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UP Board Class 10 Hindi Code 801 HC Question Paper 2024 with Solutions

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Devanshi Mittal

Content Writer | Updated On - Mar 6, 2025

UP Board Class 10 Hindi Question Paper 2024 PDF (Code 801 HC) is available for download here. The Hindi exam was conducted on February 22, 2024 in the Morning Shift from 8:30 AM to 11:45 AM. The total marks for the theory paper are 70. Students reported the paper to be easy to moderate.

UP Board Class 10 Hindi Question Paper 2024 (Code 801 HC) with Solutions

UP Board Class 10 Hindi Question Paper With Answer Key

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Question 1:

"चन्द्रगुप्त" रचना की विधा है :

  • (A) निबन्ध
  • (B) उपन्यास
  • (C) नाटक
  • (D) कविता
Correct Answer: (C) नाटक
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"चन्द्रगुप्त" रचना एक नाटक है। यह नाटक चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन पर आधारित है, जो भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण पात्र था। यह नाटक उनके संघर्षों और उनके साम्राज्य के निर्माण की कहानी को प्रस्तुत करता है। Quick Tip: नाटक साहित्य की एक प्रमुख विधा है जिसमें संवाद और अभिनय के माध्यम से कहानी को प्रस्तुत किया जाता है।


Question 2:

'दीप जले शंख बजे' के लेखक हैं :

  • (A) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'
  • (B) शान्तिप्रिय द्विवेदी
  • (C) रामवृक्ष 'बेनीपुरी'
  • (D) देवेन्द्र सत्यार्थी
Correct Answer: (A) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'
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'दीप जले शंख बजे' के लेखक कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' हैं। यह रचना भारतीय समाज और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। Quick Tip: देवेन्द्र सत्यार्थी एक प्रसिद्ध साहित्यकार थे जिनकी रचनाएँ समाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर केंद्रित होती थीं।


Question 3:

शुक्लोत्तर युगीन लेखक हैं :

  • (A) विनय मोहन शर्मा
  • (B) मन्नू भण्डारी
  • (C) उपेन्द्रनाथ 'अश्क'
  • (D) सत्येन्द्र द्विवेदी
Correct Answer: (C) उपेन्द्रनाथ 'अश्क'
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शुक्लोत्तर युगीन लेखक उपेन्द्रनाथ 'अश्क' हैं। उपेन्द्रनाथ 'अश्क' हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक रहे हैं और उन्होंने शुक्लोत्तर युग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। Quick Tip: शुक्लोत्तर युग हिन्दी साहित्य का एक महत्वपूर्ण समय था, जब साहित्यिक दृष्टिकोण से कई नए प्रयोग हुए थे।


Question 4:

हजारीप्रसाद द्विवेदी लेखक हैं :

  • (A) पानी के प्राचीर के
  • (B) आपका बंटी के
  • (C) बूँद और समुद्र के
  • (D) बाणभट्ट की आत्मकथा के
Correct Answer: (D) बाणभट्ट की आत्मकथा के
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हजारीप्रसाद द्विवेदी ने 'बाणभट्ट की आत्मकथा' की रचना की है। यह उनकी प्रमुख काव्यात्मक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। Quick Tip: हजारीप्रसाद द्विवेदी हिन्दी साहित्य के एक महत्वपूर्ण आलोचक और लेखक थे, जिन्होंने साहित्यिक आलोचना में गहरा योगदान दिया।


Question 5:

निम्नलिखित में से जयशङ्कर प्रसाद का नाटक नहीं है :

  • (A) अजातशत्रु
  • (B) स्कन्दगुप्त
  • (C) ध्रुवस्वामिनी
  • (D) अन्धेर नगरी
Correct Answer: (D) अन्धेर नगरी
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जयशङ्कर प्रसाद का 'अन्धेर नगरी' नाटक नहीं है। 'अन्धेर नगरी' नाटक भारत के प्रसिद्ध लेखक 'काका कालेलकर' द्वारा रचित है। Quick Tip: जयशङ्कर प्रसाद हिन्दी नाटक के महान लेखक थे, जिनकी रचनाएँ भारतीय समाज और संस्कृति को समझाने में सहायक हैं।


