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UP Board Class 10 Hindi Code 801 HD Question Paper 2024 with Solutions

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Devanshi Mittal

Content Writer | Updated On - Mar 6, 2025

UP Board Class 10 Hindi Question Paper 2024 PDF (Code 801 HD) is available for download here. The Hindi exam was conducted on February 22, 2024 in the Morning Shift from 8:30 AM to 11:45 AM. The total marks for the theory paper are 70. Students reported the paper to be easy to moderate.

UP Board Class 10 Hindi Question Paper 2024 (Code 801 HD) with Solutions

UP Board Class 10 Hindi Question Paper With Answer Key

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Question 1:

हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ निबन्धकार, आलोचक एवं इतिहासकार के रूप में जाने जाते हैं:

  • (A) बालकृष्ण भट्ट
  • (B) पदुमलाल पुन्नालाल 'बख्शी'
  • (C) रामचन्द्र शुक्ल
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer:
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रामचन्द्र शुक्ल हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक, इतिहासकार और निबंधकार थे। उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया और हिंदी साहित्य में आलोचना की नींव रखी। उनकी काव्यशास्त्र, आलोचना और हिंदी साहित्य के इतिहास पर रचनाएँ आज भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

रामचन्द्र शुक्ल का योगदान हिंदी आलोचना और साहित्य के इतिहास में अमूल्य है। उनकी रचनाएँ साहित्य के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानी जाती हैं।
 


Question 2:

'महादेवी वर्मा' द्वारा रचित रेखाचित्र है:

  • (A) जिन्दगी मुस्कुराई
  • (B) अतीत के चलचित्र
  • (C) गाँव की साँझ
  • (D) बाजे पायलिया के घुँघरू
Correct Answer:
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महादेवी वर्मा द्वारा रचित रेखाचित्र अतीत के चलचित्र है। यह रेखाचित्र उनकी काव्यात्मक और वर्णनात्मक शैली का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें उन्होंने ग्रामीण जीवन की सादगी और उसकी सुंदरता को चित्रित किया है। महादेवी वर्मा की रचनाओं में नारी के दर्द, प्रेम और समाज की स्थिति पर गहरी दृष्टि मिलती है।

महादेवी वर्मा की रचनाओं में भावनाओं का गहरा अनुभव और सामाजिक स्थिति की गहरी समझ मिलती है। उनकी काव्यात्मक शैली और रेखाचित्रों में गहरी संवेदनशीलता है।
 


Question 3:

'कोणार्क' के रचनाकार है:

  • (A) जगदीश माथुर
  • (B) रामकुमार वर्मा
  • (C) जयशंकर प्रसाद
  • (D) विष्णु प्रभाकर
Correct Answer:
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'कोणार्क' के रचनाकार जगदीश माथुर हैं। यह नाटक प्रसाद जी की महान काव्यात्मकता और शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें उन्होंने भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को अत्यधिक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। जगदीश माथुर का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष रूप से नाट्य लेखन और काव्य रचनाओं में अमूल्य है।

जयशंकर प्रसाद के नाटक समाज और संस्कृति के गहरे पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं और उनका लेखन हमेशा प्रेरणादायक और विचारशील होता है।
 


Question 4:

'चलो चाँद पर चलें' के रचनाकार हैं:

  • (A) धर्मवीर भारती
  • (B) जयप्रकाश 'भारती'
  • (C) 'अज्ञेय'
  • (D) मोहन राकेश
Correct Answer:
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'चलो चाँद पर चलें' के रचनाकार जयप्रकाश 'भारती' हैं। यह एक प्रसिद्ध नाटक है, जिसमें मानवता, प्रेम और समाज के बुनियादी सवालों पर गहरा प्रकाश डाला गया है। जयप्रकाश 'भारती' का लेखन सशक्त सामाजिक संदेशों से भरपूर होता था और उनके नाटकों और कहानियों में सामाजिक सुधार की आवश्यकता को महसूस किया जाता था।

धर्मवीर भारती के नाटक और काव्य रचनाएँ समाज के गहरे मुद्दों को उजागर करती हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
 


