के समकालीन शासकों के बारे में जानना इतिहास और साहित्य दोनों विषयों के लिए उपयोगी है। यह आपको घटनाओं को सही कालक्रम में रखने में मदद करता है।
'हाटक मैं देखहु भरा, बसे अंगरेजी माल' - पंक्ति के कवि हैं
यह पंक्ति भारतेंदु युग के प्रमुख कवि बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' द्वारा रचित है।
यह उनकी कविता 'स्वदेशी' से ली गई है।
इस पंक्ति में कवि ने देश में अंग्रेजी वस्तुओं के बढ़ते प्रचलन पर व्यंग्य और चिंता व्यक्त की है।
वे कहते हैं कि बाजार अंग्रेजी माल से भरे पड़े हैं, जो भारत की आत्मनिर्भरता के लिए एक खतरा है।
इसलिए, इस पंक्ति के कवि 'प्रेमघन' हैं।
Quick Tip: पाठ्यपुस्तक में दी गई कविताओं की महत्वपूर्ण पंक्तियों और उनके कवियों के नाम याद रखें। अक्सर परीक्षाओं में सीधे पंक्तियाँ देकर कवि का नाम पूछा जाता है।
'हस्तलिपि' किसे कहते हैं ?
'हस्तलिपि' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: 'हस्त' + 'लिपि'।
'हस्त' का अर्थ होता है 'हाथ'।
'लिपि' का अर्थ होता है 'लिखने की प्रणाली' या 'लिखावट'।
इस प्रकार, 'हस्तलिपि' का शाब्दिक अर्थ 'हाथ की लिखावट' (handwriting) होता है।
अतः, सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: संस्कृत आधारित शब्दों (तत्सम शब्द) को समझने के लिए उन्हें उनके मूल भागों में तोड़ना एक प्रभावी तरीका है। इससे उनका अर्थ स्पष्ट हो जाता है।
'साखी ( साक्षी)' शब्द का अर्थ है
'साक्षी' एक तत्सम (संस्कृत) शब्द है, जिसका अर्थ है 'प्रत्यक्षदर्शी' या 'गवाह' (witness)।
कबीरदास जी की रचनाओं को 'साखी' कहा जाता है क्योंकि वे उनके प्रत्यक्ष ज्ञान और अनुभव पर आधारित हैं।
'गवाही' शब्द का अर्थ है 'साक्ष्य' या 'एक गवाह द्वारा दिया गया बयान' (testimony)।
चूंकि साक्षी (witness) ही गवाही (testimony) देता है, इसलिए 'साक्षी' का सबसे निकट और प्रासंगिक अर्थ 'गवाही' है।
इसलिए, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: तत्सम (संस्कृत के मूल शब्द) और तद्भव (संस्कृत से बदले हुए रूप) शब्दों के बीच के संबंध को समझें। यहाँ 'साक्षी' तत्सम है और इसका एक अर्थ 'गवाही' से संबंधित है।
निम्नलिखित में कौन अशुद्ध शब्द है ?
हमें दिए गए शब्दों में से अशुद्ध शब्द को पहचानना है।
(A) 'दुस्कर' का मानक रूप 'दुष्कर' होता है, लेकिन 'दुस्कर' भी प्रयोग में आता है।
(B) 'संशोधन' एक शुद्ध शब्द है।
(C) 'वैदेही' एक शुद्ध शब्द है, यह सीता जी का एक नाम है।
(D) 'सीढ़ियाँ' शब्द अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप 'सीढ़ियाँ' होता है, जिसमें 'याँ' के ऊपर चंद्रबिंदु (ँ) का प्रयोग होता है, न कि केवल बिंदु (ं) का।
अतः, सबसे स्पष्ट अशुद्ध शब्द (D) सीढ़ियाँ है।
Quick Tip: हिंदी वर्तनी में बिंदु (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) के प्रयोग पर विशेष ध्यान दें। जिन स्वरों का उच्चारण नाक और मुँह दोनों से होता है (जैसे - आँ, ऊँ, याँ), वहाँ चंद्रबिंदु का प्रयोग होता है।
दोष शब्द का विशेषण है
'दोष' शब्द का सही विशेषण रूप 'दोषी' होता है।
दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
(A) 'दुषित' अशुद्ध वर्तनी है, शुद्ध शब्द 'दूषित' होता है, जो 'दोष' से नहीं 'दूषण' से बनता है।
(B) 'दोषिन्न' व्याकरण की दृष्टि से एक मानक शब्द नहीं है।
(C) 'दोषियालु' कोई शब्द नहीं है।
(D) 'दुधान' कोई शब्द नहीं है।
यह प्रश्न और इसके विकल्प त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं क्योंकि सही विशेषण 'दोषी' विकल्प में नहीं है। हालाँकि, दिए गए उत्तर कुंजी के अनुसार, (B) को सही माना गया है, जो संभवतः एक त्रुटि है।
Quick Tip: यदि किसी प्रश्न के सभी विकल्प गलत लगें, तो सबसे निकटतम या संभावित सही उत्तर का चयन करें। 'दोष' से मिलता-जुलता एकमात्र विकल्प 'दोषिन्न' है, शायद यही परीक्षक का आशय था।
'नेह' शब्द का विशेषण है
'नेह' शब्द 'स्नेह' का तद्भव रूप है, जिसका अर्थ प्रेम या लगाव होता है।
इस शब्द से बनने वाला विशेषण 'नेही' होगा, जिसका अर्थ है 'प्रेम करने वाला' या 'स्नेहपूर्ण'।
जैसे 'स्नेह' से 'स्नेही' बनता है, वैसे ही 'नेह' से 'नेही' बनता है।
अन्य विकल्प असंगत हैं: (A) नाहक (व्यर्थ), (B) नास्तिक (ईश्वर को न मानने वाला), (D) नाशक (नाश करने वाला)।
अतः, सही विशेषण (C) नेही है।
Quick Tip: तत्सम (जैसे स्नेह) और तद्भव (जैसे नेह) शब्दों के विशेषण रूप अक्सर समान नियमों का पालन करते हैं (स्नेह \(\rightarrow\) स्नेही, नेह \(\rightarrow\) नेही)।
'तामस' का पर्यायवाची शब्द है
'तामस' एक संज्ञा है, जो सांख्य दर्शन के तीन गुणों (सत्त्व, रजस, तमस) में से एक है। इसका अर्थ अंधकार, अज्ञान या जड़ता होता है।
प्रश्न में पर्यायवाची (synonym) पूछा गया है, लेकिन दिए गए विकल्प में विशेषण रूप दिया गया है।
(A) तामरस का अर्थ कमल होता है।
(B) त्रैमासिक का अर्थ तीन महीने में एक बार होने वाला होता है।
(C) तामासू कोई सार्थक शब्द नहीं है।
(D) 'तामसिक' विशेषण है, जिसका अर्थ है 'तमस गुण से संबंधित'।
दिए गए विकल्पों में 'तामसिक' ही 'तामस' से संबंधित और सबसे निकट का शब्द है। अतः यही सही उत्तर है।
Quick Tip: कभी-कभी पर्यायवाची के प्रश्न में मूल शब्द से बना विशेषण या संबंधित शब्द भी सही उत्तर के रूप में दिया जाता है। विकल्पों में से सबसे निकटतम संबंध वाले शब्द को चुनें।
'मेरी बहन स्वाति अपनी सहेली के घर गई है !' - यह किस वाक्य का उदाहरण है ?
सरल वाक्य वह होता है जिसमें एक ही उद्देश्य (subject) और एक ही विधेय (predicate) होता है, अर्थात एक ही मुख्य क्रिया होती है।
दिए गए वाक्य "मेरी बहन स्वाति अपनी सहेली के घर गई है" में:
उद्देश्य: 'मेरी बहन स्वाति'
विधेय: 'अपनी सहेली के घर गई है'
इस वाक्य में एक ही क्रिया 'गई है' है।
इसलिए, यह एक सरल वाक्य का उदाहरण है।
Quick Tip: वाक्य की पहचान के लिए क्रियाओं की संख्या गिनें। यदि एक ही मुख्य क्रिया है, तो वह सरल वाक्य है। यदि दो स्वतंत्र उपवाक्य 'और', 'या', 'इसलिए' जैसे योजकों से जुड़े हैं, तो वह संयुक्त वाक्य है। यदि एक मुख्य और एक आश्रित उपवाक्य है, तो वह मिश्र वाक्य है।
निम्नलिखित में कौन कर्मवाच्य का उदाहरण है ?
कर्मवाच्य (Passive Voice) में कर्म की प्रधानता होती है और क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार होता है। इसमें कर्ता के साथ 'द्वारा' या 'से' का प्रयोग होता है।
(A) रवि विद्यालय जाता है। - यह कर्तृवाच्य है क्योंकि क्रिया 'जाता है' कर्ता 'रवि' के अनुसार है।
(B) थकान के मारे चला नहीं जाता। - यह भाववाच्य है, जिसमें क्रिया का भाव प्रधान है।
(C) संगीता द्वारा रोटी पकाई गई। - यह कर्मवाच्य है। यहाँ कर्म 'रोटी' (स्त्रीलिंग) है और क्रिया 'पकाई गई' भी स्त्रीलिंग है। कर्ता के साथ 'द्वारा' का प्रयोग हुआ है।
(D) मेरी बातों पर ध्यान दें। - यह कर्तृवाच्य (आज्ञार्थक) है।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: कर्मवाच्य की पहचान का सबसे सरल तरीका 'द्वारा' या 'से' का प्रयोग और क्रिया का कर्म के लिंग/वचन के अनुसार होना है।
'पर्याप्त' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'पर्याप्त' शब्द का संधि-विच्छेद करने पर हमें इसके मूल शब्द और उपसर्ग का पता चलता है।
यह यण संधि का उदाहरण है।
पर्याप्त = परि + आप्त
यहाँ 'परि' उपसर्ग है और 'आप्त' मूल शब्द है।
अतः, 'पर्याप्त' शब्द में 'परि' उपसर्ग है।
Quick Tip: उपसर्ग पहचानने के लिए शब्द का संधि-विच्छेद करना एक बहुत प्रभावी तकनीक है। विशेषकर यण संधि वाले शब्दों (जिनमें य, व, र से पहले आधा व्यंजन हो) पर ध्यान दें।
'आघात' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'आघात' शब्द को उपसर्ग और मूल शब्द में विभाजित किया जा सकता है।
आघात = आ + घात
यहाँ 'आ' एक उपसर्ग है जिसका अर्थ 'तक', 'से' या 'विपरीत' हो सकता है, और 'घात' का अर्थ 'चोट' है।
इस प्रकार, 'आघात' शब्द में 'आ' उपसर्ग है।
विकल्प (C) जन्म एक शब्द है, उपसर्ग नहीं।
अतः, सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: उपसर्ग हटाने के बाद बचा हुआ शब्द सार्थक होना चाहिए। 'आघात' में से 'आ' हटाने पर 'घात' बचता है, जो एक सार्थक शब्द है।
'कुपात्र' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'कुपात्र' शब्द का विच्छेद करने पर हमें उपसर्ग और मूल शब्द मिलते हैं।
कुपात्र = कु + पात्र
यहाँ 'कु' एक उपसर्ग है जिसका अर्थ 'बुरा' या 'हीन' होता है। 'पात्र' का अर्थ है 'योग्य व्यक्ति' या 'बर्तन'।
इस प्रकार, 'कुपात्र' का अर्थ 'अयोग्य व्यक्ति' होता है।
अतः, 'कुपात्र' शब्द में 'कु' उपसर्ग है।
Quick Tip: 'कु' उपसर्ग का प्रयोग किसी शब्द का नकारात्मक या हीन अर्थ बनाने के लिए किया जाता है, जैसे - कुपुत्र (बुरा पुत्र), कुकर्म (बुरा कर्म), कुरूप (बुरा रूप)।
'लुटिया' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'लुटिया' शब्द 'लोटा' शब्द का स्त्रीलिंग और छोटा रूप है।
यह मूल धातु 'लूट' से बना है।
लूट + इया \(\rightarrow\) लुटिया
यहाँ 'इया' एक प्रत्यय है जो संज्ञा को छोटा और स्त्रीलिंग रूप देने के लिए प्रयोग होता है।
उदाहरण: खाट + इया \(\rightarrow\) खटिया, डिब्बा + इया \(\rightarrow\) डिबिया।
अतः, 'लुटिया' में 'इया' प्रत्यय है।
Quick Tip: प्रत्यय शब्द के अंत में लगते हैं। 'इया' प्रत्यय अक्सर किसी वस्तु के छोटे रूप (diminutive form) को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
निम्न में कौन पंचमाक्षर है ?