Question 6:

रीतिबद्ध काव्यधारा के कवि हैं :

  • (A) बिहारी लाल
  • (B) बोधा
  • (C) भिखारीदास
  • (D) धनानन्द
Correct Answer: (C) भिखारीदास
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रीतिबद्ध काव्यधारा के प्रमुख कवि भिखारीदास थे। वे हिन्दी कविता के प्रमुख कवि रहे हैं, जिनकी कविताओं में रीतिबद्ध शैली का प्रभाव था। Quick Tip: रीतिकाव्य शैली में गीत, सवैय्या, और अन्य काव्य रचनाओं का समावेश होता है, जो मुख्य रूप से दरबारी और शास्त्रीय काव्यशैली पर आधारित हैं।


Question 7:

'पद्माभरण' के रचयिता हैं :

  • (A) सेनापति
  • (B) केशव
  • (C) पद्माकर
  • (D) भूषण
Correct Answer: (C) पद्माकर
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'पद्माभरण' के रचनाकार पद्माकर हैं। यह एक प्रसिद्ध काव्य रचना है जो संस्कृत साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। Quick Tip: पद्माकर एक प्रसिद्ध संस्कृत कवि थे, जिन्होंने भक्ति और काव्यशास्त्र पर महत्वपूर्ण काव्य रचनाएँ कीं।


Question 8:

सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की रचना है :

  • (A) कनुप्रिया
  • (B) सुनहरे शैवाल
  • (C) ठण्डा लोहा
  • (D) राम की शक्ति पूजा
Correct Answer: (D) राम की शक्ति पूजा
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सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की रचना 'राम की शक्ति पूजा' है। यह काव्य रचना भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। Quick Tip: 'राम की शक्ति पूजा' महाकाव्य की तरह महाकाव्यात्मक दृष्टिकोण से लिखी गई थी, जिसमें राम के प्रति आदर्श श्रद्धा और शक्ति की पूजा का वर्णन है।


Question 9:

प्रयोगवादी कवि हैं :

  • (A) भारत भूषण अग्रवाल
  • (B) केदारनाथ अग्रवाल
  • (C) रामधारी सिंह 'दिनकर'
  • (D) सुमित्रानन्दन पन्त
Correct Answer: (A) भारत भूषण अग्रवाल
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भारत भूषण अग्रवाल प्रयोगवादी कवि थे, जिनकी कविताओं में प्रयोगात्मकता और आधुनिक विचारधाराओं का समावेश था। Quick Tip: प्रयोगवाद साहित्य की एक प्रवृत्ति है जो नई अभिव्यक्तियों, शैली और विचारों के प्रयोग को प्रोत्साहित करती है।


Question 10:

'आँगन के पार द्वार' के रचयिता हैं :

  • (A) धर्मवीर भारती
  • (B) भवानी प्रसाद मिश्र
  • (C) 'अज्ञेय'
  • (D) गिरिजा कुमार माथुर
Correct Answer: (C) 'अज्ञेय'
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'आँगन के पार द्वार' के रचनाकार 'अज्ञेय' हैं। यह एक प्रसिद्ध काव्य रचना है जिसमें जीवन के अनेक पहलुओं को सुंदरता से प्रस्तुत किया गया है। Quick Tip: धर्मवीर भारती हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, निबंधकार और नाटककार थे, जिन्होंने समाज के विभिन्न पहलुओं को अपनी रचनाओं में सजीव किया।


Question 11:

'करुण' रस का स्थायी भाव है :