Question 5:

'तूफानों के बीच' रचना की विधा है:

  • (A) कहानी
  • (B) उपन्यास
  • (C) एकांकी
  • (D) रिपोर्ताज
Correct Answer:
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'तूफानों के बीच' की रचना विधा 'रिपोर्ताज' है। यह रचना समाज में होने वाली घटनाओं को पत्रकारिता के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इसमें लेखक ने समाज और विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला है, जो समाज को जागरूक करता है।

रिपोर्ताज समाजिक मुद्दों और घटनाओं की सूचनाओं को प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम है, जो पाठकों को विश्लेषण और विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
 


Question 6:

'केशवदास' किस काल के कवि हैं ?

  • (A) आदिकाल
  • (B) रीतिकाल
  • (C) भक्तिकाल
  • (D) आधुनिक काल
Correct Answer:
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केशवदास रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं। रीतिकाल में कविता का स्वरूप प्रेम, श्रृंगार और उपदेशात्मक विषयों के इर्द-गिर्द घूमता था। केशवदास की रचनाओं में श्रृंगारी भावनाओं का सुंदर चित्रण मिलता है।

रीतिकाव्य में श्रृंगार रस का प्रमुख स्थान है, और केशवदास की काव्य रचनाएँ इस शैली के श्रेष्ठ उदाहरण हैं।
 


Question 7:

'भारत-भारती' के रचनाकार हैं:

  • (A) मैथिलीशरण गुप्त
  • (B) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
  • (C) माखनलाल चतुर्वेदी
  • (D) सूरदास
Correct Answer:
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'भारत-भारती' के रचनाकार मैथिलीशरण गुप्त हैं। यह कविता भारतीय राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके प्रेम और निष्ठा को दर्शाती है। चतुर्वेदी जी ने अपने काव्य में देशभक्ति के गीतों के माध्यम से भारतीय समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

'भारत-भारती' भारतीय राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता संग्राम की भावना से ओत-प्रोत एक प्रेरणादायक काव्य रचना है।
 


Question 8:

'भारतेन्दु युग' की समयावधि है:

  • (A) सन् 1900 से 1928 ई० तक
  • (B) सन् 1868 से 1900 ई० तक
  • (C) सन् 1919 से 1936 ई० तक
  • (D) सन् 1800 से 1826 ई० तक
Correct Answer:
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'भारतेन्दु युग' का समय 1868 से 1900 ई. तक था। इस समय के दौरान भारतीय साहित्य में नवजागरण की शुरुआत हुई और भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने आधुनिक हिंदी साहित्य की नींव रखी। उनका योगदान भारतीय साहित्य और समाज में बहुत महत्वपूर्ण था।

भारतेन्दु युग को हिंदी साहित्य के आधुनिक युग की शुरुआत माना जाता है, जो सामाजिक और साहित्यिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण था।
 


Question 9:

'सुमित्रानन्दन पन्त' की रचना नहीं है:

  • (A) ग्राम्या
  • (B) स्वर्णधूलि
  • (C) कामायनी
  • (D) युगान्त
Correct Answer:
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कामायनी सुमित्रानन्दन पन्त की रचना नहीं है। 'कामायनी' उनकी प्रमुख रचनाओं में से एक है, जो भारतीय संस्कृति और जीवन के आदर्शों को बखूबी प्रस्तुत करती है।

सुमित्रानन्दन पन्त की रचनाएँ छायावादी काव्यधारा का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनमें प्राकृतिक सौंदर्य और भावनाओं का गहरा चित्रण किया गया है।
 


Question 10:

'रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं:

  • (A) बिहारीलाल
  • (B) पद्माकर
  • (C) केशवदास
  • (D) घनानन्द
Correct Answer:
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केशवदास रीतिमुक्त काव्यधारा के कवि हैं। रीतिमुक्त काव्यधारा ने कविता के शास्त्रीय रूपों से बाहर निकलकर अधिक स्वच्छंद और भावुक काव्य शैली को अपनाया।