पंचमाक्षर देवनागरी वर्णमाला में प्रत्येक स्पर्श व्यंजन वर्ग (क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग) के पाँचवें अक्षर को कहते हैं।
ये पाँच अक्षर हैं: ङ, ञ, ण, न, म।
अब विकल्पों को देखते हैं:
(A) छ - च-वर्ग का दूसरा अक्षर है।
(B) त - त-वर्ग का पहला अक्षर है।
(C) स - यह एक ऊष्म व्यंजन है, स्पर्श व्यंजन नहीं।
(D) ण - यह ट-वर्ग (ट, ठ, ड, ढ, ण) का पाँचवाँ अक्षर है।
अतः, 'ण' एक पंचमाक्षर है।
Quick Tip: सभी पाँचों पंचमाक्षर (ङ, ञ, ण, न, म) को याद रखें। ये अनुस्वार (ं) के रूप में भी प्रयोग होते हैं।
'त्र' किन वर्णों के मेल से बना है ?
'त्र' एक संयुक्त व्यंजन है।
यह दो व्यंजनों के मेल से बनता है: आधा 'त' (त्) और पूरा 'र'।
'र' स्वयं 'र्' (आधा र) और 'अ' स्वर के मेल से बनता है।
इसलिए, 'त्र' का पूर्ण वर्ण-विच्छेद है: त् + र् + अ।
विकल्प (B) 'त् + र' भी सही है, लेकिन विकल्प (C) इसका और भी विस्तृत और सटीक विच्छेद है। प्रश्न पत्र में अक्सर सबसे विस्तृत विच्छेद को सही माना जाता है।
अतः, दिए गए विकल्पों में सबसे सही (C) त् + र् + अ है।
Quick Tip: चारों संयुक्त व्यंजनों का विच्छेद याद रखें: क्ष = क् + ष् + अ, त्र = त् + र् + अ, ज्ञ = ज् + ञ् + अ, श्र = श् + र् + अ।
निम्न में कौन दीर्घ स्वर है ?
उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर स्वर दो प्रकार के होते हैं: ह्रस्व स्वर और दीर्घ स्वर।
ह्रस्व स्वर (Short Vowels): जिनके उच्चारण में कम समय लगता है। ये चार हैं: अ, इ, उ, ऋ।
दीर्घ स्वर (Long Vowels): जिनके उच्चारण में ह्रस्व स्वरों से दोगुना समय लगता है। ये सात हैं: आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।
दिए गए विकल्पों में:
(A) ऋ, (C) उ, और (D) अ ह्रस्व स्वर हैं।
(B) ई एक दीर्घ स्वर है।
अतः, सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: मूल ह्रस्व स्वर केवल चार हैं: अ, इ, उ, ऋ। बाकी सभी स्वर दीर्घ या संयुक्त होते हैं। यह याद रखने से दीर्घ स्वर को पहचानना आसान हो जाता है।
'ऊ' का उच्चारण-स्थान है
वर्णों का उच्चारण मुख के विभिन्न भागों से होता है, जिन्हें उच्चारण-स्थान कहते हैं।
'उ' और 'ऊ' स्वरों का उच्चारण करते समय होंठ (ओष्ठ) गोलाकार हो जाते हैं।
इसलिए, 'उ' और 'ऊ' का उच्चारण-स्थान ओष्ठ है।
(A) कंठ से 'अ', 'आ' और क-वर्ग का उच्चारण होता है।
(B) तालु से 'इ', 'ई' और च-वर्ग का उच्चारण होता है।
(C) मूर्धा से 'ऋ' और ट-वर्ग का उच्चारण होता है।
अतः, सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: वर्णों का उच्चारण करके देखें। 'ऊ' बोलते समय आप महसूस करेंगे कि आपके होंठ ही मुख्य रूप से सक्रिय हैं। यह उच्चारण-स्थान याद रखने का एक व्यावहारिक तरीका है।
निम्न में कौन ऊष्म व्यंजन है ?
ऊष्म व्यंजन वे व्यंजन हैं जिनके उच्चारण में मुख से गर्म हवा (ऊष्मा) निकलती है।
हिंदी वर्णमाला में चार ऊष्म व्यंजन हैं: श, ष, स, ह।
अब विकल्पों को देखते हैं:
(A) ऋ - यह एक स्वर है।
(B) त्र - यह एक संयुक्त व्यंजन है।
(C) ष - यह एक ऊष्म व्यंजन है।
(D) म - यह एक स्पर्श व्यंजन (प-वर्ग का पंचमाक्षर) है।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: व्यंजनों के प्रकारों को याद रखें: स्पर्श (क से म तक), अंतःस्थ (य, र, ल, व), ऊष्म (श, ष, स, ह), और संयुक्त (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र)।
'जपुजी' किसकी रचना है ?
'जपुजी साहिब' सिख धर्म का एक प्रमुख और पवित्र ग्रंथ है।
यह सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ 'गुरु ग्रंथ साहिब' का आरंभिक भाग है।
इसकी रचना सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी ने की थी।
अतः, 'जपुजी' गुरु नानक की रचना है।
Quick Tip: प्रमुख भक्तिकालीन संतों और उनकी मुख्य रचनाओं की सूची बनाना और उसे याद करना परीक्षाओं के लिए बहुत लाभदायक होता है। 'जपुजी' - गुरु नानक, 'बीजक' - कबीर, 'रामचरितमानस' - तुलसीदास, आदि।
रसखान किस छंद में सिद्ध थे ?
रसखान भक्तिकाल की कृष्ण भक्ति शाखा के एक प्रमुख कवि थे।
उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में हैं और अत्यंत लोकप्रिय हैं।
रसखान को विशेष रूप से 'सवैया' छंद में महारत हासिल थी।
उनके सवैये अपनी लय, मधुरता और कृष्ण के प्रति भक्ति भाव के लिए प्रसिद्ध हैं।
अतः, रसखान सवैया छंद में सिद्ध थे।
Quick Tip: प्रमुख कवियों और उनके प्रिय छंदों को याद रखें। जैसे - तुलसीदास के लिए चौपाई और दोहा, घनानंद के लिए कवित्त और सवैया, और रसखान के लिए सवैया।
किसने 'जीर्ण जनपद' नामक एक काव्य लिखा, जिसमें ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण है ?
'जीर्ण जनपद' भारतेंदु युग के एक प्रमुख कवि और लेखक बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' द्वारा रचित एक काव्य-कृति है।
इस काव्य में उन्होंने ग्रामीण जीवन की दुर्दशा और समस्याओं का यथार्थवादी चित्रण किया है।
यह उनकी सामाजिक चेतना और देशप्रेम को दर्शाती है।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: भारतेंदु युग के लेखकों (भारतेंदु हरिश्चंद्र, प्रेमघन, प्रतापनारायण मिश्र आदि) और उनकी प्रमुख रचनाओं को याद करें। इस युग की रचनाओं में अक्सर सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना का स्वर प्रमुख होता है।
घनानंद किस भाषा में लिखते थे ?
घनानंद रीतिकाल की रीतिमुक्त काव्यधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं।
उनकी कविता में प्रेम की पीर और विरह की गहरी अनुभूति मिलती है।
घनानंद ने अपनी समस्त काव्य रचना के लिए ब्रजभाषा का प्रयोग किया।
उनकी ब्रजभाषा अत्यंत परिष्कृत, साहित्यिक और भावपूर्ण है।
अतः, सही उत्तर (B) ब्रजभाषा में है।
Quick Tip: रीतिकाल के अधिकांश कवियों ने ब्रजभाषा को ही अपने काव्य का माध्यम बनाया। यह उस काल की प्रमुख साहित्यिक भाषा थी।
सुमित्रानंदन पंत की माता का नाम क्या था ?
सुमित्रानंदन पंत, जो छायावाद के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं, का जन्म उत्तराखंड के कौसानी गाँव में हुआ था।
उनके पिता का नाम गंगादत्त पंत था।
उनकी माता का नाम सरस्वती देवी था।
उनके जन्म के कुछ ही घंटों बाद उनकी माता का निधन हो गया था, जिसका उनके जीवन और काव्य पर गहरा प्रभाव पड़ा।
अतः, सही उत्तर (C) सरस्वती देवी है।
Quick Tip: प्रमुख लेखकों और कवियों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे जन्म-स्थान, माता-पिता का नाम, और गुरु का नाम भी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।
रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म कहाँ हुआ था ?
रामधारी सिंह 'दिनकर', जिन्हें 'राष्ट्रकवि' के रूप में जाना जाता है, हिंदी के एक प्रमुख लेखक, कवि और निबंधकार थे।
उनका जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया, जिला बेगूसराय, बिहार में हुआ था।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: प्रमुख लेखकों के जन्मस्थान अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। विशेष रूप से अपने राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों के बारे में यह जानकारी अवश्य याद रखें।
किनके पिता एक प्रख्यात पुरातत्त्ववेत्ता थे ?
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' हिंदी में प्रयोगवाद के प्रवर्तक कवि माने जाते हैं।
उनके पिता का नाम हीरानंद शास्त्री था।
हीरानंद शास्त्री एक प्रख्यात पुरातत्त्ववेत्ता (archaeologist) और संस्कृत के विद्वान थे।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: लेखकों के पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े प्रश्न भी आ सकते हैं। 'अज्ञेय' का नाम उनके पिता (हीरानंद) के नाम से जुड़ा है, यह याद रखने में सहायक हो सकता है।
'एक वृक्ष की हत्या' शीर्षक कविता के कवि कौन हैं ?
'एक वृक्ष की हत्या' एक प्रसिद्ध कविता है जिसमें कवि ने अपने घर के सामने खड़े एक पुराने वृक्ष को एक चौकीदार के रूप में चित्रित किया है।
यह कविता पर्यावरण चेतना और शहरी जीवन में प्रकृति के विनाश के दर्द को दर्शाती है।
इस मार्मिक कविता के रचयिता कुँवर नारायण हैं।
अतः, सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: अपनी पाठ्यपुस्तक की सभी कविताओं के शीर्षक और उनके कवियों के नाम की एक सूची बनाकर याद करें। यह परीक्षा में सीधे अंक दिलाने वाला प्रश्न है।
जीवनानंद दास किस भाषा के सम्मानित कवि हैं ?
जीवनानंद दास 20वीं सदी के सबसे प्रमुख और प्रभावशाली कवियों में से एक हैं।
वे मूल रूप से बाँग्ला (बंगाली) भाषा में लिखते थे।
रवींद्रनाथ टैगोर के बाद उन्हें आधुनिक बाँग्ला कविता का प्रमुख चेहरा माना जाता है।
आपकी पाठ्यपुस्तक में उनकी कविता 'लौटकर आऊँगा फिर' का हिंदी अनुवाद संकलित है।
अतः, वे बाँग्ला भाषा के कवि हैं।
Quick Tip: पाठ्यक्रम में शामिल अन्य भाषाओं के लेखकों (अनुवादित पाठों के मूल लेखक) और उनकी भाषा के बारे में जानकारी रखना महत्वपूर्ण है।
'बीजाक्षर' किसकी रचना है ?
'बीजाक्षर' समकालीन हिंदी कवयित्री अनामिका का एक प्रसिद्ध कविता संग्रह है।
अनामिका अपनी विशिष्ट शैली और स्त्री विमर्श से संबंधित कविताओं के लिए जानी जाती हैं।
आपकी पाठ्यपुस्तक में उनकी कविता 'अक्षर-ज्ञान' संकलित है।
अतः, 'बीजाक्षर' अनामिका की रचना है।
Quick Tip: समकालीन कवियों और उनकी प्रमुख रचनाओं पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि इनसे प्रश्न बनने की संभावना अधिक होती है।
रेनर मारिया रिल्के की माता का नाम क्या था ?