  • (A) क्रोध
  • (B) शोक
  • (C) हास्य
  • (D) भय
Correct Answer: (B) शोक
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'करुण' रस का स्थायी भाव शोक है। करुण रस का अर्थ होता है दुःख, विषाद और शोक की भावना, जो साहित्यिक रचनाओं में व्यक्त होती है। Quick Tip: 'करुण रस' शोक और दुख की अभिव्यक्ति का रस है, जिसे काव्य में भावनाओं की गहरी अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।


Question 12:

'चरण-कमल बंदौ हरि राई।' में प्रयुक्त अलङ्कार है :

  • (A) उपमा
  • (B) उत्प्रेक्षा
  • (C) रूपक
  • (D) यमक
Correct Answer: (C) रूपक
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'चरण-कमल बंदौ हरि राई।' में प्रयुक्त अलङ्कार रूपक है। रूपक एक प्रकार का अलंकार है जिसमें किसी वस्तु या व्यक्ति के गुणों को किसी अन्य वस्तु से बिना 'जैसा' या 'के समान' शब्द के द्वारा व्यक्त किया जाता है। Quick Tip: रूपक अलंकार में एक वस्तु या व्यक्ति के गुणों को दूसरे वस्तु के गुणों से व्यक्त किया जाता है, जैसे किसी व्यक्ति को देवता की तरह गुणवान बताया जाता है।


Question 13:

'रोला' छन्द के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं ?

  • (A) 24
  • (B) 16
  • (C) 13
  • (D) 11
Correct Answer: (A) 24
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'रोला' छन्द के प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं। यह एक विशेष प्रकार का छन्द है जो विशेष रूप से हिन्दी साहित्य में प्रयोग किया जाता है। Quick Tip: छन्द की मात्राएँ कविता की लय और गति को निर्धारित करती हैं, जो काव्य रचनाओं को और प्रभावशाली बनाती हैं।


Question 14:

'अभ्यागत' शब्द में उपसर्ग है :

  • (A) अनु
  • (B) अपि
  • (C) अव
  • (D) अभि
Correct Answer: (D) अभि
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'अभ्यागत' शब्द में उपसर्ग 'अभि' है। 'अभि' का अर्थ होता है 'की ओर', 'पास' या 'प्रति'। Quick Tip: उपसर्ग शब्दों के अर्थ में परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं, जैसे 'अभि' का अर्थ 'पास' या 'की ओर' होता है।


Question 15:

'नीलकमल' में समास है :

  • (A) द्रन्द्र
  • (B) द्विगु
  • (C) कर्मधारय
  • (D) बहुब्रीहि
Correct Answer: (C) कर्मधारय
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'नीलकमल' में समास 'कर्मधारय' है। इसमें 'नील' और 'कमल' का संबंध है, जहाँ 'कमल' एक वस्तु को दर्शाता है और 'नील' उसका गुण। Quick Tip: कर्मधारय समास में दो शब्दों का संयोजन होता है, जिसमें एक शब्द दूसरे शब्द का गुण बताता है, जैसे 'नीलकमल' (नील का कमल)।


Question 16:

'योगी' शब्द का तद्भव शब्द होगा :

  • (A) जोगी
  • (B) युगी
  • (C) जौगी
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (A) जोगी
View Solution

'योगी' शब्द का तद्भव शब्द 'जोगी' है। तद्भव शब्द वे शब्द होते हैं जो संस्कृत से भारतीय भाषाओं में आए और उनके रूप में बदलाव आया। Quick Tip: तद्भव शब्द संस्कृत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन उनकी ध्वनि और रूप में स्थानीय भाषा के अनुसार परिवर्तन होता है।


Question 17:

'युष्मद्' शब्द की सप्तमी विभक्ति, एकवचन का रूप होगा :

  • (A) तब
  • (B) त्वत्
  • (C) त्वयि
  • (D) तुभ्यम्
Correct Answer: (C) त्वयि
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'युष्मद्' शब्द की सप्तमी विभक्ति, एकवचन का रूप 'त्वयि' होगा। यह संस्कृत में सम्बोधन या उपभक्ति के लिए प्रयोग होता है। Quick Tip: सप्तमी विभक्ति में स्थान, स्थिति या किसी उद्देश्य को व्यक्त किया जाता है, जैसे 'त्वयि' (तुमसे) शब्द का प्रयोग।


Question 18:

रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं ?

