
Bihar Board is conducting the Class 10 Hindi Board Exam 2026 on February 19, 2026. Class 10 Hindi Question Paper with Solution PDF is available here for download. The official question paper of Bihar Board Class 10 Hindi Board Exam 2026 is provided below. Students can download the official paper in PDF format for reference.
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'भारतमाता' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कविताओं और उनके रचयिताओं की पहचान पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'भारतमाता' कविता छायावादी युग के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित है।
यह कविता उनके प्रसिद्ध काव्य संग्रह 'ग्राम्या' से संकलित है।
इसमें कवि ने परतंत्र भारत की ग्रामीण जनता के कष्टों और भारतमाता के स्वरूप का यथार्थ चित्रण किया है।
अन्य विकल्प:
- वीरेन डंगवाल: 'हमारी नींद' के रचनाकार हैं।
- कुँवर नारायण: 'एक वृक्ष की हत्या' के रचनाकार हैं।
- रेनर मारिया रिल्के: 'मेरे बिना तुम प्रभु' के रचनाकार हैं।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (B) सुमित्रानंदन पंत है।
Quick Tip: पाठ्यपुस्तक के काव्य खंड के सभी पाठों और उनके कवियों के नाम कंठस्थ कर लें, इससे परीक्षा में सीधे अंक प्राप्त होते हैं।
'कुलश्रेष्ठ' किस तत्पुरुष समास का उदाहरण है ?
Step 1: Understanding the Concept:
तत्पुरुष समास में उत्तरपद प्रधान होता है और विग्रह करने पर कारक चिह्न स्पष्ट होते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
'कुलश्रेष्ठ' का सामासिक विग्रह है: 'कुल में श्रेष्ठ'।
यहाँ 'में' विभक्ति का प्रयोग हुआ है।
व्याकरण के नियमानुसार, 'में' और 'पर' अधिकरण कारक की विभक्तियाँ हैं।
अतः, जिस तत्पुरुष समास में अधिकरण कारक की विभक्ति का लोप होता है, वह 'अधिकरण तत्पुरुष' कहलाता है।
Step 3: Final Answer:
चूंकि विग्रह में 'में' का प्रयोग हुआ है, इसलिए यह (B) अधिकरण तत्पुरुष है।
Quick Tip: समास पहचानने के लिए शब्द का विग्रह करें; विग्रह में आने वाला कारक चिह्न ही तत्पुरुष के भेद को दर्शाता है।
'चन्द्रशेखर' किस समास का उदाहरण है ?
Step 1: Understanding the Concept:
बहुव्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे विशेष अर्थ (संज्ञा) की ओर संकेत करते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
'चन्द्रशेखर' का विग्रह है: 'चन्द्र है शिखर (सिर) पर जिसके'।
यहाँ 'चन्द्र' और 'शिखर' शब्द मिलकर भगवान शिव की ओर संकेत कर रहे हैं।
जब शब्द अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ का बोध कराता है, तो वहाँ बहुव्रीहि समास होता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, यह (A) बहुव्रीहि समास का उदाहरण है।
Quick Tip: प्रायः पौराणिक पात्रों और देवताओं के नाम (जैसे - लंबोदर, पीतांबर) बहुव्रीहि समास के अंतर्गत आते हैं।
'गायेबैल' किस समास का उदाहरण है ?