रेनर मारिया रिल्के जर्मन भाषा के एक विश्व प्रसिद्ध कवि थे।
उनके जीवन और साहित्य पर उनकी माँ का गहरा प्रभाव था।
उनकी माता का नाम सोफिया "फिया" रिल्के (née Entz) था।
अतः, सही उत्तर (D) सोफिया है।
Quick Tip: विश्व साहित्य के प्रसिद्ध लेखकों के जीवन से संबंधित मुख्य तथ्य भी सामान्य ज्ञान के रूप में पूछे जा सकते हैं, खासकर यदि उनका कोई पाठ पाठ्यक्रम में शामिल हो।
'जिजीविषा' शब्द का अर्थ है
'जिजीविषा' एक वाक्यांश के लिए एक शब्द है।
इसका अर्थ होता है 'जीने की प्रबल इच्छा' या 'जीने की लालसा'।
यह एक सकारात्मक शब्द है जो जीवन के प्रति गहरा लगाव दर्शाता है।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द' हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिजीविषा (जीने की इच्छा), मुमुक्षा (मोक्ष की इच्छा), पिपासा (पीने की इच्छा) जैसे शब्दों को याद रखें।
बाबा साहेब भीमराव अंबेदकर का जन्म किस परिवार में हुआ था ?
डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिन्हें भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है, का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था।
उनका जन्म एक महार जाति के परिवार में हुआ था, जिसे उस समय की सामाजिक व्यवस्था में 'अछूत' या दलित माना जाता था।
उन्होंने जीवन भर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया।
अतः, उनका जन्म एक दलित परिवार में हुआ था।
Quick Tip: राष्ट्रीय नेताओं और समाज सुधारकों के जीवन और संघर्षों के बारे में जानना न केवल परीक्षा के लिए बल्कि एक जागरूक नागरिक बनने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
महात्मा गाँधी का निधन कब हुआ था ?
महात्मा गाँधी, जिन्हें 'राष्ट्रपिता' कहा जाता है, की हत्या नई दिल्ली के बिड़ला भवन में की गई थी।
यह दुखद घटना 30 जनवरी, 1948 को हुई थी।
उनकी हत्या नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर की थी।
भारत में इस दिन को 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: भारत के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों, जैसे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 1947), गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 1950), और शहीद दिवस (30 जनवरी) को हमेशा याद रखें।
बिस्मिल्ला खाँ साहब अस्सी बरस से प्रार्थना में क्या माँगते थे ?
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ भारत के महान शहनाई वादक थे।
संगीत उनके लिए एक साधना और इबादत के समान था।
वे अपनी प्रार्थनाओं में हमेशा ईश्वर से एक सच्चे और सुरीले 'सुर' का वरदान माँगते थे।
उनके लिए संगीत में पूर्णता प्राप्त करना ही जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य था, न कि धन या शोहरत।
अतः, वे प्रार्थना में 'सुर' माँगते थे।
Quick Tip: किसी भी कलाकार की सच्ची साधना उसके कला के प्रति समर्पण में निहित होती है। बिस्मिल्ला खाँ का जीवन इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
'फुफेरा' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'फुफेरा' शब्द का मूल शब्द 'फूफा' है।
'फूफा' शब्द में 'एरा' प्रत्यय जोड़ने से 'फुफेरा' शब्द बनता है।
फूफा + एरा \(\rightarrow\) फुफेरा
'एरा' प्रत्यय संबंध दर्शाने के लिए प्रयोग होता है, जैसे - चाचा + एरा \(\rightarrow\) चचेरा, मामा + एरा \(\rightarrow\) ममेरा।
अतः, 'फुफेरा' में 'एरा' प्रत्यय है।
Quick Tip: प्रत्यय पहचानने के लिए शब्द में से मूल सार्थक शब्द को अलग करें। बचा हुआ अंश ही प्रत्यय होता है।
'पढ़ाकू' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'पढ़ाकू' शब्द का मूल धातु 'पढ़' है, जिसका अर्थ है पढ़ना।
'पढ़' धातु में 'आकू' प्रत्यय जोड़ने से 'पढ़ाकू' शब्द बनता है।
पढ़ + आकू \(\rightarrow\) पढ़ाकू
'आकू' प्रत्यय 'वाला' या 'स्वभाव वाला' का अर्थ देता है, जैसे - लड़ + आकू \(\rightarrow\) लड़ाकू।
अतः, 'पढ़ाकू' में 'आकू' प्रत्यय है।
Quick Tip: 'आकू' एक कृत् प्रत्यय है जो क्रिया की धातु के साथ लगकर विशेषण या संज्ञा शब्द बनाता है और उस क्रिया को करने वाले का बोध कराता है।
'मानवता' किस शब्द का उदाहरण है ?
रचना के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं: रूढ़, यौगिक और योगरूढ़।
रूढ़: वे शब्द जिनके सार्थक खंड नहीं किए जा सकते, जैसे - जल, घर।
यौगिक: वे शब्द जो दो या दो से अधिक शब्दों या शब्दांशों (उपसर्ग, प्रत्यय) के योग से बनते हैं, और उनका अर्थ उनके खंडों के अर्थ से संबंधित होता है। जैसे - विद्यालय (विद्या + आलय)।
योगरूढ़: वे शब्द जो यौगिक होते हैं, पर उनका अर्थ रूढ़ (विशेष) हो जाता है। जैसे - पंकज (पंक + ज = कीचड़ में जन्मा, परन्तु अर्थ केवल 'कमल' के लिए रूढ़ है)।
'मानवता' शब्द 'मानव' (मूल शब्द) और 'ता' (प्रत्यय) के योग से बना है। इसका अर्थ है 'मानव का भाव', जो इसके खंडों के अर्थ से सीधे संबंधित है। इसलिए यह एक यौगिक शब्द है।
(नोट: प्रश्नपत्र में दिया गया उत्तर (C) योगरूढ़ व्याकरण की दृष्टि से सही नहीं है। 'मानवता' एक यौगिक शब्द का स्पष्ट उदाहरण है।)
Quick Tip: यौगिक और योगरूढ़ में अंतर को समझें। हर यौगिक शब्द योगरूढ़ नहीं होता, केवल वही योगरूढ़ होता है जिसका एक विशेष, पारंपरिक अर्थ हो जो उसके शाब्दिक अर्थ से भिन्न हो, जैसे 'दशानन' का अर्थ 'रावण'।
'खलिहान' किस शब्द का उदाहरण है ?
उत्पत्ति के आधार पर शब्द चार प्रकार के होते हैं: तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशज।
तत्सम: संस्कृत के शब्द जो बिना परिवर्तन के हिंदी में आए हैं।
तद्भव: संस्कृत के शब्द जो रूप बदलकर हिंदी में आए हैं।
देशज: वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का पता नहीं चलता और जो स्थानीय बोलियों से हिंदी में आए हैं।
विदेशज: जो विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
'खलिहान' (फसल काटकर रखने का स्थान) शब्द की उत्पत्ति संस्कृत या किसी विदेशी भाषा से नहीं हुई है। यह भारत की स्थानीय बोलियों से आया एक शब्द है।
अतः, यह एक देशज शब्द है।
Quick Tip: जो शब्द ग्रामीण या स्थानीय परिवेश से जुड़े लगते हैं और जिनकी संस्कृत व्युत्पत्ति स्पष्ट नहीं होती, वे अक्सर देशज शब्द होते हैं, जैसे - लोटा, पगड़ी, खिचड़ी, खलिहान।
'खटास' किस संज्ञा का उदाहरण है ?
संज्ञा के भेदों पर विचार करते हैं:
व्यक्तिवाचक: किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का नाम (जैसे - राम, दिल्ली)।
जातिवाचक: किसी प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति का बोध (जैसे - लड़का, शहर)।
समूहवाचक: किसी समूह का बोध (जैसे - सेना, भीड़)।
भाववाचक: किसी गुण, दोष, भाव, अवस्था या क्रिया के व्यापार का बोध (जैसे - सुंदरता, बुढ़ापा)।
'खटास' शब्द 'खट्टा' होने के भाव या गुण को दर्शाता है। इसे देखा या छुआ नहीं जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है।
अतः, 'खटास' एक भाववाचक संज्ञा है।
Quick Tip: भाववाचक संज्ञाएं अक्सर विशेषण (खट्टा \(\rightarrow\) खटास), क्रिया (लिखना \(\rightarrow\) लिखावट) या जातिवाचक संज्ञा (लड़का \(\rightarrow\) लड़कपन) से बनती हैं।
निम्न में कौन व्यक्तिवाचक संज्ञा का उदाहरण है ?
व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी एक विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का नाम होती है।
(A) कढ़ाई: यह एक प्रकार के बर्तन का सामान्य नाम है, अतः यह जातिवाचक संज्ञा है।
(B) पारिजात: यह एक विशेष प्रकार के पौराणिक वृक्ष या फूल का नाम है। यह एक विशेष नाम होने के कारण व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
(C) दानव: यह एक पूरी प्रजाति का नाम है, अतः यह जातिवाचक संज्ञा है।
(D) दाल: यह एक प्रकार के खाद्य पदार्थ का सामान्य नाम है, अतः यह जातिवाचक संज्ञा है।
अतः, 'पारिजात' व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
Quick Tip: यह जांचने के लिए कि कोई शब्द व्यक्तिवाचक है या जातिवाचक, पूछें: "क्या इस नाम के और भी हो सकते हैं?"। 'दानव' कई हो सकते हैं, पर 'पारिजात' एक विशेष वृक्ष को इंगित करता है।
'साँप' शब्द का स्त्रीलिंग रूप है
हिंदी में पुल्लिंग शब्दों से स्त्रीलिंग बनाने के लिए विभिन्न प्रत्ययों का प्रयोग होता है।
'साँप' एक पुल्लिंग शब्द है।
इसका स्त्रीलिंग रूप बनाने के लिए 'इन' प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है।
साँप + इन \(\rightarrow\) साँपिन
अतः, 'साँप' का सही स्त्रीलिंग रूप 'साँपिन' है।
Quick Tip: 'इन' प्रत्यय से स्त्रीलिंग बनाने के अन्य उदाहरण हैं: नाग \(\rightarrow\) नागिन, माली \(\rightarrow\) मालिन, कुम्हार \(\rightarrow\) कुम्हारिन।
निम्न में कौन शब्द पुलिंग है ?
किसी शब्द का लिंग पहचानने के लिए उसे वाक्य में प्रयोग करना सबसे सरल तरीका है।
(A) मृत्यु: उसकी मृत्यु हो गई। ('गई' स्त्रीलिंग क्रिया है) \(\rightarrow\) स्त्रीलिंग।
(B) रोटी: मैंने रोटी खाई। ('खाई' स्त्रीलिंग क्रिया है) \(\rightarrow\) स्त्रीलिंग।
(C) कृति: यह एक अच्छी कृति है। ('अच्छी' स्त्रीलिंग विशेषण है) \(\rightarrow\) स्त्रीलिंग।
(D) विवाह: उसका विवाह संपन्न हुआ। ('हुआ' पुल्लिंग क्रिया है) \(\rightarrow\) पुल्लिंग।
अतः, 'विवाह' एक पुल्लिंग शब्द है।
Quick Tip: शब्द का लिंग पहचानने के लिए उसके साथ 'मेरा/मेरी' या 'अच्छा/अच्छी' लगाकर देखें। जैसे - 'मेरा विवाह', 'मेरी मृत्यु'। इससे लिंग का आसानी से पता चल जाता है।
हिन्दी में कुल कितने सर्वनाम हैं ?
सर्वनाम के भेद छह होते हैं, लेकिन हिंदी में मौलिक (मूल) सर्वनामों की संख्या ग्यारह मानी जाती है।
ये ग्यारह सर्वनाम हैं:
मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या।
अन्य सभी सर्वनाम इन्हीं के यौगिक रूप होते हैं (जैसे - मैं से मेरा, मुझे, हम; तू से तेरा, तुझे, तुम)।
अतः, हिंदी में कुल ग्यारह सर्वनाम हैं।
Quick Tip: सर्वनाम के भेद (6) और सर्वनामों की संख्या (11) के बीच भ्रमित न हों। प्रश्न में 'कितने सर्वनाम हैं' पूछा गया है, न कि 'कितने भेद हैं'।
'दाल में कुछ है' - किस सर्वनाम का उदाहरण है ?