  • (A) आठ
  • (B) तीन
  • (C) चार
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (B) तीन
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रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं: सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्रित वाक्य। इन वाक्यों में संरचना और विचार की प्रक्रिया में अंतर होता है। Quick Tip: वाक्य रचनाएँ विचार व्यक्त करने का प्रमुख तरीका होती हैं, जो भाषा में स्पष्टता लाती हैं।


Question 19:

'भाववाच्य' में प्रधानता होती है :

  • (A) कर्ता की
  • (B) कर्म की
  • (C) क्रिया की
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: (D) इनमें से कोई नहीं
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'भाववाच्य' में प्रधानता इनमें से कोई नहीं होती है। Quick Tip: भाववाच्य में कर्म और क्रिया का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है, जिससे वाक्य की संरचना और अर्थ में स्पष्टता आती है।


Question 20:

'अविकारी' शब्द है :

  • (A) इन्द्र
  • (B) गाय
  • (C) यथासम्भव
  • (D) आप
Correct Answer: (C) यथासम्भव
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'अविकारी' शब्द 'यथासम्भव' है, क्योंकि यह एक विशेषण के रूप में कार्य करता है और इसका रूप कभी नहीं बदलता। Quick Tip: अविकारी शब्द वह होता है जो अपने रूप में परिवर्तन नहीं करता और इसका उपयोग समान रूप से होता है।


Question 21:

निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के Solution दीजिए :


(क) कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है । यह केवल नीति और सद्वृत्ति का ही नाश नहीं करता, बल्कि बुद्धि का भी क्षय करता है। किसी युवा-पुरुष की संगति यदि बुरी होगी, तो वह उसके पैरों में बँधी चक्की के समान होगी, जो उसे दिन-दिन अवनति के गड्ढे में गिराती जाएगी और यदि अच्छी होगी तो सहारा देने वाली बाहु के समान होगी, जो उसे निरंतर उन्नति की ओर ले जाएगी ।


(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

Correct Answer:
View Solution

उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ यह है कि कुसंगति और सद्वृत्ति के प्रभाव के बारे में बताया गया है। गद्यांश में यह विचार किया गया है कि किस प्रकार हमारी संगत का असर हमारी नीति, सद्वृत्ति, और बुद्धि पर पड़ता है। इस संदर्भ में युवा व्यक्ति की संगति के बारे में बताया गया है कि यदि वह बुरी संगत करता है, तो यह उसे अवनति की ओर ले जाती है, जबकि अच्छी संगत उसे उन्नति की ओर बढ़ाती है।


%Question text
(ii) गद्यांश के रेखाङ्कित अंश की व्याख्या कीजिए।


% Solution
Solution:
गद्यांश में रेखांकित अंश में यह कहा गया है कि कुसंगति के दुष्परिणाम सिर्फ नीति और सद्वृत्ति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि यह व्यक्ति की बुद्धि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। बुरी संगति व्यक्ति के जीवन में अवनति का कारण बनती है, जैसे कि चक्की में बँधकर व्यक्ति हर दिन गड्ढे में गिरता जाता है। वहीं, अच्छी संगति व्यक्ति को सहारा देने वाली बाहु के समान होती है, जो उसे निरंतर उन्नति की दिशा में ले जाती है। यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है।


%Question text
(iii) 'सुदृढ़ बाहु' का क्या अर्थ है ?