रीतिमुक्त काव्यधारा में कवि अपनी भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करते हैं, जिससे कविता में अधिक जीवन्तता और नवीनता आती है।
 


Question 11:

'हा! रघुनन्दन प्रेम परीते।

तुम बिन जियत बहुत दिन बीते।।'

उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त रस है:

  • (A) वीर रस
  • (B) हास्य रस
  • (C) करुण रस
  • (D) रौद्र रस
Correct Answer:
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उपर्युक्त पंक्तियों में करुण रस प्रयुक्त है। इन पंक्तियों में रघुनन्दन (राम) के प्रेम में अलगाव और प्रेम की पीड़ा का चित्रण किया गया है, जो करुण रस की विशेषता है।

करुण रस का प्रभाव पाठक के दिल को छूने वाला होता है, क्योंकि यह गहरी भावनाओं और दुःख को व्यक्त करता है।
 


Question 12:

"ज्यौं आँखिनु सब देखियै, आँख न देखी जाँहि।"
उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?

  • (A) उपमा अलंकार
  • (B) रूपक अलंकार
  • (C) श्लेष अलंकार
  • (D) उत्प्रेक्षा अलंकार
Correct Answer:
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उपर्युक्त पंक्ति में रूपक अलंकार प्रयुक्त है। 'ज्यौं आँखिनु सब देखियै' में 'ज्यौं' शब्द का प्रयोग उपमा की तरह किया गया है, क्योंकि यहाँ किसी वस्तु की तुलना आँख से की जा रही है। रूपक अलंकार में किसी वस्तु की तुलना किसी अन्य वस्तु से की जाती है।

उपमा अलंकार में किसी एक चीज की तुलना दूसरे से की जाती है, ताकि उसकी विशेषता या गुण स्पष्ट हो सकें।
 


Question 13:

'सोरठा' छन्द के पहले एवं तीसरे चरण में मात्राएँ होती हैं:

  • (A) 13-11 मात्राएँ
  • (B) 11-13 मात्राएँ
  • (C) 11-11 मात्राएँ
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer:
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सोरठा छन्द के पहले और तीसरे चरण में 13-11 मात्राएँ होती हैं। यह एक विशेष प्रकार का छन्द है, जो हिंदी कविता में उपयोग किया जाता है और इसकी एक विशिष्ट लय और प्रवाह होता है।

सोरठा छन्द में 13-11 मात्राओं का विशिष्ट संतुलन होता है, जिससे इसकी लय और प्रवाह में सुंदरता आती है।
 


Question 14:

'सुगम' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है:

  • (A) सु
  • (B) स
  • (C) सुग
  • (D) गम
Correct Answer:
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'सुगम' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग 'सु' है। 'सु' उपसर्ग का अर्थ होता है 'अच्छा' या 'सुगम', जो किसी चीज को अच्छा या सरल बनाने के लिए जोड़ा जाता है।

उपसर्ग शब्द की विशेषता और अर्थ को बदलने के लिए प्रयोग होते हैं। 'सु' उपसर्ग किसी शब्द को सकारात्मक रूप में बदलने के लिए प्रयुक्त होता है।
 


Question 15:

'नवरत्न' में समास है:

  • (A) कर्मधारय समास
  • (B) द्विगु समास
  • (C) तत्पुरुष समास
  • (D) अव्ययीभाव समास
Correct Answer:
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'नवरत्न' में समास द्विगु समास है। द्विगु समास में एक शब्द दूसरे शब्द के साथ जुड़कर एक नया अर्थ उत्पन्न करता है। 'नवरत्न' में 'नौ' (संख्या) और 'रत्न' (मूल्यवान वस्तु) के मिलकर 'नवरत्न' (नौ रत्नों का समूह) का अर्थ बनता है।
तत्पुरुष समास में एक शब्द दूसरे शब्द के साथ मिलकर विशेष रूप से कोई स्थिति, गुण या संख्या व्यक्त करता है, जैसे 'नवरत्न' (नौ रत्न)।
 


Question 16:

'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है:

  • (A) भू
  • (B) धरा
  • (C) वसुधा
  • (D) प्रसून
Correct Answer:
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'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द 'प्रसून' नहीं है। 'प्रसून' का अर्थ 'फूल' होता है, जबकि 'पृथ्वी' के पर्यायवाची शब्द 'भू', 'धरा' और 'वसुधा' हैं।

पर्यायवाची शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ समान होता है, जैसे 'पृथ्वी' के पर्यायवाची शब्द 'धरा', 'वसुधा' और 'भू' हैं, लेकिन 'प्रसून' इसका पर्याय नहीं हो सकता।
 


Question 17:

'त्वाम्' शब्द में विभक्ति एवं वचन है:

  • (A) द्वितीया विभक्ति, एकवचन
  • (B) चतुर्थी विभक्ति, एकवचन
  • (C) षष्ठी विभक्ति, बहुवचन
  • (D) तृतीया विभक्ति, एकवचन
Correct Answer:
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'त्वाम्' शब्द में चतुर्थी विभक्ति, एकवचन और 'एकवचन' है। 'त्वाम्' शब्द का प्रयोग किसी वस्तु या व्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से उद्दिष्ट करने के लिए किया जाता है और यह द्वितीया विभक्ति में होता है। 'त्वाम्' का अर्थ होता है 'तुमको'।

'द्वितीया विभक्ति' का प्रयोग जब किसी व्यक्ति या वस्तु को प्रत्यक्ष रूप से उद्दिष्ट करना हो, तब किया जाता है।
 


Question 18:

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं:

  • (A) चार
  • (B) आठ
  • (C) दो
  • (D) पाँच
Correct Answer:
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अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं। ये हैं:

1. सकारात्मक वाक्य

2. नकारात्मक वाक्य

3. प्रश्नवाचक वाक्य

4. विस्मयादिबोधक वाक्य


वाक्य के भेद वाक्य के अर्थ और उद्देश्य के आधार पर होते हैं, जैसे सकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक, और विस्मयादिबोधक।
 


Question 19:

'कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है:

  • (A) क्रिया की
  • (B) विशेषण की
  • (C) कर्ता की
  • (D) कर्म की
Correct Answer:
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'कर्तृवाच्य' में प्रधानता कर्ता की होती है। कर्तृवाच्य वह रूप है जिसमें किसी क्रिया का कर्ता प्रमुख होता है, अर्थात क्रिया करने वाला व्यक्ति या तत्व। जैसे 'राम ने पत्र लिखा' वाक्य में 'राम' कर्तृवाच्य है।

'कर्तृवाच्य' में मुख्य रूप से क्रिया करने वाले कर्ता का ही उल्लेख किया जाता है।
 


Question 20:

जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं:

  • (A) विकारी पद
  • (B) अविकारी पद
  • (C) प्रत्यय पद
  • (D) अव्यय पद
Correct Answer:
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जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे 'विकारी पद' कहलाते हैं। विकारी पद वे होते हैं, जो रूप बदलते हैं, जैसे संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया आदि, जो वाक्य में अपनी स्थिति और लिंग के अनुसार रूप बदलते हैं।

विकारी पद वे होते हैं जिनके रूप में बदलाव होता है और ये वाक्य में अपना कार्य करने के लिए रूप बदलते रहते हैं।
 


Question 21:

उपर्युक्त अवतरण के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।

Correct Answer:
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 उपयु�क्त गद्यांश का पाठ 'व त�मान काल' है और लेखक का नाम 'िवनोबा भावे' है ।


Question 22:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

Correct Answer:
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 रेखांिकत अंश में लेखक ने वृद्धों और तरुणों के दृ िष्ट कोण में िभन्न ता का िचत्रण िकया है ।
लेखक बताते हैं िक वृद्धों के िलए अतीत का समय बड़ा सु खद होता है, जबिक तरुण भ िवष् य को उज्जवल
मानते हैं । दोनों का व त�मान से असंतोष है,क्यों िक वृद्ध अतीत में खोये रहते हैं और तरुण भ िवष्य में । यही
िभन्न दृ िष्ट कोण वत�मान काल को सदैव सुधारों का काल बना देता है,क्यों िक दोनों व गो�ं की आकांक्षाएँ
और िवचार वत�मान को प्रभािवत करते हैं ।


Question 23:

लेखक ने वर्तमान काल को सुधारों का काल क्यों कहा है ?

