
Bihar Board Class 10 Hindi MT 201 Set C Question Paper 2025 with Solutions is available for download. The Bihar School Examination Board (BSEB) conducted the Class 10 examination for a total duration of 3 hours, and the question paper was of a total of 100 marks.
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रामधारी सिंह 'दिनकर' किस वाद के प्रमुख कवि हैं ?
रामधारी सिंह 'दिनकर' छायावाद के बाद की पीढ़ी के प्रमुख कवि हैं, जिन्हें उत्तर छायावाद का प्रतिनिधि माना जाता है। उनकी रचनाएँ जैसे 'रश्मिरथी', 'कुरुक्षेत्र' आदि में वीर रस, ओज और राष्ट्रीय चेतना की प्रधानता है। वे छायावाद की कोमलता से अलग, सशक्त और यथार्थवादी अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। Quick Tip: दिनकर = वीर रस + राष्ट्रीयता + उत्तर छायावाद।
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ने कितने कवियों का चयन कर 'तार सप्तक' को पेश किया ?
'तार सप्तक' (1943) अज्ञेय द्वारा संपादित प्रयोगवादी काव्य की पहली महत्त्वपूर्ण कृति है। इसमें सात कवियों – अज्ञेय, मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, भारतभूषण अग्रवाल, प्रभाकर माचवे, रामस्वरूप चतुर्वेदी और गिरिजाकुमार माथुर – की रचनाएँ संकलित हैं। यह प्रयोगवाद का घोषणापत्र माना जाता है। Quick Tip: तार सप्तक = 7 कवि + प्रयोगवाद की शुरुआत।
वीरेन डंगवाल की किस कृति पर 'रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार' प्राप्त हुआ ?
वीरेन डंगवाल (1947-2015) समकालीन हिंदी कविता के प्रमुख जनवादी कवि हैं। उनकी कृति 'दुष्चक्र में स्रष्टा' (1986) को रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह कविता संग्रह सामाजिक यथार्थ, श्रमिक जीवन और मानवीय संवेदना को गहराई से उकेरता है। Quick Tip: वीरेन डंगवाल = यथार्थ + जनवाद + दुष्चक्र में स्रष्टा।
'रश्क' शब्द का अर्थ है
'रश्क' उर्दू मूल का शब्द है, जिसका अर्थ है 'ईर्ष्या' या 'डाह'। यह किसी की सफलता, सौंदर्य या संपत्ति देखकर मन में उत्पन्न होने वाली जलन को व्यक्त करता है। उदाहरण: “उसकी सफलता पर मुझे रश्क हुआ।” Quick Tip: रश्क = ईर्ष्या, जलन (उर्दू → हिंदी)।
सींग का बना वाद्ययंत्र क्या कहलाता है ?
'श्रृंगी' पशु के सींग (शृंग) से निर्मित एक प्राचीन वाद्ययंत्र है, जो मुख्यतः लोक संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त होता है। यह फूँक कर बजाया जाता है और गहरी ध्वनि उत्पन्न करता है। Quick Tip: श्रृंगी = सींग + फूँक कर बजाने वाला यंत्र।
'परसौ' शब्द का अर्थ है
'परसौ' बोलचाल का शब्द है, जिसका अर्थ 'परसों' है। यह आज से तीसरे दिन को संबोधित करता है। अर्थात् कल के बाद का दिन। उदाहरण: “परसों आना।” (नोट: 'नरसों' कल से पहले के दिन को कहते हैं।) Quick Tip: परसों = कल के बाद, नरसों = कल से पहले।
विराग होने पर कवि घनानंद कहाँ चले गये ?
रीतिकालीन कवि घनानंद दिल्ली दरबार में थे। सुजान (नर्तकी) से प्रेम हुआ, पर विरह में विरक्त होकर वे वृंदावन चले गए और संत बन गए। उनकी कविता में सूफी प्रेम और वैराग्य की भावना प्रमुख है। Quick Tip: घनानंद = प्रेम → विराग → वृंदावन + संत।
कवि सुमित्रानंदन पंत समाजवाद से किस दर्शन की ओर प्रवृत्त हुए ?
सुमित्रानंदन पंत प्रारंभ में प्रकृति प्रेमी छायावादी थे। बाद में मार्क्सवादी विचारों से प्रभावित हुए और समाजवादी काव्य लिखा। अंतिम चरण में श्री अरविन्द के आध्यात्मिक दर्शन से प्रभावित होकर आध्यात्मिकता की ओर मुड़े। Quick Tip: पंत का विकास: प्रकृति → समाजवाद → श्री अरविन्द दर्शन।
'साफा' क्या है ?
'साफा' एक लंबा, साफ (सादा) वस्त्र है जिसे नर्तक (विशेषकर लोक नृत्य में) कंधे से कमर तक लपेटकर पहनते हैं। यह नृत्य की मुद्राओं को सुंदरता प्रदान करता है। (नोट: 'साफ़ा' पगड़ी को कहते हैं।) Quick Tip: साफा = नर्तक का लंबा वस्त्र, साफ़ा = पगड़ी।
'आदिम' शब्द का अर्थ है
'आदिम' का अर्थ है 'आरंभिक' या 'अतिप्राचीन'। यह सृष्टि या मानव सभ्यता के प्रारंभिक काल से संबंधित वस्तु या स्थिति को दर्शाता है। जैसे: आदिम मानव, आदिम समाज। Quick Tip: आदिम = आदि काल → सबसे पुराना।
'राघव बहुत तेज लड़का है' यह किस विशेषण का उदाहरण है?
'बहुत' शब्द 'तेज' विशेषण की मात्रा या तीव्रता को बढ़ा रहा है। ऐसे शब्द जो किसी विशेषण या क्रिया-विशेषण की मात्रा बताते हैं, प्रविशेषण कहलाते हैं। अन्य उदाहरण: थोड़ा, अधिक, कम। Quick Tip: बहुत, थोड़ा, अधिक, कम → प्रविशेषण।
'धनी व्यक्ति' यह किस विशेषण का उदाहरण है ?
'धनी' व्यक्ति के धन संबंधी गुण को बता रहा है। गुण, दोष, रंग, आकार, स्वभाव आदि बताने वाले विशेषण गुणवाचक कहलाते हैं। जैसे: सुंदर, काला, लंबा, ईमानदार। Quick Tip: गुण/दोष/रंग/आकार → गुणवाचक विशेषण।
'उसने हरीश को मारा था' यह किस भूतकाल का उदाहरण है ?
'था/थी/थे' के साथ क्रिया का प्रयोग पूर्ण भूतकाल को दर्शाता है। यह क्रिया के पूर्ण होने और निश्चित समय में घटित होने को बताता है। उदाहरण: मैंने खाना खाया था। Quick Tip: था/थी/थे + क्रिया → पूर्ण भूतकाल।
निम्न में कौन वाक्य सकर्मक क्रिया का उदाहरण है ?
सकर्मक क्रिया वह है जिसका प्रभाव किसी कर्म (वस्तु/व्यक्ति) पर पड़ता है। 'पढ़ती है' का कर्म 'पुस्तक' है (क्या पढ़ती है?)। शेष विकल्पों में क्रिया का कोई कर्म नहीं है → अकर्मक। Quick Tip: क्या?/किसे? → कर्म → सकर्मक क्रिया।
'माया जाड़े से काँप रही है' इस वाक्य में कौन कारक है ?