% Solution
Solution:
'सुदृढ़ बाहु' का अर्थ है वह शक्तिशाली सहारा या समर्थन जो व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह बाहु किसी मजबूत हाथ के समान होती है, जो व्यक्ति को गिरने से बचाती है और उसे निरंतर उन्नति की दिशा में बढ़ने के लिए सहारा देती है। यह अच्छे मार्गदर्शन, सहायता और सकारात्मक संगति का प्रतीक है।

%Quicktip
\begin{quicktipbox
संगति का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव होता है, और हमें हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
\end{quicktipbox Quick Tip: संगति का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव होता है, और हमें हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।


Question 22:

(ख) हिन्दी में प्रगतिशील साहित्य का निर्माण हो रहा है। उसके निर्माता यह समझ रहे हैं कि उनके साहित्य में भविष्य का गौरव निहित है। पर कुछ ही समय के बाद उनका यह साहित्य भी अतीत का स्मारक बन जाएगा और आज जो तरुण है, वही वृद्ध होकर अतीत के गौरव का स्वप्न देखेंगे। उनके स्थान में तरुणों का फिर दूसरा दल आ जाएगा जो भविष्य का स्वप्न देखेगा। दोनों के ही स्वप्न सुखद होते हैं, क्योंकि दूर के ढोल सुहावने होते हैं।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

Correct Answer:
View Solution

यह गद्यांश प्रगतिशील साहित्य के निर्माता और उनके दृष्टिकोण पर आधारित है। लेखक यह समझ रहे हैं कि वर्तमान में जो साहित्य प्रगतिशील बन रहा है, वह भविष्य में एक दिन अतीत का हिस्सा बन जाएगा। यह विचार साहित्य के विकास और समय के साथ बदलने के बारे में है, जहां हर पीढ़ी अपने समय को महत्वपूर्ण समझती है, लेकिन एक समय बाद वही साहित्य अतीत के रूप में याद किया जाएगा।


%Question text
(ii) गद्यांश के रेखाङ्कित अंश की व्याख्या कीजिए।


% Solution
Solution:
गद्यांश के रेखांकित अंश में यह कहा गया है कि प्रगतिशील साहित्य का भविष्य में गौरव है, लेकिन समय के साथ वह भी अतीत में बदल जाएगा। वर्तमान समय में जो युवा लोग हैं, वे भविष्य के दृष्टिकोण को लेकर उत्साहित होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, वही युवा वृद्ध होकर अतीत के गौरव का सपना देखने लगते हैं। यही प्रकृति है हर पीढ़ी के सोचने की और आगे बढ़ने की। लेखक यह भी बताते हैं कि हर पीढ़ी के सपने सुखद होते हैं, क्योंकि वे अपने समय के हिसाब से अच्छे लगते हैं, और जैसा कि कहा गया है, "दूर के ढोल सुहावने होते हैं", यानी भविष्य हमेशा रोमांचक लगता है।


%Question text
(iii) प्रस्तुत गद्यांश में 'प्रगतिशीलता' से क्या तात्पर्य है ?


% Solution
Solution:
'प्रगतिशीलता' से तात्पर्य है एक ऐसे साहित्यिक दृष्टिकोण से जो समाज में बदलाव, विकास और नए विचारों को स्वीकार करता है। यह साहित्य उस समय की समस्याओं और चुनौतियों को उठाता है और उनके समाधान के लिए विचारशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। प्रगतिशील साहित्य वर्तमान को बेहतर बनाने के लिए भविष्य को देखते हुए लिखता है, और यह समाज में सुधार और उन्नति के लिए प्रेरणा प्रदान करता है।
%Quicktip
\begin{quicktipbox
प्रगतिशीलता केवल साहित्य में ही नहीं, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में बदलाव और सुधार के लिए एक दृष्टिकोण है, जो पुरानी परंपराओं से बाहर निकलकर नए विचारों और दृष्टिकोणों को अपनाता है।
\end{quicktipbox Quick Tip: प्रगतिशीलता केवल साहित्य में ही नहीं, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में बदलाव और सुधार के लिए एक दृष्टिकोण है, जो पुरानी परंपराओं से बाहर निकलकर नए विचारों और दृष्टिकोणों को अपनाता है।