Correct Answer:
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लेखक ने वर्तमान काल को सुधारों का काल इसलिए कहा है क्योंकि वर्तमान समय में वृद्ध अतीत की ओर देख रहे होते हैं और तरुण भविष्य की ओर। दोनों का असंतोष और अलग दृष्टिकोण वर्तमान में सुधार और परिवर्तन की आवश्यकता को जन्म देते हैं। यही कारण है कि वर्तमान काल हमेशा सुधारों के काल के रूप में बदलता रहता है, क्योंकि दोनों वर्गों की आकांक्षाएँ उसे प्रभावित करती हैं और उसे बेहतर बनाने के प्रयास करते हैं।

वर्तमान काल में सुधारों की आवश्यकता और महत्व वृद्धों और तरुणों के दृष्टिकोणों के संघर्ष से उत्पन्न होता है, जो समय को बदलने और सुधारने की दिशा में योगदान करते हैं।
 


Question 24:

उपर्युक्त अवतरण के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।

Correct Answer:
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उपयु�क्त गद्यांश का पाठ 'प्र ितद्वंद् िवता और ईष् या � ' है और लेखक का नाम 'बरनाड� शॉ' है ।


Question 25:

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

Correct Answer:
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रेखांिकत अंश में लेखक यह दशा�ते हैं िक ईष्या � और प्रितद्वंद् िवता का गहरा संबंध है । वे यह
कह रहे हैं िक जब कोईव् य िक्त िकसी बड़े लक्ष य को प्राप्त करने की इच्छा रखता है तो वह उनव् य िक्त यों
से प्रितस् प धा� करता है जो उससे उच्चस् थान पर होते हैं । यहां तक िक महानव् य िक्त यों जैसे नेपो िलयन,
सीज़र और िसकंदर ने भी अपने समय के सबसे महानव् य िक्त यों से प्र ितस्प धा� की । लेखक यह संकेत
देते हैं िक इस तरह की प्रितद्वं द् िवता से भीव् य िक्त का िवकास होता है,क्यों िक यह उसे अिधक प्रयास
करने के िलए प्रेिरत करती है ।


Question 26:

हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ निबन्धकार, आलोचक एवं इतिहासकार के रूप में जाने जाते हैं:

  • (A) बालकृष्ण भट्ट
  • (B) पदुमलाल पुन्नालाल 'बख्शी'
  • (C) रामचन्द्र शुक्ल
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer:
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रामचन्द्र शुक्ल हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक, इतिहासकार और निबंधकार थे। उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया और हिंदी साहित्य में आलोचना की नींव रखी। उनकी काव्यशास्त्र, आलोचना और हिंदी साहित्य के इतिहास पर रचनाएँ आज भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

रामचन्द्र शुक्ल का योगदान हिंदी आलोचना और साहित्य के इतिहास में अमूल्य है। उनकी रचनाएँ साहित्य के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानी जाती हैं।
 


Question 27:

'महादेवी वर्मा' द्वारा रचित रेखाचित्र है:

  • (A) जिन्दगी मुस्कुराई
  • (B) अतीत के चलचित्र
  • (C) गाँव की साँझ
  • (D) बाजे पायलिया के घुँघरू
Correct Answer:
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महादेवी वर्मा द्वारा रचित रेखाचित्र अतीत के चलचित्र है। यह रेखाचित्र उनकी काव्यात्मक और वर्णनात्मक शैली का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें उन्होंने ग्रामीण जीवन की सादगी और उसकी सुंदरता को चित्रित किया है। महादेवी वर्मा की रचनाओं में नारी के दर्द, प्रेम और समाज की स्थिति पर गहरी दृष्टि मिलती है।