'से' चिह्न करण, अपादान और संप्रदान कारक में आता है। यहाँ 'जाड़े से' काँपने का साधन (कारण) बता रहा है → करण कारक। करण कारक क्रिया के साधन को दर्शाता है। Quick Tip: से = साधन → करण; अलग होना → अपादान; के लिए → संप्रदान।
किस मात्रिक छंद के पहले और तीसरे चरण में 13-13 तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं ?
सोरठा मात्रिक छंद है जिसमें प्रथम व तृतीय चरण में 13-13 तथा द्वितीय व चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। यह दोहे का उल्टा रूप है। दोहा: 13-11, 13-11। Quick Tip: दोहा: 13-11, सोरठा: 13-11 उल्टा (11-13) नहीं, बल्कि 13-11-13-11 लेकिन क्रम उल्टा।
"रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून । पानी गए न ऊबरै, मोती मानुस चून ।।" - किस अलंकार का उदाहरण है ?
'पानी' शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त: (1) जल, (2) सम्मान/प्रतिष्ठा, (3) चमक (मोती की)। एक ही शब्द का अनेक अर्थों में प्रयोग श्लेष अलंकार कहलाता है। Quick Tip: एक शब्द → अनेक अर्थ → श्लेष अलंकार।
स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है ?
हिंदी वर्णमाला में 5 वर्ग हैं – क, च, ट, त, प। प्रत्येक वर्ग में 5 स्पर्श व्यंजन (क-ङ, च-ञ, ट-ण, त-न, प-म) → कुल 5 × 5 = 25 स्पर्श व्यंजन। Quick Tip: 5 वर्ग × 5 स्पर्श = 25 स्पर्श व्यंजन।
निम्न में कौन वर्ण अल्पप्राण है?
अल्पप्राण व्यंजन कम हवा के साथ उच्चारित होते हैं। प्रत्येक वर्ग के प्रथम (क, च, ट, त, प) और तृतीय (ग, ज, ड, द, ब) व्यंजन अल्पप्राण हैं। 'प' प-वर्ग का प्रथम व्यंजन → अल्पप्राण। Quick Tip: 1ला और 3रा प्रत्येक वर्ग में → अल्पप्राण।
निम्न में कौन महाप्राण व्यंजन है ?
महाप्राण व्यंजन अधिक हवा (ह् ध्वनि) के साथ उच्चारित होते हैं। प्रत्येक वर्ग के द्वितीय (ख, छ, ठ, थ, फ) और चतुर्थ (घ, झ, ढ, ध, भ) व्यंजन महाप्राण हैं। 'छ' च-वर्ग का द्वितीय व्यंजन → महाप्राण। Quick Tip: 2रा और 4था प्रत्येक वर्ग में → महाप्राण।
'देवरानी' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'देवरानी' शब्द का मूल शब्द 'देवर' है। इसमें 'आनी' प्रत्यय जुड़कर स्त्रीलिंग रूप बनता है। हिंदी में 'आनी' प्रत्यय बहुधा भाई-बहन संबंधी स्त्री रूप बनाने में प्रयुक्त होता है, जैसे: जेठानी, ननदानी। 'ई' केवल अंतिम ध्वनि है, प्रत्यय नहीं। Quick Tip: आनी = भाई संबंधी स्त्री प्रत्यय (जेठानी, देवरानी)।
'चढ़ाई' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'चढ़ाई' शब्द 'चढ़' धातु से बना है। इसमें 'आई' कृदंत प्रत्यय जुड़कर क्रिया से संज्ञा बनाता है, अर्थात् चढ़ने की क्रिया या प्रक्रिया। अन्य विकल्पों में 'अइ' या 'दाई' कोई मानक प्रत्यय नहीं हैं। 'ई' केवल अंतिम स्वर है। Quick Tip: आई = क्रिया से संज्ञा बनाने वाला कृदंत प्रत्यय (लड़ाई, पढ़ाई)।
'सूर्य' किस शब्द का उदाहरण है ?
'सूर्य' संस्कृत का 'सूर्य:' शब्द है जो हिंदी में बिना किसी परिवर्तन के प्रयुक्त होता है। ऐसे शब्द तत्सम कहलाते हैं। तद्भव में ध्वनि परिवर्तन होता है (जैसे: सूरज)। देशज स्थानीय, विदेशज अन्य भाषा से आगत होते हैं। Quick Tip: तत्सम = संस्कृत से ज्यों का त्यों (सूर्य, चंद्र, अग्नि)।
'जलज' किस शब्द का उदाहरण है ?
'जलज' = जल + ज (जन्मा हुआ) → जल में जन्मा = कमल। योग से अर्थ स्पष्ट है, पर सामान्यतः कमल के लिए प्रयुक्त होता है। ऐसे शब्द योगरूढ़ कहलाते हैं। रूढ़ शब्दों का अर्थ योग से भिन्न होता है (जैसे: दशानन = रावण)। Quick Tip: योगरूढ़ = योग से अर्थ + विशेष अर्थ (जलज = कमल)।
'सेना' किस संज्ञा का उदाहरण है ?
'सेना' सैनिकों के समूह को दर्शाती है। समूहवाचक संज्ञा किसी समूह, वर्ग या संग्रह को व्यक्त करती है। जैसे: भीड़, दल, कक्षा। जातिवाचक एक ही प्रकार के सभी को (जैसे: मनुष्य), व्यक्तिवाचक विशिष्ट नाम (राम) को कहते हैं। Quick Tip: समूह = सेना, परिवार, भीड़ → समूहवाचक।
'लोहा' किस संज्ञा का उदाहरण है ?
'लोहा' एक धातु है, जिसे मापा-तौला जाता है, न कि गिना। द्रव्यवाचक संज्ञा ठोस, द्रव या गैस पदार्थों को दर्शाती है। जैसे: पानी, दूध, सोना। भाववाचक गुण-दशा को (सुंदरता) कहते हैं। Quick Tip: मापा जाए → द्रव्यवाचक (लोहा, तेल, चीनी)।
'सेठ' शब्द का स्त्रीलिंग रूप है
'सेठ' (व्यापारी) का स्त्रीलिंग 'सेठानी' है। हिंदी में 'आनी' प्रत्यय व्यापारिक पदों की स्त्री बनाने में प्रयुक्त होता है। जैसे: बनिया → बनियाइन, महाजन → महाजनी। 'सेठनी' गलत, 'सेठी' अप्रचलित है। Quick Tip: आनी = व्यापारी स्त्री रूप (सेठानी, बनियाइन)।
निम्न में कौन शब्द पुंलिंग है ?
'अकाल' पुंलिंग है (यह अकाल पड़ा)। शेष शब्द स्त्रीलिंग हैं: आज्ञा (यह आज्ञा दो), चमक (यह चमक अच्छी है), लिखावट (यह लिखावट साफ है)। लिंग निर्धारण वाक्य प्रयोग से होता है। Quick Tip: 'यह/यहाँ' से जाँचें → यह अकाल = पुं, यह आज्ञा = स्त्री।
'मैं स्वयं देख लूँगा' - किस सर्वनाम का उदाहरण है ?
'स्वयं' वक्ता के अपने आप को संबोधित करने के लिए प्रयुक्त होता है। निजवाचक सर्वनाम अपनेपन या स्वत्व को दर्शाते हैं। जैसे: स्वयं, आप, खुद। निश्चयवाचक = यही, वही; संबंधवाचक = जो, जिसे। Quick Tip: स्वयं, खुद, आप = निजवाचक सर्वनाम।
सर्वनाम के कितने भेद होते हैं ?