Step 1: Understanding the Concept:
द्वंद्व समास में दोनों पद समान रूप से प्रधान होते हैं और उनके बीच योजक चिह्न (-) का प्रयोग होता है या विग्रह करने पर 'और' शब्द आता है।
Step 2: Detailed Explanation:
'गायेबैल' का विग्रह है: 'गाय और बैल'।
यहाँ 'गाय' और 'बैल' दोनों स्वतंत्र अर्थ रखते हैं और दोनों ही पद प्रधान हैं।
जोड़ों के रूप में प्रयुक्त होने वाले शब्द प्रायः द्वंद्व समास होते हैं।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (C) द्वंद्व है।
Quick Tip: जिन शब्दों के बीच विग्रह करने पर 'और', 'या', 'अथवा' आए, वे द्वंद्व समास कहलाते हैं।
'बाजार' विशेष्य का विशेषण है -
Step 1: Understanding the Concept:
विशेष्य (संज्ञा) शब्दों से विशेषण शब्दों का निर्माण प्रत्यय जोड़कर किया जाता है।
Step 2: Detailed Explanation:
'बाजार' एक संज्ञा है।
बाजार से संबंधित विशेषता बताने के लिए इसमें 'ऊ' प्रत्यय लगाने पर 'बाजारू' शब्द बनता है।
जैसे - 'बाजारू सामान' या 'बाजारू गपशप'।
अन्य विकल्प:
- 'बोझिल' शब्द 'बोझ' से बना है।
- 'बरसाती' शब्द 'बरसात' से बना है।
- 'बादामी' शब्द 'बादाम' से बना है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विशेषण रूप (D) बाजारू है।
Quick Tip: विशेषण पहचानने के लिए शब्द के आगे कोई संज्ञा लगाकर देखें, जो सटीक बैठे वही विशेषण है।
नलिन विलोचन शर्मा की माता का नाम क्या था ?
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न 'विष के दाँत' कहानी के लेखक नलिन विलोचन शर्मा के जीवन परिचय से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
नलिन विलोचन शर्मा का जन्म 18 फरवरी 1916 को पटना के बदरघाट में हुआ था।
उनके पिता का नाम पंडित रामावतार शर्मा था।
उनकी माता का नाम रत्नावती शर्मा था।
लेखक परिचय से संबंधित तथ्यों को याद रखना वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए आवश्यक है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (C) रत्नावती शर्मा है।
Quick Tip: प्रमुख लेखकों के जन्म, माता-पिता का नाम और मुख्य कृतियों का एक चार्ट बनाकर याद करें।
'वह आदमी नया गरम कोट पहनकर चला गया विचार की तरह' कविता संग्रह के कवि हैं -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न समकालीन कवियों की काव्य रचनाओं के नाम पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'वह आदमी नया गरम कोट पहनकर चला गया विचार की तरह' विनोद कुमार शुक्ल का अत्यंत प्रसिद्ध कविता संग्रह है।
विनोद कुमार शुक्ल आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि हैं, जिन्होंने 'मछली' जैसी कहानी और 'नौकर की कमीज' जैसा उपन्यास भी लिखा है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) विनोद कुमार शुक्ल है।
Quick Tip: विनोद कुमार शुक्ल की भाषा शैली जादुई यथार्थवाद से प्रेरित है, उनके कविता संग्रहों के नाम थोड़े लंबे और वर्णनात्मक होते हैं।
'अंकिता अपने आप जा रही है' – यह वाक्य किस सर्वनाम का उदाहरण है ?
Step 1: Understanding the Concept:
सर्वनाम का वह भेद जो कर्ता के स्वयं के लिए प्रयुक्त होता है, उसे 'निजवाचक सर्वनाम' कहते हैं।
Step 2: Detailed Explanation:
दिए गए वाक्य 'अंकिता अपने आप जा रही है' में 'अपने आप' शब्द कर्ता (अंकिता) के लिए ही प्रयुक्त हुआ है।
जब कर्ता स्वयं के कार्य के लिए 'खुद', 'स्वयं' या 'अपने आप' का उपयोग करता है, तो वह निजवाचक सर्वनाम कहलाता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (C) निजवाचक सर्वनाम है।
Quick Tip: वाक्य में 'स्वयं', 'स्वतः' या 'अपने आप' शब्द मिलते ही उसे निजवाचक सर्वनाम मानें।
'मेरे लिए यह घर अनजान नहीं है' – इस वाक्य में 'यह' किस सर्वनाम का उदाहरण है ?