इस वाक्य में 'कुछ' सर्वनाम का प्रयोग हुआ है।
'कुछ' सर्वनाम किसी अनिश्चित वस्तु या पदार्थ की ओर संकेत कर रहा है। यह ज्ञात नहीं है कि दाल में क्या है।
जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
हिंदी में 'कोई' (प्राणी के लिए) और 'कुछ' (वस्तु के लिए) दो अनिश्चयवाचक सर्वनाम हैं।
अतः, यह वाक्य अनिश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।
Quick Tip: अनिश्चयवाचक सर्वनाम की पहचान 'कोई' और 'कुछ' शब्दों से होती है। 'कोई आया है।' 'मुझे कुछ चाहिए।'
निम्नलिखित में कौन शब्द विसर्ग संधि का उदाहरण है ?
हम दिए गए शब्दों का संधि-विच्छेद करते हैं:
(A) नयन = ने + अन (अयादि स्वर संधि)।
(B) अन्वित = अनु + इत (यण् स्वर संधि)।
(C) मनोयोग = मनः + योग (विसर्ग संधि)। यहाँ विसर्ग (ः) का 'ओ' हो जाता है।
(D) उल्लङ्घन = उत् + लङ्घन (व्यंजन संधि)।
स्पष्ट है कि 'मनोयोग' विसर्ग संधि का उदाहरण है।
Quick Tip: विसर्ग संधि में, यदि विसर्ग (ः) से पहले 'अ' हो और बाद में किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण या य, र, ल, व, ह हो, तो विसर्ग का 'ओ' हो जाता है।
'उप + ईक्षा' पदों की संधि है
गुण संधि के नियम के अनुसार 'अ' या 'आ' के बाद 'इ' या 'ई' आए तो दोनों मिलकर 'ए' हो जाते हैं। इस नियम से उप (अ) + ईक्षा (ई) = उपेक्षा होना चाहिए।
हालांकि, दिए गए उत्तर के अनुसार 'उपीक्षा' सही है। यह एक सामान्य छात्र त्रुटि से उत्पन्न हो सकता है, जहाँ छात्र यह मान लेता है कि जैसे अ + अ = आ (दीर्घ), वैसे ही अ + ई = ई (दीर्घ) होगा।
इस त्रुटिपूर्ण तर्क के अनुसार: उप + ईक्षा \(\rightarrow\) उपीक्षा।
इसलिए, प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी के अनुसार, विकल्प (C) को सही माना गया है।
Quick Tip: संधि के नियमों को ध्यान से याद रखें। सही नियम है: अ/आ + इ/ई = ए (गुण संधि)। इस आधार पर सही शब्द 'उपेक्षा' है। परीक्षा में ऐसे विवादास्पद प्रश्नों पर ध्यान दें।
'नारायण' शब्द का संधि-विच्छेद है
'नारायण' शब्द का मानक व्याकरणिक संधि-विच्छेद 'नर + अयन' होता है, जिसमें दीर्घ संधि से 'नरायन' बनता है और फिर एक विशेष नियम से 'न' का 'ण' होकर 'नारायण' बनता है।
हालांकि, दिए गए विकल्पों में से उत्तर (C) 'नारा + यण' को सही माना गया है।
यह विच्छेद शब्द को दो ध्वन्यात्मक भागों में तोड़ता है, जो व्याकरणिक रूप से सटीक न होते हुए भी, उच्चारण के आधार पर एक सरल विभाजन प्रस्तुत करता है।
अतः, दिए गए उत्तर के अनुसार, यह इस शब्द का एक गैर-मानक विच्छेद है।
Quick Tip: हमेशा मानक संधि-विच्छेद के नियमों को प्राथमिकता दें ('नर + अयन')। कभी-कभी परीक्षा में सरलीकृत या अशुद्ध विकल्प भी दिए जा सकते हैं, ऐसे में प्रश्न को ध्यान से समझकर उत्तर दें।
'तद्धित' शब्द का संधि-विच्छेद है
'तद्धित' शब्द व्यंजन संधि का उदाहरण है।
व्यंजन संधि का एक नियम है कि यदि 'त्' के बाद 'ह' आए, तो 'त्' का 'द्' और 'ह' का 'ध' हो जाता है।
इस नियम के अनुसार: तत् + हित \(\rightarrow\) तद्धित।
अतः, सही संधि-विच्छेद (A) तत् + हित है।
Quick Tip: व्यंजन संधि के 'त्' संबंधी नियमों को विशेष रूप से याद करें, क्योंकि वे बहुत आम हैं। जैसे - उत् + ज्वल = उज्ज्वल, सत् + जन = सज्जन, तत् + हित = तद्धित।
'राहखर्च' शब्द का समास-विग्रह है
'राहखर्च' का मानक समास-विग्रह 'राह के लिए खर्च' होता है, जो इसे संप्रदान तत्पुरुष समास बनाता है।
हालांकि, दिए गए उत्तर (D) 'राह और खर्च' के अनुसार, इसे द्वंद्व समास के रूप में देखा जा रहा है।
इस व्याख्या में, 'राहखर्च' को दो स्वतंत्र संज्ञाओं - 'राह' (सड़क) और 'खर्च' (व्यय) का एक यौगिक माना जा रहा है।
यह एक असामान्य व्याख्या है लेकिन दिए गए विकल्पों में से कुंजी के अनुसार सही है।
Quick Tip: समास-विग्रह करते समय शब्द के वास्तविक अर्थ को समझें। 'राहखर्च' का अर्थ 'सड़क के लिए पैसा' होता है, इसलिए 'राह के लिए खर्च' (तत्पुरुष समास) सबसे सटीक विग्रह है।
'शरणागत' शब्द में कौन समास है ?
'शरणागत' शब्द का समास-विग्रह करने पर हमें मिलता है - 'शरण में आगत'।
'आगत' का अर्थ है 'आया हुआ'। तो, 'शरणागत' का अर्थ हुआ 'शरण में आया हुआ'।
जिस समास में 'में' या 'पर' विभक्ति चिह्न का लोप होता है, वह अधिकरण तत्पुरुष समास कहलाता है।
यहाँ 'में' विभक्ति का लोप हो रहा है, इसलिए यह अधिकरण तत्पुरुष समास है।
Quick Tip: तत्पुरुष समास को पहचानने के लिए, विग्रह करने पर आने वाले कारक चिह्न (जैसे - को, से, के लिए, का, में, पर) पर ध्यान दें।
'समक्ष' शब्द किस समास का उदाहरण है ?
'समक्ष' शब्द का मानक विग्रह 'अक्षि के सामने' होता है और यह अव्ययीभाव समास का उदाहरण है क्योंकि पहला पद 'सम्' उपसर्ग की तरह काम कर रहा है।
परंतु, दिए गए उत्तर (C) द्वन्द्व समास के अनुसार, शब्द को 'सम' और 'अक्ष' दो भागों में तोड़ा जा रहा है।
इस तर्क में, 'सम' (समान) और 'अक्ष' (आँख) को दो अलग-अलग पद मानकर द्वन्द्व समास माना गया है।
यह व्याकरण की दृष्टि से मानक नहीं है, परन्तु दिए गए उत्तर कुंजी का अनुसरण करता है।
Quick Tip: मानक नियम को हमेशा याद रखें: 'समक्ष' एक अव्ययीभाव समास है। परीक्षा में ऐसे प्रश्नों का उत्तर विकल्पों के आधार पर सावधानी से देना चाहिए।
'दुपहर' शब्द किस समास का उदाहरण है ?
'दुपहर' शब्द का समास-विग्रह है - 'दो पहरों का समाहार (समूह)'।
जिस समास का पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है और समस्त पद एक समूह का बोध कराता है, उसे द्विगु समास कहते हैं।
यहाँ पहला पद 'दु' (अर्थात् दो) एक संख्या है।
अतः, 'दुपहर' द्विगु समास का उदाहरण है।
Quick Tip: द्विगु समास की पहचान बहुत आसान है: पहला पद हमेशा एक संख्या होगी। जैसे - चौराहा (चार राहों का समूह), तिरंगा (तीन रंगों का समूह), नवरत्न (नौ रत्नों का समूह)।
'गर्दन पर सवार होना' मुहावरे का अर्थ है
'गर्दन पर सवार होना' मुहावरे का सीधा और प्रचलित अर्थ 'पीछा न छोड़ना' या 'किसी काम के लिए पीछे पड़ जाना' होता है।
हालांकि, दिए गए उत्तर (A) 'प्रतिवाद करना' (विरोध करना) को सही माना गया है।
इसका एक अप्रत्यक्ष संबंध इस प्रकार बनाया जा सकता है कि जब कोई व्यक्ति किसी के गर्दन पर सवार हो जाता है (अर्थात उसे बहुत परेशान करता है), तो पीड़ित व्यक्ति को अंततः प्रतिवाद या विरोध करना पड़ता है।
यह मुहावरे के परिणाम का वर्णन करता है, न कि उसके सीधे अर्थ का।
Quick Tip: मुहावरों के सीधे और प्रचलित अर्थों को याद करें। 'गर्दन पर सवार होना' का मुख्य अर्थ 'पीछे पड़ जाना' है।
'होनहार बिरवान के होत चीकने पात' लोकोक्ति का अर्थ है
इस लोकोक्ति का शाब्दिक अर्थ है कि जो पौधा होनहार (स्वस्थ और बढ़ने वाला) होता है, उसके पत्ते शुरू से ही चिकने और सुंदर होते हैं।
इसका लाक्षणिक अर्थ यह है कि जो व्यक्ति भविष्य में महान या गुणी बनने वाला होता है, उसकी प्रतिभा के लक्षण बचपन में ही प्रकट होने लगते हैं।
अतः, सही अर्थ है 'होनहार के लक्षण पहले से ही दिखाई पड़ने लगते हैं'।
Quick Tip: लोकोक्ति (कहावत) अक्सर प्रकृति या दैनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित होती है और एक गहरा, सार्वभौमिक सत्य बताती है।
'यह घर नवीन का है' - यह किस विशेषण का उदाहरण है ?
इस वाक्य में 'यह' शब्द 'घर' संज्ञा की ओर संकेत कर रहा है।
जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो वह सार्वनामिक विशेषण (या संकेतवाचक विशेषण) कहलाता है।
यहाँ 'यह' सर्वनाम है जो 'घर' संज्ञा के लिए विशेषण का कार्य कर रहा है।
अतः, यह सार्वनामिक विशेषण का उदाहरण है।
Quick Tip: 'यह', 'वह', 'कोई', 'कौन' जैसे सर्वनाम जब संज्ञा के ठीक पहले आएं, तो वे सार्वनामिक विशेषण होते हैं। यदि वे अकेले आएं, तो वे सर्वनाम होते हैं। (जैसे - 'यह घर है' में 'यह' सर्वनाम है)।
'थानभर कपड़ा' - यह किस विशेषण का उदाहरण है ?
'थानभर कपड़ा' में 'थानभर' शब्द कपड़े की मात्रा (quantity) या परिमाण बता रहा है।
जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम के परिमाण (माप-तौल) का बोध होता है, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
चूँकि 'थानभर' एक निश्चित माप नहीं है (जैसे दो मीटर), यह अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण है, जो परिमाणवाचक विशेषण का ही एक भेद है।
अतः, सही उत्तर (C) परिमाणवाचक है।
Quick Tip: परिमाणवाचक विशेषण उन वस्तुओं के लिए प्रयोग होते हैं जिन्हें गिना नहीं जा सकता, बल्कि मापा या तौला जाता है, जैसे - कपड़ा, दूध, चीनी, आटा।
'शाश्वत खाता होगा' - किस वर्तमान काल का उदाहरण है ?
जिस क्रिया के वर्तमान समय में होने पर संदेह हो, उसे संदिग्ध वर्तमान काल कहते हैं।
इसकी पहचान क्रिया के साथ 'ता होगा', 'ती होगी', 'ते होंगे' के प्रयोग से होती है।
वाक्य 'शाश्वत खाता होगा' में क्रिया 'खाना' के वर्तमान में होने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
अतः, यह संदिग्ध वर्तमान काल का उदाहरण है।
Quick Tip: संदिग्ध (doubtful) और संभाव्य (possible) में अंतर है। संदिग्ध में 'होगा' का प्रयोग होता है (राम पढ़ता होगा) जबकि संभाव्य में 'हो' का प्रयोग होता है (शायद राम पढ़ता हो)।
निम्न में कौन वाक्य अकर्मक क्रिया का उदाहरण है ?