Question 23:

निम्नलिखित में से किसी एक पद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के Solution दीजिए :
(क) गोरज बिराजै भाल लहलही बनमाल
आगे गैयाँ पाछे ग्वाल गावै मृदु बानि री।
तैसी धुनि बाँसुरी की मधुर मधुर जैसी,
बंक चितवनि मंद-मंद मुसकानि री।
कदम बिटप के निकट तटिनी के तट
अटा चढ़ि चाहि पीत पट फहरानि री।
रस बरसावैं तन-तपनि बुझावैं नैन,
प्राननि रिझावै वह आवै रसखानि री।।
(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

Correct Answer:
View Solution

यह पद्यांश हिन्दी के प्रसिद्ध कवि सूरदास के भक्ति काव्य से लिया गया है। सूरदास जी ने कृष्ण के जीवन और उनके रूप का बहुत सुंदर चित्रण किया है। यहाँ इस पद्यांश में कृष्ण के रूप, उनके बांसुरी वादन की मधुरता, और उनकी मस्तमौला मुस्कान का वर्णन किया गया है।


%Question text
(ii) गोरज के बीच कृष्ण के सुन्दर रूप का सजीव चित्रण कवि ने किस प्रकार किया है ?


% Solution
Solution:
कवि ने गोरज के बीच कृष्ण के सुंदर रूप का चित्रण बहुत सजीव तरीके से किया है। कृष्ण के गहनों से सजे रूप, उनका हंसमुख चेहरा और बांसुरी की मधुर ध्वनि के साथ उनका शरीर आकर्षक और मोहक रूप में प्रस्तुत किया गया है। कृष्ण की मुस्कान, उनके चलने का अंदाज, उनके पीताम्बर (पीले वस्त्र) और बांसुरी की ध्वनि को कवि ने बहुत खूबसूरती से वर्णित किया है, जिससे कृष्ण के रूप का एक अद्भुत चित्र उभरता है।


%Question text
(iii) पद्यांश के रेखाङ्कित अंश की व्याख्या कीजिए।


% Solution
Solution:
पद्यांश में रेखांकित अंश में कृष्ण के रूप का अत्यंत आकर्षक चित्रण किया गया है। कवि बताते हैं कि कृष्ण के रूप में एक आकर्षक छवि है जो सबको मंत्रमुग्ध कर देती है। उनकी बांसुरी की ध्वनि इतनी मधुर है कि वह जैसे किसी मृदु और प्यारे स्वर में बज रही हो। कृष्ण के मुस्कुराने से सब कुछ प्रिय और प्यारा लगता है। उनके कदमों की ध्वनि और उनके पीले वस्त्रों के साथ उनकी छवि और भी सुंदर और मनमोहक हो जाती है। इस अंश में कवि कृष्ण के रूप और उनके व्यक्तित्व को बहुत ही आकर्षक और सुखद तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं।
%Quicktip
\begin{quicktipbox
सूरदास जी के पद्यांशों में कृष्ण के रूप का वर्णन हमेशा भावनाओं और भक्ति के साथ होता है, जो पाठक या श्रोता को कृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रेम से भर देता है।
\end{quicktipbox Quick Tip: सूरदास जी के पद्यांशों में कृष्ण के रूप का वर्णन हमेशा भावनाओं और भक्ति के साथ होता है, जो पाठक या श्रोता को कृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रेम से भर देता है।


Question 24:

(ख) फूल झरता है
फूल शब्द नहीं।
बच्चा गेंद उछालता है,
सदियों के पार
लोकती है उसे एक बच्ची।
बूढ़ा गाता है एक पद्य,
दुहराता है दूसरा बूढ़ा,
भूगोल और इतिहास से परे
किसी दालान में बैठा हुआ।