Step 1: Understanding the Concept:
निश्चयवाचक सर्वनाम वह होता है जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति की ओर संकेत करता है।
Step 2: Detailed Explanation:
वाक्य 'मेरे लिए यह घर अनजान नहीं है' में 'यह' शब्द का प्रयोग सामने स्थित एक निश्चित 'घर' की ओर संकेत करने के लिए किया गया है।
चूँकि यहाँ घर की स्थिति निश्चित है, इसलिए 'यह' निश्चयवाचक (संकेतवाचक) सर्वनाम है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) निश्चयवाचक का है।
Quick Tip: जब 'यह' या 'वह' शब्द किसी संज्ञा की निश्चितता बताते हैं, तो वे निश्चयवाचक सर्वनाम होते हैं।
'आनन्द' का पर्यायवाची शब्द है -
Step 1: Understanding the Concept:
पर्यायवाची शब्द वे शब्द हैं जिनका अर्थ लगभग समान होता है।
Step 2: Detailed Explanation:
'आनन्द' का अर्थ होता है - खुशी, हर्ष या उल्लास।
विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) प्रमोद: इसका अर्थ भी प्रसन्नता या खुशी होता है। अतः यह 'आनन्द' का पर्यायवाची है।
- (B) कानन: इसका अर्थ 'जंगल' या 'वन' होता है।
- (C) सरोज: इसका अर्थ 'कमल' (तालाब में जन्म लेने वाला) होता है।
- (D) मदन: इसका अर्थ 'कामदेव' होता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) प्रमोद है।
Quick Tip: आनन्द के अन्य प्रमुख पर्यायवाची: हर्ष, खुशी, उल्लास, मोद।
कविताओं की चर्चित श्रृंखला 'कवि ने कहा' से निम्न में कौन शीर्षक कविता ली गई है ?
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न पाठ्यपुस्तक में दी गई कविताओं के काव्य संग्रह के स्रोत से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'अक्षर-ज्ञान' कविता की रचना प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका ने की है।
यह कविता उनकी चर्चित श्रृंखला 'कवि ने कहा' से ली गई है।
इस कविता में बच्चे के अक्षर सीखने की प्रारंभिक कठिनाइयों को मनोवैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (D) अक्षर-ज्ञान है।
Quick Tip: अनामिका हिंदी की प्रमुख आधुनिक कवयित्री हैं, उनकी रचनाओं के स्रोत अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
'सहजात वृत्ति' का अर्थ है -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' में प्रयुक्त विशिष्ट शब्द के अर्थ पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'सहजात' शब्द 'सह' (साथ) और 'जात' (उत्पन्न) से बना है।
इसका अर्थ है वह गुण या आदत जो जीव के साथ उसके जन्म से ही विद्यमान होती है।
लेखक ने नाखूनों के बढ़ने को 'सहजात वृत्ति' कहा है क्योंकि यह मनुष्य की पाशविक प्रवृत्तियों का प्रतीक है जो स्वतः होती हैं।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (D) है।
Quick Tip: निबंधों में प्रयुक्त पारिभाषिक शब्दों के अर्थ अक्सर परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में आते हैं।
'आद्यलेख' का अर्थ है -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न प्राचीन लिपियों और ऐतिहासिक लेखन के संदर्भ में प्रयुक्त शब्द पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'आद्य' का अर्थ है - आदि, सबसे पुराना या प्रथम।
'लेख' का अर्थ है - लिखा हुआ विवरण।
अतः 'आद्यलेख' का अर्थ 'अत्यंत प्राचीन प्रारंभिक लेख' होता है, जो इतिहास के प्रारंभिक काल में लिखे गए थे।
Step 3: Final Answer:
सही विकल्प (A) है।
Quick Tip: 'आद्य' शब्द का प्रयोग कई ऐतिहासिक शब्दों के साथ होता है (जैसे - आद्य ऐतिहासिक काल)।
'उर्वशी' के रचनाकार हैं -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध पुरस्कृत रचनाओं और उनके रचनाकारों पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'उर्वशी' राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की एक महत्वपूर्ण काव्य कृति है।
इस महान कृति के लिए दिनकर जी को वर्ष 1972 में 'भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।
यह काव्य मनुष्य के प्रेम और काम के द्वंद्व पर आधारित है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (B) रामधारी सिंह 'दिनकर' है।
Quick Tip: दिनकर जी की अन्य प्रमुख रचनाएँ 'कुरुक्षेत्र', 'रश्मिरथी' और 'रेणुका' हैं, इन्हें भी याद रखें।
सारस पक्षी को अन्य किस नाम से जाना जाता है ?