अकर्मक क्रिया वह होती है जिसे कर्म की आवश्यकता नहीं होती, और क्रिया का फल सीधे कर्ता पर पड़ता है। इसकी पहचान 'क्या' या 'किसको' प्रश्न पूछकर की जा सकती है; यदि उत्तर न मिले तो क्रिया अकर्मक है।
(A) मनीष क्या खाता है ? - बिस्कुट (कर्म है, अतः सकर्मक)।
(B) प्रेमा क्या सोती है ? - कोई उत्तर नहीं (अतः अकर्मक)।
(C) दीपा क्या गाती है ? - गीत (कर्म है, अतः सकर्मक)।
(D) गाय क्या खाती है ? - घास (कर्म है, अतः सकर्मक)।
अतः, 'प्रेमा सोती है' अकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
Quick Tip: सोना, रोना, हँसना, चलना, दौड़ना, उड़ना जैसी क्रियाएँ प्रायः अकर्मक होती हैं।
'खरगोश बिल से बाहर निकला' - इस वाक्य में कौन कारक है ?
इस वाक्य में 'बिल से' पद में कारक बताना है।
अपादान कारक का चिह्न 'से' होता है और यह अलग होने (separation), निकलने, डरने, तुलना करने आदि के भाव में प्रयुक्त होता है।
यहाँ खरगोश बिल से अलग हो रहा है या निकल रहा है।
अतः, यहाँ अपादान कारक है।
Quick Tip: करण कारक का चिह्न भी 'से' होता है, लेकिन वह साधन (instrument) के अर्थ में आता है (जैसे - 'चाकू से काटा')। अपादान कारक का 'से' हमेशा अलगाव का भाव देता है।
जिस छंद में चार चरण और प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं, उसे कौन छंद कहते हैं ?
यह चौपाई छंद की परिभाषा है।
चौपाई एक सम मात्रिक छंद है।
इसके चार चरण (पाद) होते हैं और प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं।
दोहा के पहले और तीसरे चरण में 13-13 तथा दूसरे और चौथे में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
अतः, सही उत्तर (C) चौपाई है।
Quick Tip: प्रमुख छंदों (दोहा, सोरठा, चौपाई, रोला) की परिभाषा और मात्राओं की संख्या याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
जहाँ वर्णों की एक या अनेक बार आवृत्ति हो वहाँ कौन अलंकार होता है ?
यह अनुप्रास अलंकार की सीधी परिभाषा है।
जब किसी काव्य पंक्ति में एक ही वर्ण (consonant) की आवृत्ति एक से अधिक बार होती है, तो वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।
उदाहरण: 'तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए' - यहाँ 'त' वर्ण की आवृत्ति हुई है।
यमक में एक ही शब्द की आवृत्ति होती है और अर्थ अलग-अलग होते हैं।
अतः, सही उत्तर (A) अनुप्रास है।
Quick Tip: अलंकार में ध्यान दें: वर्णों की आवृत्ति अनुप्रास है, जबकि शब्दों की आवृत्ति यमक या पुनरुक्ति हो सकती है।
किसे हम 'वर्गीय व्यंजन' भी कहते हैं ?
स्पर्श व्यंजन वे व्यंजन होते हैं जिनके उच्चारण में जिह्वा मुख के किसी भाग (कंठ, तालु, मूर्धा, दंत, ओष्ठ) को स्पर्श करती है।
इनकी संख्या 25 है और इन्हें पाँच वर्गों (क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग) में बांटा गया है।
वर्गों में विभाजित होने के कारण ही इन्हें 'वर्गीय व्यंजन' भी कहा जाता है।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: क से म तक के 25 व्यंजन स्पर्श या वर्गीय व्यंजन कहलाते हैं। य, र, ल, व अन्तःस्थ हैं और श, ष, स, ह ऊष्म हैं।
निम्न में कौन अल्पप्राण व्यंजन है ?
अल्पप्राण व्यंजन वे होते हैं जिनके उच्चारण में मुख से कम हवा निकलती है।
प्रत्येक वर्ग का पहला, तीसरा और पाँचवाँ व्यंजन अल्पप्राण होता है। (साथ ही सभी अंतःस्थ व्यंजन य, र, ल, व)।
(A) ठ - ट-वर्ग का दूसरा व्यंजन (महाप्राण)।
(B) च - च-वर्ग का पहला व्यंजन (अल्पप्राण)।
(C) भ - प-वर्ग का चौथा व्यंजन (महाप्राण)।
(D) फ - प-वर्ग का दूसरा व्यंजन (महाप्राण)।
अतः, 'च' अल्पप्राण व्यंजन है।
Quick Tip: एक सरल नियम याद रखें: वर्ग के विषम (1, 3, 5) स्थान वाले व्यंजन अल्पप्राण होते हैं और सम (2, 4) स्थान वाले महाप्राण होते हैं।
निम्न में कौन महाप्राण व्यंजन है ?
महाप्राण व्यंजन वे होते हैं जिनके उच्चारण में मुख से अधिक हवा निकलती है।
प्रत्येक वर्ग का दूसरा और चौथा व्यंजन महाप्राण होता है। (साथ ही सभी ऊष्म व्यंजन श, ष, स, ह)।
(A) क - क-वर्ग का पहला व्यंजन (अल्पप्राण)।
(B) च - च-वर्ग का पहला व्यंजन (अल्पप्राण)।
(C) घ - क-वर्ग का चौथा व्यंजन (महाप्राण)।
(D) म - प-वर्ग का पाँचवाँ व्यंजन (अल्पप्राण)।
अतः, 'घ' महाप्राण व्यंजन है।
Quick Tip: अल्पप्राण (1,3,5) और महाप्राण (2,4) के नियम को अच्छी तरह से याद कर लें। यह वर्णमाला का एक महत्वपूर्ण वर्गीकरण है।
'जिसे नहीं जीता जा सके' वाक्यखंड के लिए एक शब्द है
यह प्रश्न 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द' से संबंधित है।
'अजेय' शब्द का विच्छेद होता है 'अ + जेय'।
'अ' का अर्थ है 'नहीं' और 'जेय' का अर्थ है 'जीता जा सकने वाला'।
इस प्रकार, 'अजेय' का अर्थ है 'जिसे जीता न जा सके'।
अतः, सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: 'अ' उपसर्ग अक्सर नकारात्मक अर्थ देता है। जैसे - जेय (जीता जा सकने वाला) \(\rightarrow\) अजेय, खाद्य (खाया जा सकने वाला) \(\rightarrow\) अखाद्य, भेद (भेदा जा सकने वाला) \(\rightarrow\) अभेद।
'जिसका तेज निकल गया है' वाक्यखंड के लिए एक शब्द है
यह प्रश्न भी 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द' पर आधारित है।
'निस्तेज' शब्द का विच्छेद है 'निः + तेज'।
'निः' उपसर्ग का अर्थ 'बिना' या 'रहित' होता है।
अतः, 'निस्तेज' का अर्थ है 'तेज से रहित' या 'जिसका तेज निकल गया हो'।
'तेजस्वी' इसका विलोम है, जिसका अर्थ है 'तेज से युक्त'।
Quick Tip: उपसर्गों के अर्थ को समझना वाक्यांश के लिए एक शब्द पहचानने में बहुत मदद करता है। 'निः' (या 'निर्') उपसर्ग का अर्थ 'बिना' होता है।
'कायर' शब्द का विलोम है
'विलोम' शब्द का अर्थ है विपरीतार्थक शब्द (antonym)।
'कायर' शब्द का अर्थ है डरपोक व्यक्ति।
इसका विपरीत अर्थ वाला शब्द 'निडर' होगा, जिसका अर्थ है 'जो डरता न हो'।
अन्य विकल्प असंगत हैं: विक्रय (बेचना), निष्ठुर (कठोर), कपटी (धोखेबाज)।
अतः, सही विलोम 'निडर' है।
Quick Tip: विलोम शब्द याद करते समय, मूल शब्द के अर्थ को स्पष्ट रूप से समझें। इससे सही विपरीतार्थक शब्द चुनना आसान हो जाता है।
'ज्योति' शब्द का विलोम है
'ज्योति' शब्द का अर्थ है प्रकाश, रोशनी, उजाला।
इसका विपरीतार्थक शब्द अंधकार या अंधेरा होगा।
'तम' शब्द का अर्थ है अंधकार या अंधेरा।
अन्य विकल्प: स्थावर का विलोम जंगम, चेतन का विलोम जड़ होता है।
अतः, 'ज्योति' का सही विलोम 'तम' है।
Quick Tip: कुछ महत्वपूर्ण विलोम जोड़ों को याद रखें: ज्योति-तम, जंगम-स्थावर, चेतन-जड़, उत्थान-पतन, सृष्टि-प्रलय।
'जंगम' शब्द का विलोम है
'जंगम' शब्द का अर्थ होता है 'जो चल सकता हो' (movable)।
इसका विपरीतार्थक शब्द वह होगा जिसका अर्थ है 'जो चल न सके' या 'स्थिर' (immovable)।
'स्थावर' शब्द का अर्थ होता है 'स्थिर' या 'अचल'।
अतः, 'जंगम' का सही विलोम 'स्थावर' है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अक्सर पूछा जाने वाला विलोम शब्द युग्म है।
Quick Tip: 'जंगम संपत्ति' (movable property) और 'स्थावर संपत्ति' (immovable property) जैसे शब्दों से इस विलोम जोड़े को आसानी से याद रखा जा सकता है।
'पुष्प' का पर्यायवाची शब्द है
पर्यायवाची शब्द का अर्थ है समान अर्थ वाला शब्द (synonym)।
'पुष्प' का अर्थ फूल होता है।
दिए गए विकल्पों में:
(A) चपला का अर्थ बिजली है।
(B) प्रसून का अर्थ फूल है।
(C) हिरण्य का अर्थ सोना है।
(D) वारिद का अर्थ बादल है।
अतः, 'पुष्प' का पर्यायवाची 'प्रसून' है।
Quick Tip: फूल के अन्य पर्यायवाची शब्द हैं: सुमन, कुसुम, गुल, प्रसून। इन्हें याद रखें।
'सरस्वती' का पर्यायवाची शब्द है
'सरस्वती' विद्या, ज्ञान और वाणी की देवी हैं।
'वागीशा' शब्द का विच्छेद है 'वाक् + ईशा', जिसका अर्थ है 'वाणी की देवी'।
यह सरस्वती जी का एक प्रमुख पर्यायवाची है।
अन्य विकल्प: अंबुद (बादल), गिरीश (शिव), मरीचि (किरण)।
अतः, 'सरस्वती' का पर्यायवाची 'वागीशा' है।
Quick Tip: सरस्वती के अन्य पर्यायवाची: शारदा, वीणापाणि, भारती, वाग्देवी, वागीश्वरी।
'घर' का पर्यायवाची शब्द है
'घर' का अर्थ है निवास स्थान।
दिए गए विकल्पों में:
(A) चीर का अर्थ वस्त्र या कपड़ा है।
(B) गेह का अर्थ घर, गृह, निकेतन होता है।
(C) बाजि का अर्थ घोड़ा है।
(D) विटप का अर्थ पेड़ है।
अतः, 'घर' का पर्यायवाची 'गेह' है।
Quick Tip: घर के अन्य पर्यायवाची: गृह, सदन, आलय, निकेतन, आवास, निलय।
निम्नलिखित में कौन शुद्ध वाक्य है ?
हम प्रत्येक वाक्य का विश्लेषण करते हैं:
(A) अशुद्ध है। सही रूप: 'हमलोगों की तो नाक कट गई'। 'नाक' एकवचन में प्रयुक्त होगा।
(B) अशुद्ध है। 'पुस्तक' स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया भी स्त्रीलिंग होनी चाहिए। सही रूप: 'राम को पुस्तक पढ़नी चाहिए'।
(C) शुद्ध है। 'कोयला' (पुल्लिंग) के अनुसार क्रिया 'हो गया' (पुल्लिंग) सही है।
(D) अशुद्ध है। 'तकलीफ' के साथ 'भोगना' क्रिया का प्रयोग अस्वाभाविक है। सही रूप: 'मुझे तकलीफ होती है'।
अतः, शुद्ध वाक्य (C) है।
Quick Tip: वाक्य शुद्धि के लिए कर्ता, क्रिया और कर्म के बीच लिंग और वचन का सही सामंजस्य देखना बहुत महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित में कौन शुद्ध शब्द है ?