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के छह भेद हैं: (1) पुरुषवाचक, (2) निश्चयवाचक, (3) अनिश्चयवाचक, (4) संबंधवाचक, (5) प्रश्नवाचक, (6) निजवाचक। कुछ पाठ्यक्रमों में 5 माने जाते हैं, पर बिहार बोर्ड में 6 मानक हैं। Quick Tip: सर्वनाम के 6 भेद: पुरुष, निश्चय, अनिश्चय, संबंध, प्रश्न, निज।
'मछली' शीर्षक पाठ में कौन मछली को काटा करता था ?
'मछली' पाठ (लेखक: यशपाल) में घर का नौकर 'बुधवा' मछली को काटता था। लेखक बचपन में मछली काटने की क्रिया से प्रभावित थे और उसे देखकर करुणा अनुभव करते थे। यह पाठ करुणा और हिंसा पर आधारित है। Quick Tip: मछली पाठ = यशपाल + नौकर बुधवा काटता है।
'आविन्यों' शीर्षक पाठ के लेखक हैं
'आविन्यों' निबंध हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित है। यह संस्कृत साहित्य के 'आविन्य' (विशेषण) पर आधारित है और भाषा की सुंदरता पर प्रकाश डालता है। द्विवेदी जी संस्कृत और हिंदी के महान निबंधकार थे। Quick Tip: आविन्यों = हजारी प्रसाद द्विवेदी + संस्कृत प्रभाव।
बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे ?
'लय-ताल' पाठ में पंडित बिरजू महाराज कहते हैं कि उनकी सबसे बड़ी आलोचक उनकी माँ (अम्मा) थीं। वे हर प्रदर्शन के बाद उनकी गलतियाँ बताती थीं। यह माँ के प्रति सम्मान और कला साधना को दर्शाता है। Quick Tip: बिरजू महाराज = कथक + अम्मा = सबसे बड़ा जज।
"यदि मनुष्य परिस्थितियों का नियामक नहीं है तो परिस्थितियाँ भी मनुष्य की नियामक नहीं हैं।" यह कथन किस लेखक का है ?
यह कथन हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध 'अशोक के फूल' से है। यह मनुष्य की स्वतंत्रता, कर्म और परिस्थितियों पर विजय की बात करता है। द्विवेदी जी मानव गरिमा के पक्षधर थे। Quick Tip: परिस्थिति vs मनुष्य = द्विवेदी + अशोक के फूल।
बहादुर पर कड़ा अनुशासन कौन रखता था ?
'बहादुर' पाठ (लेखक: धर्मवीर भारती) में किशोर (लेखक का बड़ा भाई) कुत्ता 'बहादुर' पर कड़ा अनुशासन रखता था। वह उसे प्रशिक्षित करता और सख्ती से पालता था। यह भाई-कुत्ता संबंध को दर्शाता है। Quick Tip: बहादुर = भारती + किशोर = अनुशासन।
बादशाह अकबर ने जो सिक्का चलाया था उस पर कौन शब्द अंकित है ?
'एक सिक्के की गवाही' पाठ में अकबर ने 'राम-सीय' सिक्का चलाया था, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक था। 'इलाही' धर्म की नीति के अंतर्गत यह सिक्का धार्मिक सहिष्णुता दर्शाता है। Quick Tip: अकबर का सिक्का = राम-सीय + धार्मिक एकता।
कालिदास ने क्या कहा था ? 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' शीर्षक पाठ के आधार पर उत्तर दें ।
'नाखून क्यों बढ़ते हैं' (लेखक: हजारी प्रसाद द्विवेदी) में कालिदास का कथन है कि नाखून बढ़ते हैं ताकि पुराने काटे जाएँ। इसका अर्थ है: नया आने के लिए पुराना जाना आवश्यक है। अतः दोनों कथन सत्य हैं। Quick Tip: नाखून = द्विवेदी + पुराना-नया चक्र।
स्वामी विवेकानंद ने 'वेदांतियों का भी वेदांती' किसे कहा है ?
'मैक्स मूलर' पाठ में स्वामी विवेकानंद ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर की वेदांत व्याख्या की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'वेदांतियों का भी वेदांती' कहा। मूलर ने वेदों का संपादन और अनुवाद किया था। Quick Tip: मैक्स मूलर = विवेकानंद + वेदांती।
मदन पड़ोसियों के आवारागर्द छोकरों के साथ क्या कर रहा था ?
'पतंग' पाठ (लेखक: गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही') में मदन पड़ोस के बच्चों के साथ पतंग उड़ा रहा था। उसकी पतंग कट गई और वह उसे वापस पाने की जिद करता है। यह बचपन की जिद को दर्शाता है। Quick Tip: पतंग = सनेही + मदन + पड़ोसी बच्चे।
राजस्थानी भाषा के सफल कहानीकार कौन हैं ?
साँवर दइया राजस्थानी भाषा के प्रमुख कहानीकार हैं। उनकी कहानियाँ राजस्थानी लोक जीवन, संस्कृति और ग्रामीण यथार्थ को जीवंत करती हैं। 'बियाणी', 'म्हारो गाँव' आदि प्रसिद्ध हैं। सुजाता हिंदी की हैं। Quick Tip: राजस्थानी कहानी = साँवर दइया + लोक संस्कृति।
निम्नलिखित में कौन शुद्ध शब्द है ?
'कुमुदिनी' शुद्ध तत्सम शब्द है, जिसका अर्थ कमलिनी (कमल की तरह सुंदर स्त्री) है। 'सुचिपत्र' गलत (सुचीपत्र), 'छिपकिली' गलत (छिपकली), 'कठीनायी' गलत (कठिनाई) हैं। शुद्धता की जाँच तत्सम रूप और मानक वर्तनी से होती है। Quick Tip: तत्सम शब्द + सही वर्तनी = शुद्ध (कुमुदिनी, कमलिनी)।
'पीड़ा' शब्द का विशेषण है
'पीड़ा' (दर्द) से विशेषण 'पीड़ित' बनता है, अर्थात् जिसे पीड़ा हो। प्रत्यय 'इत' जुड़ता है। 'पीड़ाकु' या 'पीड़ितांक' काल्पनिक हैं। 'पैड़ित' वर्तनी गलत है। उदाहरण: पीड़ित व्यक्ति। Quick Tip: इत प्रत्यय = पीड़ा → पीड़ित, व्यथा → व्यथित।
'मोह' शब्द का विशेषण है
'मोह' (आसक्ति) से विशेषण 'मोहित' बनता है, अर्थात् जिसे मोह हो गया हो। प्रत्यय 'इत' जुड़ता है। 'मोहालु' या 'मोहियालु' अप्रचलित हैं। 'माहिर' फारसी शब्द (निपुण) है। उदाहरण: मोहित मन। Quick Tip: इत प्रत्यय = मोह → मोहित, लोभ → लोभित।
'बुद्ध' शब्द का विशेषण है
'बुद्ध' (भगवान बुद्ध) से विशेषण 'बौद्ध' बनता है, अर्थात् बुद्ध से संबंधित। यह संप्रदायवाचक विशेषण है। 'बौद्ध धर्म'। अन्य विकल्प काल्पनिक या असंबंधित हैं। 'बाधित' का अर्थ अलग है। Quick Tip: औद्ध = बौद्ध, जैन → जैन।
'अमरजीत आज दिल्ली नहीं गया क्योंकि पानी बरस रहा था' - यह किस वाक्य का उदाहरण है?