महादेवी वर्मा की रचनाओं में भावनाओं का गहरा अनुभव और सामाजिक स्थिति की गहरी समझ मिलती है। उनकी काव्यात्मक शैली और रेखाचित्रों में गहरी संवेदनशीलता है।
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Question 28:

'कोणार्क' के रचनाकार है:

  • (A) जगदीश माथुर
  • (B) रामकुमार वर्मा
  • (C) जयशंकर प्रसाद
  • (D) विष्णु प्रभाकर
Correct Answer:
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'कोणार्क' के रचनाकार जगदीश माथुर हैं। यह नाटक प्रसाद जी की महान काव्यात्मकता और शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें उन्होंने भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को अत्यधिक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। जगदीश माथुर का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष रूप से नाट्य लेखन और काव्य रचनाओं में अमूल्य है।

जयशंकर प्रसाद के नाटक समाज और संस्कृति के गहरे पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं और उनका लेखन हमेशा प्रेरणादायक और विचारशील होता है।
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Question 29:

'चलो चाँद पर चलें' के रचनाकार हैं:

  • (A) धर्मवीर भारती
  • (B) जयप्रकाश 'भारती'
  • (C) 'अज्ञेय'
  • (D) मोहन राकेश
Correct Answer:
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'चलो चाँद पर चलें' के रचनाकार जयप्रकाश 'भारती' हैं। यह एक प्रसिद्ध नाटक है, जिसमें मानवता, प्रेम और समाज के बुनियादी सवालों पर गहरा प्रकाश डाला गया है। जयप्रकाश 'भारती' का लेखन सशक्त सामाजिक संदेशों से भरपूर होता था और उनके नाटकों और कहानियों में सामाजिक सुधार की आवश्यकता को महसूस किया जाता था।

धर्मवीर भारती के नाटक और काव्य रचनाएँ समाज के गहरे मुद्दों को उजागर करती हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
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Question 30:

'तूफानों के बीच' रचना की विधा है:

  • (A) कहानी
  • (B) उपन्यास
  • (C) एकांकी
  • (D) रिपोर्ताज
Correct Answer:
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'तूफानों के बीच' की रचना विधा 'रिपोर्ताज' है। यह रचना समाज में होने वाली घटनाओं को पत्रकारिता के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इसमें लेखक ने समाज और विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला है, जो समाज को जागरूक करता है।

रिपोर्ताज समाजिक मुद्दों और घटनाओं की सूचनाओं को प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम है, जो पाठकों को विश्लेषण और विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
 


Question 31:

'केशवदास' किस काल के कवि हैं ?

  • (A) आदिकाल
  • (B) रीतिकाल
  • (C) भक्तिकाल
  • (D) आधुनिक काल
Correct Answer:
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केशवदास रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं। रीतिकाल में कविता का स्वरूप प्रेम, श्रृंगार और उपदेशात्मक विषयों के इर्द-गिर्द घूमता था। केशवदास की रचनाओं में श्रृंगारी भावनाओं का सुंदर चित्रण मिलता है।

रीतिकाव्य में श्रृंगार रस का प्रमुख स्थान है, और केशवदास की काव्य रचनाएँ इस शैली के श्रेष्ठ उदाहरण हैं।
 


Question 32:

'भारत-भारती' के रचनाकार हैं:

  • (A) मैथिलीशरण गुप्त
  • (B) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
  • (C) माखनलाल चतुर्वेदी
  • (D) सूरदास
Correct Answer:
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'भारत-भारती' के रचनाकार मैथिलीशरण गुप्त हैं। यह कविता भारतीय राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके प्रेम और निष्ठा को दर्शाती है। चतुर्वेदी जी ने अपने काव्य में देशभक्ति के गीतों के माध्यम से भारतीय समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

'भारत-भारती' भारतीय राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता संग्राम की भावना से ओत-प्रोत एक प्रेरणादायक काव्य रचना है।
 


Question 33:

'भारतेन्दु युग' की समयावधि है:

  • (A) सन् 1900 से 1928 ई० तक
  • (B) सन् 1868 से 1900 ई० तक
  • (C) सन् 1919 से 1936 ई० तक
  • (D) सन् 1800 से 1826 ई० तक
Correct Answer:
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'भारतेन्दु युग' का समय 1868 से 1900 ई. तक था। इस समय के दौरान भारतीय साहित्य में नवजागरण की शुरुआत हुई और भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने आधुनिक हिंदी साहित्य की नींव रखी। उनका योगदान भारतीय साहित्य और समाज में बहुत महत्वपूर्ण था।

भारतेन्दु युग को हिंदी साहित्य के आधुनिक युग की शुरुआत माना जाता है, जो सामाजिक और साहित्यिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण था।
 


Question 34:

'सुमित्रानन्दन पन्त' की रचना नहीं है:

  • (A) ग्राम्या
  • (B) स्वर्णधूलि
  • (C) कामायनी
  • (D) युगान्त
Correct Answer:
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कामायनी सुमित्रानन्दन पन्त की रचना नहीं है। 'कामायनी' उनकी प्रमुख रचनाओं में से एक है, जो भारतीय संस्कृति और जीवन के आदर्शों को बखूबी प्रस्तुत करती है।

सुमित्रानन्दन पन्त की रचनाएँ छायावादी काव्यधारा का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनमें प्राकृतिक सौंदर्य और भावनाओं का गहरा चित्रण किया गया है।
 


Question 35:

'रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं:

  • (A) बिहारीलाल
  • (B) पद्माकर
  • (C) केशवदास
  • (D) घनानन्द
Correct Answer:
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केशवदास रीतिमुक्त काव्यधारा के कवि हैं। रीतिमुक्त काव्यधारा ने कविता के शास्त्रीय रूपों से बाहर निकलकर अधिक स्वच्छंद और भावुक काव्य शैली को अपनाया।

रीतिमुक्त काव्यधारा में कवि अपनी भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करते हैं, जिससे कविता में अधिक जीवन्तता और नवीनता आती है।
 


Question 36:

'हा! रघुनन्दन प्रेम परीते।

तुम बिन जियत बहुत दिन बीते।।'

उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त रस है:

  • (A) वीर रस
  • (B) हास्य रस
  • (C) करुण रस
  • (D) रौद्र रस
Correct Answer:
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उपर्युक्त पंक्तियों में करुण रस प्रयुक्त है। इन पंक्तियों में रघुनन्दन (राम) के प्रेम में अलगाव और प्रेम की पीड़ा का चित्रण किया गया है, जो करुण रस की विशेषता है।

करुण रस का प्रभाव पाठक के दिल को छूने वाला होता है, क्योंकि यह गहरी भावनाओं और दुःख को व्यक्त करता है।
 


Question 37:

"ज्यौं आँखिनु सब देखियै, आँख न देखी जाँहि।"
उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?

  • (A) उपमा अलंकार
  • (B) रूपक अलंकार
  • (C) श्लेष अलंकार
  • (D) उत्प्रेक्षा अलंकार
Correct Answer:
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उपर्युक्त पंक्ति में रूपक अलंकार प्रयुक्त है। 'ज्यौं आँखिनु सब देखियै' में 'ज्यौं' शब्द का प्रयोग उपमा की तरह किया गया है, क्योंकि यहाँ किसी वस्तु की तुलना आँख से की जा रही है। रूपक अलंकार में किसी वस्तु की तुलना किसी अन्य वस्तु से की जाती है।

उपमा अलंकार में किसी एक चीज की तुलना दूसरे से की जाती है, ताकि उसकी विशेषता या गुण स्पष्ट हो सकें।
 


Question 38:

'सोरठा' छन्द के पहले एवं तीसरे चरण में मात्राएँ होती हैं:

  • (A) 13-11 मात्राएँ
  • (B) 11-13 मात्राएँ
  • (C) 11-11 मात्राएँ
  • (D) इनमें से कोई नहीं
Correct Answer:
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सोरठा छन्द के पहले और तीसरे चरण में 13-11 मात्राएँ होती हैं। यह एक विशेष प्रकार का छन्द है, जो हिंदी कविता में उपयोग किया जाता है और इसकी एक विशिष्ट लय और प्रवाह होता है।