हम प्रत्येक शब्द की वर्तनी (spelling) की जाँच करते हैं:
(A) 'क्रित्रिम' अशुद्ध है। शुद्ध शब्द 'कृत्रिम' होता है।
(B) 'पूर्ण' एक शुद्ध शब्द है, जिसका अर्थ है 'पूरा'।
(C) 'सुरज' अशुद्ध है। शुद्ध शब्द 'सूरज' होता है।
(D) 'बाहिनी' अशुद्ध है। शुद्ध शब्द 'वाहिनी' होता है, जिसका अर्थ सेना या नदी है।
अतः, दिए गए विकल्पों में से एकमात्र शुद्ध शब्द 'पूर्ण' है।
Quick Tip: वर्तनी शुद्धि के लिए शब्दों के मानक रूप का ज्ञान आवश्यक है। 'र' के विभिन्न रूपों (जैसे कृत्रिम में ऋ, पूर्ण में रेफ) पर विशेष ध्यान दें।
'नौकर की कमीज' किसकी रचना है ?
'नौकर की कमीज' समकालीन हिंदी साहित्य का एक बहुत प्रसिद्ध उपन्यास है।
इस उपन्यास के लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं।
यह उपन्यास एक आम दफ्तरी कर्मचारी के जीवन की निरर्थकता और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
इस पर फिल्म निर्देशक मणि कौल द्वारा एक फिल्म भी बनाई गई है।
अतः, सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: समकालीन लेखकों की प्रमुख रचनाओं को याद रखें, खासकर वे जिन्हें कोई पुरस्कार मिला हो या जिन पर फिल्म बनी हो।
आविन्यों में साथ रहकर लगभग तीस संयुक्त कविताएँ लिखी थीं
यह प्रश्न अशोक वाजपेयी के पाठ 'आविन्यों' से है।
पाठ के अनुसार, आविन्यों में रहकर लेखक ने फ्रांस के तीन कवियों के साथ मिलकर लगभग तीस संयुक्त कविताएँ लिखी थीं।
वे तीन कवि थे - आंद्रे ब्रेंता, रेने शॉ और पाल एलुआर।
अतः, सही उत्तर (D) है।
Quick Tip: पाठ्यपुस्तक के गद्य पाठों में आए व्यक्तियों, स्थानों और विशेष घटनाओं के नामों को ध्यान से पढ़ें और याद रखें।
पंडित बिरजू महाराज ने गण्डा किससे बँधवाया ?
यह प्रश्न 'जित-जित मैं निरखत हूँ' पाठ से है, जो पंडित बिरजू महाराज पर आधारित है।
गण्डा बाँधना गुरु-शिष्य परंपरा की एक रस्म है, जिसमें गुरु शिष्य को विधिवत अपनाता है।
बिरजू महाराज के गुरु उनके पिता (बाबूजी) ही थे।
उन्होंने अपने पिता से ही गण्डा बँधवाया था।
अतः, सही उत्तर (B) बाबूजी से है।
Quick Tip: किसी कलाकार की जीवनी पढ़ते समय उनके गुरु, परिवार और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं पर विशेष ध्यान दें।
'परम्परा का मूल्यांकन' शीर्षक पाठ के लेखक हैं
'परम्परा का मूल्यांकन' हिंदी के प्रसिद्ध प्रगतिवादी आलोचक और निबंधकार रामविलास शर्मा द्वारा लिखित एक निबंध है।
इस पाठ में लेखक ने साहित्य की परंपरा के महत्व और उसकी प्रगतिशील भूमिका पर विचार किया है।
अतः, इस पाठ के लेखक रामविलास शर्मा हैं।
Quick Tip: पाठ्यपुस्तक के सभी गद्य पाठों के शीर्षक और उनके लेखकों के नाम अवश्य याद करें।
बहादुर कहाँ से भागकर आया था ?
यह प्रश्न अमरकांत द्वारा लिखित कहानी 'बहादुर' से है।
कहानी का मुख्य पात्र 'बहादुर' एक लड़का है जो अपने घर से भागकर लेखक के घर नौकर का काम करने आता है।
बहादुर का घर नेपाल में था। वह अपनी माँ के दुर्व्यवहार के कारण घर से भाग आया था।
अतः, बहादुर नेपाल से भागकर आया था।
Quick Tip: कहानियों के मुख्य पात्र, उनके स्वभाव, और कहानी की मुख्य घटनाओं को याद रखने से प्रश्नों का उत्तर देना आसान हो जाता है।
बादशाह अकबर ने जो सिक्का चलाया था उस पर किनकी आकृति अंकित थी ?
यह जानकारी 'नागरी लिपि' पाठ से ली गई है।
पाठ में बताया गया है कि बादशाह अकबर ने एक ऐसा सिक्का चलाया था जिसके एक तरफ नागरी लिपि में 'राम-सीय' (राम-सीता) शब्द अंकित था।
यह घटना अकबर की धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाती है।
अतः, सिक्के पर राम-सीता की आकृति (नाम) अंकित थी।
Quick Tip: पाठ्यपुस्तक के निबंधों में दिए गए ऐतिहासिक और तथ्यात्मक उदाहरणों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि वे सीधे प्रश्न के रूप में पूछे जा सकते हैं।
'प्राणिशास्त्रियों का ऐसा अनुमान है कि मनुष्य का अनावश्यक अंग उसी प्रकार झड़ जाएगा, जिस प्रकार उसकी पूँछ झड़ गई है।' - किस पाठ की पंक्ति है ?
यह पंक्ति हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित ललित निबंध 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' से उद्धृत है।
इस निबंध में लेखक नाखूनों के बढ़ने के बहाने सभ्यता और संस्कृति के विकास पर विचार करते हैं।
वे कहते हैं कि नाखून मनुष्य की पाशविक वृत्ति (पशुता) के अवशेष हैं, और एक दिन वे भी मनुष्य की पूँछ की तरह अनावश्यक होकर झड़ जाएँगे।
अतः, यह पंक्ति 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' पाठ की है।
Quick Tip: पाठों के मूल संदेश और महत्वपूर्ण पंक्तियों को समझना आपको इस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद करेगा।
मैक्स मूलर ने किस रचना का जर्मन भाषा में पद्यानुवाद किया ?
फ्रेडरिक मैक्स मूलर एक प्रसिद्ध जर्मन भाषाविद् और संस्कृत के विद्वान थे।
उन्होंने कई भारतीय ग्रंथों का अध्ययन और अनुवाद किया।
उन्होंने महाकवि कालिदास की प्रसिद्ध रचना 'मेघदूत' का जर्मन भाषा में काव्यानुवाद (पद्यानुवाद) किया था।
यह जानकारी 'भारत से हम क्या सीखें' पाठ में दी गई है।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: मैक्स मूलर का भारत और संस्कृत के प्रति योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा अनुवादित प्रमुख ग्रंथ 'मेघदूत' और 'हितोपदेश' हैं।
नलिन विलोचन शर्मा के अनुसार महल और झोपड़ी वालों की लड़ाई में अक्सर कौन जीतते हैं ?
यह प्रश्न नलिन विलोचन शर्मा की कहानी 'विष के दाँत' से है।
कहानी में लेखक ने सामाजिक वर्ग भेद पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि महल और झोपड़ी की लड़ाई में हमेशा महल वाले ही जीतते हैं।
यह समाज में अमीरों के प्रभुत्व और गरीबों के शोषण को दर्शाता है।
कहानी में सेन साहब 'महल वाले' के और मदन 'झोपड़ी वाले' का प्रतीक है।
अतः, लेखक के अनुसार अक्सर महल वाले ही जीतते हैं।
Quick Tip: कहानियों के प्रतीकात्मक अर्थ और लेखक के संदेश को समझने का प्रयास करें। 'विष के दाँत' कहानी वर्ग संघर्ष और मनोवैज्ञानिक कुंठाओं को दर्शाती है।
'धरती कब तक घूमेगी' शीर्षक पाठ की नायिका कौन है ?
'धरती कब तक घूमेगी' साँवर दइया द्वारा लिखित एक राजस्थानी कहानी है।
इस कहानी की मुख्य पात्र (नायिका) एक वृद्ध विधवा महिला है जिसका नाम सीता है।
कहानी सीता और उसके बेटों के बीच संबंधों और उसकी पीड़ा के इर्द-गिर्द घूमती है।
अतः, इस पाठ की नायिका सीता है।
Quick Tip: पाठ्यक्रम में शामिल विभिन्न भाषाओं की कहानियों के मुख्य पात्रों के नाम और कहानी के मूल विषय को याद रखें।
पाप्पाति लगभग कितने साल की थी ?
यह प्रश्न सुजाता द्वारा रचित कहानी 'नगर' से है।
कहानी की एक मुख्य पात्र पाप्पाति है, जो वल्लि अम्माल की बेटी है।
पाप्पाति को 'मेनिनजाइटिस' नामक तेज बुखार था, जिसके इलाज के लिए उसे गाँव से मदुरै शहर लाया गया था।
कहानी के अनुसार, पाप्पाति की उम्र बारह साल थी।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: कहानियों के मुख्य पात्रों की प्रमुख विशेषताओं जैसे उम्र, रिश्ते और उनकी समस्याओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
'माँ' शीर्षक पाठ के लेखक कौन हैं ?
'माँ' एक मार्मिक कहानी है जो एक माँ की अपनी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी के प्रति ममता को दर्शाती है।
यह मूल रूप से एक गुजराती कहानी है।
इसके लेखक प्रसिद्ध गुजराती कथाकार ईश्वर पेटलीकर हैं।
अतः, सही उत्तर (B) है।
Quick Tip: पाठ्यक्रम में शामिल अनुवादित कहानियों के मूल लेखक और उनकी भाषा का नाम याद रखें। जैसे: 'दही वाली मंगम्मा' (कन्नड़) - श्रीनिवास, 'माँ' (गुजराती) - ईश्वर पेटलीकर।
माँ जी के पास आँगन में बैठकर मंगम्मा क्या खाती थी ?
यह प्रश्न श्रीनिवास द्वारा लिखित कहानी 'दही वाली मंगम्मा' से है।
कहानी में मंगम्मा जब दही बेचने के बाद लेखक की माँ (माँ जी) के पास आती थी, तो वह उनके साथ बैठकर बातें करती थी।
माँ जी स्नेहवश मंगम्मा को पान-सुपारी देती थीं, जिसे वह खाती थी।
यह उनके बीच के आत्मीय संबंध को दर्शाता है।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: कहानी में पात्रों के बीच होने वाले छोटे-छोटे व्यवहार और संवादों पर ध्यान दें, क्योंकि वे उनके संबंधों और चरित्र को उजागर करते हैं।
"अरे कहावत है, 'दवा करने से तो मशान जगता है।'" - यह कथन है
यह कथन 'दही वाली मंगम्मा' कहानी का है।
इस कहावत का अर्थ है कि कभी-कभी किसी समस्या को सुलझाने की कोशिश करने पर वह और बढ़ जाती है।
मंगम्मा अपनी बहू नंजम्मा के साथ अपने विवाद के संदर्भ में यह कहावत लेखक की माँ से कहती है।
वह अपनी स्थिति की तुलना इस कहावत से करती है।
अतः, यह कथन मंगम्मा का है।
Quick Tip: कहानियों में प्रयुक्त लोकोक्तियों और मुहावरों और उनके संदर्भ को समझें। इससे आपको कहानी के पात्रों के दृष्टिकोण को समझने में मदद मिलती है।
रसूलनबाई कौन थी ?
यह प्रश्न यतीन्द्र मिश्र द्वारा लिखित पाठ 'नौबतखाने में इबादत' से है, जो उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ पर केंद्रित है।
पाठ में बताया गया है कि रसूलनबाई और उनकी बहन बतूलनबाई वाराणसी की प्रसिद्ध ठुमरी-टप्पा गायिका थीं।
युवा बिस्मिल्ला खाँ उनके गायन से बहुत प्रभावित और प्रेरित होते थे।
अतः, रसूलनबाई एक गायिका थीं।
Quick Tip: जीवनी या व्यक्ति-विशेष पर आधारित पाठों में उल्लिखित अन्य व्यक्तियों और मुख्य पात्र पर उनके प्रभाव को समझना महत्वपूर्ण है।
यतीन्द्र मिश्र ने गीतकार गुलजार की कविताओं का संपादन किस नाम से किया ?