यह वाक्य दो स्वतंत्र खंडों से मिलकर बना है – 'अमरजीत आज दिल्ली नहीं गया' और 'पानी बरस रहा था' – जिन्हें 'क्योंकि' योजक से जोड़ा गया है। संयुक्त वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं। मिश्र में एक मुख्य और एक आश्रित होता है। Quick Tip: क्योंकि, इसलिए, परंतु = संयुक्त वाक्य।
निम्न में कौन वाक्य कर्मवाच्य का उदाहरण है ?
कर्मवाच्य में कर्म मुख्य होता है और क्रिया कर्म के अनुसार चलती है। 'दौड़' कर्म है, 'लगाई गई' क्रिया। 'के द्वारा' कर्मवाच्य का चिह्न है। शेष विकल्प कर्तृवाच्य हैं। उदाहरण: मुझसे नहीं चला जाता। Quick Tip: के द्वारा + क्रिया + जाना = कर्मवाच्य।
'अवगत' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'अवगत' = अव + गत (जाना हुआ)। 'अव' उपसर्ग है, अर्थ नीचे, पास। 'अवगत होना' = जानना। अन्य उपसर्ग अलग अर्थ देते हैं: अधि = ऊपर, अभि = सामने, उत् = ऊपर। Quick Tip: अव = नीचे/पास → अवगत, अवरोध।
'कुख्यात' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'कुख्यात' = कु + ख्यात (बुरा प्रसिद्ध)। 'कु' उपसर्ग नकारात्मक अर्थ देता है। जैसे: कुपुत्र, कुकर्म। 'सु' सकारात्मक है (सुपुत्र)। Quick Tip: कु = बुरा → कुख्यात, कुपुत्र।
'उपवाक्य' शब्द में कौन उपसर्ग है ?
'उपवाक्य' = उप + वाक्य (वाक्य के नीचे/साथ)। 'उप' उपसर्ग निकटता या सहायक अर्थ देता है। जैसे: उपन्यास, उपराष्ट्रपति। अन्य उपसर्ग अलग हैं। Quick Tip: उप = पास/सहायक → उपवाक्य, उपनाम।
'वेदना' शब्द में कौन प्रत्यय है ?
'वेदना' = वेद् + अना (जानने की क्रिया/दशा)। 'अना' कृदंत प्रत्यय है जो भाववाचक संज्ञा बनाता है। जैसे: क्रिया → क्रियाना, विद्या → विद्या। 'वेद' मूल धातु है, प्रत्यय नहीं। Quick Tip: अना = भाव संज्ञा → वेदना, स्मरणा।
'पुरोहित' शब्द का संधि-विच्छेद है
'पुरोहित' = पुरः + हित। संधि नियम: विसर्ग (:) + ह → ओ (विसर्ग लोप + ओ)। 'पुरः' = आगे, 'हित' = कल्याणकारी → पुरोहित = आगे का हितकारी (पुजारी)। Quick Tip: विसर्ग + ह = ओ → पुरोहित, निरः + हार = निरहार।
'मध्वालय' शब्द का संधि-विच्छेद है
'मध्वालय' = मधु + आलय। संधि: उ + आ = व (गुण संधि)। 'मधु' = शहद, 'आलय' = घर → मध्वालय = मधुमक्खी का घर। विकल्प (B) और (D) अमान्य हैं। Quick Tip: उ + आ = व → मधु + आलय = मध्वालय।
'पावन' शब्द का संधि-विच्छेद है
'पावन' = पौ + अन। संधि: पव् + अन → पौ + अन (व → उ, फिर उ + अ = औ)। 'पव्' = पवित्र करना, 'अन' = प्रत्यय → पावन = पवित्र। Quick Tip: पव् → पौ + अन = पावन (पवित्र)।
निम्नलिखित में कौन शब्द व्यंजन संधि का उदाहरण है ?
'देवर्षि' = देव + ऋषि। व्यंजन संधि: व → र (देव → देव् → देवृषि → देवर्षि)। अन्य: तदाकार (विसर्ग), तपोभूमि (स्वर), निश्चल (विसर्ग)। व्यंजन संधि में व्यंजन परिवर्तन होता है। Quick Tip: व → र = व्यंजन संधि (देवर्षि, सत् + जन = सज्जन)।
निम्नलिखित में कौन शब्द कर्मधारय समास का उदाहरण है ?
'परमेश्वर' = परम + ईश्वर (जो ईश्वर परम हो)। कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य या उपमा संबंध। परोक्ष (तत्पुरुष), यथाशीघ्र (अव्ययीभाव), भातदाल (द्वंद्व)। Quick Tip: विशेषण + विशेष्य = कर्मधारय (नीलकमल, महादेव)।
'पुत्रशोक' शब्द का समास-विग्रह क्या होगा ?
'पुत्रशोक' = पुत्र से शोक (पुत्र के कारण शोक)। यह अपादान तत्पुरुष समास है। 'से' कारक छिपा है। (A) द्वंद्व, (C) संप्रदान, (D) कर्म। Quick Tip: से = अपादान तत्पुरुष (पुत्रशोक, भयभीत)।
'प्रत्युपकार' शब्द किस समास का उदाहरण है ?
'प्रत्युपकार' = प्रति + उपकार → उपकार के बदले उपकार। 'प्रति' का अर्थ 'बदला' है, जो नकार नहीं है। पर कुछ पाठ्यक्रमों में 'प्रत्युपकार' को नञ् तत्पुरुष मानते हैं। मानक: यह अव्ययीभाव है, पर बिहार बोर्ड में नञ्। Quick Tip: नञ् = न, अ, अन → अनुपकार, असत्य।
'गगनचुंबी' शब्द किस तत्पुरुष समास का उदाहरण है ?
'गगनचुंबी' = गगन को चूमने वाला। 'को' कर्म कारक छिपा है। कर्म तत्पुरुष में कर्म + क्रिया संबंध। जैसे: ग्रामगत, पाठशाला। Quick Tip: को = कर्म तत्पुरुष (गगनचुंबी, जलपी)।
'गुड़ खाकर गुलगुले से परहेज' लोकोक्ति का अर्थ है
लोकोक्ति का अर्थ: गुड़ (मीठा) खाकर गुलगुले (मीठे पदार्थ) से परहेज करना = एक गलत काम करके दूसरे से बचने का दिखावा। यह पाखंड या दिखावटी संयम को दर्शाता है। Quick Tip: गुड़-गुलगुला = दिखावटी परहेज।
'सिर पर भूत सवार होना' मुहावरे का अर्थ है
मुहावरा का अर्थ: किसी बात की जिद या धुन सवार होना। जैसे: “उसके सिर पर व्यापार का भूत सवार है।” यह अटल इच्छा या जुनून को दर्शाता है। (C) गलत व्याख्या है। Quick Tip: सिर पर भूत = जुनून, धुन (व्यापार का भूत)।
हिन्दी में अनुनासिक वर्षों की कितनी संख्या है ?
हिंदी में अनुनासिक व्यंजन पाँच हैं – ङ, ञ, ण, न, म। ये प्रत्येक वर्ग के अंतिम व्यंजन हैं और नाक से उच्चारित होते हैं। चंद्रबिंदु (ँ) से अनुनासिक स्वर बनते हैं, पर व्यंजन पाँच ही हैं। Quick Tip: अनुनासिक = ङ ञ ण न म (5)।
'क्ष' किन वर्षों के मेल से बना है ?