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न जीवनानंद दास की कविता 'लौटकर आऊँगा फिर' में प्रयुक्त क्षेत्रीय शब्दों के ज्ञान पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
कवि जीवनानंद दास अपनी कविता 'लौटकर आऊँगा फिर' में बंगाल के लोक जीवन और प्रकृति का वर्णन करते हैं।
कविता के विशिष्ट संदर्भों और स्थानीय प्रयोगों के अनुसार, सारस पक्षी के लिए 'करीच' शब्द का उल्लेख मिलता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (C) करीच है।
Quick Tip: कविताओं में प्रयुक्त पक्षियों और पेड़ों के स्थानीय नामों को कविता के अर्थ के साथ पढ़ना उपयोगी होता है।
'लौटकर आऊँगा फिर' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न आधुनिक हिंदी पाठ्यक्रम में संकलित अनूदित कविताओं के मूल रचनाकारों की पहचान पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'लौटकर आऊँगा फिर' बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध कवि जीवनानंद दास की रचना है।
हिंदी में इसका अनुवाद 'प्रयाग शुक्ल' ने किया है।
इस कविता में कवि अपनी जन्मभूमि बंगाल के प्रति अपनी अटूट आस्था और पुनर्जन्म लेकर वहीं लौटने की इच्छा व्यक्त करता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) जीवनानंद दास है।
Quick Tip: विदेशी या अन्य भारतीय भाषाओं से अनूदित पाठों के मूल लेखक और अनुवादक दोनों के नाम याद रखना बेहतर होता है।
'शिक्षा और संस्कृति' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं -
Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न पाठ्यक्रम में शामिल वैचारिक लेखों और उनके लेखकों की पहचान पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
'शिक्षा और संस्कृति' पाठ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित है।
इस पाठ में गांधी जी ने सच्ची शिक्षा का अर्थ 'चरित्र निर्माण' बताया है।
वे ऐसी संस्कृति के पक्षधर थे जो सभी संस्कृतियों के लिए उदार हो लेकिन अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (B) महात्मा गांधी है।
Quick Tip: गांधी जी की प्रसिद्ध पुस्तक 'हिन्द स्वराज' और उनकी आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' के बारे में भी पूछा जा सकता है।
'बहादुर' शीर्षक पाठ की विधा है -
Step 1: Understanding the Concept:
हिंदी साहित्य में गद्य की अनेक विधाएँ होती हैं (जैसे - कहानी, निबंध, उपन्यास आदि)। यह प्रश्न विधा की पहचान पर है।
Step 2: Detailed Explanation:
अमरकांत द्वारा रचित 'बहादुर' एक प्रसिद्ध 'कहानी' है।
यह कहानी एक नेपाली घरेलू नौकर (बहादुर) की है, जो मध्यमवर्गीय परिवार के व्यवहार और अपनी स्वाभिमानपूर्ण विदाई के कारण पाठक के मन में संवेदना जगाती है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) कहानी है।
Quick Tip: प्रत्येक पाठ की विधा और लेखक का नाम एक साथ याद करें, जैसे - बहादुर (कहानी) - अमरकांत।
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