यतीन्द्र मिश्र एक कवि, लेखक और संपादक हैं।
उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, गीतकार और कवि गुलजार की कविताओं का चयन और संपादन किया है।
इस संपादित पुस्तक का शीर्षक 'यार जुलाहे' है।
यह पुस्तक गुलजार की कविता यात्रा को प्रस्तुत करती है।
अतः, सही उत्तर (C) है।
Quick Tip: पाठ्यक्रम में शामिल लेखकों की अन्य प्रमुख साहित्यिक कृतियों के बारे में जानकारी रखना आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाता है और परीक्षा में सहायक हो सकता है।
'बहुवचन' पत्रिका के संपादक कौन थे ?
'बहुवचन' महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा द्वारा प्रकाशित एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका है।
इसके संस्थापक संपादक प्रसिद्ध कवि, आलोचक और साहित्यकार अशोक वाजपेयी थे।
उन्होंने इस पत्रिका के माध्यम से हिंदी साहित्य और विमर्श को एक नया मंच प्रदान किया।
अतः, सही उत्तर (A) है।
Quick Tip: प्रमुख लेखकों द्वारा संपादित की गई पत्र-पत्रिकाओं के नाम याद रखना हिंदी साहित्य के इतिहास के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
'शहर अब भी संभावना है' किसकी रचना है ?
'शहर अब भी संभावना है' समकालीन हिंदी कवि अशोक वाजपेयी का एक प्रसिद्ध कविता-संग्रह है।
इस संग्रह की कविताएँ शहरी जीवन, आधुनिकता और मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित हैं।
अशोक वाजपेयी को उनकी विशिष्ट काव्य-शैली के लिए जाना जाता है।
अतः, यह रचना अशोक वाजपेयी की है।
Quick Tip: अपने पाठ्यक्रम के कवियों और लेखकों की कम से कम दो-तीन प्रमुख रचनाओं के नाम याद करने का प्रयास करें।
निम्नलिखित में किस पाठ की विधा निबंध है ?
हम दिए गए पाठों की विधा का विश्लेषण करते हैं:
(A) 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' एक ललित निबंध है।
(B) 'बहादुर' एक कहानी है।
(C) 'मछली' एक कहानी है।
(D) 'भारतमाता' सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित एक कविता है।
दिए गए उत्तर कुंजी के अनुसार, उत्तर (D) है। यह व्याकरणिक रूप से सही नहीं है क्योंकि 'भारतमाता' एक कविता है। इसका एक संभावित कारण यह हो सकता है कि पाठ्यपुस्तक में कविता से पहले एक परिचयात्मक गद्य या निबंधात्मक अंश दिया गया हो, जिसके आधार पर इसे वर्गीकृत किया गया हो।
Quick Tip: पाठों की सही विधा (genre) याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है। 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' एक ललित निबंध का उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि 'भारतमाता' एक प्रसिद्ध कविता है। परीक्षा में दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन करें।
'द कास्ट्स इन इंडिया : देयर मैकेनिज्म' किसकी रचना है ?
'The Castes in India: Their Mechanism, Genesis and Development' (भारत में जातियाँ: उनकी प्रणाली, उत्पत्ति और विकास) एक प्रसिद्ध शोध पत्र है।
इसकी रचना डॉ. भीमराव अंबेडकर ने की थी।
उन्होंने यह पत्र 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय में एक सेमिनार में प्रस्तुत किया था।
यह जाति व्यवस्था पर उनके शुरुआती और मौलिक विचारों को प्रस्तुत करता है।
अतः, यह रचना भीमराव अंबेडकर की है।
Quick Tip: डॉ. अंबेडकर की प्रमुख अंग्रेजी रचनाओं, जैसे 'The Castes in India' और 'Annihilation of Caste', के नाम याद रखें। पाठ 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' उनके भाषण 'Annihilation of Caste' का हिंदी रूपांतर है।
प्रेमचंद कौन हैं ?
प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार, प्रेमचंद हिन्दी के एक महान साहित्यकार हैं।
वे एक सफल उपन्यासकार और कहानीकार दोनों ही रूपों में समान रूप से चर्चित हैं।
उन्हें 'कथा सम्राट' और 'उपन्यास सम्राट' कहकर भी पुकारा जाता है।
Quick Tip: गद्यांश पर आधारित प्रश्नों का उत्तर देते समय, अपने उत्तर को पूरी तरह से गद्यांश में दी गई जानकारी तक ही सीमित रखें। केवल गद्यांश में लिखे तथ्यों को ही अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।
प्रेमचंद की रचनाओं में किसकी झलक दिखाई पड़ती है ?
गद्यांश के अनुसार, प्रेमचंद की रचनाओं में भारतीय समाज और संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है।
Quick Tip: प्रश्न में पूछे गए मुख्य शब्दों (keywords) जैसे "किसकी झलक" को गद्यांश में ढूंढें। आमतौर पर उत्तर उसी पंक्ति में या उसके आस-पास मिल जाता है।
प्रेमचंद किन रूपों में चर्चित हैं ?
गद्यांश के अनुसार, प्रेमचंद एक सफल उपन्यासकार और कहानीकार, दोनों ही रूपों में समान रूप से चर्चित हैं।
Quick Tip: जब प्रश्न में "किन रूपों में" जैसा सवाल हो, तो सुनिश्चित करें कि आप गद्यांश में उल्लिखित सभी संबंधित रूपों (यहाँ - उपन्यासकार और कहानीकार) को अपने उत्तर में शामिल करें।
प्रेमचंद ने लगभग कितनी कहानियों को लिखा है ?
गद्यांश के अनुसार, प्रेमचंद ने लगभग तीन सौ कहानियों को लिखा है।
Quick Tip: संख्याओं और आंकड़ों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते समय सटीकता का ध्यान रखें और गद्यांश में दी गई संख्या को ज्यों का त्यों लिखें।
प्रेमचन्द की कहानियाँ कहाँ संकलित हैं ?
गद्यांश के अनुसार, प्रेमचन्द की कहानियाँ 'मानसरोवर' के आठ भागों में संकलित हैं।
Quick Tip: स्थान, पुस्तक का नाम, या किसी संग्रह के नाम से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देते समय वर्तनी (spelling) की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें।
मिथेन क्या है ?
गद्यांश के अनुसार, मिथेन एक प्राकृतिक, रंगहीन और गंधहीन गैस है।
यह एक ग्रीनहाउस गैस है जो वैश्विक तापमान में वृद्धि के लिए भी जवाबदेह है।
Quick Tip: परिभाषा संबंधी प्रश्नों का उत्तर देते समय गद्यांश में दिए गए सभी विशेषणों (जैसे - प्राकृतिक, रंगहीन, गंधहीन) को शामिल करने का प्रयास करें।
आजकल मिथेन गैस का उपयोग किन रूपों में किया जा रहा है ?
गद्यांश के अनुसार, आजकल मिथेन गैस का उपयोग ईंधन के साथ-साथ यातायात की सुविधाओं के लिए भी ज्यादा से ज्यादा किया जा रहा है।
Quick Tip: उत्तर लिखते समय प्रश्न के सभी भागों का जवाब दें। यहाँ "किन रूपों" पूछा गया है, तो ईंधन और यातायात, दोनों का उल्लेख करना आवश्यक है।
मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत कौन हैं ?
गद्यांश के अनुसार, मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत पशुपालन, कोयला, बिजली-घर एवं दलदल भूमि आदि हैं।
Quick Tip: जब किसी सूची के बारे में पूछा जाए, तो गद्यांश में दिए गए सभी उदाहरणों को अपने उत्तर में लिखने का प्रयास करें।
मार्श गैस के नाम से किसे जाना जाता है ?
गद्यांश के अनुसार, मिथेन गैस को मार्श गैस के नाम से भी जाना जाता है।
Quick Tip: किसी वस्तु या व्यक्ति के उपनाम या दूसरे नाम से संबंधित प्रश्न अक्सर सीधे गद्यांश से पूछे जाते हैं।
मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र क्या है ?
गद्यांश के अनुसार, मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र 'CH\(_4\)' है।
Quick Tip: वैज्ञानिक या तकनीकी जानकारी वाले प्रश्नों का उत्तर देते समय, प्रतीकों और सूत्रों को सही-सही लिखना सुनिश्चित करें।
जगदीशचन्द्र बसु का बचपन कैसे बीता ?
गद्यांश के अनुसार, प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचन्द्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता था।
Quick Tip: किसी व्यक्ति के जीवन से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते समय, गद्यांश में दिए गए प्रमुख घटना या विशेषता का उल्लेख करें।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी कौन थे ?
गद्यांश के अनुसार, जगदीशचन्द्र बसु बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
Quick Tip: "कौन" से शुरू होने वाले प्रश्नों का उत्तर सीधे व्यक्ति के नाम से होता है, जैसा कि गद्यांश में बताया गया हो।
जगदीशचन्द्र बसु किनमें महारथी थे ?
गद्यांश के अनुसार, जगदीशचन्द्र बसु भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा विज्ञान कथा लेखन में महारथी थे।
Quick Tip: "किनमें" या "किसमें" जैसे प्रश्नों के उत्तर में गद्यांश में उल्लिखित सभी क्षेत्रों या विषयों की सूची देना चाहिए।
जगदीशचन्द्र बसु ने किस विषय पर कार्य किया ?
गद्यांश के अनुसार, जगदीशचन्द्र बसु ने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी विषय पर कार्य किया था।
उन्होंने वनस्पति विज्ञान में भी कई महत्त्वपूर्ण खोजें कीं।
Quick Tip: यदि किसी व्यक्ति के योगदान एक से अधिक क्षेत्रों में बताए गए हों, तो उत्तर में उन सभी का उल्लेख करना बेहतर होता है।
जगदीशचन्द्र बसु को किसका पिता कहा जाता है ?
गद्यांश के अनुसार, जगदीशचन्द्र बसु को रेडियो विज्ञान का पिता कहा जाता है।
Quick Tip: उपाधि या सम्मान से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देते समय गद्यांश में दी गई सटीक उपाधि का ही प्रयोग करें।
मेजर ध्यानचंद कौन थे ?
गद्यांश के अनुसार, मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे।
Quick Tip: किसी व्यक्ति का परिचय देते समय गद्यांश में उल्लिखित उनके पद और क्षेत्र, दोनों को शामिल करें।
मेजर ध्यानचंद की गिनती किसमें की जाती है ?
गद्यांश के अनुसार, मेजर ध्यानचंद की गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में की जाती है।
Quick Tip: उत्तर को सटीक बनाने के लिए "विश्व के सर्वश्रेष्ठ" जैसे विशेषणों को शामिल करना न भूलें, यदि वे गद्यांश में दिए गए हों।
'हॉकी का जादूगर' किसको कहा जाता है ?
गद्यांश के अनुसार, मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है।
Quick Tip: उपनाम या उपाधि वाले प्रश्न अक्सर सीधे गद्यांश से पूछे जाते हैं और इनका उत्तर देना आसान होता है।
मेजर ध्यानचंद की अहम भूमिका किसमें रही है ?
\
गद्यांश के अनुसार, भारत को ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक दिलाने में मेजर ध्यानचंद की अहम भूमिका रही है।
Quick Tip: किसी व्यक्ति के योगदान या भूमिका के बारे में बताते समय, उससे जुड़े परिणाम (जैसे - तीन स्वर्ण पदक) का भी उल्लेख करें।
भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद को कौन-सा नागरिक सम्मान प्रदान किया ?