'क्ष' संयुक्त व्यंजन है = क् (क-वर्ग) + ष (मूर्धन्य)। उच्चारण में क् के बाद ष की ध्वनि आती है। 'क + ष' पूर्ण स्वरयुक्त, 'क् + श' गलत क्योंकि श तालव्य है। Quick Tip: क्ष = क् + ष, त्र = त् + र, ज्ञ = ज् + ञ।
'ऋ' का उच्चारण-स्थान है
'ऋ' मूर्धन्य स्वर है, जिसका उच्चारण जीभ की नोक मूर्धा (तालु का ऊपरी भाग) से स्पर्श करके होता है। कंठ = अ, आ; तालु = इ, ई; दंत = ल। Quick Tip: ऋ = मूर्धा, ऌ = तालु।
निम्न में कौन मूल स्वर है ?
मूल स्वर वे हैं जो संयुक्त नहीं हैं – अ, इ, उ, ऋ। 'ई' = इ + इ (दीर्घ), 'ऊ' = उ + उ, 'ए' = अ + इ। केवल 'इ' मूल है। Quick Tip: मूल स्वर = अ इ उ ऋ (4)।
निम्न में कौन ऊष्म व्यंजन है ?
ऊष्म व्यंजन हवा के घर्षण से उच्चारित होते हैं – श, ष, स, ह। 'स' दंत्य ऊष्म है। 'य' अंतःस्थ, 'ज' स्पर्श, 'छ' महाप्राण स्पर्श। Quick Tip: ऊष्म = श ष स ह (घर्षण ध्वनि)।
गुरु नानक किस धारा के प्रमुख कवि हैं ?
गुरु नानक निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख कवि हैं। वे निराकार, एक ईश्वर की भक्ति करते थे। सगुण = राम/कृष्ण भक्ति। निर्गुण = कबीर, नानक, रैदास। Quick Tip: निर्गुण = नानक, कबीर (निराकार)।
'प्रेमवाटिका' किसकी रचना है ?
'प्रेमवाटिका' रसखान की कृष्ण भक्ति काव्य रचना है। रसखान मुस्लिम होते हुए भी कृष्ण के अनन्य भक्त थे। 'सुजान रसखान' प्रसिद्ध दोहा है। Quick Tip: प्रेमवाटिका = रसखान + कृष्ण भक्ति।
'स्वदेशी' शीर्षक कविता किससे संकलित है ?
'स्वदेशी' कविता रामधारी सिंह 'दिनकर' के काव्य संग्रह 'जीर्ण जनपद' से संकलित है। यह राष्ट्रीय चेतना और स्वदेश प्रेम की कविता है। Quick Tip: स्वदेशी = दिनकर + जीर्ण जनपद।
निम्न में कौन 'प्रेम की पीर' के कवि हैं ?
'प्रेम की पीर' घनानंद की प्रसिद्ध रचना है। यह रीतिकालीन प्रेम काव्य है, जिसमें सुजान (नर्तकी) से प्रेम और विरह की पीड़ा वर्णित है। Quick Tip: प्रेम की पीर = घनानंद + सुजान।
सुमित्रानंदन पंत का जन्म किस राज्य में हुआ था ?
सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई 1900 को कौसानी (अल्मोड़ा, उत्तराखंड) में हुआ था। वे प्रकृति प्रेमी छायावादी कवि थे। 'पल्लव' उनकी पहली रचना। Quick Tip: पंत = कौसानी, उत्तराखंड + प्रकृति काव्य।
रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म कब हुआ था ?
रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया, बेगूसराय (बिहार) में हुआ था। वे वीर रस के कवि थे। 'रश्मिरथी' प्रसिद्ध। Quick Tip: दिनकर = 1908 + बिहार + वीर रस।
'अज्ञेय' का पूरा नाम क्या है ?
अज्ञेय का पूरा नाम सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' है। वे प्रयोगवादी कवि, 'तार सप्तक' संपादक और 'शेखर: एक जीवनी' उपन्यासकार थे। Quick Tip: अज्ञेय = S.H. Vatsyayan + तार सप्तक।
पर्यावरण, मनुष्य और सभ्यता के विनाश की कथा व्यक्त करती कविता निम्न में कौन है ?
'एक वृक्ष की हत्या' (कवि: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना) पर्यावरण विनाश, पेड़ कटाई और सभ्यता के पतन की कविता है। वृक्ष को मानवीकरण कर उसकी हत्या दिखाई गई है। Quick Tip: एक वृक्ष की हत्या = सक्सेना + पर्यावरण।
'खेत हैं जहाँ धान के बहती नदी' किस कविता की पंक्ति है?
यह पंक्ति 'हिरोशिमा' कविता (कवि: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना) से है। कविता परमाणु बम विस्फोट के बाद की तबाही और प्रकृति के पुनर्जन्म को दर्शाती है। Quick Tip: हिरोशिमा = सक्सेना + धान की नदी।
'अक्षर-ज्ञान' शीर्षक कविता में बेटे का 'क' कहाँ नहीं अँटता ?
'अक्षर-ज्ञान' (कवि: रघुवीर सहाय) में बच्चा 'क' को हर जगह फिट करता है – खिड़की, गमला, चौखट – पर घड़े में नहीं अँटता क्योंकि घड़ा गोल है। यह बचपन की कल्पना है। Quick Tip: अक्षर-ज्ञान = सहाय + क + घड़ा नहीं।
रेनर मारिया रिल्के के पिता का नाम क्या था ?
'रेनर मारिया रिल्के' पाठ में उल्लेख है कि उनके पिता का नाम जोसेफ रिल्के था। वे सैनिक थे और रिल्के को भी सैनिक बनाना चाहते थे। रिल्के जर्मन कवि थे। Quick Tip: रिल्के = जोसेफ (पिता) + सैनिक प्रशिक्षण।
'निसाँक' शब्द का अर्थ है
'निसाँक' = नि: + शंक = बिना शंका वाला = निश्चिंत, शंकामुक्त। 'नि:' उपसर्ग नकारात्मक अर्थ देता है। जैसे: निःस्वार्थ, निःशुल्क। Quick Tip: निस् + शंक = निसाँक = निश्चिंत।
भीमराव अंबेडकर किनके प्रोत्साहन पर उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका और लंदन गए ?
डॉ. भीमराव अंबेडकर बड़ौदा नरेश सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय के प्रोत्साहन और छात्रवृत्ति पर कोलंबिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स गए। Quick Tip: अंबेडकर = बड़ौदा नरेश + विदेश शिक्षा।
'आध्यात्मिक शिक्षा से मेरा मतलब ______\ है।' रिक्त स्थान में क्या होगा ?
'मेरा गांधी जी' पाठ (लेखक: काका कालेलकर) में गांधी जी कहते हैं: “आध्यात्मिक शिक्षा से मेरा मतलब हृदय की शिक्षा है।” यह नैतिकता, करुणा और सत्य पर आधारित है। Quick Tip: आध्यात्मिक शिक्षा = गांधी + हृदय की शिक्षा।
अमीरुद्दीन व शम्सुद्दीन के मामाद्वय कौन थे ?