(i) उपर्युक्त कविता के कवि एवं शीर्षक का नाम लिखिए।

Correct Answer:
View Solution

उपर्युक्त कविता के कवि 'अज्ञेय' हैं। कविता का शीर्षक 'फूल झरता है' है।


%Question text
(ii) रेखाङ्कित पद्यांश का अंश स्पष्ट कीजिए।


% Solution
Solution:
रेखांकित अंश में कवि ने जीवन के सामान्य कृत्यों और घटनाओं की महत्ता को दर्शाया है। जैसे, एक बच्चा गेंद उछालता है, और वह खेल एक अन्य बच्ची द्वारा सदियों बाद देखा जाता है। यहाँ पर कवि यह दर्शाना चाहते हैं कि घटनाएँ समय के पार, पीढ़ी दर पीढ़ी, जीवन के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी रहती हैं, और उनका महत्व न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी महसूस होता है। यह समय और जीवन की निरंतरता का प्रतीक है।


%Question text
(iii) कवि पद्यांश में किसकी विशेषता बता रहा है ?


% Solution
Solution:
कवि इस पद्यांश में जीवन की निरंतरता और समय के पार यात्रा करने की विशेषता बता रहे हैं। वे यह बताने का प्रयास कर रहे हैं कि जीवन के साधारण क्रियाएँ, जैसे खेल, गाना, आदि, कालातीत होती हैं और यह भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ी होती हैं। साथ ही, यह मानवता की अनुवांशिक विशेषता है कि प्रत्येक पीढ़ी पिछले अनुभवों से जुड़ी रहती है और उस पर अपना दृष्टिकोण जो़ड़ती है।
%Quicktip
\begin{quicktipbox
कवि के द्वारा दी गई यह गहरी दृष्टि जीवन की निरंतरता और समय के पार रिश्तों को जोड़ने की विशेषता को स्पष्ट करती है।
\end{quicktipbox Quick Tip: कवि के द्वारा दी गई यह गहरी दृष्टि जीवन की निरंतरता और समय के पार रिश्तों को जोड़ने की विशेषता को स्पष्ट करती है।


Question 25:

अपने मुहल्ले की नालियों की समुचित सफाई के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।

Correct Answer:
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प्रेषक:

श्रीराम शर्मा

मुख्य मार्ग, गली नंबर 5,

विवेक नगर, दिल्ली।


प्रति:

स्वास्थ्य अधिकारी,

नगर निगम कार्यालय,

दिल्ली।


दिनांक: 18 फरवरी 2025।


विषय: नालियों की सफाई हेतु अनुरोध।


मान्यवर,


सादर प्रणाम।


मैं, श्रीराम शर्मा, विवेक नगर का निवासी, आपके ध्यान में लाना चाहता हूँ कि हमारे मुहल्ले की नालियाँ काफी समय से साफ नहीं की जा रही हैं। इसके कारण न केवल गंदगी का जमाव हो रहा है, बल्कि विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गंदगी के कारण यहां के निवासियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, और विशेषकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।


आपसे निवेदन है कि हमारी नालियों की सफाई जल्द से जल्द करवाई जाए, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके और मुहल्ले में स्वच्छता बनी रहे। कृपया इस विषय में शीघ्र कार्रवाई करें।


आपकी सहायता के लिए हम आभारी रहेंगे।


धन्यवाद।


सादर,

श्रीराम शर्मा


%Quikctip
\begin{quicktipbox
स्वच्छता अभियान में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और नागरिकों का सहयोग दोनों आवश्यक हैं, ताकि स्वच्छता को बनाए रखा जा सके और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
\end{quicktipbox Quick Tip: स्वच्छता अभियान में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और नागरिकों का सहयोग दोनों आवश्यक हैं, ताकि स्वच्छता को बनाए रखा जा सके और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

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