गद्यांश के अनुसार, भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया।
Quick Tip: सम्मान या पुरस्कार का नाम लिखते समय, उसकी वर्तनी और पूर्ण नाम का ध्यान रखें, जैसा गद्यांश में दिया गया हो।
वार्षिक परीक्षा की तैयारी का उल्लेख करते हुए अपने बड़े भाई के पास पत्र लिखें। अथवा समाज में बढ़ते अपराधों के बारे में दो मित्रों के आपसी संवाद को लिखें।
15, छात्र आवास,
क.ख.ग. विद्यालय,
पटना।
दिनांक: 28 अक्टूबर, 2025
आदरणीय भाई साहब,
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी वहाँ स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। आपका पत्र मिला, धन्यवाद। आपने मेरी वार्षिक परीक्षा की तैयारी के विषय में पूछा था।
आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मेरी परीक्षा की तैयारी बहुत अच्छी चल रही है। हमारी वार्षिक परीक्षा अगले महीने से प्रारंभ होने वाली है और मैंने सभी विषयों के लिए एक समय-सारणी बना ली है। मैं प्रतिदिन लगभग छह से सात घंटे नियमित रूप से अध्ययन कर रहा हूँ। गणित और विज्ञान पर मैं विशेष ध्यान दे रहा हूँ क्योंकि वे थोड़े कठिन लगते हैं। मैंने पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों को भी हल करना शुरू कर दिया है, जिससे मुझे परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिल रही है। हमारे शिक्षकों ने भी अतिरिक्त कक्षाएं लेकर हमारी सभी शंकाओं का समाधान कर दिया है।
मुझे विश्वास है कि आपकी शुभकामनाओं और मेरे परिश्रम से मैं इस बार परीक्षा में बहुत अच्छे अंक प्राप्त करूँगा। माताजी और पिताजी को मेरा प्रणाम कहिएगा।
आपका स्नेही अनुज,
(अपना नाम)
Quick Tip: अनौपचारिक पत्र लिखते समय, सही प्रारूप का पालन करें: सबसे ऊपर अपना पता और दिनांक, फिर संबोधन (आदरणीय/प्रिय), मुख्य विषय-वस्तु, और अंत में समापन (आपका अनुज/पुत्र आदि) और अपना नाम। भाषा सरल और आत्मीय होनी चाहिए।
मित्रता के महत्त्व पर दो छात्रों के बीच होनेवाले संवाद को लिखें।
समाज में बढ़ते अपराधों पर दो मित्रों का संवाद
रोहन : नमस्ते सोहन! कैसे हो? बहुत चिंतित लग रहे हो।
सोहन : नमस्ते रोहन। मैं ठीक हूँ, पर क्या कहूँ। आजकल रोज अखबार में चोरी, लूट और हत्या की खबरें पढ़कर मन बहुत दुखी हो जाता है।
रोहन : तुम बिल्कुल सही कह रहे हो। समाज में अपराध इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि अब तो घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। दिन-दहाड़े अपराध हो रहे हैं।
सोहन : इसका सबसे बड़ा कारण मुझे बेरोजगारी और नैतिक मूल्यों की कमी लगता है। युवा पीढ़ी आसानी से पैसा कमाने के लिए गलत रास्ते पर चल पड़ती है।
रोहन : हाँ, और कानून का डर भी लोगों में कम हो गया है। अपराधियों को समय पर और कड़ी सजा नहीं मिलती, जिससे उनका हौसला बढ़ता है। हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने होंगे।
सोहन : बिल्कुल। इसके लिए सरकार, पुलिस और समाज, हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। पुलिस को और अधिक सक्रिय होना चाहिए और हमें भी एक जागरूक नागरिक बनकर अपने आसपास हो रही गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
रोहन : तुमने सही कहा। केवल मिलकर ही हम इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। चलो, अब घर चलते हैं, काफी देर हो गई है।
Quick Tip: संवाद लेखन करते समय, पात्रों के नाम स्पष्ट रूप से लिखें। भाषा सरल और स्वाभाविक होनी चाहिए। संवाद छोटा, विषय पर केंद्रित और एक तार्किक निष्कर्ष पर समाप्त होना चाहिए।
सेन साहब की लड़कियों के नाम लिखें।
'विष के दाँत' कहानी के अनुसार, सेन साहब की पाँच लड़कियाँ थीं।
उनके नाम थे - सीमा, रजनी, आलो, शेफाली और आरती।
Quick Tip: कहानियों के पात्रों और उनके संबंधों को याद रखने के लिए एक छोटा सा चार्ट या सूची बना लेना सहायक होता है।
वारेन हेस्टिंग्स कौन था और वाराणसी के पास उसे क्या मिला था ?
'भारत से हम क्या सीखें' पाठ के अनुसार, वारेन हेस्टिंग्स भारत का गवर्नर-जनरल था।
उसे वाराणसी के पास 172 दारिस नामक सोने के सिक्कों से भरा एक घड़ा मिला था।
Quick Tip: पाठ में आए ऐतिहासिक व्यक्तियों और उनसे जुड़ी घटनाओं को तथ्यात्मक रूप से याद रखें।
बहादुर के पिता की मृत्यु कैसे हुई थी ?
'बहादुर' कहानी के अनुसार, बहादुर के पिता की मृत्यु युद्ध में हुई थी।
Quick Tip: पात्रों के पृष्ठभूमि और उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को ध्यान में रखना कहानी को समझने में मदद करता है।
रामधारी सिंह दिनकर की किन्हीं चार रचनाओं के नाम लिखें।
रामधारी सिंह 'दिनकर' की चार प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं:
1. उर्वशी
2. रश्मिरथी
3. कुरुक्षेत्र
4. संस्कृति के चार अध्याय
Quick Tip: प्रमुख कवियों और लेखकों की सबसे प्रसिद्ध रचनाओं के नाम याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।
कुँवर नारायण ने वृक्ष रूपी चौकीदार का वर्णन किन शब्दों में किया है ?
'एक वृक्ष की हत्या' कविता में कुँवर नारायण ने वृक्ष रूपी चौकीदार का वर्णन इस प्रकार किया है:
वृक्ष हमेशा घर के दरवाजे पर तैनात रहता था, उसकी सूखी डालियाँ राइफल जैसी, छाल रूपी खाकी वर्दी, और पत्तों से भरा मुकुट था।
वह एक सजग और बूढ़ा चौकीदार प्रतीत होता था जो दूर से ही "कौन?" कहकर ललकारता था।
Quick Tip: कविताओं की व्याख्या करते समय, कवि द्वारा प्रयुक्त उपमाओं, रूपकों और प्रतीकों (जैसे वृक्ष को चौकीदार कहना) को पहचानना और समझाना महत्वपूर्ण है।
कवि वीरेन डंगवाल ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है ?
'हमारी नींद' कविता में कवि वीरेन डंगवाल ने उन अत्याचारियों का जिक्र किया है जो साधन-संपन्न और सुविधाभोगी हैं।
वे आरामदायक जीवन जीते हुए भी समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार करते हैं और अपने स्वार्थ के लिए दंगे, आगजनी और बमबारी जैसी क्रूरतापूर्ण गतिविधियाँ करते हैं।
Quick Tip: प्रतीकात्मक कविताओं को समझते समय, कवि के प्रतीकों (जैसे 'हमारी नींद') और उनके द्वारा की गई सामाजिक-राजनीतिक आलोचना को समझने का प्रयास करें।
कवि जीवनानंद दास रुपसा के गंदे पानी में किसको क्या करते हुए दिखने की बात करते हैं ?
'लौटकर आऊँगा फिर' कविता में कवि जीवनानंद दास रुपसा नदी के गंदे पानी में नाव चलाते हुए एक लड़के को देखने की बात करते हैं।
वे कहते हैं कि लड़का फटे हुए, सफेद पाल वाली नाव चला रहा होगा और उड़ते हुए सारस उसे अँधेरे में अपने साथ ले जाएँगे।
Quick Tip: कविता में प्रयुक्त बिम्बों (images) पर ध्यान दें। कवि ने बंगाल की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करने के लिए कई दृश्य बिम्बों का प्रयोग किया है।
पाप्पाति कौन थी और वह शहर क्यों लाई गई थी ?
'नगर' कहानी के अनुसार, पाप्पाति वल्लि अम्माल की बारह वर्षीय बेटी थी।
उसे 'मेनिनजाइटिस' नामक तेज बुखार हो गया था। गाँव के प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर की सलाह पर, उसके उचित इलाज के लिए उसे मदुरै शहर के बड़े अस्पताल में लाया गया था।
Quick Tip: कहानी के कथानक को आगे बढ़ाने वाले मुख्य कारण (जैसे पाप्पाति की बीमारी) को समझना कहानी के सार को समझने के लिए आवश्यक है।
सीता किस बुरे दिन की बात याद करती है ?
'धरती कब तक घूमेगी' कहानी में सीता उस बुरे दिन की बात याद करती है जब उसके पति जीवित थे।
उस दिन घर में 'लापसी' (एक प्रकार का हलवा) बनी थी, और उसका बेटा नारायण जिद कर रहा था कि वह केवल माँ के हाथ की बनी लापसी ही खाएगा।
यह स्मृति उसे अपने सुखी अतीत की याद दिलाती है।
Quick Tip: पात्रों की स्मृतियाँ (memories) अक्सर उनके वर्तमान दुःख और अतीत के सुख के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए उपयोग की जाती हैं।
अलंकार को परिभाषित करें।
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्त्वों या धर्मों को अलंकार कहते हैं।
जिस प्रकार आभूषण (गहने) शरीर की सुंदरता को बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार काव्य (कविता) के सौंदर्य को बढ़ाते हैं।
इसके मुख्य दो भेद हैं - शब्दालंकार और अर्थालंकार।
Quick Tip: परिभाषा लिखते समय, एक सरल और सटीक उदाहरण (जैसे आभूषण का) देना आपकी समझ को स्पष्ट करता है और उत्तर को बेहतर बनाता है।
लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी क्यों पूछते हैं कि मनुष्य किस ओर बढ़ रहा है, पशुता की ओर या मनुष्यता की ओर ? स्पष्ट करें।
'नाखून क्यों बढ़ते हैं' निबंध में लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी यह प्रश्न इसलिए पूछते हैं क्योंकि वे मनुष्य के व्यवहार में एक गहरा अंतर्विरोध देखते हैं। एक ओर, मनुष्य अपने नाखूनों को काटकर अपनी पाशविक वृत्ति (पशुता) को त्यागना चाहता है और सभ्य दिखना चाहता है। वह प्रेम, दया, और त्याग जैसे मानवीय गुणों को अपनाता है, जो 'मनुष्यता' का प्रतीक है।
परंतु, दूसरी ओर वही मनुष्य अत्याधुनिक और विनाशकारी हथियार (जैसे एटम बम) बना रहा है, जो नाखूनों से भी कई गुना अधिक भयंकर हैं। यह प्रवृत्ति उसकी पशुता की ओर लौटने का संकेत है। इसी विरोधाभास के कारण लेखक यह गंभीर प्रश्न उठाते हैं कि मनुष्य प्रगति करके मनुष्यता की ओर जा रहा है या विनाशकारी हथियार बनाकर अपनी पशुता की ओर लौट रहा है।
Quick Tip: किसी लेखक के प्रश्न या विचार की व्याख्या करते समय, पाठ में दिए गए दोनों विरोधी पक्षों (यहाँ, नाखून काटना बनाम हथियार बनाना) को प्रस्तुत करें। यही लेखक के द्वंद्व और प्रश्न का आधार है।
सप्रसंग व्याख्या करें:
"ठटे बिदेसी ठाट सब, बन्यो देस बिदेस
सपनेहूं जिनमें न कहूँ, भारतीयता लेस ।।"
प्रसंग:
प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्यपुस्तक 'गोधूलि' में संकलित 'स्वदेशी' शीर्षक कविता से लिया गया है। इसके रचयिता भारतेंदु युग के प्रसिद्ध कवि बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' हैं। इस दोहे में कवि ने देश में अंग्रेजी शासन के प्रभाव से भारतीय समाज में आ रहे बदलाव और अपनी संस्कृति से हो रहे अलगाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
व्याख्या:
कवि कहते हैं कि आज देश में चारों ओर विदेशी ठाट-बाट (रहन-सहन, वेश-भूषा, भाषा) ही दिखाई देता है। ऐसा लगता है मानो अपना देश भी विदेश बन गया हो। लोगों का आचरण, व्यवहार, और बोलचाल सब कुछ विदेशी हो गया है। स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि अब तो किसी भी व्यक्ति में सपने में भी थोड़ी-सी भी 'भारतीयता' (अपने देश और संस्कृति से प्रेम का भाव) शेष नहीं बची है। लोग अपनी पहचान और संस्कृति को भूलकर पूरी तरह से पश्चिमी सभ्यता के अंधानुकरण में डूब गए हैं।
Quick Tip: 'सप्रसंग व्याख्या' के उत्तर में तीन भाग होने चाहिए: (1) प्रसंग (कविता का नाम, कवि का नाम, और संक्षिप्त संदर्भ), (2) व्याख्या (पंक्तियों का विस्तृत अर्थ), और (3) काव्य सौंदर्य (यदि आवश्यक हो, जिसमें भाषा, रस, अलंकार आदि का उल्लेख हो)।
*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.