'उस्ताद की वापसी' पाठ में अमीरुद्दीन और शम्सुद्दीन के मामा हजरत खाँ और बिलावत खाँ थे। वे प्रसिद्ध तबला वादक थे और उस्ताद अल्लारखा के शिष्य थे। Quick Tip: मामा = हजरत खाँ + बिलावत खाँ।
'लाभ की इच्छा' वाक्यखंड के लिए एक शब्द है
'लिप्सा' = इच्छा, विशेषकर लाभ या किसी वस्तु की तीव्र इच्छा। 'लाभ की लिप्सा' सामान्य प्रयोग है। 'जिगीषा' = विजयेच्छा, 'बुभुक्षा' = भोजनेच्छा (क्षुधा), 'स्पर्द्धा' = प्रतिस्पर्धा। Quick Tip: लिप्सा = लाभ/वस्तु की इच्छा।
'जहाँ तक सध सके' वाक्यखंड के लिए एक शब्द है
'यथासाध्य' = जहाँ तक संभव हो, साधन के अनुसार। 'यथाशक्ति' = शक्ति के अनुसार। 'सव्यसाची' = दोनों हाथों से बाण चलाने वाला (अर्जुन)। 'समागम' = मिलन। Quick Tip: यथासाध्य = संभव हो उतना।
'ज्येष्ठ' शब्द का विलोम है
'ज्येष्ठ' = बड़ा (भाई/माह), विलोम 'कनिष्ठ' = छोटा। 'अग्रज' = बड़ा भाई (पर्यायवाची)। 'अनामिका' = उंगली, 'प्रतिघात' = प्रतिक्रिया। Quick Tip: ज्येष्ठ × कनिष्ठ (बड़ा × छोटा)।
'गौरव' शब्द का विलोम है
'गौरव' = सम्मान, गरिमा, विलोम 'लाघव' = तुच्छता, हल्कापन। 'पराजय' = हार, परंतु गौरव का सीधा विलोम नहीं। 'आगत/आगमन' = आना। Quick Tip: गौरव × लाघव (गरिमा × तुच्छता)।
'जातीय' शब्द का विलोम है
'जातीय' = अपनी जाति का, विलोम 'विजातीय' = दूसरी जाति का। 'सात्त्विक' = गुण, 'निकृष्ट' = निम्न, 'चिरंतन' = शाश्वत। Quick Tip: जातीय × विजातीय।
'ब्रह्मा' का पर्यायवाची शब्द है
'चतुरानन' = चार मुख वाला = ब्रह्मा। 'चतुर्भुज' = विष्णु, 'त्रिनेत्र' = शिव, 'चन्द्रशेखर' = शिव। ब्रह्मा सृष्टिकर्ता हैं। Quick Tip: ब्रह्मा = चतुरानन, विधाता।
'राजा' का पर्यायवाची शब्द है
'महीप' = मही + प = पृथ्वी का पालक = राजा। 'त्रियामा' = यम, 'तापस' = साधु, 'केशरी' = सिंह/हनुमान। Quick Tip: राजा = नृप, भूप, महीप।
पर्यायवाची शब्द है
'पयोद' = जल देने वाला = मेघ। 'मेग' भी मेघ का पर्याय है, पर प्रश्न में 'पयोद' पर्यायवाची के रूप में पूछा गया। 'हाटक' = सोना, 'सविता' = सूर्य। Quick Tip: मेघ = जलधर, पयोद, घन।
निम्नलिखित में कौन शुद्ध वाक्य है
(A) शुद्ध: प्रस्ताव पुल्लिंग → हुआ। (B) अशुद्ध: 'लड़के ने' → 'लड़के ने दही गिरा दी' गलत लिंग। (C) 'दंगा चल रही है' → 'चल रहा है'। (D) 'ग्रंथ पढ़ा' → 'ग्रंथ पढ़ा' या 'पढ़ी' (स्त्रीलिंग)। Quick Tip: लिंग, वचन, कारक मिलान → शुद्ध वाक्य।
निम्नलिखित में कौन अशुद्ध शब्द है ?
शुद्ध: 'त्योहार'। 'त्यौहार' गलत वर्तनी। 'बीमारी', 'शताब्दी', 'स्थायी' शुद्ध। 'त्योहार' = पर्व। Quick Tip: त्योहार (न कि त्यौहार)।
वल्लि अम्माल किस शीर्षक कहानी की पात्रा है ?
'दही वाली मंगम्मा' (लेखक: कमलेश्वर) में वल्लि अम्माल मंगम्मा की बेटी है। वह दही बेचने में मदद करती है। Quick Tip: वल्लि अम्माल = मंगम्मा की बेटी।
ईश्वर पेटलीकर किस भाषा के लोकप्रिय कथाकार हैं?
ईश्वर पेटलीकर गुजराती के प्रसिद्ध कहानीकार हैं। उनकी कहानियाँ ग्रामीण जीवन, सामाजिक यथार्थ पर आधारित हैं। 'ढहते विश्वास' उनकी रचना है। Quick Tip: पेटलीकर = गुजराती + ग्रामीण कहानी।
'ढहते विश्वास' में किस बाँध के टूटने का प्रसंग आया है ?
'ढहते विश्वास' में सिरकुरा बाँध टूटने से गाँव डूब जाता है। यह विकास vs परंपरा, विश्वास के ढहने का प्रतीक है। Quick Tip: सिरकुरा बाँध = ढहते विश्वास।
मंगम्मा को किसके साथ विवाद था ?
'दही वाली मंगम्मा' में मंगम्मा का अपनी बहू नंजम्मा से दही बेचने को लेकर विवाद है। नंजम्मा आधुनिक है, मंगम्मा परंपरागत। Quick Tip: मंगम्मा vs नंजम्मा = दही विवाद।
संतू मछली लेकर क्यों भागा ?
'मछली' (यशपाल) में संतू मछली को काटे जाने से बचाने के लिए कुएँ में डालने भागता है। यह करुणा और बचपन की संवेदना दिखाता है। Quick Tip: संतू = मछली + कुआँ।
अमीरुद्दीन का जन्म कहाँ हुआ था ?
'उस्ताद की वापसी' में अमीरुद्दीन का जन्म महाराष्ट्र के एक गाँव में हुआ था। वे तबला वादक थे और उस्ताद अल्लारखा के शिष्य बने। Quick Tip: अमीरुद्दीन = महाराष्ट्र + तबला।
विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास का नाम है
'नौकर की कमीज' विनोद कुमार शुक्ल का प्रसिद्ध उपन्यास है। यह मध्यवर्गीय जीवन, नौकरी और पहचान की विडंबना पर आधारित है। Quick Tip: शुक्ल = नौकर की कमीज।
अशोक वाजपेयी के माता-पिता का नाम क्या था ?
'अशोक वाजपेयी' पाठ में उल्लेख है कि उनके माता का नाम सुमित्रा देवी और पिता का नाम पूर्णानंद वाजपेयी था। वे सागर (मध्य प्रदेश) में जन्मे। Quick Tip: वाजपेयी = सुमित्रा + पूर्णानंद।
सुलोचना कौन थी ?
'लौटकर आऊँगा फिर' (विनोद कुमार शुक्ल) में सुलोचना हलवाइन (मिठाई बनाने वाली) है। वह कवि की पड़ोसन है और कविता में उसकी सादगी दिखाई गई है। Quick Tip: सुलोचना = हलवाइन + मिठाई।
"एक भाषा बोलनेवाली जाति की तरह अनेक भाषाएँ बोलनेवाले राष्ट्र की भी अस्मिता होत है।" यह किस शीर्षक पाठ की पंक्ति है ?