सोरठा छन्द में 13-11 मात्राओं का विशिष्ट संतुलन होता है, जिससे इसकी लय और प्रवाह में सुंदरता आती है।
 


Question 39:

'सुगम' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है:

  • (A) सु
  • (B) स
  • (C) सुग
  • (D) गम
Correct Answer:
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'सुगम' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग 'सु' है। 'सु' उपसर्ग का अर्थ होता है 'अच्छा' या 'सुगम', जो किसी चीज को अच्छा या सरल बनाने के लिए जोड़ा जाता है।

उपसर्ग शब्द की विशेषता और अर्थ को बदलने के लिए प्रयोग होते हैं। 'सु' उपसर्ग किसी शब्द को सकारात्मक रूप में बदलने के लिए प्रयुक्त होता है।
 


Question 40:

'नवरत्न' में समास है:

  • (A) कर्मधारय समास
  • (B) द्विगु समास
  • (C) तत्पुरुष समास
  • (D) अव्ययीभाव समास
Correct Answer:
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'नवरत्न' में समास द्विगु समास है। द्विगु समास में एक शब्द दूसरे शब्द के साथ जुड़कर एक नया अर्थ उत्पन्न करता है। 'नवरत्न' में 'नौ' (संख्या) और 'रत्न' (मूल्यवान वस्तु) के मिलकर 'नवरत्न' (नौ रत्नों का समूह) का अर्थ बनता है।

तत्पुरुष समास में एक शब्द दूसरे शब्द के साथ मिलकर विशेष रूप से कोई स्थिति, गुण या संख्या व्यक्त करता है, जैसे 'नवरत्न' (नौ रत्न)।
 


Question 41:

'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है:

  • (A) भू
  • (B) धरा
  • (C) वसुधा
  • (D) प्रसून
Correct Answer:
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'पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द 'प्रसून' नहीं है। 'प्रसून' का अर्थ 'फूल' होता है, जबकि 'पृथ्वी' के पर्यायवाची शब्द 'भू', 'धरा' और 'वसुधा' हैं।

पर्यायवाची शब्द वे होते हैं जिनका अर्थ समान होता है, जैसे 'पृथ्वी' के पर्यायवाची शब्द 'धरा', 'वसुधा' और 'भू' हैं, लेकिन 'प्रसून' इसका पर्याय नहीं हो सकता।
 


Question 42:

'त्वाम्' शब्द में विभक्ति एवं वचन है:

  • (A) द्वितीया विभक्ति, एकवचन
  • (B) चतुर्थी विभक्ति, एकवचन
  • (C) षष्ठी विभक्ति, बहुवचन
  • (D) तृतीया विभक्ति, एकवचन
Correct Answer:
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'त्वाम्' शब्द में चतुर्थी विभक्ति, एकवचन और 'एकवचन' है। 'त्वाम्' शब्द का प्रयोग किसी वस्तु या व्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से उद्दिष्ट करने के लिए किया जाता है और यह द्वितीया विभक्ति में होता है। 'त्वाम्' का अर्थ होता है 'तुमको'।

'द्वितीया विभक्ति' का प्रयोग जब किसी व्यक्ति या वस्तु को प्रत्यक्ष रूप से उद्दिष्ट करना हो, तब किया जाता है।
 


Question 43:

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं:

  • (A) चार
  • (B) आठ
  • (C) दो
  • (D) पाँच
Correct Answer:
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अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं। ये हैं:

1. सकारात्मक वाक्य

2. नकारात्मक वाक्य

3. प्रश्नवाचक वाक्य

4. विस्मयादिबोधक वाक्य


वाक्य के भेद वाक्य के अर्थ और उद्देश्य के आधार पर होते हैं, जैसे सकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक, और विस्मयादिबोधक।
 


*The article might have information for the previous academic years, please refer the official website of the exam.

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