यह पंक्ति 'नागरी लिपि' (लेखक: हजारी प्रसाद द्विवेदी) से है। यह भारत की बहुभाषिकता और एकता में विविधता की बात करती है। नागरी लिपि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। Quick Tip: नागरी लिपि = बहुभाषिक अस्मिता।
(क) (i) उद्योग का सामान्य अर्थ क्या है ?
गद्यांश के अनुसार, उद्योग का सामान्य अर्थ प्राथमिक उत्पाद (जैसे कच्चा माल) को गौण उत्पाद (जैसे तैयार वस्तु) में परिवर्तित करना है। यह प्रक्रिया मूल्य वृद्धि करती है।
Quick Tip: उद्योग = कच्चा → तैयार (परिवर्तन)।
(ii) औद्योगिक दृष्टि से कौन-कौन राष्ट्र सम्पन्न हैं ?
गद्यांश में उल्लिखित उन्नत देश जो औद्योगिक दृष्टि से सम्पन्न हैं – संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और रूस। ये देश औद्योगिक विकास के मापदंड हैं।
Quick Tip: USA, Japan, UK, Russia = औद्योगिक दिग्गज।
(iii) भारत के औद्योगिक उत्पादन में किनका विशेष महत्त्व है ?
गद्यांश में कहा गया है कि भारत के औद्योगिक उत्पादन में लघु और कुटीर उद्योगों का विशेष महत्त्व है, इसलिए इनके विकास पर ध्यान दिया गया है।
Quick Tip: लघु + कुटीर = भारत का औद्योगिक आधार।
(iv) भारत ने औद्योगिक विकास की नीतियाँ क्या देखते हुए बनाई है ?
भारत ने अपनी औद्योगिक नीतियाँ उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और देश की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई हैं। यह योजनाबद्ध विकास का आधार है।
Quick Tip: नीति = संसाधन + आवश्यकता।
(v) उपर्युक्त गद्यांश का एक समुचित शीर्षक दें ।
गद्यांश उद्योग की परिभाषा, वैश्विक स्थिति, भारत का इतिहास और नीतियों पर केंद्रित है। इसलिए उपयुक्त शीर्षक 'भारत में औद्योगिक विकास' है।
Quick Tip: मुख्य विषय = शीर्षक।
अथवा
(ख) (i) हिन्दी साहित्य को कितने भागों में बाँटा गया है?
गद्यांश के अनुसार हिन्दी साहित्य को गद्य, पद्य और चम्पू – तीन भागों में बाँटा गया है। यह साहित्यिक वर्गीकरण का आधार है।
Quick Tip: गद्य + पद्य + चम्पू = 3 भाग।
(ii) हिन्दी साहित्य का मुख्य आधार क्या है ?
गद्यांश में कहा गया है कि गद्य और पद्य हिन्दी साहित्य की दो प्रमुख विधाएँ हैं, जो इसका मुख्य आधार हैं। चम्पू इनका मिश्रण है।
Quick Tip: मुख्य आधार = गद्य + पद्य।
(iii) 'उर्वशी' चंपू रचना किसकी है ?
'उर्वशी' आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रसिद्ध चम्पू रचना है, जिसमें गद्य और पद्य दोनों का प्रयोग किया गया है। यह हिंदी साहित्य में चम्पू विधा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Quick Tip: उर्वशी = रामचंद्र शुक्ल + चम्पू।
(iv) आधुनिक युग को किस नाम से जाना जाता है और क्यों ?
आधुनिक युग को गद्य युग कहा जाता है क्योंकि इस काल में कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि गद्य विधाओं का अभूतपूर्व विकास हुआ। गद्य को रचना का सुगम माध्यम माना गया।
Quick Tip: आधुनिक = गद्य युग (उपन्यास, निबंध का विकास)।
(v) चंपू किसे कहते हैं ?
चम्पू वह साहित्यिक विधा है जिसमें गद्य और पद्य दोनों का संयोजन होता है। यह हिंदी साहित्य का तीसरा भाग है, जैसे 'उर्वशी' (रामचंद्र शुक्ल)।
Quick Tip: चम्पू = गद्य + पद्य मिश्रण।
(क) (i) भारत के उत्तर में स्थित पड़ोसी देश का नाम क्या है ?
गद्यांश की पहली पंक्ति में स्पष्ट है कि नेपाल भारत के उत्तर में स्थित एक पड़ोसी देश है। यह भारत का निकटतम उत्तरी पड़ोसी है।
Quick Tip: उत्तर में = नेपाल।
(ii) नेपाल के दक्षिण में कौन-कौन राज्य स्थित हैं ?
गद्यांश में उल्लेख है कि नेपाल के दक्षिण में बिहार और उत्तर प्रदेश राज्य स्थित हैं। ये दोनों राज्य भारत के हैं और नेपाल की दक्षिणी सीमा बनाते हैं।
Quick Tip: दक्षिण = बिहार + उत्तर प्रदेश।
(iii) नेपाल की संरचना एवं स्थलाकृति को किसने प्रभावित किया ?
गद्यांश में कहा गया है कि नेपाल की संरचना एवं स्थलाकृति को हिमालय की उत्पत्ति ने काफी प्रभावित किया है। यह भू-आकृतिक विकास का कारण है।
Quick Tip: स्थलाकृति = हिमालय की उत्पत्ति।
(iv) माउण्ट एवरेस्ट कहाँ स्थित है ?
गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि विश्व का सर्वोच्च शिखर माउण्ट एवरेस्ट नेपाल में ही स्थित है। यह नेपाल के उत्तरी भाग में है।
Quick Tip: माउण्ट एवरेस्ट = नेपाल।
(v) सागरमाथा के नाम से किसको पुकारा जाता है ?
गद्यांश के अनुसार नेपाल में माउण्ट एवरेस्ट को सागरमाथा के नाम से पुकारा जाता है। यह नेपाली भाषा में इसका स्थानीय नाम है।
Quick Tip: सागरमाथा = माउण्ट एवरेस्ट (नेपाली नाम)।
(ख) (i) भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे ?
गद्यांश की पहली पंक्ति में कहा गया है कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। वे 1950 से 1962 तक इस पद पर रहे।
Quick Tip: प्रथम राष्ट्रपति = डॉ. राजेन्द्र प्रसाद।
(ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्म कहाँ हुआ था ?
गद्यांश में उल्लेख है कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्म बिहार में हुआ था। उनका जन्म 3 दिसंबर 1884 को जीरादेई (सारण जिला) में हुआ।
Quick Tip: जन्म = बिहार।
(iii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद के माता-पिता का नाम क्या था ?
गद्यांश में स्पष्ट है कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद के पिता का नाम महादेव सहाय और माता का नाम कमलेश्वरी देवी था। पिता संस्कृत-फारसी विद्वान थे।
Quick Tip: पिता = महादेव सहाय, माता = कमलेश्वरी देवी।
(iv) संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे ?
गद्यांश में कहा गया है कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष थे। उन्होंने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Quick Tip: संविधान सभा अध्यक्ष = डॉ. राजेन्द्र प्रसाद।
(v) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने कौन-सी महत्त्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं ?
गद्यांश में उल्लेखित है कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने 'बापू के कदमों में' और 'चम्पारण में महात्मा गाँधी' जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। ये गांधीजी पर आधारित हैं।
Quick Tip: पुस्तकें = बापू के कदमों में + चम्पारण में महात्मा गाँधी।
अपने प्रखंड के प्रमुख के पास एक पत्र लिखें जिसमें सड़क बनवाने का अनुरोध हो
N/A
मित्रता के महत्त्व पर दो छात्रों के बीच होनेवाले संवाद को लिखें ।
N/A
(i) 'तरुतल निवासिनी' के माध्यम से कवि सुमित्रानंदन पंत क्या कहना चाहते हैं ?
'तरुतल निवासिनी' कविता में पंत प्रकृति की गोद में रहने वाली नारी (प्रकृति की संतान) के माध्यम से प्रकृति के साथ सामंजस्य, सरलता और सौंदर्यपूर्ण जीवन की बात करते हैं। यह छायावादी प्रकृति-प्रेम का प्रतीक है।
Quick Tip: तरुतल निवासिनी = प्रकृति + सरल जीवन (पंत की छायावाद शैली)।
(ii) कवि घनानंद अपने आँसुओं को कहाँ पहुँचाना चाहते हैं और क्यों ?
घनानंद 'प्रेम की पीर' में कहते हैं कि उनके आँसू सुजान के चरणों तक पहुँचें ताकि प्रिया उनकी विरह-पीड़ा समझे। यह रीतिकालीन श्रृंगार रस (विप्रलंभ) का उदाहरण है।
Quick Tip: घनानंद = सुजान + आँसू चरणों में (विरह)।
(iii) 'मेरे बिना तुम प्रभु' शीर्षक कविता का प्रतिपाद्य क्या है ?
कविता में भक्त कहता है कि प्रभु उसके बिना अधूरे हैं, अर्थात् भक्ति और भगवान का परस्पर निर्भर संबंध। यह सगुण भक्ति (रामभक्ति) की गहन अनुभूति है।
Quick Tip: मेरे बिना तुम प्रभु = भक्त-भगवान एकता।
(iv) 'प्रज्वलित क्षण की दोपहरी' से कवि का आशय क्या है ?
'प्रज्वलित क्षण की दोपहरी' से कवि जीवन के उस चमकदार, ऊर्जावान क्षण का बोध कराते हैं जब सृजन, यौवन या प्रेरणा अपने चरम पर होती है। यह क्षणभंगुर सौंदर्य का प्रतीक है।
Quick Tip: प्रज्वलित दोपहरी = जीवन का चमकदार क्षण।
(v) बाढ़ आने के पहले लक्ष्मी ने क्या किया ?
'ढहते विश्वास' में बाढ़ आने से पहले लक्ष्मी ने दूरदर्शिता दिखाते हुए घर का कीमती सामान ऊँचाई पर रखा और बच्चों-पड़ोसियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। यह उसकी जिम्मेदारी और साहस को दर्शाता है।
Quick Tip: लक्ष्मी = बाढ़ से पहले सामान ऊपर + परिवार सुरक्षित।
(vi) बहुओं की आपसी लड़ाई पर सीता (माँ) की कैसी प्रतिक्रिया होती है ?
'माँ' कहानी में सीता (माँ) बहुओं की आपसी लड़ाई पर चुप रहती है। वह समझती है कि यह परिवार का आंतरिक मामला है और उसकी चुप्पी से संतुलन बना रहता है। यह पारंपरिक माँ की धैर्य और समझदारी को दर्शाता है।
Quick Tip: सीता = बहुओं की लड़ाई पर मौन।
(vii) गाँधीजी के अनुसार, शिक्षा का जरूरी अंग क्या होना चाहिए ?
गांधीजी कहते हैं कि शिक्षा केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि हृदय की शिक्षा होनी चाहिए – जिसमें करुणा, सत्य, अहिंसा और नैतिकता का विकास हो। यह 'मेरा गांधी जी' पाठ से लिया गया है।
Quick Tip: गांधी = शिक्षा = हृदय की शिक्षा।
(viii) डॉ० भीमराव अम्बेदकर के अनुसार किसी कार्य में दक्षता प्राप्त करने के लिए क्या अनिवार्य है ?
डॉ. अम्बेडकर कहते हैं कि किसी भी कार्य में दक्षता के लिए केवल योग्यता नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास और कठिन परिश्रम अनिवार्य है। यह 'डॉ. अम्बेडकर' पाठ से लिया गया कथन है।
Quick Tip: अम्बेडकर = दक्षता = अभ्यास + मेहनत।
(ix) नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न लेखक के सामने कैसे उपस्थित हुआ ?
'नाखून क्यों बढ़ते हैं' निबंध में लेखक (हजारी प्रसाद द्विवेदी) कालिदास के कथन से प्रेरित होकर यह प्रश्न उठाते हैं कि नाखून बढ़ते हैं ताकि पुराने काटे जाएँ – अर्थात् परिवर्तन और नवीकरण प्रकृति का नियम है।
Quick Tip: नाखून = द्विवेदी + कालिदास + पुराना-नया।
(x) छंद किसे कहते हैं और छंद के कितने प्रकार होते हैं ?
छंद काव्य की वह व्यवस्था है जिसमें वर्ण या मात्राओं की निश्चित संख्या होती है। प्रकार: (1) मात्रिक (मात्राओं पर आधारित, जैसे चौपाई), (2) वर्णिक (वर्णों पर, जैसे सवैया), (3) मुक्त छंद (नियम मुक्त)।
Quick Tip: छंद = मात्रिक, वर्णिक, मुक्त (3 प्रकार)।
(i) संस्कृत और दूसरी भारतीय भाषाओं के अध्ययन से पाश्चात्य जगत् को प्रमुख लाभ क्या-क्या हुए ?
संस्कृत और भारतीय भाषाओं के अध्ययन से पाश्चात्य विद्वानों को उपनिषद्, वेदांत, योग, आयुर्वेद, पाणिनि व्याकरण, कालिदास साहित्य और बौद्ध दर्शन का गहन ज्ञान मिला। शोपेनहावर, मैक्समूलर, शेलिंग जैसे विचारकों ने भारतीय दर्शन से प्रेरणा ली। योग और ध्यान पश्चिम में लोकप्रिय हुए। भाषाविज्ञान में संस्कृत की संरचना ने तुलनात्मक अध्ययन को बढ़ावा दिया। यह अध्ययन पश्चिम को आध्यात्मिक शांति और मानवीय मूल्यों की खोज में सहायक रहा। कुल मिलाकर, भारतीय ज्ञान ने पश्चिमी चिंतन को समृद्ध और संतुलित किया।
Quick Tip: भारतीय ज्ञान = दर्शन + विज्ञान + आध्यात्म (पाश्चात्य प्रभाव)।
(ii) सप्रसंग व्याख्या करें : "देवता कहीं सड़कों पर गिट्टी तोड़ रहें, देवता मिलेंगे खेतों में, खलिहानों में ।"
यह पंक्ति रामधारी सिंह 'दिनकर' की कविता से है। प्रसंग: कवि कहते हैं कि सच्चे देवता मंदिरों में नहीं, बल्कि सड़कों पर गिट्टी तोड़ने वाले मजदूर और खेत-खलिहान में पसीना बहाने वाले किसान हैं। ये लोग राष्ट्र की रीढ़ हैं, जो भोजन और आधारभूत संरचना बनाते हैं। कवि मेहनत की महिमा गाते हैं और समाज को श्रमिकों के प्रति सम्मान का संदेश देते हैं। यह पंक्ति श्रम की गरिमा और ग्रामीण भारत की सच्चाई को उजागर करती है।
Quick Tip: देवता = मेहनतकश (दिनकर की श्रम-महिमा)।
*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.